केवल 80 मिनट में Delhi Airport से पहुंचें Noida Airport, सरकार बनाएगी ये प्रोजेक्ट!

NCRTC (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) फिलहाल एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर काम कर रही है जिसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.

Last Modified:
Tuesday, 23 January, 2024
DELHI AIRPORT

नोएडा के जेवर में बनाये जा रहे एयरपोर्ट को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. हाल ही में पता चला है कि नोएडा में बनाये जा रहे इस एयरपोर्ट को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (Indira Gandhi International Airport) से कनेक्ट किया जाएगा और इसके लिए एक रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 16000 करोड़ रुपयों के बजट को मंजूरी भी दे दी गई है. 

4 सालों में पूरा हो जाएगा प्रोजेक्ट
ये रैपिड रेल कॉरिडोर दिल्ली एयरपोर्ट और नोएडा एयरपोर्ट को तो कनेक्ट करेगी ही साथ ही यह दिल्ली के अन्य इलाकों को भी आपस में कनेक्ट करेगी. NCRTC (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम) फिलहाल एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर काम कर रही है और इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड के नोडल अफसर शैलेन्द्र भाटिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि एक बार ये प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में लगभग 4 सालों जितना समय ही लगेगा. 

कब उड़ान भरेगी पहली फ्लाइट
इस रेल कॉरिडोर की बदौलत ग्रीनफील्ड को अपने एयरपोर्ट की तरफ लोगों को आकर्षित करने में काफी जबरदस्त बूस्ट मिलेगा और साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट पर इकट्ठा होने वाली भीड़ में भी कमी आएगी. नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट इस साल के अंत तक उड़ान भरेगी और इंडिगो (Indigo) एवं अकासा एयर (Akasa Air) के साथ फ्लाइट लॉन्च करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर भी कर लिए गए हैं. एक तरफ दिल्ली एयरपोर्ट जहां GMR ग्रुप (GMR Group) के द्वारा ऑपरेट किया जाता है, वहीं नोएडा एयरपोर्ट को ज्यूरिक एयरपोर्ट (Zurich Airport) नामक संस्था के द्वारा ऑपरेट किया जाएगा. 

कुछ ऐसा होगा रैपिड रेल प्रोजेक्ट
दुनिया भर के ऐसे देशों में जहां विभिन्न एयरपोर्ट मौजूद हैं, वहां हाई स्पीड रेल नेटवर्क भी मौजूद हैं ताकि यात्रियों को सुविधाजनक तरीके से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके. प्रस्तावित सुझाव के अनुसार नोएडा एयरपोर्ट को गाजियाबाद स्टेशन से जोड़ा जाएगा. आपको बता दें कि गाजियाबाद स्टेशन दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल परिवहन लाइन पर मौजूद है. यात्री दिल्ली-अलवर रैपिड रेल के माध्यम से सराय काले खान स्टेशन से यात्रा शुरू कर पायेंगे. आपको बता दें कि इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट और एयरोसिटी स्टेशन भी इसी लाइन पर बनाये जायेंगे.
 

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सरकारी तेल कंपनियों ने फ्यूल रेट्स किए अपडेट, जानें कीमत में अब क्या आया है बदलाव?

सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर पेट्रोल और डीजल के की कीमत को रिवाइज किया है. इसके बाद भी आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई है. 

Last Modified:
Monday, 22 July, 2024
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सोमवार यानी 22 जुलाई को सभी सरकारी तेल कंपनियों ने अपने पेट्रोल और डीजल की कीमत को रिवाइज कर दिया है. लेटेस्ट अपडेट के अनुसार आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. यानी देश भर के अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल और डीजल पुरानी कीमतों पर ही खरीदा जा सकेगा. तो आइए जानते हैं देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल क्या कीमत है? 

हर रोज सुबह 6 बजे रिवाइज होती है कीमत
ट्रांसपेरेंसी बनी रहे इसके लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें जून 2017 से सुबह 6 बजे रोजाना रिवाइज की जाती हैं. हर शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं, ऐसा राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले वैट (Value Added Tax) की वजह से होता है. कीमतों में होने वाले किसी भी बदलाव को सरकारी तेल कंपनियों की ऑफिशियल वेबसाइट पर सुबह 6 बजे के बाद चेक किया जा सकता है.

देश के प्रमुख चार शहरों में ये है कीमत
इंडियन ऑयल (Indian Oil) की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम 22 जुलाई 2024 को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये और डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 103.44 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 89.97 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 104.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.76 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.34 रुपये प्रति लीटर है.

जानिए इन बड़े शहरों में क्या है कीमत?
दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल की कीमत 94.83 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.96 रुपये प्रति लीटर है. ऐसे ही गुरुग्राम में पेट्रोल की कीमत 95.19 रुपये प्रति लीटर और डीजल 88.05 रुपये प्रति लीटर है. इसके अलावा बेंगलुरु में पेट्रोल 102.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल 88.94 रुपये प्रति लीटर, चंडीगढ़ में पेट्रोल 94.24 रुपये प्रति लीटर और डीजल 82.40 रुपये प्रति लीटर, हैदराबाद में पेट्रोल 107.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.65 रुपये प्रति लीटर, जयपुर में पेट्रोल 104.88 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.36 रुपये प्रति लीटर, पटना में पेट्रोल 105.18 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.04 रुपये प्रति लीटर है. 

पेट्रोल- डीजल की ताजा कीमत ऐसे करें चेक
1. अपने शहर में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट्स एक एसएमएस (SMS) के जरिए जान सकते हैं. 
2. इसके लिए फोन पर RSP स्पेस पेट्रोल पंप का डीलर कोड टाइप कर 9224992249 पर मैसेज भेज दीजिए.
3. मान लीजिए आपको नई दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमत का पता करना है, तो उसके लिए RSP 102072 को बताए गए नंबर पर मैसेज सेंड कर सकते हैं. 
4. आप अपने शहर के पेट्रोल पंप के डीलर कोड को इंडियन ऑयल की वेबसाइट से चेक कर सकते हैं.

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किसानों का कर्ज होगा माफ, ये राज्य सरकार बैंकों को देने जा रही 7 हजार करोड़ रुपये

तेलंगाना के लाखों किसान बैंकों के कर्ज तले डूबे हुए हैं. वहीं, अब तेलंगाना सरकार इन किसानों की मदद करेगी और खुद बैंकों को कर्ज की राशि का भुगतान करेगी. 

Last Modified:
Thursday, 18 July, 2024
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तेलंगाना (Telengana) के किसानों के लिए एक राहत की खबर सामने आई है. दरअसल, गुरुवार यानी 18 जुलाई 2024 को तेलंगाना सरकार राज्य के किसानों को हजारों करोड़ रुपये के कर्ज से मुक्त करने वाली है. राज्य सरकार इसके लिए आज शाम को 7000 करोड़ रुपये की राशि बैंकों को सौंपने जा रही है. यह राशि उन बैंकों को दी जाएगी, जिनसे किसानों ने कर्ज लिया था. तो आइए जानते हैं सरकार ने ये कदम क्यों उठाया और इस राशि से कितने किसानों का कर्ज माफ होगा?

सरकार ने 70 लाख किसानों का लोन चुकाएगी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तेलंगाना सरकार 70 लाख किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक के कृषि लोन का भुगतान करेगी. 1 लाख रुपये तक के लोन के लिए 7,000 करोड़ रुपये गुरुवार को खातों में जमा होंगे. 1.5 लाख रुपये तक के फसली लोन जुलाई के अंत तक और शेष अगस्त तक माफ कर दिए जाएंगे.

लाखों किसानों को कर्ज से उबरने में मिलेगी मदद 

तेलंगाना राज्य में कुल 90 लाख राशन कार्ड हैं. हालांकि बैंक से कर्ज वाले किसान खातों की संख्या केवल 70 लाख है. राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) ने स्पष्ट किया कि 6.36 लाख किसान जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं और उन्होंने कृषि लोन लिया है, तो वे भी कृषि लोन माफी लाभ उठाने के पात्र हैं. सरकार के अनुसार यह योजना उन किसानों को बड़ी राहत देगी, जो फसल खराब होने और बाजार में कम कीमतों जैसी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं. इससे उन्हें अपने कर्ज से उबरने और अपनी आजीविका में सुधार करने में मदद मिलेगी.

सरकार ने ये किया था वादा

तेलंगाना सरकार ने किसानों से जो कृषि लोन माफ करने का वादा किया था, जिसे अब वह निभाने जा रही है. दरअसल, तेलंगाना सरकार ने किसानों से  यह वादा चुनाव के दौरान किया था. राज्य के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने पहले घोषणा की थी कि सरकार 15 अगस्त तक 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर देगी. इसकी शुरुआत आज से हो रही है. आज जिन किसानों का कर्ज माफ होना है, उनके खातों में 1 लाख रुपये तक की कर्ज माफी की रकम जमा कर दी जाएगी. यह ऋण माफी रायथु वेदिकाज ‘Rythu Vedikas’ योजना के तहत हो रही है.

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हरियाणा सरकार का अग्नीवीरों को तोहफा, पुलिस सहित ग्रुप C और D की भर्ती में मिलेगा आरक्षण

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत आने वाले अग्निवारों को आर्म्स लाइसेंस देने के साथ सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की घोषणा की है. 

Last Modified:
Wednesday, 17 July, 2024
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हरियाणा में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनावी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. इस बीच बुधवार को हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक बड़ी घोषणा की है. इस घोषणा के बाद अग्निवीरों को हरियाणा सरकार में कई फायदे मिलने वाले हैं. इसे लेकर नायब सिंह ने अपने ऑफिशिलय एक्स (X) हैंडल पर एक पोस्ट भी शेयर की है. तो आइए जानते हैं हरियाणा में अग्निवीरों को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं?

पुलिस सहित कई पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण 
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस सहित कई पदों पर अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की ओर से 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना लागू की गई. इस योजना के तहत अग्निवीरों को 4 साल के लिए भारतीय सेना में तैनात किया जाता है. वहीं, अब हरियाणा सरकार की ओर से अग्निवीरों को पुलिस भर्ती और माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और SPO के पदों पर सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. 

अग्निवीरों को बिना ब्याज के मिलेगा लोन
मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि अपना काम शुरू करने वाले अग्निवीरों को 5 लाख रुपये तक बिना ब्याज के लोन भी दिया जाएगा. इसके अलावा अग्निवीर को 30 हजार तक की सैलरी देने वाले औद्योगिक उपक्रमों को 60 हजार वार्षिक की सब्सिडी भी दी जाएगी. यही नहीं अग्निवीरों को आर्म्स लाइसेंस भी दिया जाएगा. 

इन पदों पर भर्ती में 5 प्रतिशत आरक्षण व आयु सीमा में छूट
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा राज्य में ग्रुप C और D के पदों पर भर्ती में भी अग्निवीरों को आयु सीमा में भी 3 साल की छूट दी जाएगी. इसके अलावा ग्रुप C की भर्ती में 5  प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा. सीएम सैनी ने कहा कि कांग्रेस अग्निवीर योजना को लेकर लगातार दुष्प्रचार कर रही है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत अच्छी योजना है. इस योजना के जरिए हमें स्किल्ड युवा मिल रहे हैं.

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SBI ने अपने ग्राहकों को दिया जोर का झटका, महंगे किए लोन, अब चुकानी होगी ज्यादा EMI

SBI ने चुनिंदा अवधियों पर अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की है. इससे लोन महंगे हो जाएंगे.

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Monday, 15 July, 2024
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भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. बैंक ने चुनिंदा अवधियों पर अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड कर्ज की दरों (MCLR) में 10 आधार अंक यानी 0.10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. इससे लोन ऑटो व पर्सनल लोन समेत अन्य कर्ज महंगे हो जाएंगे. साथ ही लोगों को अब ईएमआई ज्यादा चुकानी पड़ेगी. नई दरें 15 जुलाई, 2024 यानी सोमवार से लागू हो गई हैं. SBI ने छह महीने, एक साल और दो साल की अवधि के लिए MCLR में 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है.

अब ये होगी MCLR रेट

अब एसबीआई की बेस लैंडिग रेट MCLR अब 8.10 से 9 फीसदी तक है. ओवरनाइट MCLR रेट 8.20 फीसदी हो गई है. SBI ने MCLR में 0.05 फीसदी से लेकर 0.10 फीसदी तक रेट बढ़ाया है. MCLR का सीधा असर आपके होम और कार लोन की EMI पर होता है. MCLR की दरें बढ़ने से नया लोन महंगा हो जाता है. साथ ही आपके होम और कार लोन की EMI बढ़ जाती है.

बढ़ जाएगा EMI का बोझ

एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. ग्राहकों की संख्या के लिहाज से एसबीआई अभी भी अन्य सभी बैंकों से काफी आगे है. एसबीआई के द्वारा एमसीएलआर में बढ़ोतरी करने से उसके विभिन्न लोन प्रोडक्ट महंगे हो सकते हैं. उसके चलते लाखों ग्राहकों के ऊपर ब्याज का बोझ बढ़ सकता है और उन्हें ज्यादा ईएमआई का भुगतान करना पड़ सकता है.

SBI ने की इन दरों में बढ़ोतरी:

•    एक महीने के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 5 बीपीएस बढ़ाकर 8.35 फीसदी किया गया.
•    तीन महीने के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.4 फीसदी किया गया.
•    छह महीने के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.75 फीसदी किया गया.
•    एक साल के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.85 फीसदी किया गया.
•    दो साल के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.95 फीसदी किया गया.
•    तीन साल के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 5 बीपीएस बढ़ाकर 9 फीसदी किया गया.

होम लोन वाले ग्राहकों को राहत

एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स वे दरें होती हैं, जिनसे कम पर बैंक ब्याज ऑफर नहीं करते हैं. यानी बैंकों के द्वारा दिए जाने वाले कर्ज उत्पाद की ब्याज दरें संबंधित टेन्योर की एमसीएलआर दरों से ज्यादा होती हैं. हालांकि राहत की बात है कि एमसीएलआर बढ़ने से एसबीआई के होम लोन ग्राहकों पर असर नहीं पड़ेगा. एसबीआई के होम लोन की ब्याज दरें एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स पर बेस्ड होती हैं. एसबीआई ने फिलहाल ईबीएलआर में कोई बदलाव नहीं किया है.

क्या होता है एमसीएलआर?

एमसीएलआर (MCLR) को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट कहते हैं. यह वह न्यूनतम उधार दर है जिसके नीचे बैंक किसी को उधार नहीं दे सकते हैं. MCLR का सीधा असर आपके पर्सनल और ऑटो लोन की EMI पर होता है. MCLR बढ़ने से नया लोन महंगा हो जाता है. साथ ही आपकी मौजूदा लोन की ईएमआई भी बढ़ जाती है.
 


गांव में स्टार्टअप खोलने का सुनहरा मौका, सरकार ने तैयार किया 750 करोड़ रुपए का फंड

केंद्र सरकार ने एक विशेष सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 750 करोड़ रुपए का स्पेशल फंड भी बनाया है.

Last Modified:
Monday, 15 July, 2024
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क्या आप गांव में रहते हैं या देश के कृषि सेक्टर में काम करना चाहते हैं. तो आपके लिए एक खुशखबरी है. दरअसल, अब आप गांव में रहकर अपना स्टार्टअप खोल सकते हैं और इसमें सरकार आपकी मदद करेगी. सरकार एक विशेष सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए  स्टार्टअप्स को फंड देकर सहायता पहुंचाएगी. इसके लिए सरकार ने 750 करोड़ रुपए का एक फंड तैयार किया है. तो आइए जानते हैं सरकार इस सेक्टर में ये फंड लगाने जा रही है और इससे आपको कैसे फायदा होगा?

कृषि क्षेत्र में इनोवेशन और स्टेबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा 
देश में कृषि सेक्टर में काम करने वाले एंटरप्रेन्योर्स की मदद के लिए सरकार ‘AgriSURE’ नाम का एक फंड बनाया है. इसे ‘स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमों के लिए कृषि कोष’ कहा जाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य 750 करोड़ रुपये के फंड के जरिए भारत के कृषि क्षेत्र में इनोवेशन और स्टेबिलिटी को बढ़ावा देना है.

ऐसे मिलेगी मदद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस फंड से सरकार गांव, कृषि और इनसे जुड़े उद्योगों में निवेश करेगी. सरकार विशेष तौर पर कृषि और इससे संबद्ध सेक्टर्स में काम करने वाले स्टार्टअप को लोन के साथ इक्विटी सपोर्ट भी देगी. 

एग्री सेक्टर का जोखिम होगा कम

यह फंड उद्यमों को इक्विटी और लोन दोनों तरह का समर्थन देगा. विशेष तौर पर एग्री वैल्यू चेन में ये रिस्क को कम भी करेगा. साथ ही हाई इंपैक्ट क्रिएट करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देगा. इस संबंध हाल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वित्तीय संस्थानों, निवेशकों, एआईएफ प्रबंधकों और कृषि स्टार्टअप सहित प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया.

कृषि सेक्टर के विकास पर ध्यान दे रही सरकार

आपको बता दें, सरकार देश में कृषि सेक्टर के विकास पर खासा ध्यान दे रही है. किसानों की आर्थिक मदद के लिए सरकार पीएम किसान सम्मान निधि नाम से एक योजना चलाती है, जिसमें उन्हें सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. इतना ही नहीं सरकार उर्वरक पर बड़ी मात्रा में सब्सिडी देती है, वहीं किसानों को रियायती दाम पर बिजली और अन्य सुविधाएं देने का काम भी सरकार करती है.

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महंगाई की एक और खबर आई सामने, अब इसके लिए करनी होगी ज्यादा जेब ढीली

महंगाई का मौसम बीतने का नाम ही नहीं ले रहा है. हर थोड़े दिन में कुछ न कुछ महंगा होने की खबर सामने आ ही जाती है.

Last Modified:
Monday, 15 July, 2024
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मानसून के मौसम में महंगाई से जुड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं. अब बाहर से खाना मंगाना भी महंगा हो गया है. ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो और स्विगी ने अपने प्लेटफॉर्म चार्ज में 20% का इजाफा किया है. अब दोनों कंपनियां के ग्राहकों को प्रत्येक ऑर्डर पर 6 रुपए प्लेटफॉर्म फीस का भुगतान करना होगा. यह पहली बार नहीं है जब इन कंपनियों ने प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया हो, इससे पहले भी दोनों इसी तरह ग्राहकों पर बोझ डाल चुकी हैं. 

पहले इतनी थी फीस
जोमैटो और स्विगी ने प्लेटफॉर्म फीस में मौजूदा बढ़ोत्तरी बेंगलुरु और दिल्ली जैसे प्रमुख मार्केट्स के लिए की है. करीब 3 महीने पहले भी दोनों कंपनियों ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 5 रुपए कर दी थी. दरअसल, दोनों कंपनियां मुनाफा बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं. इसलिए प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा किया जा रहा है. जोमैटो और स्विगी ने पिछले साल से प्लेटफॉर्म फीस लेना शुरू किया था. शुरुआत में दोनों कंपनियां 2 रुपए प्लेटफॉर्म फीस वसूलती थीं. बाद में दोनों ने इसे बढ़ाकर 3 रुपए, फिर 4, फिर पांच और अब छह रुपए कर दिया है. 

जल्द आएगा आईपीओ 
फूड डिलीवरी कंपनी Zomato और Swiggy के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने की जंग हमेशा से रही है. इसलिए कंपनियां लगातार अपनी रणनीति में बदलाव करती रही हैं .जोमैटो शेयर बाजार में लिस्ट है जबकि स्विगी इसकी तैयारी में जुटी है.  स्विगी को कुछ महीने पहले ही  1.2 अरब डॉलर का IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग लाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिली है. स्विगी ने IPO के तहत नए शेयरों को जारी करके 3,750 करोड़ और ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए 6,664 करोड़ रुपए बाजार से जुटाने की योजना बनाई है. 

बदलना पड़ा है नाम 
कुछ वक्त पहले ही Swiggy ने अपना नाम बदला है. वो अब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बन गई है. इससे पहले फरवरी में बेंगलुरु स्थित इस कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड नाम बंडल टेक्नोलॉजीज (Bundl Technologies Pvt Ltd ) से बदलकर स्विगी प्राइवेट लिमिटेड (Swiggy Pvt Ltd) किया था. स्विगी ने ऐसा इसलिए किया था ताकि कंपनी के कॉर्पोरेट नाम को पहचान स्थापित करने में मदद मिल सके. दरअसल, स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने की इच्छा रखने वाली किसी भी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तित होना पड़ता है, ये एक आवश्यक प्रक्रिया है. इसी के मद्देनजर स्विगी ने अपना नाम बदला था. 
 


दिल्ली मेट्रो ने IRCTC से मिलाया हाथ! अब 4 दिन तक वैलिड रहेगा मेट्रो टिकट

दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन DMRC ने IRCTC के साथ एक डील की है. ऐसे में अब आपको ट्रेन टिकट की तरह घर बैठे मेट्रो का टिकट बुक करने की भी सुविधा मिलेगी. 

Last Modified:
Friday, 12 July, 2024
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अगर आप भी दिल्ली मेट्रो से सफर करते हैं, तो ये खबर आपके काम की है. दरअसल, अब आपको ट्रेन की टिकट की तरह ही घर बैठे दिल्ली मेट्रो का टिकट भी बुक करने की सुविधा भी मिलेगी. वहीं, आपका टिकट अब 24 घंटे के लिए नहीं पूरे 4 दिन तक के लिए वैलिड रहेगा. इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने  इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स के साथ हाथ मिलाया है. तो आइये जानते हैं आप कैसे और कहां से मेट्रो का टिकट बुक कर सकते हैं?

इस ऐप से बुक कर सकेंगे मेट्रो का टिकट
आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप से अब आप रेल के अलावा मेट्रो टिकट की भी एडवांस बुकिंग कर सकेंगे. वन इंडिया, वन टिकट को बढ़ावा देने के लिए आईसीटीसी, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स ने हाथ मिलाया है. 

इतने दिन तक वैलिड रहेगा टिकट 
जिस तरह आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ट्रेन रिजर्वेशन के लिए आपको 4 महीने यानी 120 दिन की एडवांस टिकट बुकिंग की सुविधा मिलती है. उसी तरह से अब आपको मेट्रो से भी सफर करने के लिए 120 दिन पहले एडवांस बुकिंग फैसिलिटी मिलेगी. एक बार लिया हुआ टिकट 4 दिन के लिए वैलिड भी रहेगा. जबकि अभी मेट्रो टिकट की वैलिडिटी भी सिर्फ एक दिन की होती है. मेट्रो का टिकट यात्रा की तय तारीख से 2 दिन पहले और दो दिन बाद तक वेलिड रहेगा. यानी जल्दी या लेट पहुंचने पर भी आपका पैसा बर्बाद होगा और आप मेट्रो के उसी टिकट से यात्रा कर सकेंगे. 

टिकट कैंसिल कराने की भी सुविधा
जिस तरह आपको ट्रेन का टिकट कैंसल कराने का विकल्प मिलता है, ऐसे ही आप मेट्रो का टिकट भी कैंसिल करा सकते हैं. अगर आपको कोई जरूरी काम आ गया या उस दिन कहीं दूसरी जगह जाने का प्यान बन गया तो आप उस मेट्रो टिकट को कैंसिल भी करा सकते हैं. आपको पैसे रिफंड मिल जाएंगे. 

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ऐसे बुक कर सकते हैं टिकट
मेट्रो की टिकट आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट और ऐप के जरिए बुक कर सकेंगे. आईआरसीटीसी से मेट्रो रेल के लिए टिकटों की बुकिंग के लिए दिल्ली मेट्रो रेल के बुकिंग सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे. क्यूआर कोड वाला मेट्रो टिकट बुक कराया जाएगा, क्यूआर कोड ट्रेन के टिकट पर प्रिंट होकर आएंगे. लोग चाहे तो उसका प्रिंटआउट निकाकर अपने पास रखें या फिर फोन में स्क्रीन शॉट लेकर इसका इस्तेमाल कर सकेंगे.

इन लोगों को मिलेगी सुविधा
मेट्रो टिकटों की बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी के मोबाइल ऐप का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है. फिलहाल ये सिर्फ एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले फोन पर चलेगा. आईफोन यूजर्स को अभी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए और इंतजार करना होगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 4 महीने की ट्रायल के बाद इसमें जरूरी बदलावों के साथ फुल वर्जन में लॉन्च किया जाएगा. मेट्रो टिकटों की एडवांस बुकिंग से मेट्रो स्टेशनों पर टिकट विंडो के बाहर लगने वाली भीड़ से राहत मिलेगी.

 


दिल्ली में बढ़ी PUC की फीस, मोटरसाइकिल हो या कार, अब देना होगा इतना चार्ज

दिल्ली सरकार ने वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC सर्टिफिकेट) की फीस को बढ़ा दिया है. प्रदूषण की जांच दरों में ये 13 साल बाद किया गया है.  

Last Modified:
Thursday, 11 July, 2024
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अगर आप दिल्ली में रहते हैं और आपके पास मोटरसाइकिल, ऑटो या कार है, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. दरअसल, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC Certificate) की फीस बढ़ा दी है. इसका मतलब अब आपको पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. आपको बता दें, प्रदूषण जांच की दरों में ये संशोधन दिल्ली सरकार ने 13 साल बाद किया है. तो आइए जानते हैं अब आपको पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए कितने पैसे देने होंगे?

इतनी देनी होगी फीस

प्रदूषण जांच दरों में संशोधन के बाद पेट्रोल, सीएनजी या एलपीजी दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए नए संशोधित दर 80 रुपये होंगे. पेट्रोल, सीएनजी या एलपीजी चार पहिया वाहनों और उससे ऊपर के वाहनों के लिए 110 रुपये निर्धारित किए गए. वहीं, डीजल से चलने वाले वाहनों की प्रदूषण जांच दर 140 रुपये तय की गई. आपको बता दें, इससे पहले दो या तीन पहिया वाहनों के लिए 60 रुपये फीस थी, यानी इसमें 20 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. चार पहिया वाहनों के लिए पहले फीस 80 थी, जिसमें 30 रुपये बढ़ाए गए हैं. वहीं डीजल वाहनों के लिए पहले 100 रुपये फीस थी, इसमें 40 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. 

दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन लंबे समय से कर रहा था मांग

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन की लंबे समय से लंबित मांगों के मद्देनजर और प्रदूषण जांच सेवाओं की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन दरों में संशोधन करने का निर्णय लिया है. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने और सभी वाहन आवश्यक प्रदूषण मानकों को पूरा करें, इसके लिए प्रतिबद्ध है. 

इसलिए जरूरी है पीयूसी सर्टिफिकेट 
दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने के लिए समय समय पर पीयूसी सर्टिफिकेट की जांच की जाती है. अगर किसी व्यक्ति के पास वैध पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होता, तो उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. यह सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण होता है कि गाड़ी मानक से ज्यादा प्रदूषण कर रही.  

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Citi Bank के कस्टमर्स दें ध्यान, बंद होने जा रही है ये सर्विस! जानें क्या होगा बदलाव?

एक्सिस बैंक ने FAQ जारी करते हुए कहा है कि वह सिटी बैंक के कस्टमर्स को कोई परेशानी नहीं होने देंगे. कार्ड का माइग्रेशन 15 जुलाई तक पूरा हो जाएगा.

Last Modified:
Thursday, 11 July, 2024
BWHindia

Citibank के ग्राहकों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. 12 जुलाई से ग्राहकों के लिए सिटीबैंक ऑनलाइन सर्विसेस बंद होने वाली है. प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक (Axis Bank) ने जानकारी दी है कि सिटी बैंक (Citibank) के क्रेडिट कार्ड का विलय 15 जुलाई तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद कस्टमर्स एक्सिस बैंक के अपने नए कार्ड से सभी लाभ उठा सकेंगे. एक्सिस बैंक ने इस प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों के जवाब (FAQ) अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए हैं ताकि कस्टमर्स को कोई दिक्कत न हो. एक्सिस बैंक ने कहा है कि जब तक कस्टमर्स को नए क्रेडिट कार्ड नहीं मिल जाते उनके सिटीबैंक के कार्ड काम करते रहेंगे.

नया कार्ड मिलने तक चलते रहेंगे मौजूदा कार्ड 

एक्सिस बैंक के अनुसार, 15 जुलाई के बाद भी नया कार्ड मिलने तक सिटी बैंक के मौजूदा कार्डों पर भी एक्सिस बैंक की ओर से मिलने वाले सभी बेनिफिट मिलते रहेंगे. कंज्यूमर बैंकिंग ग्राहक सिटीबैंक की तरफ से दी गई सेवाएं, ब्रांच, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और सिटी मोबाइल ऐप पहले की तरह ही इस्तेमाल करते रह सकते हैं. अब इन सभी सेवाओं की जिम्मेदारी एक्सिस बैंक ने उठाई हुई है और उसी की तरफ से तमाम ग्राहकों को सेवा दी जा रही है. भविष्य में कोई बदलाव आने पर आपको जानकारी दे दी जाएगी.

यूनिक कस्टमर आईडी का क्या होगा 

एक्सिस बैंक के अनुसार, उनके कस्टमर को यूनिक कस्टमर आईडी दी गई है. माइग्रेशन के बाद सभी सेवाएं इसी आईडी की मदद से उपलब्ध की जाएंगी. अगर आपके पास अभी तक यह आईडी नहीं है तो जल्द ही एसएमएस और ईमेल के जरिए इसकी सूचना आप तक पहुंचा दी जाएगी. एक्सिस बैंक ने जानकारी दी है कि माइग्रेशन के बाद आपको क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली सुविधाओं में ज्यादा बदलाव नहीं किए जाएंगे. उनकी कोशिश है कि सिटी बैंक द्वारा दी जा रही सुविधाएं आगे भी जारी रहें. क्रेडिट कार्ड लिमिट में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

सिटी बैंक अकाउंट और एप का क्या होगा 

सिटी बैंक के अकाउंट और एप का इस्तेमाल माइग्रेशन तक जारी रहेगा. इसके बाद आपको एक्सिस बैंक की इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल एप का इस्तेमाल करना होगा. इसके लिए आप सिटी कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं. बैंक ने अपनी वेबसाइट के जरिए जानकारी दी है कि आपको माइग्रेशन के लिए किसी तरह के डॉक्यूमेंट जमा नहीं करने होंगे. आपका सिटी बैंक कार्ड और अकाउंट अपने आप एक्सिस बैंक कार्ड और अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा.
 


महंगाई से नहीं मिलती दिख रही है राहत, अब 100 के पास पहुंचा टमाटर

हाल ही में क्रिसिल की ओर से जारी किए आंकड़ों के अनुसार जून में खाने पीने के दामों में इजाफा होने के कारण ऐसा हुआ है. 

Last Modified:
Wednesday, 10 July, 2024
BWHindia

एक ओर खाने पीने की चीजों की महंगाई तो दूसरी ओर सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी की थाली का स्‍वाद बिगाड़ दिया है. बाजार में 30 से 40 रुपये किलो तक मिलने वाली सभी सब्जियां 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रही हैं. लगभग हर सब्‍जी में काम आने वाले टमाटर के दाम तो 100 रुपये तक पहुंच गए हैं. मंडी कारोबारियों का कहना है कि अगर आवक नहीं सुधरी तो ये 100 का आंकड़ा भी पार कर सकता है. 

80 रुपये किलो तक बिक रहा है टमाटर 
महंगाई का सबसे ज्‍यादा असर टमाटर पर पड़ा है. मंडी में टमाटर की कम आवक के कारण दामों में इजाफा हो गया है. गाजीपुर मंडी से जुड़े मुन्‍ना चौहान बताते हैं कि अभी हालात ऐसे हैं कि बैंग्‍लोर से टमाटर आ रहा है और एक गाड़ी के लिए लिए 10 से 12 लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं. इसका मतलब ये हुआ कि एक कैरेट के लिए 1400 रुपये पर आढ़तियों को चुकाने पड़ रहे हैं. टमाटर जहां सामान्‍य कालोनियों में 80 रुपये किलो मिल रहा है वहीं दूसरी ओर सोसाइटियों में 100 रुपये किलो तक मिल रहा है. टमाटर की इस महंगाई ने आम आदमी का जायका बिगाड़ दिया है. 

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कब तक कम हो सकते हैं दाम 
टमाटर से लेकर दूसरी सब्जियों के दामों में बीते लंबे समय से इजाफा देखने को मिल रहा है. हालात ये हैं कि टमाटर तो 80 रुपये किलो तक बिक ही रहा है, शिमलामिर्च, बैंगन और तुरई जैसी सब्जियां भी 80 रुपये किलो तक बिक रही हैं. वहीं सवाल सबसे बड़ा ये है कि लंबे समय से महंगाई का सामना कर रहे आम आदमी को इससे राहत कब मिलेगी. गाजीपुर मंडी के अध्‍यक्ष रहे मुन्‍ना चौहान बताते है कि फिलहाल इससे कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. वो कहते हैंं कि अगले दो महीने तक सस्‍ता टमाटर नहीं आएगा. अभी आवक में उतना इजाफा नहीं हुआ है जितना डिमांड देखने को मिला रही है. जब तक नासिक से टमाटर नहीं आता है तब तक ऐसी ही महंगाई देखने को मिलेगी. यही नहीं जब तक पानी का असर थोड़ा कम नहीं होता है तब तक इसका असर कम होना मुश्किल नजर आता है. 

शाकाहारी थाली के दाम में हुआ इजाफा 
हाल ही में क्रिसिल की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश की शाकाहारी थाली में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और ये महंगी हो गई है. इसी तरह चिकन के दामों में कमी होने के कारण नॉन वेज थाली सस्‍ती हो गई थी. वेज थाली के महंगा होने के पीछे खाने पीने के सामान में हुई महंगाई जिम्‍मेदार है. विशेषतौर पर सब्जियों के दामों में हुआ इजाफा इसकी वजह है. यही नहीं देश में मानसून की बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं. उसके चलते भी माल नहीं आने के कारण दामों में इजाफा हो गया है.