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दूध, मांस, बेबी फूड के लिए FSSAI का नया आदेश, कंपनियों को अब ये करना होगा

FSSAI ने एक्सपोर्ट करने वाले देशों के सभी सक्षम अथॉरिटीज से मौजूदा निर्माताओं और उन लोगों की सूची देने का अनुरोध किया है जो इन फूड प्रोडक्ट्स को भारत में एक्सपोर्ट करने का इरादा रखते हैं

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: विदेशी कंपनियां अब बिना रजिस्‍ट्रेशन दूध, मांस-मछली और बेबी फूड एक्‍सपोर्ट नहीं कर पाएंगी. फूड रेगुलेटर FSSAI ने विदेशी फूड मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों के लिए जो भारत में मांस, दूध और बेबी फूड एक्सपोर्ट करती हैं, उनके लिए FSSAI के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है. 1 फरवरी 2023 से ये नया नियम लागू हो जाएगा. 

FSSAI का नया आदेश
खाद्य नियामक FSSAI ने सोमवार को एक आदेश जारी किया था, इस आदेश में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कहा कि यह फैसला लिया गया है कि इन खाद्य उत्पादों का एक्सपोर्ट करने वाले पांच फूड कैटेगरी के तहत आने वाले विदेशी फूड मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों का पंजीकरण अनिवार्य होगा. ये कैटेगरी हैं- दूध और दूध से बने उत्पाद, पोल्ट्री, मछली और उनके उत्पादों सहित मांस और मांस उत्पाद; अंडे का पाउडर; शिशु आहार; और न्यूट्रास्युटिकल्स. 

FSSAI ने मांगी लिस्ट 

FSSAI ने एक्सपोर्ट करने वाले देशों के सभी सक्षम अथॉरिटीज से मौजूदा निर्माताओं और उन लोगों की सूची देने का अनुरोध किया है जो इन फूड प्रोडक्ट्स को भारत में एक्सपोर्ट करने का इरादा रखते हैं. उनकी ओर से दी गई जानकारी के आधार पर FSSAI इन सुविधाओं को अपने पोर्टल पर दर्ज करेगा. FSSAI के नये आदेश से विदेशों से आने वाले खाद्य प्रोडक्ट्स अब ज्यादा सुरक्षित होंगे, उनकी बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग हो सकेगी. 

FSSAI के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है

आपको बता दें कि खाद्य उत्पादों से संबंधित भारत में अपना कारोबार शुरू करने वाले किसी भी व्यक्ति को खाद्य लाइसेंस लेना जरूरी होता है, चाहे वो निर्माता, ट्रांसपोर्टर, खुदरा विक्रेता, मार्केटर या डिस्ट्रीब्यूटर्स हों. हर किसी को FSSAI के तहत रजिस्ट्रेशन करना होता है. आपको बता दें कि FSSAI ने छोट-बड़े सभी स्तर के फूड ऑपरेटर के लिए बिल पर 14 अंकों का फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर डालना अनिवार्य कर दिया है. यह नियम अक्टूबर 2021 से प्रभावी है.

पहले केवल पैकेज्ड फूड पर फूड लाइसेंस अनिवार्य था. बिल पर फूड लाइसेंस होने से ग्राहक का भरोसा बढ़ता है कि उन्हें बेची गई सामग्री गुणवत्तापूर्ण है. साथ ही सर्विस से असंतुष्ट रहने पर फूड लाइसेंस नंबर के आधार पर शिकायत करना ग्राहकों के लिए आसान होगा. हालांकि अभी तक विदेशी कंपनियां जो भारत में अपना सामान एक्सपोर्ट कर रही हैं उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य नहीं था, नये आदेश के बाद अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया है. 


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