होम / यूटिलिटी / पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द मिल सकती है बड़ी राहत, जानिए क्या है नया अपडेट
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द मिल सकती है बड़ी राहत, जानिए क्या है नया अपडेट
लोगों को महंगा पेट्रोल-डीजल खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है. वहीं तेल कंपनियों का घाटा भी पिछली तिमाही में काफी बढ़ गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः पिछले तीन महीनों से देश भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है. फिलहाल कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिर भी 100 रुपये से ऊपर बनी हुई हैं. ऐसे में लोगों को महंगा पेट्रोल-डीजल खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है. वहीं तेल कंपनियों का घाटा भी पिछली तिमाही में काफी बढ़ गया था, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर थीं. ऐसे में अब उपभोक्ताओं के साथ ही तेल कंपनियों को भी राहत मिल सकती है.
तेल कंपनियों को हुई नुकसान की कुछ भरपाई
विश्व भर में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार कमी हो रही है. तेल कंपनियों को जो नुकसान हो रहा था उसकी भी कुछ हद तक भरपाई हो चुकी है. अमेरिकी बाजार में कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ कर बंद हुआ है. हालांकि अभी कंपनियों को प्रॉफिट तो नहीं हुआ है, लेकिन वो ब्रेक इवन पर आ चुके हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम में तत्काल कमी की संभावना नहीं है.
एक्सपर्ट का कहना है कि तेल कंपनियां पिछले कुछ महीनों के दौरान हुए नुकसान की पहले भरपाई करेंगी. आखिरी बार 21 मई को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल के पर एक्साइज ड्यूटी कम की थी. इसके बाद देशभर में पेट्रोल 9.50 रुपये और डीजल 7 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया.
इतना सस्ता हुआ कच्चा तेल
दुनियाभर में मंदी की आहट के कारण कच्चे तेल की मांग घटने से इसके दाम में गिरावट आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 96.72 डॉलर (Dollar) प्रति बैरल पर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 90.77 डॉलर (Dollar) प्रति बैरल पर है. इसके बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमत शनिवार (Saturday) को स्थिर रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं.
तेल कंपनियों को अभी भी इतना हो रहा है नुकसान
घरेलू बाजार में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को डीजल पर चार से पांच रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में इजाफे से इन कंपनियों को एक समय डीजल पर 20 से 25 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल (Petrol) पर 14 से 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था. फिलहाल, तेल कंपनियों को डीजल पर नुकसान घटकर चार से पांच रुपये प्रति लीटर रह गया है.
VIDEO: खाने के बिल पर सर्विस चार्ज देना है या नहीं? जानें क्या है नया अपडेट
टैग्स