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Gold Fund में अगर किया है निवेश, तो जानें कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद क्या होगा भविष्य
इससे रुपये में भी कमजोरी काफी बढ़ गई है और गोल्ड की कीमत भी अपने दो माह के उच्चतम पर पहुंच गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः हाल ही केंद्र सरकार ने गोल्ड पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 10.75 फीसदी से बढ़ाकर के 15 फीसदी कर दिया है. सरकार ने यह कदम गोल्ड के इंपोर्ट को कम करने के लिए किया है ताकि करेंट अकाउंट डेफिसिट पर बोझ को हल्का किया जा सके. इससे रुपये में भी कमजोरी काफी बढ़ गई है और गोल्ड की कीमत भी अपने दो माह के उच्चतम पर पहुंच गई है. इससे गोल्ड फंड पर भी असर पड़ा है.
गोल्ड फंड पर इतना मिल रहा था रिटर्न
ड्यूटी बढ़ाने से पहले पिछले हफ्ते तक गोल्ड फंड पर 2.5 फीसदी रिटर्न मिल रहा था. क्वांटम एसेट मैनेजमेंट कंपनी के चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर चिराग मेहता के अनुसार फिलहाल गोल्ड फंड 2 फीसदी कम पर व्यापार कर रहा है क्योंकि थोक मार्केट में फिजिकल गोल्ड की डिमांड कम है.
गोल्ड फंड ने दिया ज्यादा रिटर्न
डोमेस्टिक गोल्ड फंड्स ने पिछले साल की तुलना में लगभग 8-9 फीसदी (डायरेक्ट प्लान) ज्यादा का रिटर्न डिलीवर किया है. इस रिटर्न का बड़ा हिस्सा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 5.5 फीसदी की गिरावट और हाल ही में लगाए गए इंपोर्ट ड्यूटी के कारण है. तीन और पांच साल के आधार पर, भारत में गोल्ड फंड्स ने औसतन क्रमशः 14.08 फीसदी और 11.97 फीसदी की ग्रोथ की है. इसी अवधि में इन फंडों ने लार्ज-कैप फंड श्रेणी को भी पीछे छोड़ दिया है.
आगे क्या है भविष्य
एक्सपर्ट के अनुसार, अगर देखा जाए तो थोड़े दिनों के लिए गोल्ड फंड्स में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि निवेशकों को उतना रिटर्न नहीं मिलेगा, जितना वो सोच रहे हैं. हां लंबे समय के लिए गोल्ड फंड में निवेश करना फायदे का सौदा है.
महिलाओं के बने एक फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म LXME की मनी कोच प्रिया अग्रवाल का कहना है कि बहुत से लोगों को डर है कि ड्यूटी बढ़ने के बाद गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी होगी लेकिन उनको अपने फंड्स पर होल्ड रखना चाहिए. चूंकि सोना लॉन्ग टर्म एसेट है, इसलिए निवेशकों को शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं करनी चाहिए.
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