शादी में इतना खर्च करने वाला अकेला नहीं है अंबानी परिवार, इन्‍होंने भी खर्चें हैं करोड़ों

भारत में अभी तक अंबानी परिवार की इकलौती बेटी ईशा अंबानी की शादी सबसे महंगी शादी रही है. इसमें ईशा ने 90 करोड़ का तो लहंगा ही पहना था. 

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Saturday, 02 March, 2024
Anant Radhika Wedding

पिछले कुछ दिनों से अंबानी परिवार में हो रही शादी के चर्चे हो रहे हैं. इस शादी में आने वाले गेस्‍ट की लिस्‍ट से लेकर अनंत और राधिका की शादी में परफॉर्म करने वाली रिहाना तक सभी की चर्चा हो रही है. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि अंबानी परिवार इस शादी पर कितने करोड़ खर्च कर रहा है. अगर आप ये आंकड़ा जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे. लेकिन हम अपनी इस स्‍टोरी में आपको ये भी बताएंगे कि सिर्फ अंबानी परिवार ही नहीं बल्कि देश के कई और भी परिवार हैं जिन्‍होंने अपने बच्‍चों की शादी में कई सौ करोड़ खर्च किए हैं. 

1 मार्च से 3 मार्च तक होगा शादी का कार्यक्रम 
मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी का कार्यक्रम 1 मार्च से शुरू हो चुका है. 1 मार्च से 3 मार्च तक होने वाली इस शादी में बिल गेट्स से लेकर इवांका ट्रंप तक पहुंचे हुए हैं. गुजरात के जामनगर में होने वाली इस शादी के लिए भव्‍य तैयारियां की गई हैं. तीन दिन के इस शादी समारोह में बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक के कई स्‍टार भी पहुंचे हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अंबानी परिवार अपने छोटे बेटे की शादी में 1000 करोड़ रुपये तक खर्च करने वाला है. माना जा रहा है कि अगर ऐसा होता है तो ये देश की सबसे महंगी शादी होगी. अमेरिकी कलाकार रिहाना शुक्रवार की रात को अपनी परफॉर्म कर चुकी हैं, जबकि कई और कलाकारों के कार्यक्रम भी होने हैं. 

ईशा अंबानी की शादी रही है सबसे महंगी शादी 
इससे पहले देश में सबसे महंगी शादी का रिकॉर्ड ईशा अंबानी के नाम पर है. मुकेश अंबानी ने अपनी इकलौती बेटी को धूम-धाम से विदा किया था. ईशा अंबानी ने अपनी शादी में 90 करोड़ रुपये का तो लहंगा ही पहना था. जबकि दीपिका और अनुष्‍का की शादी का कुल बजट ही 90 करोड़ रुपये था. ये सबसे महंगा लहंगा पहनने का रिकॉर्ड है. ईशा की शादी में 10 मिनट की परफॉर्मेंस के लिए मीका ने डेढ़ करोड़ रुपये चार्ज किए थे. 

इन माता-पिता ने भी बच्‍चों की शादी में खर्चे करोड़ों 
अकेले मुकेश अंबानी भारत में ऐसे व्‍यक्ति नहीं हैं जो अपने बच्‍चों की शादी में इतना खर्च कर रहे हों. इससे पहले कर्नाटक के मंत्री जनार्दन रेड्डी की बेटी की शादी को भी रॉयल वेडिंग कहा जाता है. इस शादी में 500 करोड़ रुपये का खर्च आया था. ये शादी 2016 में हुई थी. उस वक्‍त इसकी चर्चा पूरे देश में हुई थी. इस शादी के फंक्‍शन 5 दिन तक चले थे और इसमें 50 हजार मेहमानों ने शिरकत की थी. इसी तरह सुब्रत रॉय सहारा के दोनों बेटों की शादी भी रॉयल तरीके से हुई थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इनकी शादी में भी 500 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. 

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आखिर कौन हैं Hana-Rawhiti? जिन्होंने न्यूजीलैंड की संसद में बिल फाड़ते हुए किया अनोखा डांस

न्यूज़ीलैंड की संसद में गुरुवार को देश की सबसे युवा सांसद हाना-रावहिती करियारीकी मैपी-क्लार्क ने कुछ ऐसा किया जिसकी काफी चर्चा हो रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 November, 2024
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Saturday, 16 November, 2024
BWHindia

न्यूजीलैंड की संसद में एक दिलचस्प सीन देखने को मिला. दरअसल, अपने भाषणों की वजह से चर्चा में रहने वाली और सबसे कम उम्र की माओरी सांसद हाना-रावहिती करियारीकी मैपी-क्लार्क ने सदन में स्वदेशी संधि विधेयक के विरोध में उत्साहपूर्ण हाका नृत्य करना शुरू कर दिया. यही नहीं, ऐसा करते-करते उन्होंने स्वदेशी संधि विधेयक की एक कॉपी भी फाड़ दी. देखते ही देखते उनके साथ कुछ अन्य सांसद भी इस तरह के विरोध में शामिल हो गए. न्यूजीलैंड में संसद सत्र के दौरान हुए इस विरोध का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. 

सदन के अन्य सदस्य भी करने लगे हाका नृत्य

दरअसल, गुरुवार को न्यूजीलैंड के संसद के सदन में सभी सांसद संधि सिद्धांत विधेयक पर मतदान करने के लिए जुटे थे, लेकिन 22 वर्षीय मैपी-क्लार्क ने सत्र के दौरान बोलना शुरू किया. बोलते-बोलते ही उन्होंने विधेयक की एक कॉपी फाड़ दी और पारंपरिक माओरी नृत्य हाका को करने लगीं. कुछ ही पल में सदन के अन्य सदस्य और गैलरी में बैठे दर्शक भी हाना-रावहिती करियारीकी मैपी-क्लार्क के साथ हाका डांस में शामिल हो गए, जिसके कारण स्पीकर गेरी ब्राउनली ने सदन के सत्र को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया.

क्यों हो रहा है इस विधेयक का विरोध?

विवादास्पद संधि सिद्धांत विधेयक को बहुत कम समर्थन मिला है और इसके कानून बनने की संभावना नहीं है. आलोचकों का कहना है कि यह नस्लीय विवाद और संवैधानिक उथल-पुथल की धमकी देता है, जबकि हजारों न्यूजीलैंडवासी इस सप्ताह इसका विरोध करने के लिए देश भर में यात्रा कर रहे हैं. बताया गया है कि 1840 की वेटांगी संधि में निर्धारित सिद्धांतों के तहत, जो सरकार और माओरी के बीच संबंधों को निर्देशित करते हैं, जनजातियों को ब्रिटिशों को शासन सौंपने के बदले में अपनी भूमि को बनाए रखने और अपने हितों की रक्षा करने के व्यापक अधिकारों का वादा किया गया था. बिल में निर्दिष्ट किया जाएगा कि वे अधिकार सभी न्यूजीलैंडवासियों पर लागू होने चाहिए.

कौन हैं हाना-रावहिती करियारीकी मैपी-क्लार्क?

हाना-रावहिती करियारीकी मैपी-क्लार्क न्यूजीलैंड की 22 वर्षीय सांसद हैं, जो संसद में ते पाटी माओरी का प्रतिनिधित्व करती हैं. वह सदन में सबसे कम उम्र की सांसद हैं. मैपी-क्लार्क ने शुरुआत में तब सुर्खियां बटोरीं जब वह न्यूजीलैंड में 2023 के चुनावों में चुनी गईं और अपने पहले भाषण के दौरान संसद में पारंपरिक हाका का प्रदर्शन किया. वह और उनके पिता दोनों ही ते पाटी माओरी से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार माने जा रहे थे, लेकिन आखिरकार मैपी-क्लार्क को उनके युवा दृष्टिकोण के कारण चुना गया. मैपी-क्लार्क प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और उनकी रूढ़िवादी सरकार की मुखर आलोचक रही हैं, जिस पर माओरी अधिकारों को खत्म करने का आरोप लगाया गया है.
 


सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा #BanSwiggyPharmacy, जानिए क्या है पूरा मामला? 

दवाओं की 10 मिनट में डिलीवरी को लेकर स्विगी (Swiggy) अब मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के निशाने पर आ गई है. स्विगी के विरोध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #BanSwiggyPharmacy खूब ट्रेंड कर रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 11 November, 2024
Last Modified:
Monday, 11 November, 2024
BWHindia

ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाली क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी (Swiggy) एक बड़ी मुश्किल में फंस गई है. दरअसल, स्विगी ने अपने इंस्टामार्ट प्लेटफॉर्म के जरिए 10 मिनट में दवाई की डिलीवरी करने का दावा किया है. इसके विरोध में आज यानी 11 नवंबर 2024 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर #BanSwiggyPharmacy ट्रेंड शुरू हो गया है. मेडिकल स्टोर एसोसिएशन से लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तक सभी स्विगी की इस सर्विस का विरोध कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं क्यों हर जगह स्विगी का विरोध हो रहा है?

स्विगी ने इस कंपनी के साथ किया समझौता  
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्विगी ने फार्मेसी (PharmEasy) के साथ एक समझौता किया है. इस समझौते के तहत स्विगी ने दावा किया है कि वह अपने प्लैटफॉर्म इंस्टामार्ट के जरिए 10 मिनट में लोगों को दवाई पहुंचाएगी, लेकिन अब मेडिकल स्टोर संचालकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. इस विरोध को लेकर आज सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर #BanSwiggyPharmacy ट्रेंड शुरू हो गया है. इसमें काफी लोग इन पर बैन लगाने की बात कर रहे. इस ट्रेंड के साथ यूजर्स का कहना है कि स्विगी का यह कदम लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है.

एसोसिएशन ने डीसीजीआई को लिखा था लेटर
स्विगी के इस फैसले के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिकल एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने कुछ दिनों पहले ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को एक लेटर भी लिखा था. इसमें AIOCD ने स्विगी के इस कदम पर चिंता जाहिर की थी. लेटर में एसोसिएशन ने सरकार के सामने चार मुख्य चिंताओं को रेखांकित किया था. वहीं, इस मामले में स्विगी ने भी अपना देते हुए कहा है कि वह अपने क्विक कॉमर्स प्लैटफॉर्म इंस्टामार्ट के जरिए पहले से ही कई तरह की दवाइयां जैसे पेन रिलीफ स्प्रे आदि बेच रही है. 

यूजर्स एक्स पर लिख रहे ये पोस्ट 
स्विगी के इस फैसले पर यूजर्स एक्स पर आपत्ति जता रहे हैं. Paradox नाम के एक यूजर ने पूछा है, 'दवाइयों की डिलीवरी के लिए क्या स्विगी सही प्लैटफॉर्म है? इस पर दो बार सोचने की जरूरत है.' वहीं, Akshita Tiwari नाम की एक यूजर ने लिखा है, 'स्विगी, हम खाने को लेकर आप पर विश्वास करते हैं, लेकिन दवाइयों को लेकर नहीं, लोगों की हेल्थ को खतरे में मत डालो.' Zareen Khan नाम की यूजर ने लिखा है कि जब स्विगी हमारे खाने को सुरक्षित नहीं पहुंचा सकता तो यह दवाओं को भी सुरक्षित नहीं पहुंचा पाएगा. yadav s1 नाम के एक यूजर ने लिखा है कि स्विगी का फार्मेसी में आने का मतलब है कि अनरेगुलेटेड और रिस्की दवाओं की बिक्री.


 ऐसा क्‍या है Income Tax के नोटिस में जोकि अश्‍नीर ने कह दिया ‘गोली ही मार दो सीधा’ 

अश्‍नीर ग्रोवर अक्‍सर सरकार की नीतियों को लेकर सवाल खड़े करते रहते हैं. उन्‍होंने इससे पहले पेटीएम पर हुई कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठाए थे.

Last Modified:
Tuesday, 12 March, 2024
Ashneer Grover

सरकार के कई एक्‍शन पर खुलकर बोलने वाले अश्‍नीर ग्रोवर को इनकम टैक्‍स की ओर से नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में अश्‍नीर से कई सवाल पूछे गए हैं और उनका जवाब देने के लिए कहा है. लेकिन अश्‍नीर ग्रोवर ने इस पूरे मामले को लेकर इनकम टैक्‍स नोटिस को सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करते हुए लिखा है कि गोली ही मार दो सीधा. अब सवाल ये है कि आखिर अश्‍नीर ग्रोवर ने ऐसा क्‍यों कहा. 

अश्‍नीर ग्रोवर ने ट्वीट में क्‍या कहा? 
अश्‍नीर ग्रोवर ने इस मामले में इनकम टैक्‍स विभाग के नोटिस की कॉपी को साझा करते हुए लिखा, टैक्‍स आतंकवाद या बदला? जो आप लेना चाहते हैं, लें. आईटी नोटिस आज सुबह 8:00 बजे भेजा गया जिसमें जवाब देने के लिए कल दोपहर 12:28 बजे तक का समय दिया गया है. दोस्तों-अब चीजों को वास्तविक दिखाने की कोशिश भी नहीं की जाती है. गोली ही मार दो सीधा ! हालांकि कुछ देर बाद अश्‍नीर ने इन ट्ववीट को डिलीट भी कर दिया.  

 

नोटिस में क्‍या पूछे गए हैं सवाल 
इनकम टैक्‍स विभाग की ओर से अश्‍नीर ग्रोवर को जो नोटिस जारी किया गया है उसमें 2022-23 के असेसमेंट वर्ष को लेकर कई सवाल पूछे गए हैं. इनकम टैक्‍स विभाग के नोटिस के जिस पेज को अश्‍नीर ने सोशल मीडिया पर साझा किया है उसमें इनकम टैक्‍स विभाग की ओर से तीन सवाल पूछे गए हैं. अश्‍नीर को इन सवालों के जवाब कल तक देने हैं. 

टैक्‍स को लेकर पहले भी उठा चुके हैं सवाल 
शार्क टैंक इंडिया के पूर्व जज अश्‍नीर ग्रोवर ऐसा नहीं है कि पहली बार इस तरह से तीखी टिप्‍पड़ी कर रहे हों. वो इससे पहले टैक्‍स सिस्‍टम को लेकर सवाल उठा चुके हैं. वो इससे पहले भी देश के टैक्‍स सिस्‍टम को लेकर तीखी टिप्‍पड़ी करते हुए कह चुके चुके हैं. वो टैक्‍स चुकाने को एक सजा जैसा बता चुके हैं. उन्‍होंने कहा है कि देश में 30 से 40 प्रतिशत टैक्‍स बिना किसी फायदे के देना पड़ता है.

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Ex RBI गवर्नर रघुराम राजन ने क्‍यों कहा कि मैं शिक्षाविद हूं राजनीतिज्ञ नहीं…

रघुराम राजन ने कहा था कि राजनेताओं से उनकी मुलाकात देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति और भविष्‍य को लेकर विचारों के आदान प्रदान की रहती है. उन्‍होंने राजनीति को लेकर अपना पक्ष स्‍पष्‍ट कर दिया है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 03 February, 2024
Last Modified:
Saturday, 03 February, 2024
Raghuram Rajan

राज्‍यसभा चुनावों का ऐलान होते ही उन सीटों पर काबित होने वालों को लेकर कयास लगाए जाने लगते हैं. इसी कड़ी में जब देश में राज्‍यसभा चुनावों के लिए कयास लगाए जा रहे हों तो उस दौरान रघुराम राजन की शिव सेना नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात ने नई चर्चा को जन्‍म दे दिया. चर्चाओं का बाजार इतना गर्म हुआ कि रघुराम राजन को कहना पड़ा कि मैं शिक्षाविद हूं राजनीतिज्ञ नहीं. 

आखिर क्‍या है ये पूरा मामला? 
दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की शिव सेना (UBT) उद्धव ठाकरे, आदित्‍य ठाकरे और उनके परिवार से हुई थी. इसी मुलाकात के बाद ये कयास लगाए जाने लगे थे कि क्‍या रघुराम राजन राज्‍यसभा के लिए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर चर्चाओं के बीच रघुराम राजन ने लिंक्‍डइन पर इसे लेकर कहा कि, मेरी हालिया बैठकों और राज्यसभा सीट के बारे में प्रेस में कुछ अटकलें लगाई गई हैं. मैंने किसी भी पार्टी से राज्यसभा सीट को लेकर चर्चा नहीं की है.' मैं एक शिक्षाविद् हूं, राजनीतिज्ञ नहीं. विभिन्न दलों के राजनेताओं के साथ मेरी बैठकों में आम तौर पर भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति और भविष्य के लिए उनकी आशाओं के बारे में विचारों का आदान-प्रदान शामिल होता है. 

31 जनवरी को हुई थी मुलाकात 
उद्धव ठाकरे और आदित्‍य ठाकरे से पूर्व गवर्नर की मुलाकात 31 जनवरी को हुई थी. इस मुलाकात के बाद उद्धव के बेटे आदित्‍य ठाकरे ने ट्वीट भी किया था. इसमें उन्‍होंने कहा था कि हमारे घर, मातोश्री में रघु राजन जी की मेजबानी करना वास्तव में खुशी की बात है. आरबीआई के गवर्नर सहित विभिन्न भूमिकाओं में हमारी अर्थव्यवस्था में उनके पहले से ही व्यापक योगदान के अलावा, हमारा दृढ़ विश्वास है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य को ऐसे व्यक्तियों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए जिनके पास भविष्य की दृष्टि है.

मोदी सरकार की नीतियों की करते हैं आलोचना 
पूर्व गवर्नर रघुराम राजन अक्‍सर मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं. हाल ही में उन्‍होंने ED के द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों को लेकर अपनी बात कही थी. उन्‍होंने कहा था कि चुनावों से पहले इस तरह की गिरफ्तारी सही नहीं है. उन्‍होंने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को लेकर ये बात कही थी. उन्‍होंने ED के नोटिस को लेकर भी सवाल उठाया था. उन्‍होंने कहा था कि, यदि विपक्षी दलों के नेताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया जाए तो आपके पास क्या विकल्प है? यदि यह आपके पास कोई विकल्प नहीं छोड़ता है तो यह केवल राजनेताओं का मुद्दा नहीं है. यह हर किसी के लिए मुद्दा है. इसलिए चुनाव से पहले ईडी को तैनात करना गलत और अलोकतांत्रिक है.

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आखिरकार सच निकली अफवाह, जिंदा है पूनम पांडे, इसलिए किया था स्‍टंट

पूनम पांडे का आज एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्‍होंने बताया है कि आखिर उन्‍होंने ये कदम क्‍यों उठाया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 03 February, 2024
Last Modified:
Saturday, 03 February, 2024
Poonam Pandey

आखिरकार वही हुआ जो सभी लोगों को लग रहा था. पूनम पांडे जिंदा है. पूनम पांडे ने आज एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्‍होंने इसे लेकर जानकारी दी है कि आखिर उन्‍होंने ये सब क्‍यों किया था. दरअसल कल उनके मरने की खबर ने सभी को चौंका दिया था.  

अपने वीडियो में कही ये बात 
मैं आप सभी के साथ कुछ महत्वपूर्ण बात साझा करने के लिए बाध्य महसूस कर रही हूं - मैं यहां हूं, जीवित हूं. मुझे सर्वाइकल कैंसर नहीं हुआ, लेकिन ये बेहद दुखद बात है कि  अब तक ये बीमारी हजारों महिलाओं की जान ले चुकी है जो इस बीमारी से बचाव के तरीके नहीं जानती थी. कुछ अन्य कैंसरों के विपरीत, सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह से रोकथाम योग्य है. मुख्य बात एचपीवी वैक्सीन और शीघ्र पता लगाने वाले परीक्षणों में निहित है. हमारे पास यह सुनिश्चित करने के साधन हैं कि इस बीमारी से किसी की जान न जाए. आइए आलोचनात्मक जागरुकता के साथ एक-दूसरे को सशक्त बनाएं और सुनिश्चित करें कि हर महिला को उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी हो. क्या किया जा सकता है इसके बारे में गहराई से जानने के लिए बायो में दिए गए लिंक पर जाएँ. आइए मिलकर इस बीमारी के विनाशकारी प्रभाव को समाप्त करने का प्रयास करें.


कल सामने आई थी मरने की खबर 

कल उनके सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उनके मरने की खबर के बारे में जानकारी दी गई थी. हालांकि देर शाम होते-होते इस बात की भी चर्चा होने लगी थी कि कहीं ये कोई पब्लिसिटी स्‍टंट तो नहीं था. ऐसा इसलिए कहा जा रहा था कि न तो उनके अंतिम संस्‍कार के कार्यक्रम की कोई जानकारी दी गई थी और न ही कोई तस्‍वीर उनकी सामने आई थी. यही नहीं सोशल मीडिया पर दो दिन पहले उन्‍होंने जो वीडियो जारी किया था उसने वो पूरी तरह से फिट दिख रही थी. इसलिए देर शाम होते-होते इसकी चर्चा होने लगी थी कि कहीं ये कोई पब्लिसिटी स्‍टंट तो नहीं है.  

 

 


विवादों से घिरे Dr Vivek Bindra की नेटवर्थ के बारे में कितना जानते हैं आप?

बहुत कम ही लोग होंगे जिन्हें ये पता होगा कि विवेक बिंद्रा, उद्यम और कारोबार की दुनिया में भी काफी मशहूर हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 25 December, 2023
Last Modified:
Monday, 25 December, 2023
Dr Vivek bindra

जाने-माने मोटिवेशनल स्पीकर और यूट्यूबर डॉक्टर विवेक बिंद्रा (Dr Vivek Bindra) इस वक्त सुर्खियों में बने हुए हैं. दरअसल कुछ समय पहले ही यूट्यूबर और मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी (Sandeep Maheshwari) ने एक विडियो यूट्यूब पर साझा किया था जिसके बाद उन्होंने दवा किया कि डॉक्टर विवेक बिंद्रा को रोका जाना चाहिए और दोनों ही यूट्यूबर्स के बीच एक विवाद ने जन्म लिया जो फिलहाल सुलझता हुआ तो नजर नहीं आ रहा है. 

नौजवानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत
विवेक बिंद्रा या डॉक्टर विवेक बिंद्रा (Dr Vivek Bindra) को ज्यादातर लोग उनकी मोटिवेशनल वीडियो के लिए ही जाना जाता है लेकिन बहुत कम ही लोग होंगे जिन्हें ये पता होगा कि विवेक बिंद्रा, उद्यम और कारोबार की दुनिया में भी काफी मशहूर हैं. उनकी मेंटरशिप की बदौलत बहुत से नौजवान लोगों को कारोबार की दुनिया में कदम रखने का मौका मिला है और बहुत से लोग सफलता तक पहुंच पाए हैं. डॉक्टर विवेक बिंद्रा का जन्म 1978 में दिल्ली में हुआ था और उनका संबंध एक मिडल क्लास परिवार से है. 

Dr Vivek Bindra की नेटवर्थ
चूंकि, डॉक्टर विवेक बिंद्रा (Dr Vivek Bindra) एक मिडल क्लास परिवार से आते हैं तो उन्हें अपनी यात्रा के दौरान बहुत सी वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ा और क्योंकि वह इन वित्तीय दिक्कतों का सामना करने के बावजूद आज सफलता के इस मुकाम पर हैं, इसीलिए साधारण परिवार से आने वाले बहुत से लोगों के लिए वह प्रेरणा का स्त्रोत हैं और उन्हें मोटिवेशनल स्पीकर के साथ-साथ कॉर्पोरेट मेंटर और लेखक के रूप में भी जाना जाता है. उन्हें लोगों से बहुत सारा प्यार और सम्मान भी प्राप्त है. अब अगर बात उनकी नेट-वर्थ के बारे में करें तो यह लगभग 90 करोड़ रुपए है. डॉक्टर विवेक बिंद्रा की मासिक आय लगभग 85 लाख रुपए है. 

Dr Vivek Bindra और विवाद
दरअसल यूट्यूबर और मोटिवेशनल स्पीकर Sandeep Maheshwari ने अपनी एक विडियो में यह दावा किया था कि एक कंपनी छात्रों को भ्रमित करके उनसे विभिन्न कोर्स प्रोग्रामों के नाम पर अधिक पैसे लेती है और इस कंपनी का संबंध बड़ा बिजनेस से बताया गया था. आपको बता दें कि बड़ा बिजनेस, डॉक्टर विवेक बिंद्रा की कंपनी है और फिलहाल डॉक्टर विवेक बिंद्रा के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है. इसी बीच एक खबर यह भी है कि डॉक्टर विवेक बिंद्रा ने अपनी धर्मपत्नी के साथ घरेलु हिंसा की है और उनकी पत्नी अब सुन नहीं सकती हैं. इस तरह डॉक्टर विवेक बिंद्रा के खिलाफ लगातार विवाद बढ़ रहे हैं. 
 

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सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुए Sandeep Maheshwari का Dr Vivek Bindra से क्‍या है कनेक्‍शन?

विडियो पोस्ट हुआ तब तक सब ठीक था लेकिन कुछ ही देर के बाद यह पूरा मामला कलेश की जड़ बन गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 21 December, 2023
Last Modified:
Thursday, 21 December, 2023
Dr Vivek Bindra and Sandeep maheshwari

जाने-माने यूट्यूबर और मोटिवेशनल स्पीकर संदीप माहेश्वरी (Sandeep Maheshwari) का नाम फिलहाल काफी सुर्खियां बटोर रहा है. कुछ दिन पहले ही एक विडियो संदीप माहेश्वरी के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया था और इस विडियो के पोस्ट होने के बाद से ही ऐसी हलचल मची हुई है जो थमने का नाम नहीं ले रही है. 

क्या है पूरा मामला?
संदीप माहेश्वरी (Sandeep Maheshwari) का कहना है कि इस विडियो के माध्यम से उन्होंने एक बड़े स्कैम का पर्दाफाश किया है. इस विडियो में संदीप माहेश्वरी को दो लोगों से बातचीत करते हुए दिखाया गया है, इसके अलावा विडियो में कुछ भी ऐसा खास नहीं है जिसकी वजह से यह विडियो ट्रेंड करना चाहिए. विडियो पोस्ट हुआ तब तक सब ठीक था लेकिन कुछ ही देर के बाद यह पूरा मामला कलेश की जड़ बन गया. विडियो पोस्ट होने के बाद इस मामले में एंट्री होती है डॉक्टर विवेक बिंद्रा की, जो एक मोटिवेशनल स्पीकर होने के साथ-साथ बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड (Bada Business Private Limited) के CEO और संस्थापक हैं. 

क्या करती है बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड?
बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड एक एड-टेक कंपनी है जो उद्यमियों, उद्यमी बनने की चाहत रखने वालों और अपने कारोबारों को ट्रांसफॉर्म करने वालों को मजबूती प्रदान करना चाहती है. संदीप के विडियो में ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के बारे में बात की गई थी, जिनके माध्यम से लोग स्टूडेंट्स से भारी भरकम पैसा वसूलते हैं. संदीप माहेश्वरी ने लिखा कि मेरी लेटेस्ट विडियो को हटाने के लिए मुझ पर और मेरी टीम पर बहुत ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है लेकिन यह विडियो किसी भी परिस्थिति में नहीं हटाया जाएगा. डॉक्टर विवेक बिंद्रा ने भी इसी दौरान यूट्यूब पर लिखा कि संदीप भाई, मैंने आपका लेटेस्ट विडियो देखा और क्योंकी आपके अनुसार यह मुझसे और मेरी कंपनी से जुड़ा हुआ मामला है तो मुझे लगता है कि हमें इस बारे में खुलकर चर्चा कर लेनी चाहए. 

विवेक भेजेंगे संदीप को नोटिस?
डॉक्टर विवेक बिंद्रा यहीं पर नहीं रुके और आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि हां, यह बिलकुल सत्य है कि मेरी कंपनी के डायरेक्टर और चीफ ऑफ स्टाफ आपके घर आपसे एक अपॉइंटमेंट फिक्स करने के लिए आये थे. हम पूरी यूट्यूब कम्युनिटी के साथ हैं और आपके बारे में गलत करने के बारे में सोच भी नहीं सकते, हां जहां तक बात विडियो की है तो मौके का फायदा उठाकर बिना तथ्य के बोलने वाले लोगों को कानूनी नोटिस भेजना मेरा अधिकार है.
 

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मां की मौत के कारण छुट्टी से लौटे कर्मचारी को इस नामी कंपनी ने कर दिया बाहर

मैं सौभाग्‍यशाली हूं कि मैंने वह समय और ऊर्जा अपनी मां के साथ लगाई न कि एक ऐसी कंपनी साथ जिसके लिए आप ओवरवर्क करते हो एक सर्द शुक्रवार को आपको पता चलता है कि आपका बैच अब काम नहीं करेगा. 

Last Modified:
Friday, 27 January, 2023
google

दुनियाभर में इस वक्‍त नामी कंपनियों से कर्मचारियों को निकाला जा रहा है. निकाले जाने के बाद कर्मचारी अलग अलग सोशल मीडिया प्‍लटफॉर्म पर अपनी आप बीती शेयर कर रहे हैं. इसी कड़ी में Google से निकाले एक एक कर्मचारी ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में निराशा और हताशा व्यक्त करते हुए कहा, ये उस वक्‍त आपके 'चेहरे पर एक तमाचा मारे जाने जैसा, महसूस होता है जब आप नीचे हों. 

निकाले जाने की खबर ने दुनिया को हिला दिया 
पिछले हफ्ते Google के द्वारा निकाले गए 12,000 कर्मचारियों की खबर ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. छंटनी के बाद पूर्व कर्मचारी अपनी आपबीती सुनाने आगे आ रहे हैं. इसी कड़ी में ऐसे ही एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर अपना दर्द बयां किया है. उसने लिखा मुझे अपनी मां के निधन के बाद 'शोक अवकाश' की छुट्टी से लौटने के ठीक चार दिन बाद नौकरी से निकाल दिया गया. कर्मचारी ने लिखा, जिनका दिसंबर में कैंसर से निधन हो गया था. लिंक्डइन पर एक पोस्ट में, कर्मचारी ने छंटनी के समय के साथ निराशा और हताशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह ‘चेहरे पर एक थप्पड़ मारे जाने जैसा महसूस हुआ, जब आप नीचे हों. Google के पूर्व कर्मचारी, टॉमी यॉर्क, Google में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और उन्‍होंने दिसंबर 2021 में कंपनी को ज्‍वॉइन किया था. उनकी मां को फरवरी 2022 में स्टेज IV अग्नाशय के कैंसर का पता चला था, ये उस समय की बात थी उनका औपचारिक ओरियेंटेशन समाप्त हो गया था और उन्हें प्रोजेक्‍ट पर रख लिया गया था.


शायद इस कठिन समय के कारण ऐसा हुआ  
कर्मचारी ने कहा कि वो मानते हैं कि शायद उनकी कठिनाई का समय उन्‍हें निकाले जाने का एक कारण हो सकता है कि वह निकाले जाने वाले कर्मचारियों की सूची शामिल हुए. Google के पूर्व कर्मचारी ने सुरक्षा की भावना के बारे में बताते हुए ये बात कही. उन्होंने दावा किया कि Google की सफलता काफी हद तक वहां काम करने वाले प्रतिभाशाली सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के कारण है, जो एक ऐसे ईकोसिस्‍टम की कद्र करते हैं जो उन्हें बढ़ने और पनपने का मौका देता है.यॉर्क ने यह भी कहा कि हालांकि यह चेहरे पर एक थप्पड़ की तरह महसूस हुआ, उन्‍होंने कहा कि वो अवसर देने के लिए आभारी है.


कर्मचारी ने अपनी पोस्‍ट में क्‍या कहा 
मुझे पिछले हफ्ते Google से हटा दिया गया था. मुझे अपने मां के निधन के शोक अवकाश से लौटने के चार दिन बाद ये पता चला जिनकी दिसंबर में कैंसर से मृत्यु हो गई थी. दूसरी दुनिया में, मैंने कैंसर से मरने वाले माता-पिता के साथ काम करने की चुनौतियों के बारे में कुछ लिखा हो सकता है, या जब आपको इसकी आवश्यकता हो तो आपको इसका लाभ मिल सके. मैंने शायद इस बारे में लिखा होगा कि Google जैसी कंपनियां जो मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुलकर और ईमानदारी से बात करती है और ये जिनकी अच्‍छी संस्‍कृति का हिस्‍सा है, या मैंने महीनों की चिंता, तनाव और दुःख को कम करने के लिए शोक के समय का उपयोग कैसे किया. लेकिन इसकी जगह मैं थक गया हूँ और निराश हूँ.

मैंने निश्चित रूप से ले ऑफ से जुड़ी कई कहानियाँ सुनी हैं, जिनमें माता-पिता के दुख और अक्षमता अवकाश जैसी चीजें शामिल हैं. लेकिन ये अभी भी चेहरे पर उस वक्‍त मारे गए थप्पड़ की तरह महसूस होता है, जबकि आप नीचे होते हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि छँटनी का निर्धारण कैसे किया गया था, और शायद इसी वर्ष में पैदा हुई परिस्थितियों ने  मुझे छँटनी की ओर ले जाने के लिए ज्‍यादा प्रेरित किया. मैंने दिसंबर, 2021 में Google में शुरुआत की थी, और मेरी माँ को अगले फरवरी में स्टेज IV अग्नाशय के कैंसर का पता चला था, तब Google में मेरा औपचारिक ओरियेंटेशन समाप्त हो गया था और मुझे प्रोजेक्‍ट पर रख लिया गया था. मैं यह कहूंगा: Google पर ऑनबोर्डिंग चुनौतीपूर्ण है, बस इसे समझने की जरूरत है.

यह तब और भी मुश्किल हो गया था जब एक ओर मैं अपनी मां की कीमोथेरेपी के लिए अपॉइंटमेंट की समस्‍या में घिरा था और और दूसरी ओर उन्हें परिवार के साथ ले जाने जैसी समस्‍या भी मेरे सामने थी जिसने इसे और चुनौतीपूर्ण बना दिया था. यॉर्क कहते हैं कि आपको इस तरह की कंपनियों में काम करने के अवसर और भी मिल सकते हैं, लेकिन माता-पिता की मृत्यु केवल एक बार होती है.


Google की सबसे बड़ी ताकत है उसकी वर्कफोर्स 
Google की सबसे मजबूत संपत्ति वहां काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. वे बने रहते हैं क्योंकि यह एक ऐसा वातावरण है जो उन्हें बढ़ने और फलने-फूलने की अनुमति देता है. यदि आपको प्रतिभाशाली लोग मिलते हैं जो सॉफ्टवेयर लिखना पसंद करते हैं, तो उनमें से पर्याप्त को एक साथ रखें, और उन्हें कुछ समय दें, और वे उन समस्याओं की पहचान करना और नए समाधान बनाना शुरू कर देंगे जिन्हें आप नहीं जानते थे. लेकिन इस प्रकार के लोग सुरक्षा की भावना को भी महत्व देते हैं. ऐसी संस्कृति को बनने में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन टूटने में ज्‍यादा समय नहीं लगता.

यॉर्क कहते हैं कि शोक का सबसे अच्छा उपाय शायद आभार जताना है, और मेरे पास आभारी होने के लिए बहुत कुछ है, जिसमें एक बेहतरीन पैकेज, मेरा सैन फ्रांसिस्को वापस जाना और फिर से केंद्र में जाने के लिए मुझे मिला अधिक समय जैसी चीजें शामिल है. मुझे लगा जैसे मुझे पहले शोक की ओर लौटने के लिए धकेल दिया गया था, जिसकी मुझे ज़रूरत थी, और मैं इस समय का पूरी तरह से उपयोग कर सकता था (जैसा कि डेविड फोस्टर वालेस इनफिनिट जेस्ट में कहते हैं, ‘जैसे कभी-कभी चोट लगने पर इंसानों को बस एक जगह बैठना पड़ता है’) जीवन आगे बढ़ता है, और किसी दिन यह एक आत्म-हीन कहानी होगी. जिसे मनोरंजन के लिए कहा जाएगा, इसे हमारे जीवन की एक दूसरी बाधा ओवरकम कर जाएगी. 
मैं फरवरी और मार्च में छुट्टी लूंगा, लेकिन मार्च के अंत के आसपास नए काम की तलाश शुरू करने के लिए तैयार हूं. यदि आप किसी ऐसे अवसर के बारे में सुनते हैं जो आपको लगता है कि मेरे लिए विशेष रूप से उपयुक्त हो तो संपर्क कर सकते हैं.
 


ईलॉन मस्क का अगला शिकार 'Apple'? एक के बाद एक किए कई ट्वीट, जानिए क्या कहा?

ईलॉन मस्क किसी न किसी बात को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. अब वे Apple को लेकर किए गए नए ट्वीट से खबरों में बने हुए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 29 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 29 November, 2022
Elon Musk BW

नई दिल्ली: लगता है कि ईलॉन मस्क का अगला शिकार अब Apple है. उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से अपना इरादा स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने Apple को टारगेट करते हुए एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें 'गो टू वॉर' लिखा हुआ है. ट्विटर के CEO ने Apple Store applications पर Apple द्वारा 30 प्रतिशत टैक्स लगाने पर नाराजगी जताई है. मस्क ने खुलासा किया है कि Apple ने अपने App Store से ट्विटर को बंद करने की धमकी दी है.

मस्क ने कई ट्वीट किए
इस संबंध में ईलॉन मस्क ने कई ट्वीट्स किए हैं और उन्होंने Apple App Store पर '30 प्रतिशत सीक्रेट टैक्स' को लेकर कड़ी आलोचना की है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी इच्छा जताई है कि Apple अतीत में की गई सभी सेंसरशिप कार्रवाइयों को सार्वजनिक करे. हालांकि कुछ देर बाद मस्क ने 'गो टू वॉर' वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया.

विज्ञापन देना बंद कर चुका है Apple
एक अन्य ट्वीट में ईलॉन मस्क ने कहा था कि सभ्यता के भविष्य के लिए लड़ाई चल रही है. अमेरिका में फ्री स्पीच कहीं खो गया है, इसे फिर से वापस लाना होगा. इसके अलावा उन्होंने Apple पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने पहले ही ट्विटर पर विज्ञापन देना बंद कर दिया है. लगता है कि वे अमेरिका में फ्री स्पीच से नफरत करते हैं.

 

 

 

 

ईलॉन मस्क ने ये संकेत भी दिया
इससे पहले भी एक ट्वीट में ईलॉन मस्क ने संकेत दिया था कि यदि Apple और Google ट्विटर को ब्लॉक या बैन करने का फैसला करते हैं तो वे अपना खुद का स्मार्टफोन ब्रैंड बना लेंगे. इस मामले पर Apple की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी
आपको बता दें कि ईलॉन मस्क ने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण किया और 28 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से Twitter की कमान संभाली. कमान संभालते ही उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी. Twitter में करीब 7500 लोग काम करते थे. मस्क ने सत्ता संभालते ही करीब 50 प्रतिशत यानी लगबग 3700 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन इसमें वे लोग भी शामिल हो गए, जिन्हें कंपनी से बाहर नहीं करना था.

कोई विकल्प नहीं था: मस्क
इतनी बड़ी छंटनी पर मस्क ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके पास कोई और रास्ता नहीं था. मस्क ने ट्वीट करके बताया था कि कंपनी घाटे में चल रही है, इसलिए वर्कफोर्स में 50% की कमी करना उनकी मजबूरी है. बता दें कि ट्विटर ने शुक्रवार से छंटनी की शुरुआत कर दी. नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की लिस्ट में भारतीय कर्मचारी भी शामिल हैं. मस्क ने कहा कि ट्विटर वर्कफोर्स में कमी उनके लिए भी मुश्किल फैसला है, लेकिन इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा कि कंपनी को हर दिन 4 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है, ऐसे में खर्चों में कटौती के लिए छंटनी जरूरी थी.

फाउंडर डोर्सी ने भी लिखा इमोशनल पोस्ट
मस्क के इस एक्शन से Twitter के फाउंडर जैक डोर्सी भी हैरान और दुखी हैं. उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए एक दुखभरा ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने इन सभी के लिए खुद को जिम्मेदार बताया. उन्होंने Twitter से निकाले गए कर्मचारियों से माफी भी मांगी. डोर्सी ने लिखा था, "ट्विटर में काम कर रहे पूर्व और वर्तमान कर्मचारी काफी प्रतिभाशाली हैं. कोई भी परिस्थिति चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, वे सभी अपने लिए एक नया रास्ता जरूर खोज लेंगे. मुझे इस बात का अहसास है कि मुझसे लोग नाराज हैं. आज जो लोग भी इस स्थिति में हैं, उनकी जिम्मेदारी मेरी है. मैं उन सभी से माफी मांगता हूं. मैंने कंपनी को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है. मैं उन सभी के लिए आभारी हूं और उन सभी से प्यार करता हूं, जिन्होंने कभी ट्विटर पर काम किया है."

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4 साल की बच्ची के दिल में छेद, गौतम अडानी ने किया ऐसा ट्वीट; तारीफ करते नहीं थकेंगे आप

गौतम अडानी ने ट्विटर पर वायरल हो रहे एक पोस्ट को रिट्वीट करते हुए अपना संदेश दिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 14 November, 2022
Last Modified:
Monday, 14 November, 2022
Gautam Adani

नई दिल्ली: दुनिया के तीसरे और भारत के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी जरूरतमंद लोगों की मदद करने में भी काफी आगे रहते हैं. उन्होंने 4 साल की एक बच्ची, जिसके दिल में छेद है, के इलाज के लिए अडानी फाउंडेशन को निर्देश दिया है कि जो भी संभव हो, उस बच्ची के इलाज के लिए किया जाए.

अडानी ने ट्वीट कर क्या कहा
अडानी ने खुद इसकी जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए दी है. उन्होंन ट्वीट किया, "मनुश्री बहुत जल्दी ठीक हो जाएगी. मैंने अडानी फाउंडेशन को कहा है कि वह बच्ची की फैमिली के संपर्क में रहे और यह सुनिश्चित करे कि उसकी फैमिली को जो भी जरूरत हो, उसकी हरसंभव मदद करे ताकि मनुश्री अपने दोस्तों के साथ खेलने फिर से स्कूल जा सके." 

वायरल ट्वीट में बच्ची के बारे में क्या लिखा गया है?
गौतम अडानी ने ट्विटर पर वायरल हो रहे एक पोस्ट को रिट्वीट करते हुए अपना संदेश दिया. एक ट्विटर यूजर आशुतोष त्रिपाठी का जो ट्वीट वायरल हो रहा है, उसमें लिखा गया है- "मेरे सहयोगी और लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में रहने वाली 4 वर्षीय 'मनुश्री' के दिल में छेद है. जिसके इलाज में 1.25 लाख रुपये का खर्च SGPGI के डॉक्टरों ने बताया है. घर वालों की आय कम होने के कारण वे ऑपरेशन का खर्च नहीं उठा सकते. कृपया, इच्छानुसार मदद करने की कृपा करें." इस ट्वीट में बच्ची की फोटो के साथ-साथ, हॉस्पिटल का पर्चा और मदद करने के लिए UPI QR कोड भी दिया गया है.

 

गौतम अडानी की हो रही जमकर तारीफ
अडानी की ऐसी दरियादिली देखकर इंटरनेट पर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि आपके द्वारा किए जा रहे ऐसे अच्छे काम से हमें भी अच्छा करने की प्रेरणा मिलती है. एक अन्य यूजर ने लिखा कि किसी ग्रेट पर्सनैलिटी की यही निशानी होती है.

COVID महामारी के दौरान 122 करोड़ का योगदान
आपको बता दें कि अडानी फाउंडेशन ने COVID महामारी के लिए भारत में किए जा रहे राहत प्रयासों में भी सहायता के लिए 122 करोड़ का योगदान दिया है. पहले रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई थी कि गौतम अडानी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 7 से 10 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे, जिसमें अडानी फाउंडेशन का पैसा भी शामिल है. यह निवेश बीमा, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक्स और फार्मास्यूटिकल्स की ओर जाएगा.

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