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अक्टूबर में खुलेंगे 12 कंपनियों के IPO, जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,000 करोड़ रुपये से बड़े इश्यू पर नजर
इन कंपनियों का संबंध टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल उपचार जैसे क्षेत्रों से है, जिनमें जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ सबसे बड़ा आकर्षण है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
अक्टूबर में प्राइमरी मार्केट में हलचल बढ़ने वाली है. जियो प्लेटफॉर्म्स, जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग और अवाडा इलेक्ट्रो समेत करीब 12 कंपनियां आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी में हैं. इन कंपनियों का संबंध टेक्नोलॉजी, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल उपचार जैसे क्षेत्रों से है, जिनमें जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ सबसे बड़ा आकर्षण है, जिसका आकार 30,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने की उम्मीद है. इस साल अब तक 96 आईपीओ के जरिए कंपनियां 1.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी हैं.
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ होगा सबसे बड़ा
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ इस महीने के सबसे चर्चित निर्गमों में शामिल है. सूत्रों के मुताबिक, इसका आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलने और 23 अक्टूबर को बंद होने की उम्मीद है. इसका आकार 30,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है. यदि यह योजना तय आकार के साथ आगे बढ़ती है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है.
जेटवर्क और अवाडा इलेक्ट्रो भी जुटाएंगी बड़ी रकम
टेक्नोलॉजी आधारित विनिर्माण प्लेटफॉर्म जेटवर्क करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. इसके प्रस्तावित आईपीओ में 2,600 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी राशि मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बिक्री के जरिए जुटाई जाएगी. कंपनी का निर्गम 15 अक्टूबर को खुलने और 19 अक्टूबर को बंद होने का प्रस्ताव है.
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी अवाडा इलेक्ट्रो आईपीओ के जरिए करीब 7,600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. वहीं, पारस हेल्थकेयर का प्रस्तावित आईपीओ 1,800 करोड़ रुपये और एनडीआर इनविट ट्रस्ट का निर्गम करीब 750 करोड़ रुपये का हो सकता है.
अक्टूबर में इन आईपीओ पर भी रहेगी नजर
एचडी फायर प्रोटेक्ट ने 712 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 258 से 271 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. कंपनी का निर्गम 13 अक्टूबर को खुलने और 15 अक्टूबर को बंद होने वाला है. इस आईपीओ में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बिक्री के जरिए पूरी राशि जुटाने का प्रस्ताव है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ग्राहक अनुभव सेवाएं देने वाली फ्यूजन सीएक्स ने 702 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 275 से 289 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. इसका निर्गम 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक खुला रहेगा.
रक्षा तकनीक क्षेत्र की कंपनी टोन्बो इमेजिंग, बोनफिग्लियोली समूह की भारतीय इकाई बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशंस और चिकित्सा उपकरण बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के आईपीओ भी 15 से 19 अक्टूबर के बीच आने का प्रस्ताव है. टोन्बो इमेजिंग ने 1.22 करोड़ तक शेयरों और बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशंस ने 4.32 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश की योजना बनाई है. सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के प्रस्तावित निर्गम में 1.38 करोड़ शेयरों की बिक्री शामिल है.
गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स ने भी 1.97 करोड़ तक शेयरों के आईपीओ का प्रस्ताव रखा है. वहीं, जल एवं अपशिष्ट जल उपचार समाधान देने वाली एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज ने 150 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने और 1.23 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश वाला आईपीओ प्रस्तावित किया है.
इस साल आईपीओ से जुटाए गए 1.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
प्राइमरी मार्केट में इस साल अब तक 96 आईपीओ आ चुके हैं. इनके जरिए कंपनियों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है. सितंबर में ही 35 आईपीओ बाजार में आए थे. इससे कंपनियों की ओर से शेयर बाजार के जरिए पूंजी जुटाने की सक्रियता का पता चलता है.
हालांकि, आईपीओ बाजार की गतिविधियों पर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर पड़ सकता है. ऐसे में कंपनियों के लिए निर्गम का सही समय चुनना महत्वपूर्ण रहेगा.
विशेषज्ञों के अनुसार, साल की दूसरी छमाही में भी भारतीय प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कंपनियों के आईपीओ लाने के समय को प्रभावित कर सकते हैं.
उनके अनुसार, गुणवत्तापूर्ण कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है. घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास उपलब्ध पूंजी और विदेशी निवेशकों की चुनिंदा भागीदारी से भी सार्वजनिक निर्गम बाजार को समर्थन मिल रहा है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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