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क्या है Dark Pattern, जानिए कैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ग्राहकों को इसमें फंसाते हैं?
ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को अपने जाल में फंसाने के लिए डार्क पैटर्न (Dark Pattern) का जमकर इस्तेमाल करती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आज के समय में लोगों को खाना मंगाना हो या शॉपिंग करनी हो, तो वह कहीं बाहर निकलने से पहले ऐप्स और वेबसाइट्स पर स्क्रोल करते हैं. इसका कारण यही है कि इन ऐप्स और वेबसाइट के जरिए लोग घर बैठे आसानी से कुछ भी मंगा सकते हैं. इसी बात का फायदा उठाकर ई-कॉमर्स, कैब सर्विस और तमाम ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते हैं. ये प्लेटफॉर्म अपने मुनाफे के लिए डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करके ग्राहकों से बेफिजूल की खरीदारी करवाते हैं. अगर आपको इस डार्क पैटर्न के बारे में जानकारी नहीं है, तो हम इसकी पूरी जानकारी देते हैं और इसकी पहचान करने का तरीका भी बताते हैं.
क्या है डार्क पैटर्न?
इन दिनों डार्क पैटर्न (Dark Pattern) के जरिए ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को भ्रमित करके अपना मुनाफा कमा रही हैं. दरअसल हमें जो चीज खरीदनी होती है उसे मंगा लेते हैं और कुछ चीजों को कार्ड में एड कर लेते हैं, जिसका इस्तेमाल ये कंपनियां करती हैं. ग्राहकों को प्रोडक्ट खरीदने के लिए भ्रामक विज्ञापन दिखाकर खरीदारी के लिए मजबूर किया जाता है, जो चीज हमारे कार्ड में एड होती है, उससे रिलेटेड नोटिफिकेशन बार-बार हमारे पास भेजे जाते हैं. वहीं, आपने लिमिटेड डील भी खूब सुना होगा. ग्राहकों को दिखाया जाता है कि जिस चीज को उन्होंने कार्ड में एड कर रखा है, उस पर डील कभी भी खत्म हो सकती है. बस इसी में ज्यादातर लोग फंस जाते हैं और खरीद लेते हैं. असल में इसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं, बल्कि इसका इस्तेमाल कंपनियां अपना सामान ज्यादा से ज्यादा बेचने के लिए करती हैं. इसे सामान्य भाषा में डार्क पैटर्न कहा जाता है.
डार्क पैटर्न का इस्तेमाल गलत
डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करके ई-कॉमर्स या दूसरी तरह की कंपनियां ग्राहकों को गुमराह करती है, उन्हें सामान खरीदने के लिए मैन्युपलेट किया जाता है, जोकि सही नहीं है. कंपनियों के इस पैटर्न को देखते हुए पिछले दिनों ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर रोक भी लगा दी गई. हालांकि इसके बावजूद भी कई ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जो डार्क पैटर्न का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं.
ऐसे करें डार्क पैटर्न की पहचान
ऐप या वेबसाइट आपको डार्क पैटर्न में फंसा रहा है या नहीं. इसे परखने के लिए कुछ चीजों पर ध्यान देना जरूरी है.
1. किसी ऐप या वेबसाइट पर विज्ञापन पॉप-अप होने पर उसे रिमूव करने का ऑप्शन नहीं मिल रहा तो समझ लीजिए ऐप या साइट डार्क पैटर्न का इस्तेमाल कर रही है. अक्सर विज्ञापन रिमूव करने का ऑप्शन बहुत छोटे में होता है, जो दिखता भी नहीं है.
2. कई ऐसे प्रोडक्ट होते हैं, जिन पर लिखा होता है लिमिटेड डील, यानी अगर प्रोडक्ट को समय रहते नहीं खरीदा गया तो डील मिस हो जाएगी. इसमें बहुत लोग फंस जाते हैं और झट से खरीदारी कर लेते हैं, जबकि लोगों को मूर्ख बनाने का कंपनियों के लिए सिर्फ ये एक जरिया भर है.
3. साइन-अप प्रोसेस आसान लेकिन साइन आउट प्रोसेस जटिल, जी हां, कुछ ऐसे ऐप और वेबसाइट हैं, जिन पर लॉग इन करना आसान होता है, लेकिन जब बात साइन-आउट करने की आती है तो दू-दूर तक ऑप्शन नहीं दिखता, तो ये सभी डार्क पैटर्न है.
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