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भारत से आईफोन का 50 अरब डॉलर एक्सपोर्ट, पीएम मोदी की PLI का कमाल

PLI स्कीम ने न केवल भारत को iPhone निर्माण का हब बनाया, बल्कि देश की आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी सुदृढ़ किया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारत में एप्पल (Apple) के आईफोन (iPhone) का उत्पादन और निर्यात अब वैश्विक स्तर पर एक नई मिसाल बन गया है. पीएम नरेंद्र मोदी की PLI (Production Linked Incentive) योजना ने एप्पल के लिए भारत को रणनीतिक उत्पादन केंद्र में बदल दिया, और दिसंबर 2025 तक भारतीय शिपमेंट का आंकड़ा 50 अरब डॉलर को पार कर गया.

पांच प्लांट और 45 सप्लाई चेन कंपनियों का नेटवर्क

भारत में एप्पल के पांच आईफोन असेंबली प्लांट हैं, तीन टाटा ग्रुप की कंपनियों द्वारा और दो फॉक्सकॉन द्वारा संचालित. ये प्लांट लगभग 45 सप्लाई चेन कंपनियों के नेटवर्क को सपोर्ट करते हैं, जिनमें कई MSME शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्मार्टफोन अब भारत की सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी बन चुके हैं, जिसमें एप्पल का योगदान लगभग 75% है. वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में ही निर्यात लगभग 16 अरब डॉलर रहा, जिससे पीएलआई योजना के पांच वर्षीय लक्ष्य को पार कर लिया गया.

पीएम मोदी की PLI स्कीम: बड़ा बदलाव

PLI योजना से पहले भी मोबाइल फोन का निर्यात होता था, लेकिन वास्तविक तेजी योजना के लागू होने के बाद आई. एप्पल ने अपने सप्लायर्स नेटवर्क का बड़ा हिस्सा भारत में ट्रांसफर किया, जिससे भारत चीन के बाहर एकमात्र ऐसा देश बन गया, जहाँ आईफोन का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है.

स्मार्टफोन PLI स्कीम मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है, लेकिन सरकार उद्योग को समर्थन देने के नए तरीकों पर विचार कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, नया प्रोत्साहन ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि मैन्युफैक्चरिंग को गति मिलती रहे.

सैमसंग और एप्पल का तुलनात्मक प्रदर्शन

सैमसंग ने वित्त वर्ष 2021-2025 में PLI योजना के तहत लगभग 17 अरब डॉलर के उपकरणों का निर्यात किया. एप्पल ने नए प्लांट स्थापित किए और महामारी के दौरान उत्पादन में थोड़ी देरी हुई. योजना को एक वर्ष बढ़ाने के बाद एप्पल ने वित्त वर्ष 2022-2026 के विकल्प के तहत निर्यात में छलांग लगाई.

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स में नई गति

PLI योजना के दूसरे फेज में एप्पल और सैमसंग के सप्लायर्स को चुना गया. इस चरण में 60% से अधिक निवेश और रोजगार सृजन एप्पल से जुड़े कंपनियों द्वारा किया जाएगा.

मुख्य लाभार्थी:

1. मदरसन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और फॉक्सकॉन – iPhone के कवर का निर्माण

2. ATL – लिथियम-आयन सेल उत्पादन

3. हिंदाल्को – एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न

भारत ने पहली बार चीन और वियतनाम से बाहर मैकबुक, एयरपॉड्स, एप्पल वॉच, पेंसिल और iPhone जैसे उत्पादों के निर्माण के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्यात शुरू किया. यह वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को मजबूत करने का संकेत है.

भारत की नई एक्सपोर्ट पहचान

iPhone और अन्य एप्पल उत्पाद अब भारत के निर्यात की सर्वाधिक महत्वाकांक्षी कैटेगरी बन गए हैं. पीएम मोदी की PLI योजना ने न केवल निवेश और रोजगार बढ़ाया, बल्कि भारत को वैश्विक स्मार्टफोन निर्माण का एक प्रमुख हब बना दिया है.
 


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