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सोने में निवेश का नया दौर, NSE पर शुरू हुई इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स ट्रेडिंग
### फिजिकल गोल्ड की झंझट से मिलेगी राहत. निवेशकों को मिलेगा सुरक्षित और पारदर्शी डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 21 hours ago
भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने डिजिटल गोल्ड निवेश को नई दिशा देते हुए इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) की ट्रेडिंग शुरू कर दी है. यह व्यवस्था निवेशकों को डिजिटल माध्यम से सोने में निवेश का अवसर देगी, जबकि इसके पीछे वास्तविक फिजिकल गोल्ड सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाएगा. NSE का यह कदम भारत के गोल्ड मार्केट में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इसका उद्देश्य गोल्ड ट्रेडिंग को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बनाना है, ताकि निवेशकों को शुद्धता, स्टोरेज और चोरी जैसी समस्याओं से राहत मिल सके.
18 मई से शुरू हुई ट्रेडिंग
एक्सचेंज के अनुसार EGR ट्रेडिंग की शुरुआत 18 मई से हो गई है. बाजार सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से रात 11:30 बजे तक खुला रहेगा, जबकि अमेरिकी डेलाइट सेविंग टाइम के दौरान यह समय रात 11:55 बजे तक रहेगा. इस प्रणाली में सेटलमेंट T+1 साइकिल के आधार पर होगा, जिससे निवेशकों को तेज और व्यवस्थित सेटलमेंट सुविधा मिलेगी.
देशभर में बढ़ाया जाएगा नेटवर्क
NSE ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स को बाजार से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. फिलहाल अहमदाबाद और मुंबई में वैल्यूइंग और कलेक्शन सेंटर शुरू किए जा चुके हैं. इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में भी नए सेंटर जल्द सक्रिय किए जाएंगे. एक्सचेंज का लक्ष्य आने वाले समय में देशभर में करीब 120 सेंटर स्थापित करने का है.
क्या है इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR)?
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट यानी EGR, सेबी द्वारा विनियमित वॉल्ट में रखे गए फिजिकल गोल्ड के स्वामित्व का डिजिटल प्रमाण है. प्रत्येक EGR सुरक्षित रूप से संग्रहित सोने की एक निश्चित मात्रा का प्रतिनिधित्व करता है. इस सोने को लाइसेंस प्राप्त वॉल्ट प्रदाताओं द्वारा प्रमाणित और प्रबंधित किया जाता है. निवेशकों की होल्डिंग डीमैट अकाउंट में शेयरों और अन्य प्रतिभूतियों की तरह दिखाई देगी.
छोटे निवेशकों के लिए भी आसान होगा निवेश
EGR की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार छोटी या बड़ी मात्रा में सोना खरीद सकते हैं. यह 1 किलोग्राम, 100 ग्राम, 10 ग्राम, 1 ग्राम और यहां तक कि 100 मिलीग्राम जैसे विभिन्न आकारों में उपलब्ध होगा. इससे छोटे निवेशकों के लिए भी गोल्ड निवेश आसान और सुलभ बन जाएगा.
फिजिकल गोल्ड की परेशानियों से मिलेगी राहत
भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और संपत्ति का प्रतीक भी माना जाता है. हालांकि फिजिकल गोल्ड खरीदने में शुद्धता की जांच, सुरक्षित स्टोरेज, चोरी का खतरा और दोबारा बेचने पर नुकसान जैसी कई चुनौतियां रहती हैं. EGR सिस्टम इन समस्याओं को कम करने का प्रयास करेगा और निवेशकों को अधिक सुरक्षित डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराएगा.
अभी भी मौजूद हैं कुछ चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि EGR भारत के गोल्ड इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकता है, लेकिन इसके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं. फिलहाल सबसे बड़ी चिंता बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी की है. इसके अलावा ब्रोकर प्लेटफॉर्म्स को भी इस सिस्टम के साथ बड़े स्तर पर एकीकृत करने की जरूरत होगी. वहीं भारत में बड़ी संख्या में लोग अब भी फिजिकल गोल्ड को प्राथमिकता देते हैं, जिससे डिजिटल गोल्ड को व्यापक स्तर पर अपनाने में समय लग सकता है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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