✕

होम / बिजनेस / निवेशकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, NSE पर 5 महीने में जुड़े 1 करोड़ नए इन्वेस्टर

निवेशकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, NSE पर 5 महीने में जुड़े 1 करोड़ नए इन्वेस्टर

एनएसई पर रजिस्टर्ड टोटल अकाउंट की संख्या अब 19 करोड़ पर पहुंच गई है, जबकि यूनिक इन्वेस्टर बेस अब बढ़कर 10 करोड़ के पार निकल गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश के प्रमुख शेयर बाजारों में एक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने एक दिन पहले गुरुवार को नया कीर्तिमान हासिल कर लिया. भारत के आम निवेशक अब रिस्क के साथ निवेश करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं. यही वजह है कि भारत में शेयर बाजार निवेशकों की संख्या में लगातार तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. भारतीय शेयर बाजार एक्सचेंज NSE को बताया कि 8 अगस्त, 2024 को उसके रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 10 करोड़ के पार पहुंच गई.

टोटल अकाउंट अब 19 करोड़ तक पहुंचे

NSE ने जारी एक बयान में कहा- यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर बेस का आंकड़ा 8 अगस्त को 10 करोड़ के पार निकल गया. NSE के साथ रजिस्टर्ड क्लाइंट कोड की कुल संख्या अब 19 करोड़ पर पहुंच गई है. इसका मतलब हुआ कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर रजिस्टर्ड टोटल अकाउंट अब 19 करोड़ पर पहुंच गए हैं, जबकि यूनिक इन्वेस्टर्स की संख्या 10 करोड़ के पार निकल गई है. यूनिक इन्वेस्टर्स की संख्या में टोटल अकाउंट की संख्या ज्यादा होती है, क्योंकि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कई इन्वेस्टर एक से ज्यादा अकाउंट ऑपरेट करते हैं. टोटल अकाउंट के आंकड़े में अभी तक की तारीख तक रजिस्टर किए गए सारे अकाउंट शामिल होते हैं.

सिर्फ 5 महीने में 1 करोड़ बढ़ गया आंकड़ा

घरेलू शेयर बाजार हालिया कुछ सालों से रिकॉर्ड ग्रोथ के रथ पर सवार पर है. खासकर कोविड के बाद के सालों में शेयर बाजार में पैसे लगाने वाले निवेशकों की संख्या बेतहाशा रफ्तार से बढ़ी है. एनएसई के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं. एनएसई के अनुसार, बीते 5 महीने में ही उसने 1 करोड़ यूनिक इन्वेस्टर जोड़ने का कीर्तिमान हासिल किया है. एक्सचेंज ने बताया कि मार्च 2021 में रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 4 करोड़ तक पहुंचने में 25 साल से ज़्यादा का समय लग गया था. इसके बाद एक-एक करोड़ (4 करोड़ से 10 करोड़ तक) निवेशकों की बढ़ोतरी औसतन 6-7 महीनों में हुई है.

शेयर बाजार में दिलचस्पी दिखा रहें हैं देश के युवा

NSE द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 10 करोड़ रजिस्टर्ड इंवेस्टर्स में निवेशकों की औसत उम्र 32 साल है जबकि 5 साल पहले ये 38 साल थी. जिससे साफ पता चलता है कि आज के भारत का युवा शेयर बाजार में काफी दिलचस्पी दिखा रहा है. इसके अलावा, आज लगभग प्रत्येक 5 में से 1 निवेशक महिला है. एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन ने कहा कि निवेशकों की संख्या में इस तेजी के पीछे कई कारण हैं, जिसमें सुव्यवस्थित केवाईसी प्रक्रिया, वित्तीय साक्षरता में वृद्धि और पॉजिटिव मार्केट ट्रेंड शामिल है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

3 hours ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

4 hours ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

5 hours ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

6 hours ago

मध्य प्रदेश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में ₹6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, 18 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) देश में दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है.

9 hours ago


बड़ी खबरें

रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI की नई रणनीति, डॉलर से लेकर फॉरेक्स ट्रेडिंग तक बदले नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव कम करने के लिए कई नियामकीय बदलाव किए हैं. इनका उद्देश्य डॉलर की मांग को व्यवस्थित करना, करेंसी डेरिवेटिव कारोबार में जोखिम सीमित करना और बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.

3 hours ago

सेबी के नए सेटलमेंट नियम नोटिफाई, ₹10 लाख तक के मामलों का होगा फास्ट-ट्रैक निपटारा

नए नियमों के तहत कंपनी के खातों में गड़बड़ी या फंड के दुरुपयोग जैसे मामलों में भी सेटलमेंट का विकल्प उपलब्ध रहेगा.

5 hours ago

भारत में 3D प्रिंटिंग को बढ़ावा देने की तैयारी, NSAM 2.0 से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार

नई रणनीति में स्वदेशी तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के योग्य बनाने, बौद्धिक संपदा विकसित करने, डिजिटल तकनीकों को एकीकृत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले उत्पाद तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा.

4 hours ago

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी रोजगार की मांग, सितंबर में 25.2% का उछाल; 1.56 करोड़ परिवारों ने मांगा काम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मानसून के बाद कृषि गतिविधियों और रबी फसल की बुवाई के बीच ग्रामीण श्रम बाजार में रोजगार की मांग में बदलाव देखने को मिल रहा है.

6 hours ago

चार हफ्तों में 51.1 अरब डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, रिकॉर्ड स्तर से भारी गिरावट

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है. 2 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भंडार 12.752 अरब डॉलर घटकर 734.606 अरब डॉलर रह गया. पिछले चार सप्ताह में इसमें कुल 51.1 अरब डॉलर की कमी आई है. इस दौरान विदेशी मुद्रा आस्तियों और सोने के भंडार के मूल्य में भी गिरावट आई है.

10 hours ago