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New Labor Codes: हफ्ते में 4 दिन काम, 3 दिन आराम; F and F भी 2 दिन में करना होगा
New Labor Codes: नया श्रम कानून लागू होते ही हफ्ते में चार दिन काम और तीन दिन आराम करने का रास्ता साफ हो जाएगा. लेकिन नियमों में इसके लिए भी एक शर्त है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: मोदी सरकार जल्द ही आपको बड़ी खुशखबरी देने जा रही है. आपके हितों को ध्यान में रखते हुए नया श्रम कानून (New Labor Codes) लाने की पूरी तैयारी है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने नए नियमों को अंतिम रूप दे दिया है, जिसे बहुत जल्द लागू किया जा सकता है. बता दें कि सरकार का नया लेबर कोड प्राइवेट और सरकारी दोनों कर्मचारियों पर लागू होंगे.
चार दिन काम, तीन दिन आराम
नया श्रम कानून लागू होते ही हफ्ते में चार दिन काम और तीन दिन आराम करने का रास्ता साफ हो जाएगा. लेकिन नियमों में इसके लिए भी एक शर्त है. यदि आप चार दिन काम और तीन दिन आराम चाहते हैं तो आपको 12 घंटे की ड्यूटी करनी होगी. वहीं, कंपनियों को भी ये आश्वस्त करना होगा कि जो कर्मचारी 12 घंटे काम कर रहे हैं, उनसे सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही काम ले सकते हैं और तीन छुट्टी देनी होगी. 12 घंटे के शिफ्ट में कर्मचारियों को दिन में दो बार आधे-आधे घंटे ब्रेक मिलेगा. यानी आप 12 घंटे में एक घंटा ब्रेक लेने के हकदार होंगे. सप्ताह में 48 घंटे काम करने के नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
पीएफ कन्ट्रीब्यूशन बढ़ेगा
नया श्रम कानून लागू होते ही आपका पीएफ कन्ट्रीब्यूशन (PF Contribution) भी बढ़ जाएगा. नए नियमों के अनुसार पीएफ कन्ट्रीब्यूशन आपके ग्रॉस पे का 50% हो जाएगा. इस नियम को सभी को फॉलो करना होगा. इससे आपकी टेक होम सैलरी घट जाएगी, लेकिन सेविंग्स बढ़ जाएगी.
छुट्टी के नियमों में भी बदलाव
वर्तमान नियमों के अनुसार आपके लिए 240 दिन काम करना अनिवार्य है, तभी आप छुट्टी के हकदार होंगे. इस नियम को भी बदला जा रहा है. अब आपके लिए 180 दिन काम करना जरूरी है. ध्यान रखें कि इसमें सिर्फ कार्य दिवस ही काउंट किए जाएंगे. कोई वीकली ऑफ या गैजेटेड हॉलीडे इसमें काउंट नहीं किए जाएंगे.
फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में नहीं होगी देरी
नए श्रम कानून के अंतर्गत यदि आप नौकरी छोड़ते हैं या फिर किसी परिस्थितिवश कंपनी से निकाले जाते हैं तो कंपनी को आपका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 2 दिन के अंदर करना होगा. यही नहीं, अब सैलरी देने का दिन भी सभी कंपनी को फिक्स्ड रखना होगा, उदाहरण के तौर पर यदि आपकी सैलरी 5 तारीख को मिलती है तो हर महीने हर हाल में आपकी सैलरी 5 तारीख को देनी होगी. इसके अलावा, कंपनियों को साल के आखिर में कर्मचारियों की बची छुट्टियों को कैश करना ही होगा. इसे न तो एंप्लाई रुकवा सकते हैं और ना ही कंपनी अपनी मर्जी से इसे रोक सकती है.
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