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रेलवे ने दिया बड़ा झटका! ...तो 1 से 5 साल तक के बच्चे का भी देना होगा पूरा किराया
रेलवे ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः भारतीय रेलवे ने आम यात्रियों को धीरे से जोर का झटका दे दिया है. नए नियमों के हिसाब से अब पांच साल तक के बच्चे का भी पूरा टिकट लगेगा. ये पूरी तरह से ऑप्शनल होगा. आपको बता दें कि पहले पांच साल तक के बच्चे ट्रेन में मुफ्त सफर करते थे और 6-12 साल तक के बच्चों का हाफ टिकट लगता था. हालांकि अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है. अब अगर यात्रियों ने टिकट बुकिंग करते वक्त बच्चों के लिए अलग से बर्थ या सीट मांगी तो उनसे भी पूरा किराया वसूला जाएगा. हालांकि अगर यात्री ऐसा विकल्प नहीं लेते हैं तो फिर 1-5 साल तक के बच्चे पहले की तरह मुफ्त यात्रा करते रहेंगे. रेलवे ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है.
केवल एक साल तक के बच्चे कर सकेंगे मुफ्त यात्रा
रेलवे के नए सर्कुलर के अनुसार केवल 0-1 साल तक के बच्चे ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करने के अधिकारी होंगे. भारतीय रेलवे द्वारा 06.03.2020 को जारी सर्कुलर संख्या 12 के अनुसार, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यात्रा के लिए आरक्षण की आवश्यकता नहीं है और वे बिना टिकट के ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं. हालांकि, अब नए नियमों के हिसाब से अगर 1-4 साल के बच्चों के लिए अलग से बर्थ यात्री लेता है, तो टिकट बुक करके पूरे वयस्क किराए का भुगतान करना होगा. यह नियम 1-12 साल तक के सभी बच्चों पर लागू होगा.
लखनऊ मेल में जोड़ी थी चाइल्ड बर्थ
भारतीय रेलवे ने हाल ही में लखनऊ मेल के एसी थर्ड बोगी में बेबी बर्थ को जोड़ा, जिसे यात्रियों से बहुत सराहना मिली थी. रेलवे ने अब स्टेशनों पर आईआरसीटीसी और रेलवे रिजर्वेशन बूथों पर टिकट बुक करते समय पांच साल से कम उम्र के बच्चों को सीट देने की व्यवस्था लागू कर दी है. अभी तक केवल 5 से 11 साल के बच्चों के लिए टिकट की अनुमति थी.
टिकट बुक करते में मिलेंगे दो विकल्प
यात्रियों को अब बच्चों के साथ टिकट बुक करते समय दो विकल्प मिलेंगे. पहला है टिकट बर्थ के साथ और दूसरा है टिकट बिना बर्थ के साथ. अगर यात्री पहला विकल्प चुनते हैं और बच्चे की उम्र 1 से 5 साल के बीच है तो फिर यात्री से उस बर्थ का पूरा पैसा वसूला जाएगा. दूसरे विकल्प का इस्तेमाल करने पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लगेगा. यानि की बच्चे मुफ्त यात्रा कर सकेंगे.
जब 5 साल से कम उम्र के बच्चों की बात आती है, तो यात्री आरक्षण प्रणाली ने एक से पांच साल की उम्र के बच्चों के नाम भरने का विकल्प होता है. यात्री चाहे तो बच्चे का नाम दे सकते थे. अगर वो बच्चे का नाम नहीं देते हैं तो भी रिजर्व ट्रेन में वो मुफ्त यात्रा कर सकते हैं. अगर यात्री ने लिस्ट में बच्चे का नाम, उम्र और सीट का ऑप्शन चुना तो फिर उसके लिए रेलवे पूरा किराया वसूलेगी. फिलहाल शताब्दी व राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में, प्रयोग के तौर पर, रेलवे ने पूरी सीट अलग से लेने पर डायनेमिक फेयर के अनुसार ही 1से 5 साल तक के बच्चों पर पूरा चार्ज वसूलना शुरू कर दिया है.
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