आंखों देखा हाल: इटावा सफारी का LIVE रोमांच, सब भूल जाएंगे आप

शेर, भालू, तेंदुआ और हिरनों के बाड़े के अतिरिक्त यहां एक 4डी थियेटर भी बनाया गया है, जिसमें वन्य जीवन को बेहद करीब से देखा जा सकता है.

Last Modified:
Wednesday, 19 October, 2022
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जयशंकर गुप्त

सैफई में लोगों से मिलते-मिलाते दिन के दो-ढाई बज गए. निकलते समय उमेश यादव जी ने पूरा सैफई भ्रमण कराया. रास्ते में वह बताते जाते थे कि कहां क्या है. किसकी कोठी, कौन सा कॉलेज, संस्थान, मेला ग्राउंड कब किसने बनवाया. यह भी कि 10 अक्टूबर को सैफई को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलानेवाले नेताजी मुलायम सिंह यादव जी का पार्थिव शरीर कहां रखा गया था और कहां पर उनकी अंत्येष्टि संपन्न हुई थी.

प्रकृति की गोद में खो जाएंगे आप
रास्ते में गौरवशंकर ने इच्छा जाहिर की कि समय है तो इटावा (लॉयन) सफारी भी देख सकते हैं. वहां उनके जिला-जवार के परिचित मनंजय सेवारत हैं. फोन करने पर पता चला कि मनंजय कहीं बाहर हैं और चार बजे सफारी पार्क में मिल सकते हैं. बीच का समय उमेश जी के निवास पर कॉफी पीने में बिताकर हम लोग नियत समय पर सफारी पार्क पहुंच गए. पता चला कि मनंजय उमेश जी के भी करीबी परिचित हैं. बहुत ही मिलनसार प्रवृत्ति के मनंजय ने बड़े ही मनोयोग से सफारी पार्क का भ्रमण करवाया. वह हमारे लिए सारथी-गाइड की भूमिका में थे. हरे भरे घने जंगल के बीच प्रकृति की गोद में आकर बहुत ही नैसर्गिक सुखानुभूति हुई. दिल्ली जैसे महानगर के प्रदूषित माहौल से बाहर इतनी ताजी हवा, खुला और साफ आसमान मन को बहुत भा रहा था.

चंबल घाटी-बीहड़ों का हिस्सा
कभी चंबल घाटी-बीहड़ों का हिस्सा रहे (बगल में यमुना और चंबल नदियां बहती हैं) इस सफारी पार्क की परिकल्पना तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 2003-07 के अपने कार्यकाल में की थी, लेकिन उनकी इस स्वप्निल परियोजना पर काम 2012 में उनके पुत्र अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरू हुआ, जो उनके कार्यकाल में ही साकार भी हुई. बताया गया कि जब कभी अखिलेश सैफई में या आसपास होते हैं तो सपरिवार इस सफारी पार्क में विचरण करने जरूर आते हैं.

जब यहां जाएंगे तो आपको दिखेंगे 9 शावक
इसे पहले लॉयन सफारी पार्क के रूप में जाना जाता था. बाद में इसका नाम इटावा सफारी पार्क कर दिया गया. तकरीबन 350 हेक्टेयर में फैले इस सफारी पार्क की गणना आज एशिया के सबसे बड़े सफारी पार्कों में की जाती है. इस सफारी पार्क में चार तरह की सफारी करवाई जाती है, जिसमें लायन (सिंह-बब्बर शेर) सफारी, डियर (हिरन) सफारी, भालू सफारी और लेपर्ड (तेंदुआ) सफारी शामिल हैं. यहां शेरों का ब्रीडिंग सेंटर भी है. 2016 में गुजरात के गिर शेर अभयारण्य से दो शेर मनन और कान्हा तथा तीन शेरनियां-जेसिका, जेनिफर यहां लाकर बसाए गए थे. इटावा सफारी में पैदा हुए सभी 9 शावक मनन से पैदा हुए थे. इनमें पांच बब्बर शेर सुल्तान, सिम्बा, बाहुबली, भरत, केसरी और चार शेरनी रूपा, सोना, गार्गी और नीरजा हैं. इनमें से आठ शावकों को जेसिका और एक शावक को जेनिफर ने जन्म दिया था.

4डी थियेटर भी है यहां
शेर, भालू, तेंदुआ और हिरनों के बाड़े के अतिरिक्त यहां एक 4डी थियेटर भी बनाया गया है, जिसमें वन्य जीवन को बेहद करीब से देखा जा सकता है. बजट के अभाव में अभी यह बंद पड़ा है. इटावा सफारी पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार पर सीमेंट और कंक्रीट से किले के खंडहर की शक्ल देकर शेर तथा अन्य वन्य जीवों की जीवंत  मूर्तियां सजाकर रखी गई हैं. पास जाने पर लगता है कि ये मूर्तियां हरकत में आ जाएंगी. 4डी थियेटर के पास ही 1971 के भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध में दुश्मनों को धूल चटानेवाले दो विजयंत टैंक और स्टीम लोकोमोटिव भी रखे गए हैं. इस सफारी पार्क में वन विभाग की गाड़ियों के साथ ही अपने वाहनों से भी सैर की जा सकती है. उसके लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हैं. हम लोग हेमंत की किया कार से ही सफारी पार्क में घूमने निकले. सारथी-गाइड के रूप में मनंजय तो थे ही.

पुरुष काले हिरन से यहां जरा बचकर रहें
सबसे पहले हम लोग हिरन सफारी देखने गए. खुले में पास ही सड़क पर और जंगल में भी विचर रहे हिरनों को देख उत्सुकता हुई कि इनकी पृष्ठभूमि में तस्वीरें ली जाएं लेकिन बगल में ही पुरुष काले हिरन को देख मनंजय ने मना कर दिया. उसने बताया कि यह हिंसक होकर सींग मार सकता है. कार में बैठे ही तस्वीरें ली गईं. बाकी हिरन दूर भाग गए. एक जगह बारहसिंगा और सांभर प्रजाति के हिरन भी दिखे. हम लोग काले भालू के बाड़े के पास भी गए. दो भालू मस्ती के साथ पड़े थे. इसके बाद हम लोग आदमखोर तेंदुआ के बाड़े के पास गए. बाड़े में रखे दो तेंदुओं-लकी और ऋचा के बारे में बताया गया कि इन दोनों ने कई लोगों को मार खाया है. समय उनके भोजन का भी हो चला था. बगल के बाड़े में उनके लिए भैंसे का मांस रखा हुआ था.

खूंखार तेंदुओं की आक्रामकता
खूंखार तेंदुओं की आक्रामकता का अंदाज हम लोग उनकी डरावनी दहाड़ से भी लगा सकते थे. तस्वीर खींचने-खिंचवाने के क्रम में हम बाड़े के थोड़ा और करीब पहुंच गए थे. तभी ऊपर बैठा एक तेंदुआ दहाड़ के साथ कूदा. हमें किसी ने परे हटा लिया और बताया कि अंदर बाड़े से हाथ बाहर निकालकर यह झपट्टा मार सकता है. शरीर का जो भी हिस्सा उसकी जद में आया, वह उसका भोजन बन सकता है. हम सहम से गए. सबसे बाद में हम लोग बब्बर शेरों के बाड़े में गए. अभी यहां कुल 18 शेर हैं. वहां एक शेर तो आराम की मुद्रा में लेटा पड़ा था, जबकि एक शेर चहलकदमी कर रहा था. बगल के बाड़े में कुछ शावक अठखेलियां करते नजर आए. बताया गया कि जेसिका बगल में कहीं अपने छोटे शावकों को पाल रही है.

जब अचानक आई सर्पीली सड़क, दुबई की आ गई याद
सर्पीली सड़क पर एक जगह तो मनंजय के बहुत तेज रफ्तार से कार चलाते समय दुबई के डेजर्ट सफारी में रेत के टीबों पर खतरनाक ढंग से चढ़ती-उतरती कार गाड़ियों सा एहसास भी हुआ. सड़क पर ढलान कहीं बहुत नीचे थी तो चढ़ान उसी अनुपात में ऊंची. हेमंत को एकबारगी तो लगा कि जैसे रास्ते में पास कोई खतरनाक जानवर आ गया हो और उससे बचने के लिए गाड़ी तेज रफ्तार से भगा रहे हैं. इसका जिक्र भी उसने किया, लेकिन हंसते हुए मनंजय ने कहा कि वह हम लोगों को सड़क पर झूले का आनंद भी दिलाना चाहते थे. रास्ते में सड़क पर और उसके किनारे भी बड़ी मात्रा में तीतर (पक्षी) दिख रहे थे. मनंजय ने बताया कि यह सब संरक्षित सूची में हैं. इन्हें मारने या पकड़ने की सजा के तौर पर भारी जुर्माना लगता है.

इटावा (लॉयन) सफारी के नैसर्गिक पर्यावास से निकलने का मन तो कतई नहीं हो रहा था, लेकिन शाम हो रही थी और हमें दिल्ली के लिए वापस निकलना भी था. हम जब बाहर निकल रहे थे उस समय भी पर्यटक बड़ी संख्या में सफारी पार्क में घूमने जाने के लिए वन विभाग के बंद वाहन की प्रतीक्षा में थे. पर्यटकों की इस भीड़ के बारे में पता चला कि भीड़ का बड़ा हिस्सा नेताजी, मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए सैफई आने वालों तथा यूपी पेट (PET) की परीक्षा देने आए लोगों का है.

आम दिनों में पर्यटकों की संख्या बहुत अधिक नहीं रहती. इसका एक कारण अखिलेश यादव की सरकार जाने के बाद इटावा सफारी पार्क की शुरू हुई उपेक्षा और सरकारी बजट में कटौती भी है. हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी इटावा सफारी पार्क के रख-रखाव, प्रचार-प्रसार और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी लेकिन ऐसा कुछ खास यहां देखने को नहीं मिला, अन्यथा आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल से कार से महज दो घंटे की 125-130 किमी. और लखनऊ हवाई अड्डे से तीन घंटे की 230 किमी की दूरी पर स्थित इस सफारी पार्क में दुनिया भर के वन्यजीव प्रेमी सैलानियों की बाढ़ सी आ सकती है. इटावा सफारी पार्क को बढ़ावा देने की गरज से आगरा-चंबल-इटावा सफारी टूरिज्म सर्किट शुरू करने की बात भी हुई थी लेकिन वह अखबारी सुर्खियों से सतह पर नहीं उतर सकी.


Oberoi Hotels & Resorts लंदन के मेफेयर में खोलेगा होटल, 2027 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा 267,000 वर्ग फीट का संयुक्त उपक्रम है, जिसे ग्रोसवेनर और मित्सुई फुडोसन यूके द्वारा विकसित किया जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 21 December, 2024
Last Modified:
Saturday, 21 December, 2024
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ग्रोसवेनर और EIH लंदन इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने आज घोषणा की है कि लंदन के प्रसिद्ध मेफेयर इलाके के साउथ मोल्टन में भारतीय लक्ज़री होस्पिटैलिटी ग्रुप ओबेरॉय का पहला होटल खुलेगा. यह होटल ब्रूक स्ट्रीट पर 40-46 नंबर पर स्थित होगा और मेफेयर का सबसे प्रीमियम लक्ज़री बुटीक होटल बनने की तैयारी में है. इसमें ओबेरॉय की खास डिजाइन, विश्वस्तरीय सेवा और बारीकियों पर ध्यान दिया जाएगा.  

क्या है होटल की खासियत?

ग्रोसवेनर ने इस इमारत के 33,000 वर्ग फीट के ऐतिहासिक ढांचे को 2022 में फिर से बनाने की योजना की अनुमति प्राप्त की थी. यह प्रोजेक्ट साउथ मोल्टन डेवलपमेंट का हिस्सा है, जो वेस्ट एंड का सबसे बड़ा मिक्स-यूज़ प्रोजेक्ट है. इसमें होटल, ऑफिस स्पेस, घर, कैफे, दुकानें, रेस्तरां, सामुदायिक और मनोरंजन क्षेत्र शामिल होंगे, जो नए रूप से सजाए गए सार्वजनिक स्थान में बनाए जाएंगे.  

इस प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा 267,000 वर्ग फीट का संयुक्त उपक्रम है, जिसे ग्रोसवेनर और मित्सुई फुडोसन यूके द्वारा विकसित किया जा रहा है. इसमें ब्रूक स्ट्रीट और डेविस स्ट्रीट पर दो अत्याधुनिक ऑफिस बिल्डिंग बनेंगी, जो प्रमुख कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर के लिए बेहतरीन विकल्प देंगी. साउथ मोल्टन मेफेयर के लिए एक नया प्रवेश द्वार बनेगा. इससे सालाना अनुमानित £6.5 मिलियन का खर्चा आकर्षित होगा, 1000 स्थायी नौकरियां और निर्माण चरण के दौरान 450 नौकरियां और अप्रेंटिसशिप के अवसर मिलेंगे.  निर्माण कार्य नवंबर 2023 में शुरू हुआ, और सभी चरण 2027 के अंत तक पूरे हो जाएंगे. 

अधिकारियों ने क्या कहा?

ग्रोसवेनर की इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट की कार्यकारी निदेशक रचेल डिकी ने कहा, "ओबेरॉय जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड का पहली बार यूके में मेफेयर के साउथ मोल्टन में आना हमारे प्रोजेक्ट के लिए बड़ी बात है. हम इस प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व देने के लिए उत्साहित हैं."  

ओबेरॉय ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अर्जुन ओबेरॉय ने कहा, "ग्रोसवेनर के साथ हमारी साझेदारी हमारी अंतरराष्ट्रीय वृद्धि में एक अहम कदम है. लंदन हमारे मेहमानों के लिए हमेशा खास बाजार रहा है. हम यहां अपनी खास सेवाएं लाने के लिए उत्साहित हैं." विक्रम ओबेरॉय ने इसके साथ ही कहा कि, "हम लंदन में, खासतौर पर मेफेयर जैसी प्रतिष्ठित जगह पर, अपनी शानदार सेवाएं लाने के लिए बेहद खुश हैं, यह प्रोजेक्ट हमारे ब्रांड की वैश्विक यात्रा का एक महत्वपूर्ण क्षण है."
 


UAE जाने वाले भारतीयों के लिए गुड न्यूज, अब वीजा की नहीं कोई जरूरत, ऐसे मिलेगी एंट्री

भारत और UAE के बीच मजबूत होते व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए, यह नीति दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाएगी.

Last Modified:
Friday, 18 October, 2024
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में दुबई समेत अन्य शहरों की यात्रा पर जाने वाले भारतीय नागरिकों को अब वीजा के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। भारतीय नागरिकों को अब वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलेगी. UAE में भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी कि भारतीय नागरिक और उनके परिवार के सदस्य, जिनके पास साधारण पासपोर्ट है, उन्हें UAE में प्रवेश के सभी बिंदुओं पर पहुंचने पर वीजा प्रदान किया जाएगा. यह वीजा 14 दिनों के लिए वैध होगा.

समान अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है वीज़ा

उच्चायोग ने बताया कि जिन भारतीय नागरिकों के पास अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के किसी देश की ओर से जारी कम से कम 6 महीने का वैध वीज़ा, निवास या ग्रीन कार्ड है, उसे यह सुविधा मिल सकती है. ऐसे नागरिक 14 दिनों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा का लाभ ले सकेंगे, जिसे जरूरत पड़ने पर समान अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है. UAE के कानून के मुताबिक, निर्धारित शुल्क देने पर 60 दिन का वीज़ा मिलेगा, जिसे बढ़ा नहीं सकते.

किन देशों में है वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा?

वर्तमान में भारत के नागरिकों को 57 देशों की यात्रा के लिए वीज़ा मुक्त या फिर वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है. जापान, दक्षिण कोरिया, UAE के अलावा फिजी, इंडोनेशिया, ईरान, जमाइका, जॉर्डन, नाइजीरिया और कतर में भारतीय नागरिकों को वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है. इसके अलावा, मलेशिया, थाइलैंड, नेपाल, भूटान, डोमिनिका, सर्बिया, अल्बानिया, जमैका, कंबोडिया, मालदीव, श्रीलंका, मॉरीशस, मेडागास्कर, तंजानिया, जिम्बाब्बे और ट्यूनीशिया जैसे देशों में वीज़ा मुक्त यात्रा कर सकते हैं.

मेन पॉइंट्स पर सुविधा

•    सुविधा: यात्रियों को पहले से वीजा के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती.
•    समय: एयरपोर्ट या सीमा पर वीजा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे यात्रा की योजना में कोई बाधा नहीं आती.
•    अवधि: अधिकतर देशों में वीज़ा-ऑन-अराइवल आमतौर पर सीमित अवधि के लिए होता है, जैसे 14 या 30 दिन.
•    पात्रता: कुछ देशों में केवल विशेष देशों के नागरिकों को यह सुविधा मिलती है, और इसके लिए निर्धारित शर्तें हो सकती हैं, जैसे पासपोर्ट की वैधता या अन्य वीजा धारित होना. इस तरह की सुविधा से यात्रा को सरल और सहज बनाने में मदद मिलती है.

क्या होता है वीज़ा-ऑन-अराइवल?

वीज़ा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival) एक प्रकार की वीजा सुविधा है, जिसके तहत यात्रियों को अपने गंतव्य देश में पहुँचने पर ही वीजा प्राप्त होता है. यह प्रक्रिया पारंपरिक वीजा आवेदन के मुकाबले अधिक सरल और तेज होती है.
 


इस मुल्क का दीदार होगा महंगा, टूरिज्म टैक्स के नाम पर आपकी जेब ढीली करेगी सरकार

आने वाले दिनों में आपको थाईलैंड घूमने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे, क्योंकि वहां टूरिज्म टैक्स लगने जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Friday, 20 September, 2024
Last Modified:
Friday, 20 September, 2024
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बड़ी संख्या में भारतीय टूरिस्ट हर साल थाईलैंड (Thailand) घूमने जाते हैं. आने वाले दिनों में यहां घूमने के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. दरअसल, थाईलैंड सरकार टूरिज्म टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. भारत सहित दुनियाभर से यहां आने वाले पर्यटकों को इस टैक्स का भुगतान करना होगा. थाईलैंड सरकार पहले भी इस तरह के कदम उठा चुकी है. इस कवायद का मकसद सरकारी खजाना भरना और देश के बुनियादे ढांचे को मजबूत करना है.

पहले भी थी ऐसी व्यवस्था
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थाईलैंड के पर्यटन मंत्री सोरावोंग थिएनथोंग ने टूरिस्ट टैक्स का ऐलान करते हुए बताया है कि पर्यटकों से 300 Thai Baht यानी करीब 756 रुपए का भुगतान करना होगा. थाईलैंड में पहले भी इस तरह के टैक्स की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बाद में उसे बंद कर दिया गया था. पर्यटन मंत्री का कहना है कि टूरिज्म से जुड़ी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए यह टैक्स लगाया जा रहा है.  

इस तरह देना होगा टैक्स
2022 में भी थाईलैंड कैबिनेट ने इस टैक्स को मंजूरी दी थी, लेकिन यह लागू नहीं हुआ था क्योंकि इसे रॉयल गजट में प्रकाशित नहीं किया गया था. प्रस्तावित योजना के तहत हवाई जहाज से थाईलैंड पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों को 300 Baht का भुगतान करना होगा. जबकि समुद्र और सड़क मार्ग से आने वालों से 150 Baht लिए जाएंगे. सरकार की तरफ से बताया गया है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए कोई टैक्स नहीं देना होगा. इसके अलावा, ट्रांजिट पैसेंजर, राजनयिक पासपोर्ट धारक और वर्क परमिट वालों की इस टैक्स से छूट रहेगी. 

इस पर भी विचार रही सरकार
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टूरिज्म टैक्स कब से वसूला जाएगा. इसे रॉयल गजट में प्रकाशित करने के बाद ही लागू किया जा सकता है. थाईलैंड के पर्यटन मंत्री सोरावोंग थिएनथोंग नह भी बताया कि मंत्रालय ऐसे सफल पर्यटन कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने पर भी विचार कर रहा है, जिन्हें कोरोना महामारी के चलते बंद कर दिया गया था. बता दें कि दुनिया के कई देशों में टूरिज्म टैक्स की व्यवस्था है. कुछ देशों में तो सैलानियों के लिए प्रति दिन के खर्चे की न्यूनतम राशि भी निर्धारित की गई है.


हजारों Apps की होगी छुट्टी! इस तारीख के बाद Google Play Store पर नहीं आएंगे नजर

गूगल (Google) प्ले स्टोर पर मौजूद हजारों ऐप्स को हटाने की तैयारी कर रहा है. इनमें कई ऐसे पॉपुलर ऐप्स भी शामिल हैं, जो लाखों की संख्या में डाउनलोड हैं. 

Last Modified:
Tuesday, 23 July, 2024
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एंड्रॉइड यूजर्स के लिए गूगल प्ले ऐप (Google Play App) को ज्यादा सिक्योर बनाने की दिशा में गूगल (Google) एक बड़ा एक्शन लेने जा रहा है. दरअसल, गूगल जल्द ही प्ले स्टोर (Play Store) से हजारों एंड्रॉइड ऐप्स की छुट्टी करने जा रहा है. तो आइए जानते हैं गूगल ये एक्शन क्यों और कब लेने जा रहा है? 

लो क्वॉलिटी और नॉन फंक्शनल ऐप्स होंगे बंद
ये सभी ऐप्स लो क्वॉलिटी और नॉन फंक्शन हैं. बता दें कि गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे ऐप्स मौजूद हैं, जो मौजूदा वक्त में काम नहीं कर रहे हैं. साथ ही कुछ ऐप बेहद खराब क्वॉलिटी में आते हैं, जिससे यूजर्स एक्सपीरिएंस खराब होता है. 

31 अगस्त है आखिरी तारीख
गूगल की ओर से ऐसे ऐप्स को हटाने के लिए 31 अगस्त 2024 की डेडलाइन तय की है. दरअसल कंपनी ने स्पैम और मिनिमम फंक्शनैलिटी पॉलिटी को अपडेट किया है, जिससे ऐप की क्वॉलिटी और उसके एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाया जा सके. गूगल की नई पॉलिसी में थोड़े कंटेंट और सही से डिजाइन न किए गए ऐप को हटाया जाएगा. 

इन ऐप्स पर होगा एक्शन
गूगल उन ऐप्स को हटाने जा रहा है, ऐप्स जो प्ले स्टोर पर अपनी स्पेसिफिक फंग्शनैलिटी को शोकेस नहीं कर रहे हैं. इनमें टेक्स्ट ओनली ऐप्स, सिंगल वॉलपेपर ऐप्स शामिल हैं.  इसके अलावा ऐसे ऐप्स जो यूजर को बेहतरीन यूजर एक्सपीरियंस देने में नाकामयाब रहे हों, उन पर भी नई पॉलिसी का असर देखने को मिलेगा. इन ऐप्स के खिलाफ शिकायत मिल चुकी है कि ये सही से इंस्टॉल नहीं होते हैं. साथ ही इंस्टॉल करने के साथ क्रैश हो जाते हैं.

साल 2023 में हटाए गए 2.28 ऐप्स
गूगल ने कहा है कि ऐप में स्टेबल, रेस्पांसिव और बेहतरीन यूजर एक्सपीरिएंस वाले होने चाहिए. कुल मिलाकर ऐप स्टोर पर लिस्टेड ऐप बेहतर क्वॉलिटी और यूजर एक्सपीरिएंस वाले होने चाहिए. इससे पहले गूगल ने साल 2023 में पॉलिसी उल्लंघन के आरोप में 22.8 लाख ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर प्लेटफॉर्म से हटा दिया था. साथ ही 200,000 ऐप्स के सब्समिशन को रद्द कर दिया था.

गूगल ने दिया 6 हफ्तों का वक्त
गूगल के नए एक्शन का असर कई पॉपुलर ऐप्स पर देखा जा सकता है, जिन्हें लाखों की संख्या में डाउनलोड किया गया है। गूगल ने डेवलपर्स को अपने ऐप स्टैंडर्ड बनाने के लिए 6 हफ्तों का वक्त दिया है, जिसके तहत ऐप को यूजर फ्रेंडली और सिक्योर बनाना होगा.


 


फजीहत के बाद एक्टिव हुई सरकार, देश में लागू हुआ एंटी-पेपर लीक कानून, देर रात अधिसूचना जारी

नीट एग्जाम को लेकर सरकार और उसकी एजेंसी NTA की आलोचना हो रही है. विपक्ष भी इस मुद्दे पर हमलावर है.

Last Modified:
Saturday, 22 June, 2024
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नीट पेपर लीक को लेकर हो रही फजीहत के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने शुक्रवार देर रात एंटी-पेपर लीक कानून - पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 की अधिसूचना जारी कर दी. इसी के साथ यह कानून पूरे देश में लागू हो गया है. अब पेपर लीक करने वालों को कड़ी सजा मिल सकेगी. यह कानून भर्ती परीक्षाओं में नकल सहित अन्य गड़ब​ड़ियां रोकने के लिए लाया गया है. बता दें कि NEET (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) को लेकर सरकार की लगातार फजीहत हो रही है. विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को निशाना बना रहा है. 

क्या है कानून में प्रावधान?
एंटी-पेपर लीक कानून के तहत पर्चा लीक करने या आंसर शीट से छेड़छाड़ पर कम से कम 3 साल जेल की सजा होगी. इसे 10 लाख तक के जुर्माने के साथ बढ़ाकर पांच साल किया जा सकता है. इसी तरह, परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त सर्विस प्रोवाइडर यदि दोषी पाया जाता है, तो उस पर 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है. इसी तरह, यदि सर्विस प्रोवाइडर अवैध गतिविधियों में लिप्त है, तो उससे परीक्षा की लागत वसूल की जाएगी. NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के बीच आए इस कानून से हालात कितने बदलेंगे ये देखने वाली बात होगी, लेकिन इससे सरकार कम से कम कुछ करती ज़रूर नजर आ रही है. 

कौनसे एग्जाम हैं दायरे में? 
पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 से पहले सरकार और जांच एजेंसियों के पास परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए अलग से कोई ठोस कानून नहीं था. बता दें कि इस कानून को 6 फरवरी को लोकसभा और 9 फरवरी को राज्यसभा से पारित किया गया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 फरवरी को बिल को मंजूरी देकर इसे कानून में बदल दिया था और अब सरकार ने अधिसूचना जारी करके इसे पूरे देश में लागू कर दिया है. इस कानून के दायरे में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाएं शामिल होंगी. साथ ही, केंद्र के सभी मंत्रालयों, विभागों की भर्ती परीक्षाएं भी नए कानून के दायरे में होंगी.  

NTA की भूमिका पर सवाल
मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली NEET परीक्षा में गड़बड़ी के चलते सरकार और उसकी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. नीट एक्स्जम स्कैम को लेकर हर रोज कोई न कोई जानकारी सामने आ रही है. ऐसे में यदि सरकार ने नए कानून की अधिसूचना जारी करके यह जताने का प्रयास किया है कि वो इस मुद्दे पर गंभीर है. NTA की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. बीते 9 दिन में NTA की तीन बड़ी परीक्षाएं रद्द या स्थगित हो चुकी हैं. नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की परीक्षा 12 जून को दोपहर में हुई थी. शाम को इसे रद्द कर दी. इसी तरह, UGC-NET की 18 जून को परीक्षा ली गई थी और 19 जून को रद्द कर दी गई. सीएसआईआर-यूजीसी-नेट का एग्जाम 25 जून से होना था, लेकिन इसे टाल दिया गया है.


इजरायल-मालदीव के झगड़े में लक्षद्वीप की चर्चा, भारत की यूं लगी लॉटरी  

इजरायल ने अपने नागरिकों से कहा है कि मालदीव जाने के बजाए भारत की खूबसूरती का दीदार करने जाएं.

Last Modified:
Monday, 03 June, 2024
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लक्षद्वीप (Lakshadweep) एक बार फिर से खबरों में आ गया है और वजह मालदीव (Maldives) ही है. हालांकि, फर्क यह है कि इस बार भारत और मालदीव में जुबानी जंग नहीं छिड़ी है. बल्कि पूरे मामले में इजरायल (Israel) की एंट्री हुई है. मालदीव और इजरायल की इस टशन से भारत को फायदा मिलना तय है. चलिए आपको विस्तार से समझाते हैं कि क्या हुआ है और क्यों इसका लाभ भारत की टूरिज्म इंडस्ट्री को मिल सकता है.     

मालदीव ने उठाया ये कदम 
मालदीव ने इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए यह ऐलान किया है कि उसके नागरिक मालदीव में प्रवेश नहीं कर सकते. हाल ही में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की तरफ से बताया गया था कि गाजा में इजरायली हमले के विरोध में मालदीव ने उसके नागरिकों की अपने देश में एंट्री बैन कर दी है. यानी इजरायल के लोग मालदीव की खूबसूरती का दीदार नहीं कर पाएंगे. अब इजरायल ने मालदीव को जवाब दिया है. और इस जवाब ने भारत के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है, साथ ही पिछले साल सुर्खियों में रहे लक्षद्वीप को फिर से खबरों में ला दिया है. 

इजरायल ने दिया ये जवाब 
इजरायल ने अपने नागरिकों को मालदीव न जाने की सलाह देते हुए भारत के टूरिस्ट डेस्टिनेशन को प्रमोट किया है. भारत में इजरायली दूतावास ने अपने देश के लोगों से मालदीव की जगह भारत आने की अपील की है. दूतावास ने एक सोशल मीडिया में पोस्ट इजरायल के लोगों से कहा है कि वो भारत के खूबसूरत समुद्र तटों के दीदार करने के लिए भारत आएं. साथ ही दूतावास ने भारत के खूबसूरत समुद्र तट वाले पर्यटन स्थलों की एक सूची भी जारी की है, जिसमें पहले नंबर पर लक्षद्वीप का नाम है.

भारत के इन स्थलों का जिक्र
इजरायली दूतावास ने X पर लिखा है मालदीव ने अब इजरायलियों के आने पर बैन लगा दिया है. लिहाजा, नीचे कुछ खूबसूरत और अद्भुत भारतीय समुद्र तटों की जानकारी दी गई है, जहां इजरायली पर्यटकों का खुले दिल से स्वागत होता है और आदर-सत्कार दिया जाता है. दूतावास ने भारत के जिन खूबसूरत समुद्र तट वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन की तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें सबसे पहले नंबर पर लक्षद्वीप है. इसके बाद गोवा, अंडमान- निकोबार द्वीप समूह और केरल के समुद्र तट शामिल हैं. भारत के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट हैं, किसी भी मायने में मालदीव से कम नहीं हैं.  

इस तरह मिलेगा हमें फायदा
मालदीव की इकॉनमी पूरी तरह से टूरिज्म पर निर्भर है. कुछ समय पहले तक वहां जाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की होती थी, लेकिन पिछले  हुई घटना के बाद से भारतीयों ने इस देश से दूरी बना ली है. इजरायल के कुछ मंत्रियों ने लक्षद्वीप सहित भारत के टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर सवाल उठाये थे और PM मोदी को लेकर भी टिप्पणी की थी. एक रिपोर्ट के अनुसार, मालदीव में हर साल दस लाख से अधिक पर्यटक आते हैं, जिसमें इजरायली टूरिस्ट की संख्या करीब 15,000 होती है. इजरायल और मालदीव के ताजा विवाद का फायदा भारत को मिल सकता है. क्योंकि इजरायल में रहने वाले ही नहीं, दूसरे देशों में रहने वाले मुल्क के नागरिक भी अब मालदीव जाने के बजाए भारत का रुख करेंगे.


शुरू होने वाली है चार धाम यात्रा, हेलीकॉप्टर बुकिंग लेकर सभी जरूरी डिटेल्स यहां जानिए

चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं, ऐसे में आप भी तुरंत आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. अब तक लाखों लोगों ने यात्रा के लिए अपना नाम दिया है.

Last Modified:
Friday, 03 May, 2024
BWHindia

देश में 10 मई से चारधाम की यात्रा शुरू होने वाली है. इस यात्रा को लेकर आम लोग काफी उत्साहित हैं. अगर आप भी चारधाम यात्रा के लिए टिकट बुक करना चाहते हैं तो IRCTC पर बुक कर सकते हैं. अभी तक करीब 18 लाख लोगों ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. लोगों के उत्साह को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने वीआईपी लोगों से शुरुआती 15 दिनों के दौरान यात्रा पर नहीं आने का अनुरोध किया ताकि आम श्रद्धालुओं को दर्शनों में किसी तरह की परेशानी न हो. इसके साथ हि यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर की सेवा दरें भी तय कर दी गई हैं.

इस लिंक पर करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

चार धाम यात्रा 2024 के लिए श्रद्धालु पंजीकरण करा रहे हैं. यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है तो registrationandtouristcare.uk.gov.in. पर जाकर कर सकते हैं. चारों धामों और हेमकुंड साहिब के लिए तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 18,73,242 पहुंच गया है. यह आंकड़े 15 अप्रैल से 2 मई तक के हैं. सबसे ज्यादा 6,51,193 लोगों ने केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण कराया है. उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, तीर्थयात्री हवाई और सड़क मार्ग से अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं. कुछ भक्त दो की धाम यात्रा करना चुनते हैं, जिसमें केवल केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा शामिल है.

हवाई सेवाएं कैसे बुक करें?

हेलीकॉप्टर बुकिंग से पहले आपको registrationtouristcare.uk.gov.in पर जाकर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद आप हेली सेवा के लिए टिकट बुक कर सकते हैं. श्रद्धालु IRCTC हैली यात्रा वेबसाइट www.heliyatra.irctc.co.in के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं. यहां विजिट करके श्रद्धालुओं को अपनी जानकारी देनी होगी, जिसमें अपना नाम, मोबाइल नंबर, ई मेल आईडी, राज्य का नाम भरकर पासवर्ड बनाएं और अकाउंट क्रिएट करें. इसके बाद लॉग इन करें और अन्य जानकारी भरें. अब यात्रा की तारीख और स्लॉट टाइम चुनें. आखिर में ओटीपी आएगा और इसके बाद आपको ऑनलाइन पेमेंट करना होगा. अंत में श्रद्धालुओं को अपना टिकट डाउनलोड करना होगा.

हेलीकाप्टर सेवा किराया

नागरिक उड्डयन विभाग गौचर से बद्रीनाथ तक एक तरफ का किराया 3,970 रुपये पर हेली-परिवहन सेवा शुरू कर रहा है. इन रुपयों में हेली उड़ानों की बुकिंग के लिए GST या IRCTC सुविधा शुल्क शामिल नहीं है, जिसका भुगतान अलग से करना होगा. 

गोविंदघाट से गौचर: 3,970 रुपये
गौचर से गोविंदघाट: 3,960 रुपये
गौचर से बद्रीनाथ: 3,960 रुपये
बद्रीनाथ से गौचर: 3,960 रुपये
बद्रीनाथ से गोविंदघाट: 1,320 रुपये
गोविंदघाट से बद्रीनाथ: 1,320 रुपये
गोविंदघाट से घांघरिया: 2,780 रुपये
घांघरिया से गोविंदघाट: 2,780 रुपये

यात्रा के लिए हेल्पलाइन नंबर

चार धाम यात्रा और जीएमवीएन होटल बुकिंग से संबंधित किसी भी सवाल या समस्या के लिए, आप उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं. यह सुविधा सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक उपलब्ध रहेगी. आप 0135-2559898, 0135-2552628, 0135-2552627, 0135-2552626 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं.

इसके साथ ही उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के संबंध में कार्यालय संबंधी पूछताछ के लिए, आप उनसे इस नंबर (0135-2741600) पर संपर्क कर सकते हैं. सामान्य पूछताछ और ऑनलाइन प्रसाद सेवाओं के लिए आप यहां (+91-7302257116) कॉल करें. केदारनाथ मंदिर में तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए ये नंबर (+91-8534001008), बद्रीनाथ मंदिर में तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए संपर्क नंबर (+91-8979001008) और ऑनलाइन सेवाओं या अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए, आप यहां (+91-7060728843) कॉल कर सकते हैं.
 


गर्मियों में घूमने जाना है? कम बजट में ये जगह हैं आपके लिए बेस्ट विकल्प

भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों में कई ऐसी सुंदर डेस्टिनेशन हैं, जहां आप अपने फ्रैंड्स और फैमिली के साथ गर्मियों की छुट्टियां खूब एंजॉय कर सकते हैं. 

Last Modified:
Saturday, 20 April, 2024
Tourism

गर्मियां शुरू होते ही लोग पहाड़ या किसी भी ठंडी जगह पर घूमने जाना पसंद करते हैं. अगर आप भी कहीं घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं और आपका बजट भी कम है, तो परेशान न हों. हम आपको कम बजट में देश की कुछ ऐसी बेस्ट डेस्टिनेशन की जानकारी देते हैं, जहां जाकर आपको बहुत ही अच्छा अनुभव होगा और आप बहुत एन्जॉए कर पाएंगे. तो चलिए हम आपको 5 हजार तक के बजट वाली इन जगहों की जानकारी देते हैं. 

योग नगरी ऋषिकेश
बजट में घूमने फिरने के लिए उत्तराखंड राज्य स्थित ऋषिकेश बहुत अच्‍छी जगह है. इसे योग नगरी भी कहा जाता है. अध्‍यात्‍म और शांति प्रिय लोगों के लिए ऋषिकेश एक अच्छी डेस्टिनेशन है. बता दें कि इस शहर की प्रसिद्धि  तब बढ़ी थी, जब 1960 में यहां दुनिया का मशहूर बीटल्‍स बैंड आया था. सबसे अच्‍छी बात है कि यहां रहना और खाना बहुत सस्‍ता है, इसलिए घुमने के शौकीन लोग शॉर्ट ट्रिप के लिए यहां आकर घूम सकते हैं. यहां स्वच्छ व निर्मल गंगा नदी के साथ आप कई मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं. अगर आप यहां आना चाहते हैं, तो रहने और खाने के लिए आपको दिन के करीब 1500 रूपये प्रति व्‍यक्ति के हिसाब से खर्च करने होंगे. यहां आप बस या ट्रेन से पहुंच सकते हैं.  

झीलों का शहर उदयपुर 
राजस्थान राज्य में स्थित उदयपुर भारत का सबसे आकर्षक शहर है. इसे झीलों का शहर कहा जाता है. यह शहर देशी से लेकर विदेशी लोगों का भी फेवरेट है. यहां आकर आप झीलों के पास बैठकर प्रकृति का आनंद ले सकते हैं. साथ ही बोटिंग भी कर सकते हैं. यहां कई पुराने पैलेस और महल हैं, जो पर्यटकों को स्‍टे का ऑप्‍शन देते हैं, लेकिन आप यहां कम बजट में होटल लेकर शेयरिंग डॉर्मिटरी बुक करके टेस्‍टी फूड का मजा भी ले सकते हैं. रहने से लेकर खाने तक का खर्च प्रति व्यक्ति कुल 700 से 1000 रुपये तक पड़ेगा. यहां पिछोला झील, सिटी पैलेस, एकलिंग मंदिर देखने लायक जगह है. यहां बस या ट्रेन से पहुंचा जा सकता है.  

तवांग की प्राकृतिक सुंदरता आपको कर देगा आनंदित

अरूणांचल प्रदेश स्थित तवांग 5000 रुपये से कम के बजट में घूमने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है. यहां कई सुंदर मठ हैं. दरअसल, दलाई लामा का जन्म यहां हुआ था, इसीलिए तवांग आध्यात्मिकता से जुड़ा एक प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता पर्यटन स्थल हैं. यहां आप सुंदर आर्किड अभयारण्य और टिपी ऑर्किड अभयारण्य घूम सकते हैं. यहां काफी सस्ते होटल रूम और अच्छा खाना बजट में मिल जाएगा. यहां पहुंचने के लिए का निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन तेजपुर में स्थित रंगपारा रेलवे स्टेशन है.   

हरियाली से घिरा पचमढ़ी

अभयारण्य मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है. पचमढ़ी हिल स्टेशन पर आपको हरियाली ही हरियाली देखने को मिलेगी. पचमढ़ी की गुफाओं में शानदार नक्काशी,  झरने देखने के लिए गर्मी का मौसम उपयुक्त है. यहां आप हाईकिंग और ट्रैकिंग का भी लुत्फ उठा सकते हैं. यहां घूमने और ठहरने के लिए बहुत अधिक खर्च भी नहीं आएगा. यहां 5 हजार रुपये के बजट में आपके रहने व खाने की व्यवस्था आराम से हो जाएगी. पचमढ़ी पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया है. फ्लाइट से भोपाल या जबलपुर नजदीकी एयरपोर्ट है. वैसे पचमढ़ी तक अच्छी सड़क है, आप सड़क मार्ग से जाते हुए प्राकृतिक नजारों का आनंद उठा सकते हैं.

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शांति और तिब्बती कल्चर के लिए प्रसिद्ध मैकलोडगंज

हिमाचल प्रदेश में घूमने के लिए मैकलोडगंज भी शानदार जगह है. धर्मशाला के पास स्थित मैकलोडगंज एक हिल स्टेशन है, जो ट्रेकर्स को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां आपको तिब्बती कल्चर देखने को मिलेगा। भारत में सबसे प्रसिद्ध और अहम मठ नामग्याल मठ और त्सुगलाखंग यहां स्थित हैं. ये जगह यात्रियों के लिए काफी सस्ती है. यहां भी आप 5 हजार के बजट के अंदर घूम सकते हैं. मैकलोडगंज के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन पठानकोट में है. वहां से टैक्सी लेकर मैकलोडगंज पहुंचा जा सकता है.

 


Maldives का मोह जगाने की कोशिश, रूठे Bharat को मनाने में जुटी मुइज्जू सरकार 

पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद से भारतीय पर्यटकों का मालदीव से मोह भंग हो गया है.

Last Modified:
Friday, 12 April, 2024
file photo

भारतीयों को नाराज करने की मालदीव (Maldives) बड़ी कीमत चुका रहा है. इंडियन टूरिस्ट के मुंह मोड़ने के चलते मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री मुश्किलों में घिर गई है. मालदीव की मोहम्मद मुइज्जू सरकार को भी अब समझ आ गया है कि भारतीयों का ज्यादा दिनों तक नाराज रहना उसे बर्बाद कर देगा. इसलिए वह रूठे भारत को मनाने की कोशिश में जुट गई है. हाल ही में मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रेवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स (MATATO) ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त मुनु महावर से मुलाकात की.  

अब Road Show की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मालदीव एसोसिएशन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय उच्चायोग से सहयोग की इच्छा जताई है. एसोसिएशन मालदीव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रमुख शहरों में एक व्यापक रोड शो शुरू करने की भी तैयारी कर रही है. दरअसल, MATATO की कोशिश है कि भारतीय पर्यटकों को मालदीव के बारे में ज्यादा से ज्यादा बताया जाए, उन्हें देश की खूबसूरती से परिचित कराया जाए, ताकि मालदीव आने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा हो सके. पिछले साल हुए विवाद से बाद से भारतीयों ने मालदीव से दूरी बनाई हुई है.

ये है मालदीव की चिंता की वजह 
विवाद से पहले तक मालदीव पहुंचने वाले पर्यटकों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की रही है. यहां तक कि कोरोना के बाद जब मालदीव को पर्यटकों के लिए खोला गया, तो भारतीय ही सबसे ज्यादा वहां पहुंचे थे. हालांकि, विवाद के बाद से इसमें लगातार कमी आ रही है. मालदीव की मोहम्मद मुइज्जू सरकार के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय पर्यटकों की संख्या में 33 प्रतिशत की गिरावट आई है. पिछले साल यानी 2023 में 4 मार्च तक 41,054 भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की यात्रा की थी. जबकि इस साल 2 मार्च तक मालदीव जाने वाले भारतीयों की संख्या केवल 27,224 रही. मालदीव की इकॉनमी में भारतीय पर्यटकों का 11% योगदान बताया जाता है. ऐसे में उनका लंबे समय तक नाराज रहना मालदीव की आर्थिक सेहत बिगाड़ सकता है. 

बेकार हो गई सरकार की ये कोशिश 
करीब 4 लाख की आबादी वाले मालदीव में धिवेही और इंग्लिश भाषा बोली जाती है. मालदीव जलवायु परिवर्तन का सामना कर रहा है. इसका कोई भी द्वीप समुद्र तल से छह फुट से अधिक ऊंचा नहीं है. इस देश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी हुई है. 2023 में बड़ी संख्या में भारतीय मालदीप गए थे और उन्होंने 38 करोड़ डॉलर यानी करीब 3,152 करोड़ रुपए खर्च किए थे. भारत से विवाद के बीच पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मालदीव ने हाल ही में अपने यहां घूमने का खर्चा भी आधा कर दिया था, लेकिन इसका खास फायदा नहीं मिला. इसलिए अब मालदीव भारत के शहरों में रोड शो करने जा रहा है.  

ऐसे शुरू हुईं मालदीव की मुश्किलें
अब यह भी जान लेते हैं कि आखिर मालदीव भारत और भारतीयों को नाराज करने की स्थिति में कैसे पहुंचा. भारत और मालदीव के बीच तनाव की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद हुई. सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप की मालदीव से तुलना मालदीव के तीन मंत्रियों को रास नहीं आई. उन्होंने भारत को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और भारतीयों की दुश्मनी मोल ले बैठे. भारत की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद भले ही इन तीनों मंत्रियों को हटा दिया गया हो, लेकिन मालदीव के प्रति लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ. सोशल मीडिया पर #BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा. कई भारतीयों ने मालदीव की बुकिंग कैंसल कराकर उसका स्क्रीन शॉट सोशल माडिया पर शेयर किया. यहां से मालदीव की मुश्किलें शुरू हो गईं  
 


आप भी करना चाहते हैं जन्नत की सैर, तो IRCTC आपके लिए लेकर आया है एक खास पैकेज

भारतीय रेलवे समय-समय पर टूर पैकेज न‍िकालता है, ज‍िनका आनंद आप अपने पूरे परिवार के साथ ले सकते हैं. IRCTC के नए टूर पैकेज में आप दुनिया के स्‍वर्ग कहे जाने वाले कश्‍मीर की यात्रा कर सकते हैं.

Last Modified:
Tuesday, 02 April, 2024
Jannat Kashmir

गर्मी में सभी लोग छुट्टी बिताने के लिए कहीं जाना चाहते हैं साथ ही गर्मी में सभी को ठंडी जगह जाने का मन करता है और सभी अपने जीवन में एक बार कश्मीर भी जाना चाहते हैं अगर आप भी इस गर्मी में जन्नत यानि कश्मीर जाने का मन बना रहे हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि आप एकदम सस्ते में कश्मीर कैसे जा सकते हैं. 

IRCTC लेकर आया शानदार पैकेज

भारतीय रेल एक बार‍ फिर कुछ द‍िलचस्‍प पैकेज लेकर आई है, ज‍िसके जरिए आप एक साथ कई जगह घूमने का प्‍लान बना सकते हैं. अक्‍सर जब ट्र‍िप प्‍लान करते हैं तो हम एक ही जगह घूमने की प्‍लानिंग करते हैं. लेकिन IRCTC के इस टूर पैकेज में आप एक ही पैकेज में आसपास की कुछ मजेदार जगह एक साथ घूम सकते हैं. इन टूर पैकेज में आपकी स‍िर्फ यात्रा ही नहीं बल्‍कि आपके होटल के कमरे, घूमने की कैब से लेकर आपके खाने तक जैसी सारी प्‍लानिंग होती है. यानी भारतीय रेलवे आपकी हर सुविधा का ध्‍यान रखती है.

पैकेज से देख पाएंगे खूबसूरत वादियां

आईआरसीटीसी पैकेज का नाम- जन्नत-ए-कश्‍मीर पूर्व लखनऊ
पैकेज में शाम‍िल- एयर फेयर, बस, होटल, खाना, बीमा
टूर अवध‍ि- ये टूर 5 रात और 6 द‍िन का होगा
यात्रा पहले द‍िन सुबह 7.20 बजे लखनऊ एयरपोर्ट से शुरू होगी.
टूर में शामिल- श्रीनगर, सोनमर्ग, पहलगाम, गुलमर्ग

क्या-क्‍या देख पाएंगे?

इस टूर में आपको सोनमर्ग की यात्रा कराई जाएगी, जहां स‍िंध नदी बहती है. गुलमर्ग ‘गुलमर्ग गोंडोला’ के ल‍िए फेमस है जो दुनिया की सबसी ऊंची केबल कारों में से एक है. आप यहां ख‍िलनमर्ग भी जा सकते हैं. इस यात्रा में आप केसर के खेत और अवंतीपुर खंडहर भी देख पाएंगे. शंकराचार्य मंदिर के दर्शन, डल झील के किनारे स्थित प्रसिद्ध हजरतबल तीर्थ जैसी चीजें आप देख पाएंगे.

कितना आएगा खर्च

पैकेज के क‍िराए की बात करें तो इस टूर के ल‍िए प्रति व्‍यक्‍ति आपको 53,750 रुपए भुगतान करना होगा. वहीं दो व्‍यक्‍तियों के ल‍िए ये लागत प्रति व्‍यक्‍ति 48,300 रुपए होगी. अगर आपके साथ 5 से 11 साल का बच्‍चा है तो ये पैकेज आपको 39,900 रुपए में होगा. वहीं अगर आपका बच्‍चा ब‍िना ब‍िस्‍तर वाला है यानी 2 से 4 साल के बच्‍चे के साथ आपको इस पैकेज में प्रति व्‍यक्‍ति 27,500 रुपए भुगतान करना होगा.

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