यह हैकर्स स्टूडेंट्स का डाटा हैक करने के बाद उसका इस्तेमाल भारत सरकार के विभिन्न विभागों की जासूसी करने के लिए कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
नई दिल्लीः पाकिस्तानी हैकर्स अब देश के विभिन्न कॉलेज और यूनिवर्सिटिज में पढ़ने वाले छात्रों के डाटा को एक मालवेयर के जरिए हैक करके टारगेट बना रहे हैं. यह हैकर्स स्टूडेंट्स का डाटा हैक करने के बाद उसका इस्तेमाल भारत सरकार के विभिन्न विभागों की जासूसी करने के लिए कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.
दिसंबर 2021 से हुआ है सक्रिय
दिसंबर 2021 से ट्रांसपेरेंट ट्राइब के नाम से जाने जाने वाले एडवांस परसिस्टेंट थ्रेट (APT) समूह ने कई स्टूडेंट्स को टारगेट करते हुए एक नया फिशिंग कैंपेन चला रखा है. सिस्को टैलोस (Cisco Talos) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि, "यह नया कैंपेन यह भी बताता है कि एपीटी सिविलियन यूजर्स को भी पीड़ित करते हुए अपने नेटवर्क में शामिल कर रहा है और इसका विस्तार भी कर रहा है."
मई 2022 में चला इसके बारे में पता
इस मालवेयर का पता पहली बार मई 2022 में भारत स्थित K7 लैब्स द्वारा देखा गया जो शैक्षणिक संस्थानों और छात्रों को निशाना बना रहा है. इससे भारत में एक नए तरह के खतरे का पता चल रहा है. सिस्को टैलोस के शोधकर्ताओं ने द हैकर न्यूज को बताया, "एजुकेशनल सेक्टर को इस तरह से टारगेट बनाने का एक ही मकसद है कि स्टूडेंट्स से राष्ट्र या राज्य के खिलाफ जासूसी करवाई जाए, जिससे उनको फायदा पहुंचे. इसका एक ही लक्ष्य है कि हैकर्स भारत की यूनिवर्सिटीज और रिसर्च ऑर्गेनाइजशन में व्यक्ति या ग्रुप से लंबे समय तक चल रहे रिसर्च प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी इकठ्ठा कर सकें.
APT के अलावा ये हैकर्स भी हैं सक्रिय
इसके अलावा मॉनीकर्स APT36, ऑपरेशन C-मेजर, PROJECTM, Mythic Leopard के तहत ट्रैक किया गया, ट्रांसपेरेंट ट्राइब के मुख्य कर्ताधर्ता के पाकिस्तानी मूल के होने का संदेह है और भारत और अफगानिस्तान में सरकारी संस्थाओं और थिंक टैंकों को कस्टम मैलवेयर जैसे कि CrimsonRAT, ObliqueRAT और CapraRAT से हमला करने के लिए जाना जाता है.
लिंक या अटैचमेंट के जरिए आ रहा मालवेयर
साइबर सुरक्षा फर्म द्वारा डॉक्यूमेंटेड की गई अटैक चेन्स से पता चला है कि हैकर एक मालडॉक को एक अटैचमेंट या लिंक के तौर पर ईमेल के जरिए भेज रहे हैं. इस लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करते ही ये CrimsonRAT को सिस्टम में एक्टिव कर देता है, जिससे सारी जानकारी हैकर के पास पहुंच जाती है.
साइबर फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए गृह मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 17,000 व्हाट्सएप अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
बीते कुछ समय से साइबर फ्रॉड की घटनाएं काफी तेजी से बढ़ी हैं. तमाम लोग इसका शिकार बनकर अपना काफी नुकसान करवा चुके हैं. इस तरह की घटनाओं को काबू करने के लिए सरकार ने एक बड़ा एक्शन लिया है. साइबर फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए गृह मंत्रालय की I4C विंग ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर दक्षिण-पूर्व एशिया के साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 17,000 व्हाट्सएप अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है. बता दें कि I4C साइबर और डिजिटल क्राइम निषेध पर काम करने वाला संगठन है, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है.
डिजिटल अरेस्ट में शामिल थे ज्यादातर नंबर
जानकारी के मुताबिक कंबोडिया और म्यांमार और लाओस से चल रहे डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्राड संबधित कॉल सेंटर की जांच लंबे समय से एजेंसियां कर रही थीं. अभी जिन नंबरों पर पर कार्रवाई की गई .उनमें से 50 प्रतिशत से ज्यादा नंबर तो जनवरी 2024 में ही शुरू हुए थे. इन नंबरों के जरिए कई सारे फ्रॉड किए गए. ज्यादातर इसमें ‘डिजिटल अरेस्ट' के मामले शामिल थे. ज्यादातर नंबर कंबोडिया, म्यामांर लाओस,और थाईलैंड से एक्टिव थे.
क्या है डिजिटल अरेस्ट?
साइबर क्राइम का यह बिलकुल नया तरीका है, जिसमें स्कैमर्स पुलिस, सीबीआई या कस्टम का अधिकारी बनकर आपको कॉल करते हैं और डराकर घर पर ही बंधक बना लेते हैं. फर्जी अधिकारी बनकर स्कैमर्स ये दावा करते हैं कि आपके पैन और आधार का इस्तेमाल करके कुछ किया गया है या मनी लॉन्ड्रिंग की गई है. आपके नाम से कोई पार्सल आया है जिसमें ड्रग्स या प्रतिबंधित चीजें हैं. इस बीच वो वीडियो कॉल पर लगातार बने रहने के लिए कहते हैं. इन सब बातों से पीड़ित व्यक्ति इतना डर चुका होता है कि वो उन सारी बातों को सच मान बैठता है और जैसा स्कैमर्स कहते हैं, उनकी बातों में आकर सब करता रहता है. इसके बाद डिजिटल अरेस्ट के शिकार व्यक्ति से पैसे ऐंठने का खेल शुरू होता है.
92 हजार से ज्यादा मामले
सरकार के मुताबिक, डिजिटल अरेस्ट के जरिए स्कैमर्स डेली 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर रहे थे. पिछले 10 महीने में डिजिटल अरेस्ट के जरिए किए जाने वाले साइबर फ्रॉड के मामलों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्कैमर्स ने 2,140 करोड़ रुपये का फ्रॉड पिछले 10 महीने से लेकर 1 साल के अंदर किया है. जनवरी से लेकर अक्टूबर 2024 के बीच डिजिटल अरेस्ट के कुल 92,334 मामले रिपोर्ट किए गए है. हाल ही में पीएम मोदी ने भी पब्लिक रैली के दौरान डिजिटल अरेस्ट के जरिए होने वाले फ्रॉड का जिक्र किया था. गृह मंत्रालय ने साइबर फ्रॉड के लिए नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है. इस नंबर पर कॉल करके साइबर फ्रॉड को रिपोर्ट किया जा सकेगा.
इस ऐप के माध्यम से यूजर इवेंट मूवी और डाइनिंग टिकट के लिए बुक कर सकते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस ऐप से Bookmyshow के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ेगा.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने अपना नया 'District' ऐप लॉन्च कर दिया है. इस नए ऐप के जरिए जोमैटो अपने 'गोइंग-आउट' बिजनेस को बढ़ावा देना चाहता है. इसमें फिल्म टिकट बुकिंग, इवेंट बुकिंग और रेस्टोरेंट में टेबल बुकिंग शामिल है. यानी कि अब एक ही ऐप पर आपको सारी सुविधाएं मिलेंगी. यह जोमैटो का तीसरा कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस है. इससे पहले कंपनी के पास फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो और क्विक कॉमर्स ब्लिंकिट हैं.
Zomato District ऐप की खासियतें
जोमैटो की डिस्ट्रिक्ट ऐप कई तरह की सर्विसिस ऑफर करती है. आइए आपको इनके बारे में बताते हैं.
• फिल्म टिकट बुकिंग- इसकी मदद से यूजर्स PVR-Inox और Cinepolis समेत अलग-अलग सिनेमा हॉल्स में फिल्मों के लिए टिकट बुक कर सकते हैं.
• इवेंट बुकिंग- ऐप कॉन्सर्ट, प्ले और अन्य लाइव इवेंट्स के लिए बुकिंग की सुविधा देता है.
• डाइनिंग रिजर्वेशन- यूजर्स जोमैटो के रेस्टोरेंट नेटवर्क का लाभ उठाकर रेस्टोरेंट में टेबल बुक कर सकते हैं.
रिलायंस के Bookmyshow से मुकाबला
जोमैटो का गोइंग-आउट सेगमेंट में एंट्री करना अन्य खिलाड़ियों जैसे Bookmyshow (रिलायंस द्वारा समर्थित) के साथ प्रतिस्पर्धा को तेज कर देता है. बुकमाईशो वर्तमान में फिल्म टिकट बुकिंग में महत्वपूर्ण बाजार हिस्सेदारी रखता है. हालांकि, जोमैटो की मजबूत ब्रांड पहचान, बड़ा यूजर बेस इसके लिए अच्छा साबित हो सकता है. जोमैटो का लक्ष्य डिस्ट्रिक्ट ऐप के तहत अपने 'गोइंग-आउट' बिजनेस को मजबूत करना है. यह रणनीतिक कदम यूजर एक्सपीरियंस को आसान करेगा और मुख्य प्रस्तावों पर ध्यान केंद्रित करेगा.
Paytm से खरीदा था यह बिजनेस
जोमैटो (Zomato) का 'गोइंग-आउट' सेगमेंट में कदम रखना एक रणनीतिक कदम है, जिसका मकसद अपने रेवेन्यू स्ट्रीम को बढ़ाना और बढ़ती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का फायदा उठाना है. कंपनी ने अगस्त 2023 में पेटीएम (Paytm) के इवेंट्स और टिकटिंग बिजनेस को 2,048 करोड़ रुपये में खरीद लिया था, जिससे इस सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत हुई.
Android 15 में यूजर्स को खास फीचर्स मिलेंगे, जो यूजर के स्मार्टफोन को पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित करेगा. Android 15 Beta 2 के साथ इन फीचर्स को रोल आउट किया गया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
गूगल ने हाल ही में एंड्रॉयड 15 बीटा 2 (Android 15 Beta 2) वर्जन से पर्दा उठाया है. नए ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ स्मार्टफोन चलाने का एक्सपीरियंस पहले से बेहतर होगा. हालांकि, कंपनी ने अभी चुनिंदा स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एंड्रॉयड 15 को रिलीज किया है. गूगल इस साल अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में एंड्रॉयड 15 को जारी कर सकता है. मोबाइल चलाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का बेहतर होना जरूरी है. गूगल ने एंड्रॉयड 15 में इसी बात का ध्यान रखा है. ऑपरेटिंग सिस्टम के नए वर्जन में आपको ज्यादा प्राइवेसी मिलेगी. कंपनी ने प्राइवेसी पर काफी ध्यान दिया है. आइए जानते हैं एंड्रॉयड 15 के खास फीचर्स के बारे में...
Android 15 में शामिल हैं ये दमदार फीचर्स
• प्राइवेट स्पेस (Private Space)- Android 15 में एक Private Space का नाम का नया फीचर जोड़ा गया है. इस फीचर का इस्तेमाल आप तब कर सकते हैं जब आपको अपने जरूरी ऐप्स हाइड और लॉक करने हों. इससे आपकी पर्सनल डीटेल्स से लेकर बैंकिंग और हेल्थ डेटा हमेशा सेफ रहेगा. कोई भी बिना आपके पासवर्ड और आपका डेटा चुराने की कोशिश करने वालों से बचाव रहता है.
• थेफ्ट डिटेक्शन लॉक (Theft Detection Lock)- Android 15 चोरी होने पर भी फोन को सुरक्षित रखता है. क्योंकि इसमें Theft Detection Lock है. ये फीचर आपके बड़े काम आ सकता है. चोर आपका चुराया हुआ फोन रीसेट नहीं कर पाएगा. न ही वो इस फोन को किसी को भी बेच पाएगा. इसके अलावा, अगर कोई आपका फोन बंद करने की कोशिश करता है या बार-बार गलत पासवर्ड डालने की कोशिश करता है तो फोन खुद ही लॉक हो जाएगा. इससे चोरी का खतरा कम हो जाता है.
• Fraud वाले ऐप्स से Real-time प्रोटेक्शन- Android 15 का यह सिक्योरिटी फीचर भी ऑन-डिवाइस AI पर काम करेगा. Google Play Protect को अगर लगेगा कि आपके स्मार्टफोन में कोई ऐसा ऐप है, जो आपकी निजी जानकारियां चुरा सकता है, तो यह फीचर उस ऐप को अपने आप डिसेबल कर देगा और यूजर के लिए चेतावनी जारी करेगा. इस फीचर के जरिए यूजर अपने फोन में मौजूद मैलवेयर वाले फर्जी ऐप की पहचान कर सकेंगे और उन्हें फोन से डिलीट या अनइंस्टॉल कर सकते हैं.
• AR के साथ गूगल मैप्स- एंड्रॉयड 15 के तहत गूगल मैप्स में ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) की सपोर्ट दी जा सकती है. अगर ऐसा हुआ तो गूगल मैप्स पर दिखने वाली जगह बिलकुल असली जैसी लगेंगी. फिलहाल, इस फीचर को लेकर तस्वीर साफ नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग और क्वालकॉम के साथ मिलकर गूगल ये फीचर पेश कर सकती है.
• गूगल वॉलेट में QR कोड- गूगल ने हाल ही में भारत में Google Wallet लॉन्च किया है. यह एक ऐसा ऐप है, जिसमें हमारे जरूरी डॉक्यूमेंट्स, टिकट, पास आदि को सेव किया जा सकता है. Android 15 के तहत आप इन डॉक्यूमेंट्स आदि के QR कोड बना सकेंगे. इससे इन डॉक्यूमेंट्स को जल्दी निकालना मुमकिन होगा.
• एंड्रॉयड फोन में भी अब सैटेलाइट कनेक्टिविटी- Android फोन्स में भी अब Apple की तरह Satellite Connectivity मिलेगी. गूगल ने इसके Messages में RCS यानी Rich Communication Services को एनेबल किया गया है. ये एक मैसेजिंग सर्विस है, जिसकी मदद से हाई रेजोल्यूशन फोटो-वीडियो शेयर कर सकेंगे. साथ ही ग्रुप चैट्स इम्प्रूव होंगी और डेटा एंड-टू-एंड एंडक्रिप्टेड रहेगा.
• बेहतर परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ- Android 15 में कई सारे बदलाव किए गए हैं, जिससे ऐप्स की स्पीड तेज होगी और बैटरी ज्यादा समय तक चलेगी. Background में आप कितने भी ऐप्स ओपन करके रख लें, पहले के मुकाबले बैटरी कम ही खर्च होगी. साथ ही, ऐप्स खोलने में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा.
Google IO 2024 इवेंट का आयोजन हुआ. इस इवेंट की शुरुआत Alphabet CEO सुंदर पिचाई ने की. इस दौरान उन्होंने कई नए फीचर्स और अपकमिंग सर्विस की जानकारी दी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
टेक दिग्गज गूगल की तरफ से मेगा इवेंट Google I/O 2024 आयोजित किया. गूगल ने अपने इस इवेंट में कई बड़े ऐलान किए. इवेंट की शुरुआत गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने की. इवेंट की शुरुआत में कंपनी ने अपने लॉर्ज लैंग्वेज मॉडल यानी Gemini AI के बारे में जानकारी दी. गूगल ने इस साल इस इवेंट में कोई भी नया डिवाइस लॉन्च नहीं किया. कंपनी का मुख्य फोकस AI फीचर्स पर रहा. गूगल ने AI पॉवर्ड सर्च, ऑन-डिवाइस AI, रियल-टाइम स्कैम प्रोटेक्शन, AI वीडियो मॉडल VEO और Imagen 3 सहित कई फीचर्स पेश किए. आइए इस इवेंट में पेश किए गए खास फीचर्स के बारे में जानते हैं.
AI-पॉवर्ड सर्च- एंड्रॉएड के सर्किल टु सर्च फीचर को गूगल एनहैंस कर रहा है. इस फीचर के जरिए आप एंड्रॉएड फोन की स्क्रीन पर किसी भी चीज को सर्किल कर गूगल पर सर्च कर सकते थे. अब इस फीचर के जरिए मैथ-फिजिक्स की प्रॉब्लम्स को हल करने के तरीके पर इंस्ट्रक्शन भी मिल सकेंगे.
रियल-टाइम कॉल स्कैम प्रोटेक्शन- गूगल वर्तमान में एक ऐसे फीचर का टेस्ट कर रहा है जो यूजर्स को संभावित स्कैम के बारे में सचेत करता है. यदि आपको कोई स्कैम कॉल आता है, तो सिस्टम आपको रियल-टाइम में पहचान कर वॉर्निंग दे सकता है, जिससे आपको संभावित धोखाधड़ी से बचने में मदद मिलती है.
जनरेटिव AI वीडियो मॉडल Veo- गूगल ने जनरेटिव AI वीडियो मॉडल Veo पेश किया. ये गूगल का सबसे एडवांस्ड टेक्स्ट टू वीडियो जेनरेशन मॉडल है, जो HD क्वालिटी में सिनेमैटिक वीडियो जनरेट कर सकता है. कंपनी इस मॉडल के साथ प्रयोग के लिए कई फिल्म मेकर्स और क्रिएटर्स को आमंत्रित कर रही है. गूगल का दावा है कि उसका मॉडल 60 सेकेंड से भी ज्यादा लंबे वीडियो जनरेट कर सकता है. Veo एरियल शॉट और टाइमलैप्स जैसे शब्दों को भी समझता है.
आस्क फोटोज (Ask Photos)- गूगल का नया फीचर, आस्क फोटोज जल्द शुरू होगा. इसके बाद इसमें एडिशनल कैपेबिलिटीज भी ऐड होंगी. यह फीचर गूगल फोटोज को "मुझे दिखाओ कि मेरी बेटी की स्विमिंग प्रोग्रेस कैसे हुई" जैसे सवालों के जवाब देने की सुविधा देता है. इसके लिए वह जेमिनी का इस्तेमाल करके फोटो खोजता है और उनका कलेक्शन बनाता है.
इमेजन 3 (Imagen 3)- कंपनी ने इमेजेन 3 को भी अनवील किया, जो टेक्स्ट-टू-इमेज जनरेटर का एक अपडेटेड वर्जन है. पिछले वर्जन की तुलना में Imagen 3 बहुत कम आर्टिफैक्ट के साथ फोटो रिअलिस्टिक बनाने में सक्षम है. यह वर्तमान में ImageFX में एक प्राइवेट प्रीव्यू के रूप में क्रिएटर्स के लिए उपलब्ध है और जल्द ही गूगल के प्लेटफॉर्म वर्टेक्स AI पर आएगा.
प्रोजेक्ट अस्त्र (Project Astra) की घोषणा- गूगल ने अस्त्र को "फ्यूचर ऑफ AI असिस्टेंट" कहा. एक यूनिवर्सल AI एजेंट जो दैनिक जीवन में मदद करेगा. आप फोन कैमरा ऑन करने के बाद उससे किसी भी चीज को पॉइंट कर उसके बारे में डिटेल ले सकते हैं. ये आपको तुरंत उसकी डिटेल बताएगा. गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाबी ने कहा कि अस्त्र के साथ बातचीत की स्पीड और क्वालिटी नेचुरल लगती है.
Gemini AI 68 लैंग्वेज को सपोर्ट करेगा- गूगल ने अपने लेटेस्ट AI Gemini 1.5 प्रो को डॉक्स, शीट्स, स्लाइड्स, ड्राइव और जीमेल जैसे वर्कस्पेस ऐप्स के दाहिनी तरफ साइडबार में इंटीग्रेट किया है. इस वर्चुअल असिस्टेंस के पास आपकी सारी सेव की गई डिटेल्स तक पहुंच होगी. इसके अलावा गूगल मीट में Gemini AI 68 लैंग्वेज को सपोर्ट करेगा।
हर साल होता है गूगल का इवेंट
बता दें कि Google I/O कंपनी का एक वार्षिक इवेंट है और इसमें कंपनी ज्यादातर अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट और सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देती है. Google I/O को दुनियाभर के जानें माने डेवलपर्स और टेक एक्सपर्ट्स अटेंड करने पहुंचते हैं. सामान्यतौर पर यह एक सॉफ्टवेयर इवेंट होता है लेकिन कंपनी इसमें कुछ नए गैजेट्स और दूसरे हॉर्डवेयर्स को भी लॉन्च करती है.
सरकार ने आपके नंबर पर दिन भर आने वाले बैंकिंग, इंश्योरेंस, लोन आदि से जुड़े फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है. इससे संबंधित नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
स्पैम कॉल को रोकने के लिए सरकार काफी समय से कोशिश कर रही है. मगर, मार्केटिंग कंपनियां हर बार कुछ न कुछ तोड़ निकाल ही लेती हैं. अब सरकार स्पैम कॉल पर लगाम कसने के लिए नए नियम तैयार कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि नई गाइडलाइन सख्त होंगी और स्पैम कॉल की रोकथाम कर सकेंगी. हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर के रेगुलेटर ट्राई (TRAI) ने सभी कंपनियों को निर्देश दिए थे कि वह फोन पर कॉलर का नाम दिखाएं. साथ ही सभी स्मार्टफोन निर्माताओं को भी ऐसा फीचर देने की मांग की थी.
जल्द जारी होंगे दिशा निर्देश
आपके मोबाइल पर दिन भर आने वाले बैंकिंग फ्रॉड कॉल पर पूर्ण विराम लगाने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है. जल्द ही, इससे संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं. दूरसंचार विभाग और TRAI ने इससे जुड़ा बिल ड्राफ्ट कर लिया है, जिसे जल्द ही पारित किया जाएगा. इस नई ड्राफ्ट गाइडलाइन्स का नाम प्रिवेंशन एंड रेगुलेशन ऑफ अनसोलिसिटेड एंड अनवारंटेड बिजनेस कम्युनिकेशन, 2024 रखा गया है. इस नए बिल के आने के बाद आपके फोन पर क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन आदि से संबंधित फर्जी कॉल्स नहीं आएंगे.
कमेटी की सिफारिशों पर हुई बैठक
डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स (DoCA) ने इस साल की शुरुआत में ही अवैध मार्केटिंग कॉल पर लगाम लगाने के लिए एक कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी ने नई गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इस ड्राफ्ट पर 10 मई को हुई एक बैठक में चर्चा हुई थी. इस बैठक में डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स की सचिव निधि खरे, टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT), ट्राई (TRAI), सेलुलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI), BSNL, Vodafone, Reliance Jio और Airtel के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे.
अवैध कॉल और मैसेज की परिभाषा भी तय की गई
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट गाइडलाइन में कई तरह की शर्तें जोड़ी गई हैं. साथ ही इनमें अवैध कॉल और मैसेज की परिभाषा भी तय की गई है. कमेटी को ऐसी कॉल और मैसेज के रोकथाम पर कई तरह की सिफारिशें मिली थीं. ड्राफ्ट तैयार करते समय इनका भी ध्यान रखा गया है. अब डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स को इन गाइडलाइन को मंजूरी देना है.
कॉलर आईडी डिस्प्ले करने की सलाह
इस गाइडलाइंस में TRAI और DoT द्वारा कई पहलुओं पर विचार किया गया है ताकि फर्जी कॉल को रोका जा सके. इससे पहले TRAI ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को कॉलर नेम एक्टिवेट करने की सलाह दी थी. साथ ही, स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों को इस फीचर को इनेबल करने का निर्देश दिया गया था.
Chat GPT और Sora जैसे AI टूल्स के बाद Open AI एक सर्च इंजन लॉन्च कर सकता है. पिछले कुछ दिनों से इस सर्च इंजन की चर्चा हो रही है. इसका सीधा मुकाबला Google Search से होगा.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
क्या आप भी Open AI के Chat GPT का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो आपके लिए गुड न्यज है. कंपनी जल्द ही अपना खुद का सर्च इंजन लॉन्च करने जा रही है. कंपनी ने अगले हफ्ते के लिए अपने Chat GPT इवेंट की डेट कंफर्म कर दिए दी है जिसमें ये नया सर्च इंजन लॉन्च होने की उम्मीद है. जहां एक तरफ 14 मई को Google I/O 2024 AI पर बेस्ड अपना साल का सबसे बड़ा इवेंट करने जा रहा है इससे ठीक 24 घंटे पहले, Open AI दुनिया के सामने नए Chat GPT फीचर्स और GPT-4 अपडेट पेश करने वाला है.
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
Open AI ने एक्स (X) पर अपने पोस्ट के जरिए से इवेंट के बारे में अपडेट शेयर किया है जो इवेंट की लाइव स्ट्रीम के बारे में बताता है, जहां हम सैम ऑल्टमैन एंड कंपनी को कंपनी की नई टेक्नोलॉजी दिखाते हुए देखेंगे. यह भी संभावना जताई जा रही है कि Open AI अपने खुद के सर्च इंजन को इम्प्लीमेंट करने के लिए बिंग सर्च के कुछ एलिमेंट्स का यूज कर सकता है. इसके लिए कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ भी पार्टनरशिप कर सकती है.
We’ll be streaming live on https://t.co/OcO6MLUYGH at 10AM PT Monday, May 13 to demo some ChatGPT and GPT-4 updates.
— OpenAI (@OpenAI) May 10, 2024
क्या होगा इस सर्च इंजन में नया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आप इस टूल से जब कोई सवाल करें, तो उनके जवाब के साथ सोर्स की भी जानकारी ब्राउजर पर मिलेगी. नए प्लेटफॉर्म में फोटोज भी शामिल होंगी. ये गूगल सर्च के मुकाबले बहुत तेज होगा. इसके अलावा किसी यूजर को जो सवाल होगा, उसे उसका सटीक जवाब मिलेगा. अगर आप इस प्लेटफॉर्म पर टायर चेंज करने का तरीका सर्च करते हैं, तो तस्वीरों में आपको पूरा प्रॉसेस भी एक्सप्लेन किया जा सकता है. अभी गूगल या किसी दूसरे सर्च इंजन पर जब आप कुछ सर्च करते हैं, तो आपको कई सारी लिंक्स मिलती हैं.
गूगल से होगा मुकाबला
सर्च इंजन मार्केट में Google की बादशाहत पिछले दो दशक से कायम है. हालांकि, AI के आने के बाद Google को Open AI से कड़ी टक्कर मिल रही है. एक के बाद एक Open AI ने कई ऐसे टूल लॉन्च किए हैं, जो गूगल के टूल्स से ज्यादा पॉपुलर हो रहे हैं. ऐसे में Open AI का सर्च इंजन गूगल की बादशाहत को चुनौती दे सकता है, लेकिन इसे एक तरफा भी नहीं समझना चाहिए. क्योंकि गूगल का सर्च एल्गोरिद्म कई भी दूसरे सर्च इंजन के मुकाबले बहुत पावरफुल है. कंपनी अपने सर्च इंजन की काफी ज्यादा रेवेन्यू जनरेट करती है, जो ऐड्स से आता है. ऐसे में अब तक कोई दूसरी कंपनी गूगल को टक्कर नहीं दे पाई है.
Jio ने अपने यूजर्स के लिए एक नया प्लान लॉन्च कर दिया गया है. अगर आप भी OTT देखने का शौक रखते हैं तो आप लोगों को Jio का 888 रुपये वाला ये नया प्लान पसंद आएगा.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
आप भी OTT लवर हैं जिस वजह से हर महीने Netflix और Amazon Prime पर बहुत पैसे खर्च हो जाते हैं? तो अब बस और नहीं, Reliance Jio ने ओटीटी लवर्स के लिए एक नया प्लान लॉन्च किया है, इस प्लान की कीमत 888 रुपये है और इस प्लान की खास बात यह है कि इस एक प्लान के साथ यूजर्स को एक या दो नहीं बल्कि पूरे 15 OTT Apps का बेनिफिट दिया जाएगा. आइए जानते हैं कि 888 रुपये खर्च करने पर आप लोगों को इस रिचार्ज प्लान के साथ कौन-कौन से बेनिफिट्स मिलेंगे?
OTT प्लेटफार्मों की मिलेगी विस्तृत रेंज
जियो के 888 प्लान की सबसे खासियत यह है कि इसमें एक रिचार्ज पर 15 अलग-अलग ओटीटी ऐप्स का एक्सेस मिलेगा, जिसमें Netflix (बेसिक प्लान), Amazon Prime और Jio Cinema Premium जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. इन ऐप्स को देखने के लिए अलग-अलग रिचार्ज की जरूरत नहीं होगी. इससे यूजर्स को वैरायटी मिलेगी. वे अपनी पसंद की फिल्मों और टीवी शो से लेकर सीरीज आदि आराम से देख सकेंगे.
ChatGPT की बादशाहत को चुनौती देने आ गया है हमारा Hanooman, दूसरों से कितना है अलग?
मिलेगी 30 एमबीपीएस की स्पीड
888 रुपये वाले इस Reliance Jio Plan के साथ आप लोगों को 30Mbps की स्पीड से हाई-स्पीड अनलिमिटेड डेटा का फायदा मिलेगा. इस जियो प्लान को JioFiber और Jio AirFiber ग्राहकों के लिए उतारा गया है. एक बात जो यहां ध्यान देने वाली है वह यह है कि जियो फाइबर यूजर्स को इस प्लान के साथ बेशक अनलिमिटेड डेटा मिलेगा ये प्लान 3300 जीबी एफयूपी लिमिट के साथ आता है.
नए प्लान में अपग्रेड कराने की सुविधा
Jio के मुताबिक अगर मौजूदा यूजर्स प्रीपेड प्लान का इस्तेमाल कर रहे हैं और वे पोस्टपेड प्लान में स्विच करना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं. वे 888 रुपए वाले प्लान का रिचार्ज कराके अनलिमिटेड इंटरटेनमेंट का लुत्फ उठा सकते हैं. यूजर्स आसानी से नए पोस्टपेड प्लान में अपग्रेड कर सकते हैं. हालांकि इस प्लान में उन्हें वॉइस कॉलिंग और मैसेजिंग की सुविधा नहीं मिलेगी.
किक्रेट लवर्स के लिए खास सुविधा
क्रिकेट लवर्स को लुभाने के लिए Jio ने एक खास प्लान बनाया है. कंपनी ने इस योजना के साथ Jio IPL धन धना धन ऑफर को भी शामिल किया है. इसमें सब्सक्राइबर्स को अपने Jio ब्रॉडबैंड सर्विस के लिए 50 दिनों का डिस्काउंट क्रेडिट वाउचर मिल सकता है. यह प्लान टी20 क्रिकेट सीज़न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यह ऑफर 31 मई 2024 तक वैलिड होगा.
दूरसंचार विभाग (DoT) ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि यह कदम गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस के विश्लेषण के बाद उठाया गया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए अहम कदम उठाया है. सरकार ने 28,200 मोबाइल हैंडसेट्स को ब्लॉक करने का निर्देश जारी किया. साथ ही इन हैंडसेटों से जुड़े 20 लाख मोबाइल कनेक्शनों को फिर से वेरिफाई करने के भी निर्देश जारी किया है. टेलीकॉम ऑपरेटर्स को तुंरत इस निर्देश का पालन करने के लिए कहा गया है. केंद्र सरकार ने कहा है कि साइबर क्राइम में टेलीकॉम्युनिकेशन का गलत इस्तेमाल हो रहा था. इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
गड़बड़ी करने वाले नंबरों के कटेंगे कनेक्शन
गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस की साझा जांच में इस गड़बड़ी में खुलासा है कि साइबर अपराधी देश भर में 28,200 मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए कर रहे थे. दूरसंचार विभाग (DoT) के मुताबिक, इन संदिग्ध मोबाइल हैंडसेंट के जरिए 20 लाख से ज्यादा नंबरों का इस्तेमाल किया गया. ऐसे में लोगों को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए सरकार ने इन नंबरों और हैंडसेट को वेरिफाई करने का फैसला किया है.
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कैसे पकड़ में आई यह साइबर धोखाधड़ी
टेलीकॉम कंपनियों को सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर वेरिफिकेशन के बाद मोबाइल हैंडसेट और नंबरों का इस्तेमाल डिजिटल फ्रॉड के लिए करने की बात पता चलती है तो इनका कनेक्शन तुरंत काट दिया जाए. बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से साइबर फ्रॉड और साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए हाल में एक डिजिटज इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) लॉन्च की गई है. इसके जरिए सरकार को यह पता चला है कि कई मोबाइल हैंडसेट और नंबरों का गलत इस्तेमाल हो रहा है.
डिजिलटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई
सरकार ने हाल ही में साइबर क्राइम और फ्रॉड के लिए दूरसंचार के दुरुपयोग से निपटने में हितधारकों के बीच समन्यव बढ़ाने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) की शरुआत की है. पोर्टल के लॉन्च के बाद से विभाग ने फिशिंग SMS भेजने में शामिल 52 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया. देशभर में 348 मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक कर 10,834 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को फिर से वेरिफाई करने के लिए चिह्नित किया गया था. टेलीकॉम विभाग ने 7 मई को फाइनेंशियल स्कैम में इस्तेमाल किए गए एक फोन नंबर को डिस्कनेक्ट किया था, साथ ही उस नंबर से जुड़े 20 मोबाइल हैंडसेट को भी ब्लॉक कर दिया था.
टेलीकॉम डिर्पाटमेंट ने लोगों को किया आगाह
टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने लोगों को आगाह किया है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से सावधान रहें. धोखेबाज अक्सर बैंक KYC पूरा नहीं होने, बैंक अकाउंट, पेमेंट वॉलेट, गैस कनेक्शन, सिम वेरिफिकेशन और बिजली कनेक्शन डिएक्टिवेट होने से जुड़ा SMS भेज कर लोगों को झांसे में लेते हैं और फिर मोटी रकम का चूना लगा देते हैं. डिपार्टमेंट ने कहा है कि अगर इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है तो टोल फ्री नंबर 1930 या फिर साइबर www.cybercrime.gov.in. पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
विभाग इस बात की भी योजना बना रहा है कि दूरसंचार कंपनियों के लिए DCA प्लेटफॉर्म को लागू करना अनिवार्य बनाया जाए.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
क्या आप भी वक्त–बेवक्त आने वाले स्पैम कॉल्स और मैसेज्स से परेशान है तो हम, आपके लिए राहत भरी खबर लेकर आए हैं. अब इस पर अंकुश के लिए दूरसंचार विभाग (DOT) नई सरकार गठन के बाद पहले 100 दिन के एजेंडे में शामिल करने की तैयारी कर रहा है. टेलीकॉम डिपार्टमेंट देशभर में स्पैम कॉल और SMS पर अंकुश लगाने के लिए ठोस योजना तैयार करने में लगा है. इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) आधारित डिजिटल सहमति मंच (DCA) से दूरसंचार कंपनियों को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा. साथ ही चक्षु पोर्टल को भी अपडेट किया जाएगा.
उभोक्ता को मिलेगा अधिकार
गौरतलब है कि ट्राई ने स्पैम और बड़ी मात्रा में होने वाले टेली कॉलिंग पर अंकुश के लिए इस डीसीए मंच को लागू करने का निर्देश दिया था. DCA किसी कंपनी या कारोबार से कॉमर्शियल कॉल या SMS प्राप्त करने के लिए ग्राहकों द्वारा दी गई सहमति प्राप्त करने, उसे बनाए रखने और रद्द करने के लिए एक एकीकृत मंच है. इसे इसलिए लाया गया है ताकि उपभोक्ता के पास यह नियंत्रण रहे कि कौन उसे संदेश भेज सकता है और कौन नहीं. हालांकि, उपभोक्ताओं को अब तक इसका फायदा नहीं मिल पाया है. वहीं, ट्राई ने इस मामले में दूरसंचार कंपनियों द्वारा इस मंच से जुड़ने की धीमी चाल पर सवाल उठाया है.
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नई समिति बनेगी
अब इस मामले में दूरंसचार विभाग द्वारा एक नई समिति बनाए जाने की उम्मीद है ताकि बेहतर समन्वय हो सके. इस समिति में दूरसंचार विभाग, उपभोक्ता के मंत्रालय और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को शामिल किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि यह समिति इंटरनेट से होने वाले फोन कॉल और व्हाट्सऐप के लिए प्रारूप दिशा निर्देश तैयार करने पर काम करेगी. इसमें दूरसंचार ऑपरेटरों को भी शामिल किया जा सकता है.
चक्षु पोर्टल को भी किया जाएगा अपडेट
विभाग इस बात की भी योजना बना रहा है कि उसके चक्षु पोर्टल को लगातार अपडेट किया जाए. इस पोर्टल के जरिए लोगों को यह सुविधा मिलती है कि वे फर्जी संचार की आशंका वाले फोन कॉल या SMS के मोबाइल नंबर या व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया से मिले ऐसे संचार के बारे में शिकायत दर्ज करा सकें. वैसे तो यह प्लेटफॉर्म किसी तरह की चूक से परे है, लेकिन कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या अवांछिततत्व इसका भी दुरुपयोग कर सकते हैं? इसलिए आगे चलकर पोर्टल को अपडेट किया जाएगा ताकि न सिर्फ जालसाजी पर बल्कि कुछ नंबरों से आने वाले बड़े मात्रा के स्पैम पर भी निगरानी सख्त की जा सके.
TRAI ने कंपनियों पर उठाया सवाल
ट्राई ने इस मामले में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल द्वारा अपने सिस्टम में निजी व्यवसायों को जोड़ने को लेकर धीमी चाल पर सवाल उठाया है, लेकिन ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें इस मामले में उद्योग से ही सुस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. अभी तक ग्राहकों को कोई ऐसी एकीकृत प्रणाली नहीं मिल पाई है जिसके जरिए वे सहमति दे या उसे निरस्त कर सकें. पहले व्यवस्था यह थी कि ग्राहक की मंजूरी को हासिल करने या बनाए रखने की जिम्मेदारी व्यवसायों की ही है.
Apple की ओर से 'Let Loose' इवेंट में दो नए टैबलेट लॉन्च किए गए हैं. इन्हें कंपनी पावरफुल परफॉर्मेंस के साथ लेकर आई है और ये कंपनी के अब तक के सबसे पतले प्रोडक्ट हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
Apple ने अपने लूट इंवेट में दो नए iPads लॉन्च किए हैं. ये हैं iPad Air, iPad Pro. ये कंपनी का लेटेस्ट मिड रेंड iPad मॉडल है, जो दो साइज के साथ उतारा गया है, 11 इंच और 13 इंच. टिम कुक ने इवेंट शुरू होते ही बताया कि Porsche विज़न प्रो के साथ एक बेहतरीन एक्सपीरियंस देने की तैयारी कर रहा है. iPad के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह स्टूडेंट्स से लेकर टीचर्स और आर्किटेक्ट्स से लेकर डिजाइनर्स तक की पूरी मदद करता है. इसी के साथ कंपनी ने Apple Pencil, Magic Keyboard, M4 Chipset लॉन्च किया है.
सबसे पतला डिवाइस है Apple iPad Pro
Apple iPad Pro का नया जेनरेशन नए M4 चिप और OLED डिस्पले के साथ लॉन्च हो गया है. एप्पल का यह अब तक लॉन्च हुआ सबसे पतला डिवाइस है, जिसकी मोटाई महज 5.1mm है. iPad Air (2024) की तरह ही इस नए iPad Pro को भी दो स्क्रीन साइज 11 इंच और 13 इंच में पेश किया गया है. एप्पल का यह नया iPad Pro भी AI फीचर से लैस है. कंपनी ने इसकी प्री-बुकिंग शुरू कर दी है. भारत समेत 29 देशों में यह 15 मई से सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.
iPad Pro (2024) के फीचर्स
एप्पल के इस स्पेशल Let Loose इवेंट में पेश हुआ यह नया iPad Pro OLED डिस्प्ले पैनल के साथ आता है. इसका डिस्प्ले 1600 निट्स की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है. इसके 11 इंच वाले मॉडल की मोटाई 5.3mm है, जबकि 13 इंच वाला मॉडल 5.1 इंच पतला है. एप्पल के इस नए iPad Pro (2024) में अल्ट्रा रेटिना XDR डिस्प्ले दिया गया है. Apple ने इसके अलावा इस नए iPad Pro (2024) के ओवरऑल डिजाइन को भी अपग्रेड किया है. इसमें एंटी-ग्लेयर नैनो टेक्स्चर डिजाइन मिलता है, जिसे पहली बार किसी iPad में इस्तेमाल किया गया है.
नए लॉन्च हुए M4 चिप की बात करें तो यह OLED डिस्प्ले को बेहतर तरीके से कंट्रोल करता है. इसके ओवरऑल CPU और GPU को इंप्रूव किया गया है. यह चिप सेकेंड जेनरेशन के 3 नैनोमीटर फेब्रिकेशन प्रोसेस पर काम करता है. इसके अलावा इसमें नया न्यूरल इंजन मिलता है, जो इसे एक पावरफुल AI चिप बनाता है. यह भी एप्पल के लेटेस्ट iPadOS 17 पर काम करता है.
तीन स्टोरेज वेरिएंट में हुए लॉन्च
iPad Pro (2024) को 256GB, 512GB, 1TB और 2TB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है. इस नए iPad Pro के कैमरा को भी इंप्रूव किया गया है. इसमें अडैप्टिव फ्लैश का इस्तेमाल किया गया है. यही नहीं, इसके भी फ्रंट फेसिंग कैमरा को लैंडस्केप एज पर फिट किया गया है ताकि यूजर्स को FaceTime कॉल करने में दिक्कत न आए.
iPad Pro (2024) की कीमत
iPad Pro (2024) के 11 इंच वाले Wi-Fi मॉडल की शुरुआती कीमत 99,900 रुपये है. वहीं, इसका Wi-Fi + 5G वाला मॉडल 1,19,900 रुपये से शुरू होता है. वहीं, इसके 13 इंच वाले Wi-Fi मॉडल की कीमत 1,29,900 रुपये से शुरू होती है. वहीं, इसका Wi-Fi + 5G मॉडल 1,49,900 रुपये की शुरुआती कीमत में उपलब्ध है. स्टूडेंट्स के लिए iPad Pro (2024) की कीमत 10,000 रुपये कम रखी गई है. इसे 15 मई से ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनल के माध्यम से खरीद सकेंगे.
पेंसिल प्रो और मैजिक बोर्ड भी लॉन्च
एप्पल के इस लूट इंवेट में इसके साथ ही Apple Pencil Pro, Magic Keyboard भी लॉन्च हुए. Apple Pencil Pro में कई सेंसर को शामिल किया है. इसको दबाने (स्क्वीज) पर यूजर्स नए टूल्स को एक्सेस कर सकते है, जो एक टाइम सेविंग टूल है. साथ ही इसमें कई नए एडिटिंग टूल्स और शॉर्टकट को शामिल किया है. इसकी कीमत 11,900 रुपये है, वहीं एप्पल का Magic Keyboard का डिजाइन काफी स्लीक और स्लिम है. इस कीबोर्ड को दो कलर वेरिएंट में पेश किया गया है. इसके फीचर्स भी काफी अपडेटेड है. नया 11-इंच मैजिक कीबोर्ड 29900 रुपये में और नया 13-इंच मैजिक कीबोर्ड 33900 रुपये में उपलब्ध है.