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जापानी की कंपनी भारत में लगाएगी अमोर्फस स्टील का पहला प्लांट, 80 मिलियन डॉलर तक का निवेश
कंपनी आंध्र प्रदेश में मेटग्लास (Metglas) नामक अमोर्फस धातु सामग्री के निर्माण के लिए उत्पादन इकाई स्थापित करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
जापान की प्रमुख सामग्री निर्माता कंपनी Proterial ने भारत में अमोर्फस इलेक्ट्रिकल स्टील के पहले विनिर्माण संयंत्र की स्थापना की घोषणा की है. कंपनी इस परियोजना के पहले चरण में 77 से 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक का निवेश करेगी. इस कदम का उद्देश्य ऊर्जा-कुशल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करना है.
आंध्र प्रदेश में स्थापित होगा उत्पादन केंद्र
कंपनी आंध्र प्रदेश में मेटग्लास (Metglas) नामक अमोर्फस धातु सामग्री के निर्माण के लिए उत्पादन इकाई स्थापित करेगी. यह सामग्री ट्रांसफॉर्मर कोर में उपयोग की जाती है और पारंपरिक इलेक्ट्रिकल स्टील की तुलना में बिजली के नुकसान को 20-30 प्रतिशत तक कम कर सकती है.
संयुक्त उद्यम के रूप में होगा संचालन
इस संयंत्र का संचालन Metglas (India) Private Limited द्वारा किया जाएगा, जो एक संयुक्त उद्यम है. इसमें Proterial की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी भारत की Shirdi Sai Electricals के पास होगी. यह संयुक्त उद्यम जून 2025 में स्थापित किया गया था.
जनवरी 2026 से निर्माण कार्य, अक्टूबर 2026 से उत्पादन
संयंत्र का निर्माण कार्य जनवरी 2026 में तिरुपति के श्री सिटी में शुरू होने की योजना है. व्यावसायिक उत्पादन अक्टूबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है. प्रारंभिक उत्पादन क्षमता लगभग 30,000 टन प्रति वर्ष रखी गई है.
दो चरणों में होगा निवेश, 500 लोगों को मिलेगा रोजगार
Proterial ने बताया कि कुल निवेश दो चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में 77-80 मिलियन डॉलर का निवेश होगा, जबकि विस्तार के लिए अतिरिक्त 155-160 मिलियन डॉलर की योजना है. इस परियोजना से 200 से 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
क्या है अमोर्फस धातु की विशेषता?
अमोर्फस धातुएं पिघली हुई धातु को अत्यधिक तेजी से ठंडा करके बनाई जाती हैं, जिससे परमाणु क्रिस्टलीय संरचना नहीं बना पाते. इस प्रक्रिया से तैयार सामग्री में बेहतर सॉफ्ट मैग्नेटिक गुण होते हैं, जो इसे ट्रांसफॉर्मर कोर और शोर-नियंत्रण वाले मैग्नेटिक कंपोनेंट्स के लिए उपयुक्त बनाते हैं.
भारत की आयात निर्भरता होगी कम
भारत में इस संयंत्र की स्थापना से देश की अमोर्फस इलेक्ट्रिकल स्टील के आयात पर निर्भरता कम होगी. साथ ही, यह घरेलू ट्रांसफॉर्मर निर्माण उद्योग और ऊर्जा दक्षता लक्ष्यों को भी मजबूती देगा.
वैश्विक स्तर पर उत्पादन नेटवर्क होगा मजबूत
भारत में नया संयंत्र स्थापित होने के बाद Proterial का उत्पादन नेटवर्क अमेरिका, जापान और भारत, इन तीन प्रमुख क्षेत्रों में फैल जाएगा. इससे कंपनी को वैश्विक स्तर पर बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और पावर ग्रिड में ऊर्जा हानि को कम करने में मदद मिलेगी.
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