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मुंबई पोर्ट में ₹3,541 करोड़ का निवेश, कार्गो और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
प्राधिकरण के अनुसार, 132.29 करोड़ रुपये की सात परियोजनाएं उद्घाटन के लिए तैयार हैं, जबकि 1,354.59 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 day ago
मुंबई पोर्ट प्राधिकरण (MBPA) ने अपने 154वें स्थापना दिवस पर ₹3,541 करोड़ से अधिक की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की है. इन योजनाओं के तहत कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने, कनेक्टिविटी मजबूत करने, मरीना और वाटरफ्रंट विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन और गैर-पोर्ट राजस्व को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल की मौजूदगी में घोषित इन परियोजनाओं से मुंबई पोर्ट के बुनियादी ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है.
₹3,541 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान
मुंबई पोर्ट प्राधिकरण ने 3,541.29 करोड़ रुपये की कई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की है. इनमें बर्थ आधुनिकीकरण, कनेक्टिविटी अपग्रेड, कार्गो अवसंरचना का विस्तार, मरीना विकास और वाटरफ्रंट परियोजनाएं शामिल हैं. इन पहलों का उद्देश्य बंदरगाह की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नए राजस्व स्रोत विकसित करना है.
स्थापना दिवस समारोह में हुई घोषणा
इन परियोजनाओं की घोषणा मुंबई पोर्ट के 154वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान की गई. इस अवसर पर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल मौजूद रहे. समारोह में बंदरगाह के भविष्य के विकास रोडमैप को भी प्रस्तुत किया गया.
41 नई परियोजनाओं को मिलेगी गति
प्राधिकरण के अनुसार, 132.29 करोड़ रुपये की सात परियोजनाएं उद्घाटन के लिए तैयार हैं, जबकि 1,354.59 करोड़ रुपये की 34 परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी. इससे बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को व्यापक स्तर पर मजबूती मिलेगी.
कार्गो क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर
प्रमुख परियोजनाओं में इंदिरा डॉक पर बर्थ का आधुनिकीकरण, कार्गो भंडारण सुविधाओं का विस्तार, क्रूड ऑयल बर्थ का विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल निगरानी प्रणाली शामिल हैं. इसके अलावा रूफटॉप सोलर पैनलों की स्थापना और डिजिटलीकरण परियोजनाओं के जरिए परिचालन को अधिक आधुनिक और टिकाऊ बनाया जाएगा.
पर्यटन और वाटरफ्रंट विकास को बढ़ावा
मुंबई पोर्ट ने मुंबई मरीना और वाटरफ्रंट परियोजना के विकास की भी योजना तैयार की है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटन, मनोरंजन और समुद्री गतिविधियों को बढ़ावा देना है, जिससे गैर-पोर्ट राजस्व में भी वृद्धि होने की उम्मीद है.
संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति को मिली रफ्तार
एमबीपीए ने अपनी एसेट मॉनेटाइजेशन रणनीति के तहत इंदिरा डॉक के बर्थ क्लस्टरों के संचालन और रखरखाव के लिए समझौतों का आदान-प्रदान किया. पहले क्लस्टर के 10 बर्थ को जे एम बक्शी पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स को 10 वर्षों के लिए सौंपा गया है, जिससे 770 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा. वहीं, दूसरे क्लस्टर के 11 बर्थ एम डिनशॉ एंड कंपनी को आवंटित किए गए हैं, जिससे 217 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है.
‘समग्र समुद्री अर्थव्यवस्था वाला अनूठा बंदरगाह’
मुंबई पोर्ट प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथु ने कहा कि मुंबई पोर्ट देश का ऐसा बंदरगाह है, जहां एक व्यापक और समग्र समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र सफलतापूर्वक विकसित हो रहा है. उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं बंदरगाह को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
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