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क्या शौच को लेकर इस कानून के बारे में जानते हैं आप?
इस मामले में लोअर कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक सुनवाई कर चुके हैं. जिसमें दोनों कोर्ट ने फैसला आम आदमी के पक्ष में सुनाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
ऐसा आपके साथ भी कई बार हुआ होगा कि आपको कभी तेज शौच आया हो और आपको पब्लिक शौचालय न मिला हो, कई बार डायबिटीज जैसी बीमारी के मरीजों के लिए तो और भी बड़ी समस्या हो जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश के संविधान में आम आदमी को ये अधिकार दिया गया है कि अगर आपको किसी जगह पर पब्लिक शौचालय न मिल रहा हो तो आप किसी भी होटल, मॉल, रेस्टोरेंट या पांच सितारा होटल के शौचालय को इस्तेमाल कर सकते हैं.
संविधान में दिया गया है अधिकार
हमारे देश के संविधान में वैसे तो कई तरह के अधिकार दिए गए हैं लेकिन हमारे संविधान का आर्टिकल 152 में पब्लिक यूटिलिटी के बारे में बताया गया है. इसलिए हमारे देश में होटल रेस्टोरेंट व ढ़ाबा निजी संपत्ति होने के बाद भी सार्वजनिक सेवाओं में आते हैं. संविधान 152 कहती है कि किसी भी नागरिक को उपरोक्त सार्वजनिक स्थल पर लिंग, जाति, धर्म, भाषा, वेशभूषा या क्षेत्र के आधार पर प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है.
क्या कहते हैं वकील
इस बारे में हमने सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी दूबे से बात की तो वो कहते हैं कि इससे जुड़ा मामला लोअर कोर्ट में आया था, जिसमें कहा गया था कि जब ये स्थान पब्लिक यूटिलिटी में आते हैं तो इनके शौचालय को इस्तेमाल करने का अधिकार भी सभी को मिलना चाहिए. जिस पर कोर्ट ने सहमति जताई थी. बाद में इसे हाईकोर्ट में भी ग्रीन सिग्नल मिल गया था.वो कहते हैं कि पब्लिक यूटिलिटी क्षेत्र में आने के कारण कोई भी आदमी इनके शौचालय का इस्तेमाल कर सकता है.
कई तरीके के मरीजों को होती है बड़ी परेशानी
ऐसा अक्सर देखा जाता है कि कई तरह के मरीज जैसे डायबिटीज और प्रोस्टेट की समस्या से जुड़े मरीज जिन्हें बार-बार शौच जाना पड़ता है तो उनके लिए ये बड़ी समस्या हो जाती है. कई बार पब्लिक शौचालय नहीं मिलने के बावजूद उनकी स्थिति और गंभीर हो जाती है ऐसे में अगर आप भी इस तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं तो आप होटल, रेस्टोरेंट या पांच सितारा होटल के शौचालय का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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