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वैश्विक डील गतिविधियों में 1.7% की साल-दर-साल गिरावट: GlobalData
वर्ष 2025 की पहली छमाही में वैश्विक डील गतिविधियों में कुल मिलाकर 1.7% की मामूली गिरावट देखी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अभी भी अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
आर्थिक अनिश्चितता और बदलते निवेशक भावनाओं के बीच, वर्ष 2025 की पहली छमाही (H1) के दौरान वैश्विक डील गतिविधियों जैसे कि मर्जर एंड एक्विजिशन (M&A), प्राइवेट इक्विटी और वेंचर फाइनेंसिंग—की तस्वीर जटिल लेकिन दिलचस्प रही. डेटा और एनालिटिक्स क्षेत्र की अग्रणी कंपनी GlobalData के अनुसार, इस दौरान वैश्विक डील्स की कुल संख्या में साल-दर-साल (YoY) लगभग 1.7% की गिरावट दर्ज की गई है.
GlobalData के प्रमुख विश्लेषक Aurojyoti Bose ने कहा, "H1 2025 में वैश्विक डील परिदृश्य सतर्कता और लचीलापन दोनों का मिला-जुला रूप रहा. जहां कुल डील वॉल्यूम में पिछले वर्ष की तुलना में हल्की गिरावट देखी गई, वहीं कुछ क्षेत्र और देश स्थिरता दिखाने में सफल रहे. विभिन्न डील प्रकारों में भी मिश्रित रुझान देखने को मिले हैं."
GlobalData के डील डेटाबेस के विश्लेषण में यह सामने आया कि H1 2025 के दौरान वेंचर फाइनेंसिंग डील्स में साल-दर-साल लगभग 5% की गिरावट हुई, जबकि प्राइवेट इक्विटी डील्स में लगभग 8% की गिरावट दर्ज की गई. इसके विपरीत, M\&A गतिविधियां लगभग स्थिर बनी रहीं.
क्षेत्रीय प्रदर्शन पर नजर:
- उत्तरी अमेरिका अब भी डील गतिविधियों में अग्रणी बना हुआ है, लेकिन यहां डील वॉल्यूम में लगभग 3% की गिरावट आई है. अमेरिका में यह गिरावट करीब 2% रही.
- एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र ने लचीलापन दिखाया और यहां साल-दर-साल करीब 3% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें भारत और जापान की महत्वपूर्ण भूमिका रही. भारत और जापान में क्रमशः 12% और 25% की वृद्धि हुई.
- यूरोप में डील वॉल्यूम में करीब 3% की गिरावट देखी गई. हालांकि, जर्मनी और स्वीडन ने स्थिर प्रदर्शन किया. वहीं, फ्रांस (4%), फिनलैंड (17%) और बेल्जियम (21%) ने डील वॉल्यूम में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की.
- मिडिल ईस्ट और अफ्रीका, तथा दक्षिण और मध्य अमेरिका ने भी गिरावट झेली, दोनों क्षेत्रों में साल-दर-साल लगभग 9% की गिरावट देखी गई.
Bose ने कहा, "हालांकि वैश्विक डील गतिविधियों में समग्र गिरावट चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन कुछ बाजारों ने जो लचीलापन दिखाया है, वह संभावनाओं के द्वार खोलता है. विशेष रूप से एशिया-प्रशांत क्षेत्र एक उज्ज्वल बिंदु के रूप में उभरा है."
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