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ICICI बैंक ने दी Extortion Scam से सावधान रहने की चेतावनी, जानिए कैसे होता है ये Scam?
ICICIC बैंक ने अपने ग्राहकों को ईमेल भेजकर एक्सटॉर्शन स्कैम (Extortion Scam) से सतर्क रहने के लिए एक चेतावनी जारी की है. साइबर ठग बैंक ग्राहकों को एक्सटॉर्शन स्कैम का शिकार बना रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आजकल बैंक ग्राहकों के ऊपर एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है. साइबर ठग बैंक ग्राहकों को एक्सटॉर्शन स्कैम (Extortion Scam) के जरिए फंसा रहे हैं. इसी को देखते हुए आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एक चेतावनी जारी की है. साथ ही बैंक इस स्कैम के बारे में ग्राहकों को ईमेल भेज कर सतर्क कर रहा है. तो आइए जानते हैं क्या है एक्सटॉर्शन स्कैम और इससे कैसे बचा जा सकता है?
क्या है एक्सटॉर्शन स्कैम?
एक्सटॉर्शन स्कैम ईमेल से शुरू होता है. इसमें साइबर अपराधी दावा करते हैं कि उनके पास टारगेट किए गए यूजर के प्राइवेट फोटो और पर्सनल डेटा मौजूद है. अपने शिकार को डराने के लिए ये जालसाज इन फोटो और प्राइवेट डेटा को पैसे न मिलने पर फ्रेंड, फैमिली के साथ ही पब्लिक प्लैटफॉर्म पर लीक करने की धमकी देते हैं. कई मामलों में साइबर अपराधी के पास ऐसा कोई डेटा नहीं होता, लेकिन कई बार यूजर डर कर इनकी चाल में फंस जाते हैं.
इन तरीकों से करें एक्सटॉर्शन स्कैम की पहचान
आईसीआईसीआई बैंक ने भेजे गए ईमेल में इस तरह के स्कैम की पहचान करने के कुछ तरीकों के बारे में बताया है. बैंक के अनुसार साइबर ठग ग्राहक को जाल में फंसाने के लिए कॉल, मेसेज या ईमेल कर सकते हैं, जिसमें वे खुद को किसी सरकारी विभाग या कलेक्शन एजेंसी का बता सकते हैं. वह अपने शिकार को ड्रग या मनी लाउंड्रिंग जैसे फेक केस में फंसाकर लीगल ऐक्शन और गिरफ्तारी की धमकी देते हैं. डरे हुए बैंक कस्टमर को फिर स्कैमर पैसों के बदले मामले को रफा-दफा करने का विकल्प देते हैं. इसके अलावा साइबर ठग हैकर से पासपोर्ट डीटेल, डेट ऑफ बर्थ, बैंक डीटेल और ओटीपी भी मांग सकते हैं. ग्राहक जल्द से जल्द पैसे ट्रांसफर कर दें, इसके लिए ये जालसाज पुलिस के घर तक पहुंचने का भी झूठा दावा करते हैं.
खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
1. पैसे की मांग करने वाले किसी भी अनजान कॉलर से परेशान न हों और कॉलर को कोई जवाब न दें.
2. किसी को भी गिफ्ट, हैंपर, वाउचर या वायर ट्रांसफर में पेमेंट न करें.
3. कॉलर के दिए गए किसी भी कॉन्टैक्ट डीटेल को यूज न करें और ऑर्गनाइजेशन में डायरेक्ट कॉल करके कॉलर की आइडेंटिटी को वेरिफाइ करें.
4. किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें. साथ ही किसी के साथ भी ईमेल या फोन पर क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन अकाउंट डीटेल, डाइवर लाइसेंस और पासपोर्ट की डीटेल को शेयर न करें.
5. अनजान लिंक से आए ईमेल में दिए गए अटैचमेंट पर क्लिक न करें. साथ ही इसमें दी गई किसी फाइल को डाउनलोड करें. ऐसा करने से आपका कंप्यूटर में वायरस आ सकता है.
फंस गए तो खाली हो सकता है बैंक खाता
अगर आप इस तरह की कॉल पर जालसाज के झांसे में आकर बैंक डिटेल्स या ओटीपी शेयर करते हैं. इसके अलावा किसी भी लिंक आदि पर क्लिक करते हैं, तो साइबर अपराधी आपको लाखों रुपये का चूना लगा सकते हैं. आपके खाते में जितना भी पैसा हो, वो उसे उड़ा सकते हैं. ऐसे में अगर आपके पास ऐसा कोई भी कॉल या ईमेल आए तो आपको नजदीकी पुलिस स्टेशन जाना चाहिए और उस नंबर के बारे में बताना चाहिए. इसके बारे में आप साइबर सेल में भी शिकायत कर सकते हैं.
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