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भारत की स्टील इंडस्ट्री को बड़ा बूस्टर, अमेरिका से कोकिंग कोल आयात बढ़ाने की तैयारी
भारत-अमेरिका के बीच कोकिंग कोल आयात और संभावित ट्रेड डील से भारत की स्टील इंडस्ट्री को बड़ा आर्थिक बूस्टर मिलने की उम्मीद है, जिससे उत्पादन, रोजगार और उद्योग का विकास तेज होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
भारत अपनी स्टील बनाने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. इसके लिए अमेरिका से कोकिंग कोल (स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाला कोयला) के आयात को बढ़ाने की संभावना है. यह जानकारी कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी विक्रम दत्त ने इंडिया एनर्जी वीक के दौरान साझा की. अमेरिका के ऊर्जा विभाग (US Department of Energy) के अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत इसी कार्यक्रम के दौरान हुई.
भारत की स्टील इंडस्ट्री और कोकिंग कोल की जरूरत
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा स्टील उत्पादक भारत अपनी करीब 85% कोकिंग कोल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. इसमें से आधे से ज्यादा कोयला ऑस्ट्रेलिया से आता है. फिलहाल अमेरिका भारत के कुल कोकिंग कोल आयात का लगभग 10% प्रदान करता है. भारत में मिलने वाले कोयले में राख (ऐश) की मात्रा ज्यादा होने के कारण उसका इस्तेमाल सीमित है, इसलिए अमेरिका से कोकिंग कोल आयात बढ़ाना अहम माना जा रहा है.
अमेरिका को भी फायदा, निर्यात बढ़ाने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका के ऊर्जा विभाग के अधिकारी काइल हॉस्टवेट ने कहा कि अमेरिका अपनी कोयला इंडस्ट्री को सपोर्ट करने और निर्यात बढ़ाने की सक्रिय कोशिश कर रहा है. उन्होंने बताया कि दोनों देश नई तकनीक और इनोवेशन के जरिए सहयोग कर सकते हैं. हालांकि, दोनों पक्षों ने यह नहीं बताया कि आयात कितनी मात्रा में बढ़ सकता है.
द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत
इसके अलावा, भारत और अमेरिका के अधिकारी संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बाइलेटरल ट्रेड डील) पर भी बातचीत कर रहे हैं. पिछले साल बातचीत में रुकावट के बाद यह चर्चा ठंडे पड़ गई थी, लेकिन अब दोनों देश इसे फिर से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं.
स्टील इंडस्ट्री को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका से कोकिंग कोल आयात बढ़ाने से भारत की स्टील इंडस्ट्री को उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी. इससे घरेलू मांग पूरी करने और निर्यात बढ़ाने की क्षमता मजबूत होगी.
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