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लोकसभा में महिला सशक्तिकरण समिति का गठन, डॉ. डी. पुरंदेश्वरी बनीं अध्यक्ष
21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुई नई संसदीय समिति महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सशक्तिकरण को लेकर संसद की नई समिति का गठन किया है. यह समिति 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है. इस कदम को संसद में महिलाओं से जुड़े मुद्दों और नीतियों की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है.
डॉ. डी. पुरंदेश्वरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सांसद दुग्गुबति पुरंदेश्वरी को महिला सशक्तिकरण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह समिति महिलाओं के कल्याण, लैंगिक समानता और महिला विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेगी. साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाई जा रही नीतियों और कानूनों पर सुझाव भी देगी.
सभी दलों के सांसदों को शामिल किया गया
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, समिति के सदस्यों की सूची को अंतिम रूप देकर अधिसूचित कर दिया गया है. इसमें अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल किया गया है, ताकि व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके. इनमें लोकसभा सदस्य डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, लवली आनंद, डी. के. अरुणा, हरसिमरत कौर बादल, शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, इकरा चौधरी, कृति देवी देबबर्मन, प्रियंका सतीश जरकीहोली, डॉ. कडियम काव्या, ज्योत्सना चरणदास महंत, हेमा मालिनी, महिमा कुमारी मेवाड़, देलकर कलाबेन मोहनभाई, सुधा आर., सताब्दी रॉय, हिमाद्री सिंह, डॉ. रानी श्रीकुमार, स्मिता उदय वाघ शामिल हैं. वहीं, राज्यसभा सदस्यों में सागरिका घोष, जेबी माथेर हिशाम, स्वाति मालीवाल, सुधा मूर्ति, डॉ. कविता पाटीदार, राजाथी, रेखा शर्मा, पी. टी. उषा, लक्ष्मी वर्मा और संगीता यादव को शामिल किया गया है. यह संसदीय समिति महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी. साथ ही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेगी.
महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता पर रहेगा फोकस
महिला सशक्तिकरण समिति का गठन ऐसे समय में किया गया है, जब देश में महिला नेतृत्व और जेंडर इंक्लूजन नीति निर्माण के केंद्र में हैं. समिति विभिन्न मंत्रालयों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर मौजूदा योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन करेगी और सुधार के लिए सुझाव देगी.
संसद के आधिकारिक माध्यमों से जारी होगी आगे की जानकारी
समिति के अन्य सदस्यों और इसके विस्तृत एजेंडे से जुड़ी जानकारी संसद के आधिकारिक माध्यमों और संसद टीवी के जरिए साझा किए जाने की संभावना है.
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