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AI की मदद से भारत की शिक्षा में आएगी क्रांति, राहुल द्रविड़ ने लॉन्च किया डिजिटल क्लासरूम
इंटेल द्वारा संचालित रूमब्र (Roombr) ने अगले दो साल में करीब 10 लाख डिजिटल कक्षाओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है. इसे पूरा करने में बतौर ब्रैंड एंबेसडर सहयोग करेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय टीम के पूर्व कोच व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में रूमब्र (Roombr) द्वारा डेवलप दुनिया का पहला पेटेंट डिजिटल क्लासरूम लॉन्च किया. बता दें, रूमब्र बैंगलोर स्थित बूटस्ट्रैप्ड क्लास टेक स्टार्टअप है. रूमब्र द्वारा इंटेल और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स के सहयोग से विकसित की गई इस नई तकनीक का लक्ष्य साल 2026 तक 10 लाख डिजिटल कक्षाओं तक पहुंचना है, ताकि देशभर में पढ़ने और सीखने के माहौल को बदला जा सके. वहीं, राहुल द्रविड़ बतौर ब्रैंड एंबेसडर इस लक्ष्य को पूरा करने में अपना सहयोग देंगे.
कैसे काम करेगा डिजिटल क्लासरूम?
रूमब्र डिजिटल क्लासरूम कभी भी, कहीं भी सीखने की क्षमता को सक्षम बनाता है और सीखने के परिणाम को बेहतर बनाने में मदद करता है. डिजिटल कक्षा में रूमब्र का काम अत्याधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एआई-संचालित क्षमताओं के साथ एकीकृत करना है. यह एक इंटरैक्टिव और इमर्सिव सीखने का अनुभव बनाता है. इसके हार्डवेयर में एक बड़ी 120 इंच की इंटरैक्टिव स्क्रीन है, जो शिक्षा का प्रवेश द्वार जैसा है. इसके अलावा इसमें डुअल कैमरा सेटअप, शक्तिशाली स्पीकर, एक अति संवेदनशील माइक और 3डी क्षमताएं अलग से मौजूद हैं. एआई से संचालित यह रूमब्र ऐप छात्रों को घर बैठे कक्षा और पढ़ाई से जोड़ता है. यह क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म होने की वजह से 24 घंटे और सप्ताह में सभी दिन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराता हैरूमब्र एआई द्वारा संचालित मूल्यांकन असाइनमेंट से पता किया जा सकता है कि छात्र अपनी पढ़ाई में कितना सफल रहे?
छात्रों की पढ़ाई का मूल्यांकन भी करेगा डिजिटल क्लासरूम
इस मौके पर राहुल द्रविड़ ने कहा कि शिक्षा हमेशा मेरे दिल के करीब रही है. रूमब्र की तकनीक शिक्षकों के साथ साथ छात्रों के लिए परिवर्तनकारी है. इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए भारत की शिक्षा में नई क्रांति आएगी. एआई के जरिए छात्रों को न सिर्फ 24 घंटे पढ़ाई करने का मौका मिलेगा बल्कि पढ़ाई में उन्होंने कितनी कामयाबी हासिल की है, इसका मूल्यांकन भी एआई के रूप में ये डिजिटल क्लासरूम करेगा.
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रूमब्र देश की शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी उपलब्धि
रूमब्र के संस्थापक और सीईओ सतीशा नाराहरिमूर्ति ने कहा कि डिजिटल कक्षाओं के लिए रूमब्र एक ऐसा नवाचार है, जो छात्रों के सीखने के अनुभव और शिक्षण की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए अनुकूली मूल्यांकन, व्यक्तिगत प्रतिक्रिया और वास्तविक समय डाटा विश्लेषण को सक्षम बनाता है. जैसे-जैसे हम शिक्षा प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेतृत्व की ओर आगे बढ़ रहे हैं. ठीक वैसे ही यह अकेले रूमब्र नहीं बल्कि पूरे देश की शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.
शिक्षा में क्रांति लाना इस डिजिटल कक्षा का उद्देश्य
रूमब्र के सह-संस्थापक प्रवीण कृष्णैया ने कहा कि हमारी एआई-संचालित कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों के साथ साथ शिक्षकों के जीवन को भी सहज बनाते हुए शिक्षा में क्रांति लाना है. हमारे इस सिस्टम के साथ शिक्षक यह तय कर सकते हैं कि वह अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किसमें दें? उदाहरण के लिए उन्हें प्रेरित करने, मार्गदर्शन या फिर पढ़ाने किस पर अधिक ध्यान देना है. वहीं, छात्रों की बात करें तो उनके लिए रूमब्र एक इंटरैक्टिव और आकर्षक माध्यम है जिसके जरिए वह अपने ज्ञान कौशल को बढ़ा सकते हैं.
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