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चार महीने की बिकवाली के बाद भारतीय बाजार में लौटे विदेशी निवेशक, जुलाई में FPIs ने लगाए ₹17,227 करोड़
NSDL के सेक्टर आधारित आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा निवेश कंज्यूमर सर्विसेज सेक्टर में किया. इस सेक्टर में ₹7,361 करोड़ का विदेशी निवेश आया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर भरोसा दिखाया है. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार में शुद्ध रूप से ₹17,227 करोड़ का निवेश किया है. इसके साथ ही FPIs की लगातार चार महीने से जारी बिकवाली का सिलसिला खत्म हो गया है.
22 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में हुआ निवेश इस साल का केवल दूसरा महीना है, जब विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में नेट खरीदार बने हैं. इससे पहले फरवरी में FPIs ने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था. हालांकि, जुलाई में खरीदारी के बावजूद साल 2026 में विदेशी निवेशक अब भी कुल मिलाकर शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं. 22 जुलाई तक भारतीय इक्विटी बाजार से FPIs की कुल निकासी ₹2.57 लाख करोड़ रही है. साल की शुरुआत में भारी बिकवाली के कारण यह आंकड़ा अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है.
मार्च से जून तक जारी रही भारी बिकवाली
इससे पहले विदेशी निवेशकों ने लगातार चार महीनों तक भारतीय बाजार से पैसा निकाला था. आंकड़ों के मुताबिक, जून में FPIs ने ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में ₹1.18 लाख करोड़ की निकासी की थी.
वहीं, जनवरी में विदेशी निवेशकों ने ₹35,962 करोड़ की बिकवाली की थी. इसके बाद फरवरी में वे नेट खरीदार बने थे, लेकिन मार्च से जून तक फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिला.
कंज्यूमर सर्विसेज और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश
NSDL के सेक्टर आधारित आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा निवेश कंज्यूमर सर्विसेज सेक्टर में किया. इस सेक्टर में ₹7,361 करोड़ का विदेशी निवेश आया.
इसके बाद मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में ₹5,993 करोड़ और हेल्थकेयर सेक्टर में ₹4,101 करोड़ का निवेश हुआ. जुलाई के पहले दो हफ्तों में विदेशी निवेशक लगातार दूसरी पखवाड़े में नेट खरीदार रहे, जो फरवरी की शुरुआत के बाद सबसे मजबूत खरीदारी का दौर रहा. हालांकि, ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स और पावर सेक्टर में विदेशी निवेशकों की ओर से अब भी शुद्ध निकासी जारी रही.
विदेशी निवेश में सुधार के संकेत
जुलाई में FPIs की वापसी भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है. चार महीने की लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में सेंटीमेंट को मजबूती मिली है. हालांकि, पूरे साल के आंकड़े अभी भी नकारात्मक बने हुए हैं और विदेशी निवेशकों की कुल हिस्सेदारी में सुधार आने में समय लग सकता है.
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