क्या आप जानते हैं कौन देगा King Charles 3 के राज्याभिषेक का खर्चा?

राज्याभिषेक समारोह के साथ-साथ आने वाले तीन दिनों तक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा.

Last Modified:
Friday, 05 May, 2023
King charles 3

क्वीन एलिजाबेथ 2 (Queen Elizabeth 2) की मृत्यु के बाद से ब्रिटिश सिंहासन खाली पड़ा है. लेकिन जल्द ही उनके सबसे बड़े बेटे किंग चार्ल्स 3 (King Charles 3) का राज्याभिषेक (Coronation) कर दिया जाएगा जिसके बाद वह इस सिंहासन पर विराजमान हो सकते हैं. किंग चार्ल्स 3 का राज्याभिषेक 6 मई 2023 को किया जाना है और ऐसे में लन्दन के Westminster Abbey में तैयारियां जोरों पर हैं. हम सभी ने किसी न किसी किंग के राज्याभिषेक का जिक्र किसी फिल्म या कहानी या किताब में देखा, सुना और पढ़ा जरूर होगा लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि राज्याभिषेक में कितने पैसे खर्च होते होंगे? आइये जानते हैं कि किंग चार्ल्स 3 के राज्याभिषेक में कितने पैसे खर्च होने वाले हैं और यह पैसे कौन देगा?

किंग चार्ल्स 3 और क्वीन कंसोर्ट कैमिला (Consort Camilla)
किंग चार्ल्स 3 का राज्याभिषेक लन्दन के Westminster Abbey में किया जाएगा और BBC पर इसका लाइव प्रसारण भी देखा जा सकता है. खास बात ये है कि किंग चार्ल्स के साथ-साथ क्वीन कंसोर्ट कैमिला को भी ताज पहनाया जाएगा. राज्याभिषेक समारोह के साथ-साथ आने वाले तीन दिनों तक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा. सामने आ रही मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस राज्याभिषेक समारोह में 100 मिलियन से 150 मिलियन यूरो यानी लगभग 9 अरब रुपयों का खर्चा किया जाएगा. साल 1953 में ब्रिटेन की पूर्व क्वीन एलिजाबेथ 2 के राज्याभिषेक समारोह में लगभग 1.57 मिलियन यूरो खर्च किये गए थे जो आज के समय के 55 मिलियन यूरो के बराबर है. 

कम खर्च करना चाहते हैं किंग चार्ल्स 3
लेकिन यूरोप और दुनिया भर में जारी वित्तीय संकट को देखते हुए अपने ही राज्याभिषेक समारोह में खुद किंग चार्ल्स 3 इतना खर्च नहीं करना चाहते. उन्होंने समारोह को छोटे से छोटा रखने की गुजारिश की है और इसीलिए किंग चार्ल्स 3 के समारोह में सिर्फ 2000 VIP मेहमानों को ही बुलाया गया है. किंग चार्ल्स 3 के राज्याभिषेक की शुरुआत बकिंघम में स्थित उनके महल से होगी. किंग चार्ल्स 3 और क्वीन कंसोर्ट कैमिला पहले एक शाही रथ द्वारा बकिंघम के महल से Westminster Abbey तक पहुंचेंगे. यह वही रथ है जिसे क्वीन एलिजाबेथ 2 द्वारा सिंहासन पर 60 साल पूरे करने का जश्न मानाने के लिए तैयार किया गया था. 

किंग चार्ल्स 3 का ताज
ताज पहनाने के लिए किंग चार्ल्स जिस शाही तख्त पर बैठेंगे वह 700 साल पुराना है. यह तख्त सेंट एडवर्ड के लिए तैयार किया गया था और समय के साथ ही इसमें जरूरी बदलाव भी किये गए हैं. किंग चार्ल्स की ताजपोशी के लिए इस तख्त में रत्नजड़ित ज्वेलरी, स्पेक्टर, तलवारें और अंगूठियां लगाई जायेंगी. किंग चार्ल्स 3 सिर्फ सेंट एडवर्ड का तख्त ही नहीं बल्कि उनका ताज भी पहनने वाले हैं. किंग चार्ल्स 3 जिस ताज को पहनने वाले हैं उसमें लगे सोने का वजन लगभग 5 पाउंड यानी 2.2 किलोग्राम है. इतना ही नहीं, इस ताज में 400 से ज्यादा कीमती रत्न लगे हुए हैं और इस ताज की कीमत लगभग 57 मिलियन यूरो है. 

कोहिनूर नहीं होगा समारोह का हिस्सा
आपको यह जानकर शायद हैरानी होगी कि कोहिनूर इस बार शाही ताज का हिस्सा नहीं होगा. दुनिया के सबसे बेशुमार हीरों में शामिल होने वाले कोहिनूर को क्वीन कंसोर्ट कैमिला ने अपने सर पर सजाने से मना कर दिया है. दरअसल कोहिनूर की उत्पत्ति एक काफी विवादित विषय है जिसकी वजह से क्वीन कंसोर्ट कैमिला ने कोहिनूर जड़ित ताज को पहनने से मना कर दिया है. अपने राज्याभिषेक समारोह में क्वीन कंसोर्ट कैमिला, ब्रिटेन की पूर्व क्वीन मैरी का ताज पहनने वाली हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोहिनूर की कीमत 10 से 12 मिलियन डॉलर्स यानी लगभग 98 करोड़ रुपये है. 

कौन देगा समारोह के पैसे?
इस वक्त पूरी दुनिया पर वित्तीय संकट की तलवार लटक रही है और इसी बीच किंग चार्ल्स 3 का राज्याभिषेक समारोह किया जा रहा है. ऐसे में यह सवाल जान लेना भी जरूरी है कि दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक के लिए पैसे कौन देने वाला है? आपको जानकर हैरानी होगी कि किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक समारोह के लिए होने वाला खर्चा ब्रिटेन के टैक्सपेयर्स की जेब से आएगा. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि समारोह का खर्चा रॉयल ट्रेजरी से दिया जाएगा. 
 

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बोनस हुआ पुरानी बात, इस कंपनी ने कर्मचारियों के नाम कर दी इतने % हिस्सेदारी 

एक टेक्नोलॉजी फर्म ने अपने कर्मचारियों के नाम कुछ हिस्सेदारी करने के साथ ही लंबे समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए कर्मचारियों को कार देने का भी ऐलान किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 03 January, 2024
Last Modified:
Wednesday, 03 January, 2024
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ऐसे वक्त में जब कंपनियां कॉस्ट कटिंग के नाम पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं या फिर सैलरी बढ़ाने में कंजूसी कर रही हैं, टेक्नोलॉजी फर्म आइडियाज 2आईटी (Ideas2IT Technologies) ने एक अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया है. करीब 100 मिलियन डॉलर के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने 33% हिस्सेदारी कर्मचारियों को हस्तांतरित करने की घोषणा की है. इसके अलावा भी कंपनी ने बहुत कुछ ऐसा किया है, जिससे कर्मचारियों के चेहरे खिल गए हैं. 

50 कर्मचारियों को मिलेंगी कार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Ideas2IT Technologies ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए घोषणा की है कि 100 मिलियन डॉलर की कंपनी के स्वामित्व का 33% हिस्सा उसके कर्मचारियों को हस्तांतरित किया जाएगा. कंपनी की 33% हिस्सेदारी में से 5% चालीस ऐसे चुनिंदा कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो इसकी स्थापना के बाद से फर्म के साथ हैं. जबकि, शेष 700 अन्य कर्मियों के बीच वितरित किए जाएंगे. इसके अलावा, कंपनी उन 50 कर्मचारियों को कारें भी दे रही है, जिन्होंने फर्म में पांच साल से अधिक समय पूरा कर लिया है.

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2009 में हुई थी स्थापना
आइडियाज2आईटी के संस्थापक मुरली विवेकानंदन का कहना है कि 2009 में शुरू हुई हमारी कंपनी अब 100 मिलियन डॉलर की कंपनी बन गई है और हम अपनी खुशी कर्मचारियों के साथ साझा करना चाहते हैं. यह हमारे वेल्थ-शेयरिंग इनिशिएटिव का हिस्सा है. हमारे भारत, अमेरिका और मैक्सिको में कुल 750 कर्मचारी हैं. हमारा यह प्रयास एक मजबूत सहयोगी कॉर्पोरेट संस्कृति निर्मित करने में मददगार होगा. मुरली विवेकानंदन इससे पहले, सन, ओरेकल और गूगल सहित अन्य कंपनियों में काम कर चुके हैं.

चुन सकेंगे मनपसंद कार 
कंपनी के अनुसार, यह 'कर्मचारी स्वामित्व कार्यक्रम' (Employee Ownership Programme) कर्मचारियों को मूल्यवान हितधारक बनाएगा, जिससे उनके हित सीधे कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के साथ जुड़ जाएंगे. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वह 8-15 लाख रुपए की कीमत वाली मारुति सुजुकी की अपनी पसंदीदा कार चुन सकते हैं. कार पूरी तरह से संबंधित कर्मचारी के नाम पर पंजीकृत की जाएगी, इसमें कोई शर्त नहीं होगी और कर्मचारी को किसी भी तरह का खर्चा नहीं करना होगा. फर्म का कहना है कि इस बार केवल 50 कारें ही दी जा रही हैं, क्योंकि 100 कारें ऐसे कर्मचारियों को पहले ही दी जा चुकी हैं, जिन्होंने 2022 तक कंपनी में 5 साल पूरे कर लिए थे.
 


बच्चे की नोटबुक से पन्ना मांगकर CFO ने लिखा इस्तीफा, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल!

अपने अनोखेपन की वजह से रिंकू पटेल का इस्तीफा फिलहाल सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हो रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Friday, 22 December, 2023
Last Modified:
Friday, 22 December, 2023
Rinku patel resignation letter

वैसे तो जब भी किसी नामी कंपनी में महत्त्वपूर्ण पद पर बैठा कोई व्यक्ति इस्तीफा देता है तो बिजनेस जगत में यह एक जरूरी खबर बन जाती है, लेकिन फिलहाल सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति का इस्तीफा पत्र काफी सुर्खियां बटोर रहा है और इसकी वजह जानकार आप हैरान रह जायेंगे. यह पत्र किसी ई-मेल या फिर एक आधिकारिक पत्र नहीं है बल्कि यह पत्र नोटबुक के एक पन्ने पर लिखा गया है. 

लोगों को नहीं हो रहा विश्वास
दरअसल हम यहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड एक कंपनी के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), रिंकू पटेल के इस्तीफे के पत्र के बारे में बात कर रहे हैं. अपने अनोखेपन की वजह से रिंकू पटेल का इस्तीफा फिलहाल सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हो रहा है. इन्टरनेट और ई-मेल से भरे जमाने में रिंकू ने हाथ से लिखकर अपना इस्तीफा मितिशी इंडिया (Mitishi India) को सौंपा है और लोगों को अभी भी विश्वास नहीं हो पा रहा है कि आज के समय में ऐसा भी हो सकता है. आपको बता दें कि रिंकू पटेल, मितिशी इंडिया में चीफ फाइनेंशियल अफसर के पद पर तैनात थे और उन्होंने नोटबुक के पन्ने पर हाथ से लिखकर अपना इस्तीफा पेश किया है. 

क्यों इतना खास है यह पत्र?
इस्तीफे के पत्र का यहां हाथ से लिखा होना भी लोगों को उतना नहीं चौंका रहा जितना कि ये बात कि आखिर यह पत्र किस चीज पर लिखा गया है. आमतौर पर आधिकारिक पत्र हमें ए4 साइज के प्लेन कागज पर लिखे हुए देखने को मिलते हैं लेकिन रिंकू पटेल का इस्तीफा लाइन वाले एक पन्ने पर लिखा गया है और उससे भी कमाल की बात ये है कि यह इस्तीफा जिस पन्ने पर लिखा गया है वह बच्चों की नोटबुक का पन्ना ही मालूम होता है. इस पत्र पर 15 नवंबर की  तारिख अंकित है और इस पत्र में रिंकू ने कहा है कि वह निजी कारणों की वजह से कंपनी के CFO के पद से फौरन इस्तीफा देना चाहते हैं. इस पत्र की एक कॉपी 21 दिसंबर को BSE की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गई थी और वहीं से इसने सोशल मीडिया तक अपनी जगह बनाई है. 

कैसे वायरल हुआ पत्र?
इस पत्र को मीडिया के एक सदस्य के द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया गया था और यह पत्र यहीं से वायरल हो गया. पत्र की एक फोटो साझा करते हुए शख्स ने लिखा कि इस CFO ने अपने बच्चे की रफ नोटबुक से एक पन्ना उधार मांगकर उस पर अपना इस्तीफा लिख दिया और उसे BSE लिस्टेड कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा कर दिया. कुछ यूजर्स ने इस फोटो पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘वैसे हैंडराइटिंग अच्छी है और लगता है कि खुद बच्चे ने ही यह पत्र लिखा है. एक अन्य यूजर ने कहा कि 20 करोड़ की मिड-कैप अंपनी है और मेरे पड़ोसी ऐसे घरों में रहते हैं जो इससे महंगे हैं तो शायद रफ नोटबुक के पन्ने वाली बात सही है.
 

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हजारों फीट की ऊंचाई पर पति-पत्नी में हुई लड़ाई, विमान की करानी पड़ गई इमरजेंसी लैंडिंग

विमान में सवार अन्य यात्री और क्रू सदस्यों ने पति-पत्नी को समझाने की लाख कोशिश की, लेकिन दोनों में से कोई सुनने को तैयार नहीं था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 29 November, 2023
Last Modified:
Wednesday, 29 November, 2023
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पति-पत्नी के बीच झगड़ा आम बात है. हालांकि, कुछ झगड़े इतने बड़े हो जाते हैं कि क्या कहने. रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया और उनकी पत्नी नवाज मोदी (Gautam Singhania & Nawaz Modi) के झगड़े की चर्चा पूरे देश में है. इस झगड़े ने रेमंड के निवेशकों को परेशान कर रखा है. इस बीच, एक और झगड़े की खबर सामने आई है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. हालांकि, चर्चा की वजह झगड़ने वालों का रसूख नहीं बल्कि झगड़े का समय और स्थान है. अब बातों को ज्यादा गोल-गोल घुमाने की वजह हम सीधे मुद्दे पर आते हैं. पति-पत्नी के बीच यह झगड़ा उड़ते विमान में हुआ और इसके चलते विमान में सवार हर व्यक्ति की जान पर बन आई. 

बैंकॉक जा रही थी फ्लाइट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े के चलते फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. दरअसल, म्युनिख से बैंकॉक के बीच उड़ान भर रहे लुफ्थांसा के विमान में मौजूद दंपत्ति के बीच शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि विमान को दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा. झगड़ा जब हद से ज्यादा बढ़ गया, तो लुफ्थांसा की फ्लाइट संख्या LL 772 के पायलट ने ATC से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर उतरने की अनुमति मांगी. इसके बाद आज सुबह 10.26 बजे विमान ने एयरपोर्ट पर लैंडिंग की.

पाक ने नहीं दी अनुमति 
विमान में एक जर्मन व्यक्ति और उसकी थाई पत्नी के बीच शुरू हुई कहासुनी ने थोड़ी ही देर में गंभीर रूप अख्तियार कर लिया. पत्नी ने पहले अपने पति के बर्ताव को लेकर पायलट से शिकायत की. उसने कहा कि उसे धमकाया जा रहा है. इसके बाद दोनों पागलों की तरह झगड़ने लगे. विमान में सवार अन्य यात्री और क्रू मेंबर्स ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों कुछ सुनने को तैयार नहीं थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने पहले पाकिस्तान में लैंडिंग की इजाजत मांगी, लेकिन परमिशन नहीं मिली. इस पर पायलट ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क किया और अनुमति मिलने के बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हो सकी.

सिक्योरिटी को सौंपे आरोपी
रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच पहले बहस हुई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई. जब दोनों को समझाने की सभी कोशिशें नाकाम हो गईं तो अन्य यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमान को डायवर्ट करने का फैसला लिया गया. दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद आरोपियों को विमान से उतारकर एयरपोर्ट सिक्योरिटी के हवाले कर दिया गया. हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक Lufthansa एयरलाइन की ओर से कोई बयान नहीं आया है. 


Apple ने किया ब्लंडर, iPhone 15 किया था ऑर्डर शख्स को मिला एंड्राइड फोन!

शख्स ने Apple की वेबसाइट से iPhone 15 आर्डर किया लेकिन जब फोन उसके पास पहुंचा तो कुछ ऐसा हुआ जिसकी उसे उम्मीद तक नहीं थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 15 November, 2023
Last Modified:
Wednesday, 15 November, 2023
IPHONE

कभी-कभी कुछ वाकये ऐसे होते हैं जो हमें चौंकाकर रख देते हैं. हाल ही में ऐसी ही एक अजीबो-गरीब घटना ब्रिटेन से सामने आ रही है. आपने ऐसी बहुत सी घटनाएं सुनीं होंगी जिनमें लोग ई-कॉमर्स वेबसाइट से एप्पल (Apple) के स्मार्टफोन ऑर्डर करते हैं लेकिन उन्हें साबुन की टिकिया या फिर कोई और ही सामान मिलता है, लेकिन अगर कोई शख्स एप्पल की वेबसाइट से स्मार्टफोन ऑर्डर करे और उसे एप्पल का iPhone नहीं बल्कि एंड्राइड फोन मिले तो? 

iPhone 15 की जगह पहुंचा एंड्राइड फोन
आपको शायद ही इस बात का विश्वास हो क्योंकि हम दुनिया की सबसे टॉप स्मार्टफोन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट की बात कर रहे हैं. दरअसल हुआ यूं कि ब्रिटेन में रहने वाले एक शख्स ने हाल ही में एप्पल की आधिकारिक वेबसाइट से iPhone 15 आर्डर किया था लेकिन जब इस शख्स के पास फोन की डिलीवरी पहुंची तो उस शख्स के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद उसे दूर-दूर तक नहीं थी. दरअसल इस शख्स को एप्पल का iPhone 15 तो नहीं मिला लेकिन iPhone 15 की शक्ल में छुपाया हुआ एक एंड्राइड फोन जरूर मिला.

iPhone 15 की नकल
फोन मंगाने वाले शख्स को अचानक ही तब इस फोन के बारे में शक होने लगा जब उसने इस स्मार्टफोन को डब्बे से बाहर निकालना शुरू किया. सबसे पहले तो स्मार्टफोन पर एक स्क्रीन प्रोटेक्टर लगा हुआ था. इसके बाद जांच में सामने आया कि किसी भी क्षेत्र में लाइट जल रही है. इसके साथ ही फोन को सेटअप करने की प्रक्रिया अपर भी शख्स को थोड़ा शक हुआ और आखिरकार जब कस्टमर ने फोन को स्विच ऑन किया तब उसका शक सही निकला और उसे पता चला कि उसे एप्पल का एक नकली फोन प्राप्त हुआ है. शख्स ने अपना यह अनुभव Reddit पर साझा किया है. 

मामले की पेंचीदा बातें
वैसे तो इस पूरे मामले में बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो परेशान कर सकती हैं लेकिन इन सभी चीजों में सबसे प्रमुख बात ये है कि कस्टमर को प्राप्त हुआ फोन पूरी तरह से iPhone 15 जैसा दिखता है. इसके साथ ही एक अन्य चीज जो काफी परेशान कर सकती है वो ये है कि इस फोन को किसी थर्ड पार्टी वेबसाइट से नहीं, किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से नहीं बल्कि सीधा एप्पल की आधिकारिक वेबसाइट से मंगवाया गया था. इतना ही नहीं, इस नकली फोन में एप्पल के सारे आधिकारिक ऐप भी मौजूद थे.
 

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अमेरिका जाने की तलब में गिरफ्तार हुए 90,000 भारतीय, अमेरिकी एजेंसी का खुलासा!

अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 के बीच लगभग 96,917 भारतीय लोगों को अमेरिका में घुसते हुए गिरफ्तार किया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Friday, 03 November, 2023
Last Modified:
Friday, 03 November, 2023
American Border

अमेरिका दुनिया के सबसे विकसित और ताकतवर देशों में से एक है और लगभग हर भारतीय नागरिक चाहता है कि वह एक बार तो अमेरिका जरूर जाए. वहीँ, अगर अमेरिका में जीवन बिताने का मौका मिले तो शायद ही कोई इंसान होगा जो इस मौके को ठुकरा दे. विदेश जाने की इच्छा रखने वाले भारतीय लोगों के लिए भी अमेरिका पहली पसंद होता है. हाल ही में अमेरिकी एजेंसी द्वारा एक ऐसा खुलासा किया गया है जिसे सुनकर आप हैरान रह जायेंगे. 

5 साल में 5 गुना ज्यादा लोग हुए गिरफ्तार
अमेरिका की कस्टम और बॉर्डर सुरक्षा एजेंसी UCBP (US कस्टम्स एवं बॉर्डर प्रोटेक्शन) द्वारा जारी किये गए डेटा की मानें तो अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 के बीच लगभग 96,917 भारतीय लोगों को गैर कानूनी तौर पर अमेरिका में घुसते हुए गिरफ्तार किया गया है. अगर पिछले सालों को देखें तो यह आंकडा काफी भयानक नजर आता है क्योंकि गैर कानूनी तरीके से अमेरिका में घुसने की कोशिश में गिरफ्तार हुए भारतीय लोगों की संख्या में लगभग 5 गुना इजाफा हुआ है. साल 2019-2020 के बीच गैर कानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के चलते लगभग 19,883 भारतीय लोग गिरफ्तार हुए थे. साल 2020-21 के बीच यह संख्या 30,662 भारतीय लोगों तक पहुंच गई थी, वहीं इसके बाद साल 2021-22 में यह आंकड़ा 63,927 भारतीय लोगों तक जा पहुंचा था. 

Canada के बॉर्डर पर भी पकड़े गये भारतीय
अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 के बीच गिरफ्तार हुए 96,917 भारतीय लोगों में से 30,010 लोगों को कनाडा के बॉर्डर पर और 41,770 लोगों को मैक्सिको के बॉर्डर पर गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार किये गए लोगों को AM (नाबालिगों के साथ), FMUA (एक परिवार की इकाई में मौजूद व्यक्ति), अकेले व्यस्क और बिना किसी व्यस्क के बच्चों जैसी 5 विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है. गिरफ्तार किये गए लोगों में सबसे बड़ी संख्या अकेले वयस्कों की है. वित्त वर्ष  2023 के दौरान लगभग 84,000 भारतीय व्यस्क अमेरिका में गैर कानूनी रूप से घुसने के प्रयास में गिरफ्तार हुए थे और साथ ही 730 बच्चे ऐसे हैं जिनके साथ कोई भी व्यस्क नहीं है. 

इन कारणों से अमेरिका बना भारतीयों की पहली पसंद
जैसा कि हमने ऊपर कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे आधुनिक और विकसित देशों में से एक है, लेकिन हम 5 ऐसे कारण लेकर आये हैं जिनकी बदौलत अमेरिका भारतीय लोगों की पहली पसंद बन गया है. 

    ज्यादा सैलरी: हर आदमी अपने पेशे में ज्यादा पैसे कमाना चाहता है और अमेरिका में भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा सैलरी और मजदूरी मिलती है और इसीलिए ज्यादातर भारतीय लोग अमेरिका जाकर अपने वित्तीय मौकों में बढ़ोत्तरी करना चाहते हैं. इसके साथ ही आपको बता दें कि अमेरिका में मजदूरी भी भारत से ज्यादा मिलती है. 

    बेहतर करियर: अमेरिका में बहुत सारी विभिन्न इंडस्ट्रीज मौजूद हैं और इसीलिए करियर के मौके भी ज्यादा और ज्यादा बेहतर हैं. इसके साथ ही अमेरिका में उद्यम के लिए भी काफी अनुकूल माहौल है और वहां इनोवेशन को ज्यादा महत्त्व दिया जाता है जिससे अमेरिका लोगों की पहली पसंद बन जाता है. 

    बेहतर शिक्षा: शिक्षा बहुत ही जरूरी उपकरण है और इसीलिए हर व्यक्ति ज्यादा बेहतर शिक्षा प्राप्त करना चाहता है. क्योंकि अमेरिका एक विकसित देश है इसलिए यहां पर बहुत से शानदार विश्वविद्यालय और एजुकेशनल इंस्टिट्यूट मौजूद हैं, जिन्हें दुनिया भर में अपनी काबिलियत के लिए जाना जाता है और इसीलिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले भारतीय विद्यार्थियों के लिए अमेरिका पहली पसंद बन जाता  है. 

    बिजनेस एवं उद्यम: जैसा की हमने आपको बताया कि अमेरिका में इनोवेशन को ज्यादा महत्त्व दिया जाता है और इसीलिए अमेरिका में बिजनेस का वातावरण काफी जबरदस्त है और अमेरिका आपके बिजनेस के लिए शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध करवाता है. साथ ही वेंचर कैपिटल तक बेहतर पहुंच की वजह से कारोबार करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए भी अमेरिका पहली पसंद बन जाता है. 

    जीवन की बेहतर क्वालिटी: पैसे कमाने के साथ-साथ अच्छी और क्वालिटी लाइफ भी कई लोगों का सपना होती है. अमेरिका क्योंकि एक विकसित देश है इसलिये यहां आपको हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं तक ज्यादा बेहतर पहुंच मिलती है और इसलिए भी अमेरिका बहुत से लोगों की पहली पसंद बन जाता है. 
 

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क्या है White Hydrogen जिससे नहीं होता प्रदूषण; ग्रीन हाइड्रोजन से बेहतर है ये विकल्प?

White Hydrogen भी हाइड्रोजन का ही एक प्रकार है और इसका इस्तेमाल भी इंधन के रूप में किया जा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 02 November, 2023
Last Modified:
Thursday, 02 November, 2023
White Hydrogen

क्या आप जानते हैं, ईंधनों का एक प्रकार ऐसा भी है जिससे बिलकुल भी प्रदूषण नहीं होता है? इतना ही नहीं, इंधन के इस प्रकार को न तो लैब में बनाया जाता है और न ही इसे इंडस्ट्री में बनाया जाता है यह प्राकृतिक रूप से ही बनता है जमीन की सतह पर यह जमीन के नीचे मौजूद होता है. हम वाइट हाइड्रोजन (White Hydrogen) के बारे में बात कर रहे हैं. 

यहां मिला White Hydrogen का भंडार
वाइट हाइड्रोजन (White Hydrogen) भी हाइड्रोजन का ही एक प्रकार है और इसका इस्तेमाल भी इंधन के रूप में किया जा सकता है. हर प्रकार के इंधन के इस्तेमाल से किसी न किसी तरह कार्बन का उत्सर्जन होता ही है और इसकी वजह से प्रदूषण भी होता है. लेकिन वाइट हाइड्रोजन के इस्तेमाल से कार्बन का उत्सर्जन नहीं होता है और इसीलिए इसे ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen) से भी ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है. साथ ही आपको बता दें कि ग्रीन हाइड्रोजन, पानी का इलेक्ट्रोलीज करके बनाया जाता है लेकिन वाइट हाइड्रोजन प्राकृतिक रूप से उपलब्ध होता है. हाल ही में फ्रांस में वाइट हाइड्रोजन (White Hydrogen) का काफी बड़ा भंडार पाया गया है.

जलवायु के लिए बेहतर है White Hydrogen
वाइट हाइड्रोजन (White Hydrogen) को ग्रीन हाइड्रोजन से विभिन्न होने के कारण यह नाम मिला है. क्योंकि वाइट हाइड्रोजन प्राकृतिक रूप से उपलब्ध होता है इसीलिए इसे जलवायु के लिए काफी अच्छा माना जाता है और इसे प्राकृतिक हाइड्रोजन (Natural Hydrogen) के नाम से भी जाना जाता है. फ्रांस में मिला वाइट हाइड्रोजन का भंडार, दुनिया भर के सबसे बड़े भंडारों में से एक है और वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु संकट से निपटने में वाइट हाइड्रोजन काफी बड़ी भूमिका निभा सकता है. 

6 से 250 मिलियन मीट्रिक टन White Hydrogen
जैक्स पिरोनोन और फिलिप डी डोनाटो जमीन के भीतर मौजूद फॉसिल फ्यूल तलाश रहे थे और इसी दौरान उन्हें वाइट हाइड्रोजन की प्राप्ति हुई. वैज्ञानिकों का कहना है कि फ्रांस में मिले हाइड्रोजन के भंडार में 6 मिलियन से 250 मिलियन मीट्रिक टन हाइड्रोजन हो सकता है. वाइट हाइड्रोजन के विपरीत भूरा हाइड्रोजन या फिर ग्रे हाइड्रोजन फॉसिल यानी जीवाश्म से उत्पन्न होते हैं.
 

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दुनिया को बहुत याद आएंगे Feeney: सबकुछ किया दान, बिना कार और घर के गुजार दी जिंदगी 

दौलत का नशा कभी फीनी के सिर चढ़कर नहीं बोला. उन्हें बिजनेस क्लास के बजाए इकॉनमी क्लास में सफर करना पसंद था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 10 October, 2023
Last Modified:
Tuesday, 10 October, 2023
Photo Credit: The New York Times

आयरिश-अमेरिकी रिटेल एंटरप्रेन्योर चार्ल्स फ्रांसिस 'चक' फीनी (Charles Francis 'Chuck' Feeney) दुनिया को अलविदा कह गए हैं. 92 वषीय फीनी ने सोमवार को आखिरी सांस ली. फीनी एक ऐसे कारोबारी थे, जिन्होंने खून-पसीना बहाकर जो कुछ कमाया, मौत से पहले वो सबकुछ दान कर गए. अपने जीवन के आखिरी समय में वह बेहद साधारण जिंदगी जी रहे थे, उनके पास न कोई कार थी और न ही घर. वह किराए के मकान में रहते थे.  

सादगी बन है थी पहचान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चार्ल्स फ्रांसिस 'चक' फीनी ने अपनी 8 अरब डॉलर की संपत्ति दान कर दी थी. उन्होंने अपनी संस्था Atlantic Philanthropies के माध्यम से यह भारी-भरकम राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और सामाजिक कार्यों पर खर्च की. संस्था की तरफ से बताया गया है कि फीनी ने सोमवार को San Francisco में आखिरी सांस ली. फीनी को उनकी सादगी के लिए पहचाना जाता था. वह अरबों की दौलत होते हुए भी महज 15 डॉलर की घड़ी पहनते थे. वह अपने साथ एक प्लास्टिक बैग और ब्रीफकेस ही रखते थे. 

इकॉनमी क्लास में सफर
दौलत का नशा कभी फीनी के सिर चढ़कर नहीं बोला. उन्हें बिजनेस क्लास के बजाए इकॉनमी क्लास में सफर करना पसंद था. वह अक्सर कहते थे - प्लेन के अगले हिस्से में बैठने से अप जल्दी नहीं पहुंच जाएंगे. बता दें कि विमानों में बिजनेस क्लास फ्लाइट के अगले हिस्से में होती है. पिछले तीन दशकों से फीनी के पास न तो खुद की कोई कार थी और न ही घर. वह साधारण से किराए के मकान में रहते थे. Feeney ने बेशुमार दौलत Duty-Free Shoppers (DFS) से कमाई. इसकी स्थापना उन्होंने 1960 में की थी. यह एयरपोर्ट्स पर लग्जरी गुड्स के ड्यूटी-फ्री स्टोर्स की चेन है.  

इस मुहिम से थे जुड़े 
1996 में, फीनी ने DFS में अपने शेयरों को बेच दिया था. डीएफएस के कई महाद्वीपों में फैले 850 से अधिक बुटीक हैं. फीनी Giving Pledge मुहिम का भी हिस्सा थे, जिसकी शुरुआत Bill Gates, Melinda Gates और Warren Buffet ने की थी. उनका मानना था कि मरने के बाद अपनी दौलत दान देने से ज्यादा अच्छा है, जीवित रहते हुए ऐसा करना. Atlantic Philanthropies की स्थापना के साथ ही उन्होंने सोच लिया था कि वह अपनी पूरी दौलत दान कर देंगे. 
 


दोस्त को भेज रहा था पैसे, अकाउंट में मिले 750 करोड़ रुपए!

दोस्त को पैसे भेजने के बाद बैंक बैलेंस चेक करने पर उन्होंने पाया कि उनके अकाउंट में 753 करोड़ रुपये का बैलेंस मौजूद है.

Last Modified:
Monday, 09 October, 2023
Money

हाल ही में चेन्नई में कुछ ऐसा हुआ जिसे सुनकर आप भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो जायेंगे. चेन्नई के एक आदमी ने अपने दोस्त को 2000 रुपए ट्रांसफर किये और पैसे ट्रान्सफर करने के बाद जब उस व्यक्ति ने अपना बैंक बैलेंद देखा तो उसके होश उड़ गए. उस आदमी ने पाया कि उसके अकाउंट में 753 करोड़ रुपये मौजूद हैं.

गलती से ट्रांसफर हुए पैसे
मोहम्मद इदरिस, चेन्नई में रहते हैं और वह एक फार्मेसी में काम करते हैं. 6 अक्टूबर को मोहम्मद इदरिस ने अपने कोटक महिंद्रा बैंक अकाउंट से अपने दोस्त को पैसे भेजे और पैसे भेजने के बाद जब उन्होंने अपना बैंक बैलेंस देखा तो उनके होश उड़ गए. बैंक बैलेंस चेक करने पर उन्होंने पाया कि उनके अकाउंट में 753 करोड़ रुपये का बैलेंस मौजूद है. इदरिस ने यह बात फौरन अपने बैंक को बतायी और इसके बाद बैंक ने उनके अकाउंट को फ्रीज कर दिया. इसके बाद बैंक ने इदरिस को बताया की उनके खाते में एक तकनीकी गलती की चलते पैसे ट्रांसफर हो गए थे. 

पहले भी सामने आया है मामला
ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी व्यक्ति के बैंक अकाउंट में तकनीकी गलती की वजह से पैसे पहुंच गए हों. पिछले कुछ समय के दौरान ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. आपको बता दें कि कुछ ही समय पहले चेन्नई से ही एक अन्य ऐसा मामला सामने आया था जब एक कैब ड्राईवर के खाते में अचानक 9000 करोड़ रुपये पहुंच गए थे. उस मामले में भी जब व्यक्ति ने अपने दोस्त को 21,000 रुपए ट्रांसफर किये तब ही उन्हें एहसास हुआ कि उनके खाते में लगभग 9000 करोड़ रुपए आ चुके हैं. आधे घंटे के भीतर ही बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) ने इस गलती को पहचानते हुए बाकी बचे पैसे वापस ले लिए थे. 

बैंक के CEO ने दिया इस्तीफा
कैब ड्राईवर को ट्रांसफर हुए 9000 करोड़ रुपयों के मामले ने आगे चलकर एक काफी रोचक मोड़ ले लिया था. कैब ड्राईवर को पैसे ट्रांसफर हुए कुछ दिन ही हुए थे कि TMB (Tamilnad Mercantile Bank) के CEO S कृष्णन (S Krishnan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. कैब ड्राईवर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि 3 बजे के आस-पास मुझे एक सन्देश प्राप्त हुआ और इस मैसेज में मेरे खाते में पैसे जमा करने के बारे में जानकारी दी गई थी लेकिन संख्या में इतने ज्यादा जीरो थे कि मेरी आंखों को विश्वास ही नहीं हुआ.
 

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कैब ड्राइवर को गलती से ट्रांसफर हुए 9000 करोड़, TMB के MD ने दिया इस्तीफा!

चेन्नई के कैब ड्राइवर के अकाउंट में गलती से 9000 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए गए थे और उसका खाता TMB में ही मौजूद है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Friday, 29 September, 2023
Last Modified:
Friday, 29 September, 2023
Tamilnad mercantile bank

तमिलनाड मर्सेंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) की तरफ से एक काफी चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. खबर है कि बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO S कृष्णन (S Krishnan) ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

TMB के MD ने दिया इस्तीफा
हाल ही में चेन्नई के एक कैब ड्राइवर के अकाउंट में गलती से 9000 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए गए थे और उस कैब ड्राइवर का खाता इसी तमिलनाड मर्सेंटाइल बैंक (TMB) में ही मौजूद है. इस घटना के एक हफ्ते के भीतर ही बैंक के MD S कृष्णन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वैसे तो S कृष्णन ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारणों को वजह बताया है, लेकिन कुछ लोग इस घटना और S कृष्णन को जोड़कर देखने की कोशिश भी कर रह हैं. आपको बता दें कि S कृष्णन के पास बैंक के MD और CEO के पद पर काम करने के लिए अभी दो तिहाई समय शेष था.

इस्तीफा हो गया मंजूर
अपने इस्तीफे के बारे में बात करते हुए S कृष्णन (S Krishnan) ने कहा कि हालांकि मेरे पास बैंक के CEO और MD के रूप में अभी दो तिहाई से ज्यादा समय बाकी है लेकिन निजी कारणों की वजह से मैं अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लेता हूं. पिछले साल सितंबर में ही S कृष्णन ने TMB (Tamilnad Mercantile Bank) के MD और CEO के पद पर काम करना शुरू किया था. TMB की तरफ से की गई रेगुलेटरी फाइलिंग में यह भी कहा गया है कि बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 28 सितंबर 2023 को हुई बैठक के दौरान S कृष्णन के इस्तीफे को मंजूर कर लिया है और इस्तीफे के पत्र को भारत के केंद्रीय बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के पास भी भेज दिया है. 

कैब ड्राईवर को मिले 9000 करोड़
TMB (Tamilnad Mercantile Bank) द्वारा यह जानकारी भी साझा की गई है कि जब तक आगे का रास्ता साफ नहीं हो जाता तब तक S कृष्णन ही बैंक के CEO और MD के रूप में कार्यरत रहेंगे. हाल ही में मीडिया द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि चेन्नई के एक कैब ड्राइवर को गलती से 9000 करोड़ रुपए ट्रान्सफर हो गए थे. इस कैब ड्राइवर का नाम राजकुमार है और पहले पहल राजकुमार को लगा कि उनके साथ किसी तरह का स्कैम किया गया है. इसी बात को जांचने के लिए राजकुमार ने 21,000 रुपए अपने दोस्त को ट्रान्सफर किये और ऐसा होने के बाद जब उन्होंने जांच की तो पाया कि बैंक ने ही उनके अकाउंट में यह पैसे ट्रान्सफर किये हैं. 
 

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Bangalore Traffic में Dominos ने डिलीवर किया पिज्जा, वायरल हुई विडियो!

27 सितंबर को बैंगलोर के बाहरी रिंग रोड (Outer Ring Road) पर ऐसा जाम लगा कि लोग 4 घंटों तक जाम में फंसे रह गए थे.

पवन कुमार मिश्रा by
Published - Thursday, 28 September, 2023
Last Modified:
Thursday, 28 September, 2023
Bangalore

बैंगलोर का टेक कॉरिडोर कहे जाने वाले बाहरी रिंग रोड (ORR) पर कल यानी 27 सितंबर को काफी भयानक ट्रैफिक जाम (Traffic Bangalore) देखने को मिला. जाम इतना ज्यादा भीषण था कि ट्रैफिक पुलिस को एडवाइजरी जारी करते हुए सभी IT कंपनियों से अनुरोध करना पड़ा कि लॉगआउट में थोड़ी देरी कर दें जिससे की सड़क पर और वाहन इकट्ठा न हों. अब सोचिये इतने भीषण जाम में अगर आप पिज्जा करें तो क्या लगता है, पिज्जा आप तक पहुंच पाएगा? ज्यादातर लोग यही सोचेंगे कि जाम में पिज्जा कैसे आएगा, लेकिन जानी-मानी पिज्जा कंपनी डोमिनोज (Dominos) ने यह  कारनामा कर दिखाया है.

कल भीषण जाम हुआ था बैंगलोर
27 सितंबर को बैंगलोर के बाहरी रिंग रोड (Outer Ring Road) पर ऐसा जाम लगा कि लोग 4 घंटों तक जाम में फंसे रह गए थे. ट्रैफिक पुलिस की मानें तो 26 सितंबर को बेंगलुरु बंद की घोषणा की गई थी और इसी की वजह से अगले दिन सड़कों पर वाहनों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई जिसकी वजह से इतना भीषण ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को लगभग 4 घंटों तक सड़क पर अपनी अपनी कारों में ही बंद रहना पड़ा. लेकिन इस भीषण ट्रैफिक जाम के बीच फ्लिप्कार्ट में सीनियर डिजाईन मैनेजर के पद पर काम करने वाले ऋषि वत्स (Rishi Vaths) का मन पिज्जा खाने का हुआ और उन्होंने फैसला किया कि वह डोमिनोज से पिज्जा ऑर्डर करेंगे.

भीषण जाम में पहुंचा डोमिनोज
इसके बाद जो हुआ वह काफी चौंकाने वाला था. जैसा की हमने आपको ऊपर बताया कि सड़क पर दोगुने वाहन मौजूद थे और जाम इतना भीषण था कि लोग 4 घंटों तक इस जाम में ही फंसे हुए थे. इतने भीषण ट्रैफिक के बीच में एक कार को खोजकर उस तक पिज्जा पहुंचाने का करिश्मा जानी-मानी कंपनी डोमिनोज (Dominos) ने करके दिखाया है. ऋषि वत्स और उनके कुछ दोस्त भी इस जाम में फंसे हुए थे और उन्होंने फैसला किया कि पिज्जा मंगाया जाए और अपनी लाइव लोकेशन का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पिज्जा ऑर्डर कर दिया. ऋषि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, जिसे पूर्व में ट्विटर के नाम से जाना जाता है, पर एक विडियो भी साझा किया है. 
 

सोशल मीडिया पर वायरल हुई विडियो
इस विडियो में देखा जा सकता है कि कार के सामने आकर एक स्कूटी रूकती है जिसपर डोमिनोज के दो कर्मचारी सवार हैं और फिर वह कार में पिज्जा डिलीवर कर देते हैं. विडियो शेयर करते हुए ऋषि ने लिखा है कि जब हमने निर्णय लिया कि बैंगलोर के जाम में डोमिनोज से ऑर्डर करते हैं. उन्होंने (डोमिनोज ने) हमारी लाइव लोकेशन से हमें ढूंढा और ट्रैफिक जाम में भी डिलीवर किया. ऋषि की यह विडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है और विडियो को अब तक 4 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.


 

https://x.com/rishivaths/status/1707102839141748740?t=ehx3PwZQ0fJk4-tS53BOKA&s=09

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