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डी गुकेश ने रचा इतिहास, चेस के नए वर्ल्ड चैम्पियन बने, जानिए कौन हैं 18 साल का ये युवा?

भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने सिंगापुर में विश्व शतरंज चैंपियनशिप के निर्णायक 14वें गेम में डिंग लिरेन को हराकर सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत के डी गुकेश ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया है. वो चेस के नए और सबसे युवा वर्ल्ड चैम्पियन बन गए हैं. उन्होंने चीन की बादशाहत खत्म कर दी है. डोम्माराजू गुकेश ने एक रिकॉर्ड के मामले में पूर्व भारतीय चेस मास्टर विश्वनाथन आनंद की भी बराबरी कर ली है. दरअसल, वर्ल्ड चेस चैम्पियन 2024 का फाइनल मुकाबला गुरुवार को सिंगापुर में खेला गया. इस अहम मुकाबले में डी गुकेश की टक्कर डिफेंडिंग चैम्पियन और चीन के चेस मास्टर डिंग लिरेन (Ding Liren) से थी. खिताबी मुकाबले में डी गुकेश ने 14वीं बाजी में डिंग लिरेन को करारी शिकस्त दी और खिताब पर कब्जा जमाया. 

गुकेश का दबाव और डिंग लिरेन ने कर दी गलती 

इस खिताबी मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन पर डी गुकेश किस कदर भारी पड़े इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि एक समय यह मुकाबला टाईब्रेक की ओर जा रहा था. मगर उस मुश्किल स्थिति में भी गुकेश ने कॉन्फिडेंस दिखाया और अपनी कोशिशें जारी रखीं. इसका नतीजा यह हुआ कि डिंग लिरेन दबाव में आए और उन्होंने एक बेहद बड़ी गलती कर दी. फिर क्या था, इसका फायदा तुरंत गुकेश ने उठाया. उन्होंने इस दिमागी खेल में डिंग लिरेन को चारों खाने चित करते हुए मैच और ताज दोनों छीन लिए. गुकेश ने इस निर्णायक मैच की आखिरी क्लासिकल बाजी जीतकर लिरेन के 6.5 पॉइंट्स के मुकाबले जरूरी 7.5 अंक हासिल किए और खिताब जीता. इसके साथ ही वो एक रिकॉर्ड के मामले में विश्वनाथन आनंद के क्लब में भी शामिल हो गए हैं. दरअसल, गुकेश वर्ल्ड चेस चैम्पियन बनने वाले भारत के दूसरे प्लेयर बन गए हैं. 

कौन हैं डी गुकेश?

डी गुकेश चेन्नई के रहने वाले हैं, इनका पूरा नाम डोम्माराजू गुकेश है. गुकेश का जन्म चेन्नई में 7 मई 2006 को हुआ था. उन्होंने 7 साल की उम्र में ही शतरंज खेलना शुरू कर दिया था, उन्हें शुरू में भास्कर नागैया ने कोचिंग दी थी. इसके बाद नागैया इंटरनेशनल चेस खिलाड़ी रहे. इसके बाद विश्वनाथन आनंद ने गुकेश को खेल की जानकारी देने के साथ कोचिंग दी. गुकेश, आनंद शतरंज अकादमी (WACA) में ट्रेनिंग लेते हैं.

बचपन से है चेस से मोहब्बत

गुकेश के पिता डॉक्टर हैं और मां पेशे से माइक्रोबायोलोजिस्‍ट हैं. स्कूल के दिनों में ही उन्हें इस खेल से प्यार हो गया. अपने शानदार प्रदर्शन के चलते वह तेजी से आगे बढ़ते गए. गुकेश ने 17 साल की उम्र में FIDE कैंडिडेट्स चेस टूर्नामेंट भी जीता था, तब वह ऐसा करने वाले सबसे युवा प्लेयर बने थे. वहीं, इसी साल 10 से 23 सितंबर 2024 को बुडापेस्ट में चेस ओलंपियाड का आयोजन हुआ था. भारत ने मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी में चैंपियन बना था. ओपन कैटेगरी में गुकेश ने ही फाइनल गेम जीतकर भारत को जीत दिलाई थी.

करियर की कुछ बड़ी उपलब्धियां

गुकेश ने बहुत ही कम उम्र में यह साबित कर दिया था कि वह भविष्य के चेस के बड़े खिलाड़ी बनेंगे। वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतकर गुकेश ने यह साबित भी कर दिया। चलिए गुकेश के करियर की कुछ बड़ी उपलब्धियों के बारे में जानतें हैं।
•    2024: वर्ल्ड चेस चैंपियन (सबसे युवा)
•    2024: पेरिस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट विजेता (सबसे युवा)
•    2024: चेस ओलंपियाड में भारत को विजेता बनाया
•    2023 फिडे सर्किट: दूसरा स्थान हासिल किया, कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया
•    2022 चेस ओलंपियाड: व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक, भारत ने कांस्य पदक जीता
•    2022: ऐमचेस रैपिड: मैगनस कार्लसेन के विश्व चैंपियन बनने के बाद उन्हें हराने वाले सबसे युवा खिलाड़ी
•    2021: जूलियस बेयर चैलेंजर्स चेस टूर: विजेता बने
•    2019: 12 साल 7 महीने और 17 दिन में ग्रैंडमास्टर बने
•    2018: वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप: विनर (अंडर-12 कैटेगिरी)
•    2015: अंडर-9 एशियाई स्कूल चैंपियनशिप (कैंडिडेट मास्टर का खिताब)
 


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