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वर्ल्ड टायर इंडस्ट्री के टॉप 10 में शामिल हैं भारत की ये 4 कंपनिया, जानिए कौन हैं ये?
आज भारत की कंपनियां 170 देशों को टायर एक्सपोर्ट कर रही हैं. अमेरिका, यूरोप और ब्राजील जैसे देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियों के टायर ही एक्सपोर्ट होते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का ही नतीजा है कि आज कई क्षेत्रों में भारत की कंपनियां टॉप टेन में बनी हुई हैं. लेकिन इस बात को कम ही लोग जानते होंगे कि उन कई इंडस्ट्री में टायर इंडस्ट्री भी शामिल है जिसकी चार कंपनियां आज दुनिया के टाप टेन में शामिल हैं. टॉप टेन में जहां भारत की चार, अमेरिका की दो, जापान की दो और चीन की कोई भी कंपनी शामिल नहीं है. आज इस क्षेत्र में भारत के दबदबे का जलवा ऐसा है कि वो दुनिया में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है.
आखिर कौन सी हैं ये चार कंपनिया?
भारत में जब कभी भी टायर इंडस्ट्री की बात होती है तो सभी की जुबां पर एमआरएफ (मद्रास रबड़ फैक्ट्री) का नाम शामिल होता है. इस कंपनी के शेयर की बात की जाए तो आज शेयर बाजार में उसकी कीमत 1 लाख 25 हजार रुपये है. इसी तरह इस सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज है जो ऑफ रोड टायर बनाती है. ये कंपनी कृषि, इंडस्ट्री में चलने वाले वाहनों के लिए टायर बनाती है. दुनिया की टॉप 10 में भारत की जो चार कंपनियां हैं उनमें इन दो के अलावा अपोलो टायर्स और सीएट शामिल है. इस सूची में अमेरिका की दो, जापान की दो और चीन की एक भी कंपनी शामिल नहीं है.
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ये हैं दुनिया की टॉप 10 कंपनियां
इस सेक्टर में सबसे टॉप 10 में शामिल कंपनियों में जापान की ब्रिजस्टोन(Bridgestone) शामिल है. उसके बाद फ्रांस की कंपनी मिशलिन(Michelin) इस टॉप फाइव की रेस में दूसरे नंबर पर है. इसी तरह जर्मनी की कंपनी कांटिनेटल तीसरे, चौथे नंबर पर बालकृष्ण इंडस्ट्रीज और पांचवे नंबर पर एमआरएफ शामिल है. इसी तरह इटली की कंपनी पिरेली (pireli) छठे नंबर पर, अमेरिकन कंपनी गुडईयर (Goodyear) इस लिस्ट में सातवें नंबर पर, साउथ कोरिया की हैनकुक टायर (Hankook Tyre) आठवें नंबर पर, भारत की अपोलो टायर नौवे नंबर पर, और जापान की टोयो टायर (Toyo Tyre) दसवें नंबर पर है.
2030 तक पांच अरब डॉलर की होगी इंडस्ट्री
अगर 2024 में इस टायर इंडस्ट्री के कारोबार पर नजर डालें तो ये तीन अरब डॉलर का है. आज भारत 170 देशों को टायर एक्सपोर्ट कर रहा है. पिछले कुछ सालों में इस इंडस्ट्री का एक्सपोर्ट और तेजी से बढ़ा है. इस सेक्टर के जानकारों का कहना है कि 2030 तक ये इंडस्ट्री पांच अरब डॉलर की हो जाएगी. आज यूरोप के कई देशों से लेकर अमेरिका, ब्राजील, यूके, जैसे देशों को भारत टायर का एक्सपोर्ट कर रहा है.
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