✕

होम / यूटिलिटी / रेलवे ने किया ये बड़ा काम, अब यात्रियों को ऐसे मिली वेटिंग टिकट से मुक्ति

रेलवे ने किया ये बड़ा काम, अब यात्रियों को ऐसे मिली वेटिंग टिकट से मुक्ति

फेस्टिव सीजन में यात्रियों की भीड़ ज्यादा होने के कारण वेटिंग लिस्ट भी काफी बढ़ जाती है, जिससे यात्री बिना यात्रा के ही दूसरे साधनों से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः भारतीय भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने के लिए हमेशा एक समस्या का सामना करना पड़ता है और कई यात्रियों को वेटिंग टिकट या आरएसी टिकट मिल जाता है जिसमें दो यात्रियों को एक ही बर्थ आवंटित की जाती है. फेस्टिव सीजन में यात्रियों की भीड़ ज्यादा होने के कारण वेटिंग लिस्ट भी काफी बढ़ जाती है, जिससे यात्री बिना यात्रा के ही दूसरे साधनों से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं. 

यूपी, बिहार की ट्रेनों में रहती है ज्यादा भीड़

खासतौर पर दिवाली, छठ और दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहारों पर यूपी, बिहार जाने वालों की भीड़ ट्रेनों में इस कदर रहती है, कि कई लोग वेटिंग टिकट के बावजूद यात्रा करने को मजबूर रहते हैं. ऐसे में अब रेलवे टेक्नोलॉजी की मदद से इस वेटिंग लिस्ट को कम करने पर काम कर रहा है और इससे उसको इस लिस्ट को खत्म करने में काफी मदद मिल रही है. 

टीटीई को दिए गए हैं हैंड हेल्ड डिवाइसेस

ट्रेन में चलने वाले टीटीई को रेलवे ने हैंड हेल्ड डिवाइस दिए हैं. इस डिवाइस की मदद से रेलवे ने चार महीने में रियल टाइम बेसिस पर प्रतिदिन औसतन 7000 हजार लोगों को कंफर्म सीट दी है. एचएचटी डिवाइस पर आरक्षण चार्ट को डाउनलोड करने और यात्रियों की टर्न-अप/नॉन-टर्न अप स्थिति को चिह्नित करने में सक्षम बनाता है. दूसरा आरक्षण चार्ट तैयार करने के बाद खाली बर्थ, यदि कोई है, उसको बुकिंग के लिए अगले दूरस्थ स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाता है.

भारतीय रेलवे ट्रेन टिकट परीक्षकों (टीटीई) को हैंडहेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) प्रदान किए हैं ताकि वो आरक्षित सीटों की जांच कर सकें, खाली बर्थ आवंटित कर सकें और बाद के स्टेशनों पर उपलब्ध बर्थों की जानकारी प्रसारित कर सकें. टर्मिनल पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से जुड़ सकता है और शुल्क डिजिटल रूप से एकत्र किए जा सकते हैं.

आईपैड की आकार का है डिवाइस

एचएचटी, जो आईपैड के आकार में आते हैं, उनमें पहले से लोड की गई ट्रेनों के लिए यात्री आरक्षण चार्ट होते हैं. एचएचटी की मदद से भारतीय रेलवे के टिकट परीक्षक अब पहले की तरह पेपर चार्ट के माध्यम से जाने के बजाय बुकिंग पर रीयल-टाइम अपडेट के लिए इन उपकरणों के माध्यम से ब्राउज कर सकते हैं क्योंकि ये यात्री आरक्षण प्रणाली के केंद्रीय सर्वर से जुड़े हुए हैं. इसलिए, यदि आरक्षित टिकट वाला कोई यात्री अंतिम समय पर अपनी यात्रा को रद्द करता है, तो खाली बर्थ एचएचटी डिवाइस पर प्रदर्शित होती है.

एक अधिकारी ने कहा कि आरएसी या प्रतीक्षा सूची टिकट वाले यात्री वास्तविक समय के आधार पर खाली बर्थ की उपलब्धता के बारे में एचएचटी ले जाने वाले टीटीई से जांच कर सकते हैं, इससे चलने वाली ट्रेनों में बर्थ के आवंटन में पारदर्शिता आती है.

प्रतिदिन इतनी बर्थ हो रही हैं आवंटित

पिछले चार महीनों में, औसतन 5,448 आरएसी यात्रियों और 2,759 प्रतीक्षा-सूची वाले यात्रियों को एचएचटी के माध्यम से प्रतिदिन क्लियर बर्थ आवंटित की गई थी. आरएसी या प्रतीक्षा-सूची वाले यात्रियों को बर्थ आवंटन के अलावा, लगभग 7,000 अप्रयुक्त खाली बर्थ भी एचएचटी के माध्यम से पीआरएस को प्रतिदिन जारी की जा रही हैं ताकि उन्हें ट्रेनों के मार्ग पर अगले स्टेशनों से बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया जा सके.

टीटीई वसूल रहे हैं जुर्माना

एचएचटी का उपयोग डिजिटल भुगतान विकल्पों के माध्यम से यात्रियों से अतिरिक्त किराया, जुर्माना और अन्य शुल्क वसूलने के लिए भी किया जा सकता है. भविष्य में इनका इस्तेमाल रसीद जारी करने के लिए भी किया जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि एचएचटी प्रणाली लागू होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरएसी या प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों की प्राथमिकता ट्रेन की बर्थ लेने में न छूटे.

VIDEO: क्या दुनिया में आने वाली है मंदी? Fitch की रिपोर्ट

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

SIR के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

एसआईआर के बाद मतदाता सूची से छूटे नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियान, एक महीने में पूरा होगा सत्यापन

5 days ago

अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG ₹62.50 महंगा; ATF के दाम भी बढ़े

कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है. ऐसे में कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की परिचालन लागत बढ़ सकती है.

1 week ago

दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को राहत, रेलवे ने तैयार किया 3000 स्पेशल फेरों का प्लान

नॉर्दर्न रेलवे ने अब तक 832 फेरों के लिए स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया है. इसके अलावा दूसरे रेलवे जोन से करीब 155 फेरे ऐसी स्पेशल ट्रेनों के होंगे, जो दिल्ली आएंगी और नॉर्दर्न रेलवे के जरिए संचालित होंगी.

18-September-2026

सोने की कीमतों में फिर गिरावट, 24 कैरेट का भाव ₹1.53 लाख के पार; चांदी भी फिसली

राजधानी दिल्ली में 18 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,980 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है.

18-September-2026

UPI पर 15 अक्टूबर से बदलेगा शुल्क नियम, ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर लगेगा 0.4% MDR

NPCI ने चुनिंदा P2M लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट तय किया, ₹75,000 या उससे अधिक के भुगतान पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 होगी

16-September-2026


बड़ी खबरें

भारतीय दीवार पर किसका होगा कब्जा?

जैसे-जैसे बिरला ओपस, जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स और पिडिलाइट की हैशा स्थापित दिग्गजों को चुनौती दे रही हैं, त्योहारी सीजन यह दिखाएगा कि क्या वितरण क्षमता, डीलर अर्थशास्त्र और पेंटर का प्रभाव लंबे समय से चली आ रही उपभोक्ता आदतों को बदल सकता है.

16 hours ago

अडानी समूह पर शॉर्ट-सेलिंग हमले की फुसफुसाहट

राजीव जैन के GQG ने ITC में अपनी हिस्सेदारी बेच दी. डीलिंग रूम में चर्चा है कि कुछ ऑफशोर खिलाड़ियों को इसका पहले से अंदाजा था और उन्होंने पहले ही फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में शॉर्ट पोजीशन बना ली थी. एलन मस्क की X पोस्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली को और बढ़ा दिया.

13 hours ago

विसर्जित भारत

2047 तक विकसित, दिवाली 2026 तक विसर्जित

15 hours ago

2037-38 की जरूरत की 84% हुई कोल्ड स्टोरेज क्षमता, पैक-हाउस और रीफर वाहनों की भारी कमी: रिपोर्ट

रिपोर्ट में प्रमुख बागवानी उत्पादन केंद्रों के आसपास बहु-वस्तु और अलग-अलग तापमान पर काम करने वाली सुविधाएं विकसित करने की जरूरत बताई गई है. इसके साथ भरोसेमंद रेफ्रिजरेटेड परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है.

16 hours ago

डीजल एक्सपोर्ट एक साल के टॉप पर, सितंबर में भारत से रोजाना 6.2 लाख बैरल का निर्यात; यूरोप सबसे बड़ा बाजार

सितंबर में डीजल निर्यात में आई तेजी ऐसे समय में हुई है जब यूरोप और अमेरिका समेत कई बाजारों में डीजल की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं.

19 hours ago