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रेस्टोरेंट में जा रहे हैं अब से खाना खाने, तो जान लें GST के इस नए नियम के बारे में
आपको जीएसटी का एक नया नियम को जान लेना आवश्यक हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः अगली बार से अगर आप रेस्टोंरेंट में खाना खाने की सोच रहे हैं चाहे वो वहां जाकर बैठकर या फिर टेक-अवे या होम डिलीवरी के तौर पर आपको जीएसटी का एक नया नियम को जान लेना आवश्यक हो गया है. जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग्स (एएआर) की गुजरात इकाई के एक हालिया फैसले में कहा गया है कि स्टैंड-अलोन रेस्तरां में खाने, टेकअवे और यहां तक कि डोरस्टेप डिलीवरी के लिए करीब पांच प्रतिशत की दर लागू होगी.
इस मामले पर दिया फैसला
रिपोर्ट के अनुसार, प्राधिकरण ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा, "भले ही रिद्धि एंटरप्राइजेज (आवेदक, जो एक स्टैंड-अलोन रेस्तरां है) के ग्राहक रेस्तरां में ही या टेकअवे के माध्यम से तैयार किए गए खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन करते हैं या नहीं, यह एक 'रेस्तरां सेवा' के रूप में योग्य होगा. यह 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' के बिना 5 प्रतिशत जीएसटी को आकर्षित करता है.
इन पर लगेगा अलग से जीएसटी
'आसानी से उपलब्ध' खाद्य और पेय पदार्थों की ओवर-द-काउंटर आपूर्ति के लिए जो भोजनालयों द्वारा तैयार नहीं किए जाते हैं, एएआर बेंच ने एक रेखा खींची। इसमें कहा गया है कि ये उत्पाद 'रेस्तरां सेवा' की श्रेणी में नहीं आएंगे और ऐसे हर सामान पर जीएसटी की दर लागू होगी.
निर्णय करते समय, पीठ ने 2017 में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक और अक्टूबर में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ( सीबीआईसी ) द्वारा जारी एक हालिया सर्कुलर का उल्लेख किया. इन सर्कुलर में कहा गया है कि टेकअवे और डोरस्टेप डिलीवरी सेवाएं 'रेस्तरां सेवाओं' की श्रेणी में आती हैं.
इन रेस्टोरेंट के लिए परेशानी
हालांकि, उन रेस्तरां के लिए चुनौतियां पैदा होंगी, जो 'रेस्तरां सेवा' के दायरे में 'आसानी से उपलब्ध' वस्तुओं की ओवर-द-काउंटर आपूर्ति कर रहे थे.' “जीएसटी काउंसिल की बैठक के अनुसार आइसक्रीम पार्लरों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने के मामले में, सीबीआईसी ने अगस्त 2022 में स्पष्ट किया था कि 18 प्रतिशत की दर लागू होगी, लेकिन पिछले मामलों को पूरी तरह से भुगतान के रूप में माना जाएगा. जीएसटी काउंसिल को रेस्तरां के लिए इसी तरह के स्पष्टीकरण की सिफारिश करनी चाहिए.”
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