Group 108 के इस कदम से बदलेगा नोएडा का IT/ITES सेक्टर!

ग्रुप 108 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी और व्यवसाय करने की स्वतंत्रा के विजन से प्रेरित है.

Last Modified:
Saturday, 04 November, 2023
Group 108

रियल एस्टेट (Real Estate) क्षेत्र की जानी मानी कंपनी ग्रुप 108 (Group 108) ने अपने नए वेंचर ONE FNG की घोषणा की है और इस प्रोजेक्ट की घोषणा प्रमुख रूप से IT/ITES क्षेत्र के लिए की गई है. इनोवेशन, सतत विकास और लगभग 1000 करोड़ रुपयों की विशालकाय इन्वेस्टमेंट के साथ ONE FNG नोएडा के व्यवसायिक परिदृश्य को बदलने में प्रमुख रूप से भूमिका निभाएगा. 

सबसे बड़ी प्लेटिनम रेटेड ग्रीन बिल्डिंग
108 ग्रुप उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर्स इकॉनमी और व्यवसाय करने की स्वतंत्रा के विजन से प्रेरित है और इसीलिए ग्रैंडथम (Grandthum) के बाद ग्रुप का अगला बड़ा प्रोजेक्ट बनाने के लिए उन्होंने नोएडा का चयन किया था. ग्रैंडथम एक IT पार्क है जिसका निर्माण ग्रेटर नोएडा वेस्ट में किया जा रहा है. यह IT पार्क लगभग 22.5 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और यह IGBC द्वारा प्रमाणित सबसे बड़ा प्लैटिनम रेटेड सबसे बड़ी ग्रीन बिल्डिंग है. 

ग्रुप 108 का वादा
इस मौके पर ग्रुप 108 (Group108) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर अमीश भूटानी ने कहा कि ONE FNG नोएडा के IT और ITES सेक्टर को स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ऑफिस स्पेस, रिटेल क्षेत्रों और सतत एवं हरित फीचर्स की मदद से नया आकार देगा. ये इन्वेस्टमेंट हमारे द्वारा उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट के दौरान किये गए वादे के अनुरूप है. हमने वादा किया था कि हम उत्तर प्रदेश में लगभग 2000 करोड़ रुपयों का निवेश करेंगे. इस प्रोजेक्ट में दो हाई-राइज ऑफिस टावर भी होंगे और यह दोनों ही टावर कुल मिलाकर लगभग 4 लाख स्क्वायर फीट की जगह प्रदान करवाएंगे. ये टावर भूकंप के झटकों को भी सह सकेंगे और इन टावरों में 21 हाई-स्पीड एलीवेटर भी होंगे. 

कब बदलेगा नोएडा का परिदृश्य?
ONE FNG को अगले 5 सालों के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा और इसे पहले ही IGBC द्वारा प्लेटिनम रेट ग्रीन बिल्डिंग का सर्टिफिकेट दे दिया गया है और यह ग्रुप 108 (Group 108) के सतत एवं हरित वादों के अनुरूप है. ONE FNG का वादा है कि वह नोएडा के रियल एस्टेट कमर्शियल परिदृश्य को बदलकर रख देंगे और क्षेत्रीय इकॉनमी और बिजनेस में वृद्धि करने के लिए ग्रुप 108 के वादे को भी दर्शाता है. 
 

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अमीरों को नहीं चुभती महंगाई, 4 करोड़ से अधिक कीमत वाले मकानों की जमकर हुई बिक्री

रियल एस्टेट सेक्टर में फिर से बहार लौट आई है. खासकर, लग्जरी घरों की मांग में पिछले कुछ समय से काफी तेजी देखी जा रही है.

Last Modified:
Friday, 19 July, 2024
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महंगाई केवल आम आदमी को ही चुभ रही है. अमीरों के लिए 'ऑल-वेल' है. रियल एस्टेट कंसल्टेंट सीबीआरई की रिपोर्ट बताती है कि देश के अमीर धड़ाधड़ लग्जरी प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. देश के सात प्रमुख शहरों में इस साल की पहली छमाही यानी जनवरी से जून तक चार करोड़ और उससे अधिक कीमत वाले लग्जरी मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 27% बढ़ी है. इन शहरों में महज छह महीनों की अवधि में कुल 8,500 लग्जरी मकान बिके हैं. दिल्ली-NCR, मुंबई और हैदराबाद में सबसे ज्यादा बिक्री हुई है. इन तीन शहरों का कुल बिक्री में 84% योगदान रहा है.  

दिल्ली-NCR सबसे आगे
सीबीआरई की रिपोर्ट के अनुसार, लग्जरी मकानों की बिक्री बढ़ने की प्रमुख वजह यह है कि लोग ऐसा घर खरीदना चाहते हैं, जो उनकी समृद्ध जीवनशैली के हिसाब से हो. इस साल के शेष महीनों में भी आवासीय बाजार में मजबूत गति की उम्मीद है. जनवरी-जून के बीच दिल्ली-NCR में सबसे अधिक 3300 लग्जरी मकान बिके. यह सालाना आधार पर 14 प्रतिशत ज्यादा है. इसी तरह, देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में भी बिक्री 14% बढ़कर 2500 यूनिट पहुंच गई.  हैदराबाद में लग्जरी मकानों की बिक्री में 44 फीसदी का ज़बरदस्त उछाल देखने को मिला. यहां कुल 1300 यूनिट बिकीं. चेन्नई और कोलकाता में क्रमशः 100 और 200 लग्जरी मकान बिके. 

बेंगलुरु ने सबको चौंकाया
वहीं, महाराष्ट्र के पुणे में बिक्री 450% की तेजी के साथ 1100 यूनिट पहुंच गई. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि इस दौरान बेंगलुरु में कोई लग्जरी मकान नहीं बिका. पूरे रियल एस्टेट बाजार की बात करें, तो अप्रैल-जून, 2024 में इसमें 1.56 अरब डॉलर के 19 सौदे हुए. यह आंकड़ा पिछली तिमाही के 20 करोड़ डॉलर से आठ गुना अधिक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल की दूसरी तिमाही में भारतीय रियल्टी बाजार में जोरदार गतिविधियां देखने को मिली हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि   मकानों की हाई डिमांड की वजह से बीते चार सालों में टॉप-30 टियर-2 शहरों में मकानों के दाम 94% तक बढ़े हैं.

लगातार बढ़ रही डिमांड
कोरोना काल में रियल एस्टेट सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान वाले क्षेत्रों में शामिल था. घरों की डिमांड में काफी गिरावट देखने को मिली थी. लेकिन स्थिति सामान्य होने के साथ ही यह सेक्टर तेजी से दौड़ रहा है. खासकर, लग्जरी मकानों की डिमांड में तेजी देखने को मिली है. इसके साथ ही सामान्य प्रॉपर्टी खरीदारों की मांग में भी इजाफा आया है. तकरीबन हर शहर में नए हाउसिंग प्रोजेक्ट चल रहे हैं. पुणे जैसे शहरों में पहाड़ों का सीना चीरकर बिल्डिंग खड़ी करने का काम जारी है.
 


सिंगापुर के बिल्‍डर ने एनसीआर के इस शहर में खरीदी जमीन, 400 करोड़ में हुआ सौदा

कंपनी अब दिल्‍ली एनसीआर में पांच प्रॉपर्टी खरीद चुकी है. लगभग सभी जगह कंपनी आवासीय प्रॉपर्टी का निर्माण कर रही है. कंपनी ने ज्‍यादा जमीन गुरुग्राम में खरीदी है. 

Last Modified:
Friday, 05 July, 2024
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प्रॉपर्टी के लिहाज से दिल्‍ली एनसीआर बीते दो दशक में वो हॉट सेंटर बनकर उभरी है जिसमें कई डील ऐसी हुई हैं जिन्‍होंने रिकॉर्ड बना दिया है. अब इसी कड़ी में सिंगापुर की एक रियल स्‍टेट कंपनी एनसीआर के नए क्षेत्र द्वारका एक्‍सप्रेस वे पर लग्‍जरी घर बनाने जा रही है. कंपनी ने वहां 7 एकड़ से ज्‍यादा जमीन खरीदी है जिसके लिए उसने 400 करोड़ रुपये चुकाए हैं. द्वारका एक्‍सप्रेस के आसपास अर्बन एक्‍सप्रेस बनने के बाद तेजी से निर्माण हो रहा है. 

आखिर कौन है ये रियल स्‍टेट कंपनी? 
सिंगापुर की रियल स्‍टेट कंपनी का नाम एक्‍सपर्सन होल्डिंग्‍स प्राइवेट लिमिटेड है. कंपनी द्वारका एक्‍सप्रेस वे पर लग्‍जरी मकानों का निर्माण करने जा रही है. कंपनी ने यहां 7.81 एकड़ जमीन खरीदी है. इस जमीन के लिए कंपनी ने 400 करोड़ रुपये चुकाए हैं. द्वारका एक्‍सप्रेस वे पर जहां ये जमीन है वहां से दिल्‍ली और गुरुग्राम की कनेक्टिविटी बेहतर है. कंपनी 7.81 एकड़ में से 30 लाख स्‍क्‍वैयर फीट जमीन पर आवासीय मकानों का निर्माण करेगी. 

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कंपनी अब तक कर चुकी है 5 प्‍लॉट का अधिग्रहण 
सिंगापुर स्थित कंपनी अभी तक 5 प्‍लॉट का अधिग्रहण कर चुकी है. कंपनी इससे पहले सेक्‍टर 88ए में जमीन खरीद चुकी है. कंपनी इस पर 2000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है. कंपनी ने द्वारका एक्‍सप्रेस वे पर जो जमीन खरीदी है उसमें वो 4 बीएचके फ्लैट का निर्माण कर रही है. कंपनी नोएडा में भी प्रॉपर्टी खरीद चुकी है और यहां भी आवासीय मकानों का निर्माण कर रही है. कंपनी ने गुरुग्राम के गोल्‍फ कोर्स रोड पर 400 करोड़ रुपये का 4 एकड़ प्‍लॉट खरीदा है. इसी तरह कंपनी ने नोएडा सेक्‍टर 45 में भी एक 250 करोड़ रुपये में 5 एकड़ प्‍लॉट खरीदा है. इसी तरह गुरुग्राम के सेक्‍टर 48 में 550 करोड़ रुपये में 5.5 एकड़ प्‍लॉट खरीदा है. गुरुग्राम सेक्‍टर 53 में 450 करोड़ में 6 एकड़ प्‍लॉट खरीदा है. इसी तरह ग्रुरुग्राम में गोल्‍फ कोर्स एक्‍सटेंशन रोड पर 450 करोड़ में कमर्शियल पलॉट खरीदा है. 

कंपनी को इतने हजार करोड़ का होगा मुनाफा 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के सीओओ बीके मलागी का कहना है कि द्ारका एक्‍सप्रेस वे वाले प्रोजेक्‍ट को कंपनी इस साल के अंत तक शुरू कर देगी. कंपनी इस प्रोजेक्‍ट को टाइमलाइन के भीतर खत्‍म करने की भी तैयारी कर रही है. कंपनी को इस प्रोजेक्‍ट को बनाने में 2400 करोड़ रुपये की लागत आएगी जबकि उसका लक्ष्‍य है कि वो इससे 3700 करोड़ रुपये में बेचेगी. ऐसे में उसे इस अकेले प्रोजेक्‍ट से 1300 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा.  


मुंबई की 100 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए दी गई 100 रुपये की स्‍टांप ड्यूटी?  क्‍या है वजह? 

स्‍टांप ड्यूटी से कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल के मुकाबले इस साल 13 प्रतिशत ज्‍यादा कलेक्‍शन हुआ है. ये कलेक्‍शन हर बीतते साल के साथ बढ़ रहा है. 

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Wednesday, 12 June, 2024
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जब कभी भी प्रॉपर्टी को लेकर कोई रिपोर्ट आती है तो सबसे पहले मुंबई का नाम सामने आता है. मुंबई देश में सबसे महंगी प्रॉपर्टी के लिए जाना जाता है. इसी कड़ी में अब मुंबई से खबर निकलकर सामने आई है कि यहां एक 100 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के लिए सिर्फ 100 रुपये की स्‍टांप ड्यूटी चुकाई गई है. मुंबई जैसे शहर में जहां सालाना स्‍टांप ड्यूटी से 50  हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा की रकम इकट्ठा होती है वहां किसी प्रॉपर्टी के लिए कोई कैसे 100 रुपये ले सकता है. 

आखिर क्‍या है ये पूरा माजरा? 
जिस 100 करोड़ की प्रॉपर्टी की बात हो रही है वो मुंबई के एक पॉश इलाके में है. ये जमीन मुंबई के मशहूर बिजनेस डिस्ट्रिक लोअर परेल में स्थित है. यहां बने ऑफिस स्‍पेस को ब्रिटेन के काउंसलेट ने खरीदा है. अगर कोई लोअर परेल रोड में 100 करोड़ रुपये की जमीन खरीदता है तो उसे स्‍टांप ड्यूटी की रकम 6 प्रतिशत चुकानी पड़ती है. इस हिसाब से अगर देखें तो उसे 6 करोड़ रुपये की स्‍टांप ड्यूटी चुकानी होती है. लेकिन इस डील के लिए सिर्फ 100 रुपये की स्‍टांप ड्यूटी चुकाई गई है. 

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जानिए 100 रुपये की स्‍टांप ड्यूटी की वजह? 
मुंबई के लोअर परेल में स्थित इस 100 करोड़ रुपये की जमीन के लिए सिर्फ 100 रुपये की स्‍टांप ड्यूटी इसलिए चुकाई गई है क्‍योंकि ये एक काउंसलेट से जुड़ा मामला है. काउंसलेट की जमीन की हमेशा ही नॉमिनल फीस के साथ रजिस्‍ट्री की जाती है. ये दरअसल विएना संध‍ि के मुताबिक है कि अगर कोई देश अपनी काउंसलेट सेवाओं का ऑफिस किसी देश में खोलता है तो उसके लिए उसे जमीन और स्‍टांप ड्यूटी नॉमिनल चार्जेज पर मुहैया कराई जाती है. 

साल में स्‍टांप ड्यूटी से इतने करोड़ कमाती है मुंबई 
मुंबई हर साल स्‍टांप ड्यूटी से एक बड़ा रेवेन्‍यू कमाती है. क्‍योंकि मुंबई में जमीन काफी महंगी है तो ऐसे में वहां की सरकार को इससे बड़ी कमाई होती है. अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2023-24 में मुंबई ने स्‍टांड ड्यूटी से 50400 करोड़ रुपये कमाए हैं. इससे पहले 2022-23 में स्‍टांप ड्यूटी से हुई कमाई पर नजर डालें तो वो 50400 करोड़ रुपये से 13 फीसदी कम थी. ये कमाई हर बीतते साल के साथ बढ़ रही है. सरकार को जीएसटी और सेल्‍स टैक्‍स के बाद सबसे ज्‍यादा कमाई स्‍टांप ड्यूटी से ही होती है. 
 


Dubai Unlocked: दुबई के रियल एस्टेट पर किसका है राज, पहली बार सामने आए नाम

दुबई में 'डर्टी मनी' से प्रॉपर्टी खरीदने वालों की बाढ़ आ गई है. एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यहां अपराधियों से लेकर कई सफेदपोशों ने संपत्ति बनाई है.

Last Modified:
Wednesday, 15 May, 2024
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दुबई के रियल एस्टेट (Dubai Real Estate) में किस-किस ने पैसा लगाया है, इसे लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के संगठन OCCRP ने छह महीने की मेहनत के बाद एक रिपोर्ट तैयार की है, जो बताती है कि दुबई में नेता, ड्रग माफिया, मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले अपराधियों से लेकर मोस्ट वांटेड क्रिमिनल तक ने प्रॉपर्टी खरीदी है. दुबई में पाकिस्तानियों की 22 हजार प्रॉपर्टी हैं, जिनकी वैल्यू 12.5 अरब डॉलर है. वहीं, भारतीय इस मामले में नंबर वन हैं, उन्होंने इस रेगिस्तानी शहर में 17 अरब डॉलर की कीमत की प्रॉपर्टी खरीदी हैं.

2020 से 2022 तक के रिकॉर्ड
'दुबई अनलॉक्ड' (Dubai Unlocked) नामक इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि दुबई की गगनचुंबी इमारतों के असली मालिक कौन हैं. इसमें कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन पर मोस्ट वांटेड का तमगा लगा हुआ है. रिपोर्ट बताती है कि दुबई में कई ऐसे सफेदपोशों ने भी प्रॉपर्टी खरीदी है, जिनकी कमाई उनके देश में शक के घेरे में हैं. इसमें भारत और पाकिस्तान के रईस भी शामिल हैं. OCCRP के पत्रकारों ने 2020 से 2022 तक दुबई के प्रॉपर्टी मार्केट में हुए निवेश का 6 महीने तक अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है.

Vinod Adani का भी है नाम
रिपोर्ट के अनुसार, 2022 तक दुबई में रेशिडेंशियल प्रॉपर्टी के मालिकों में भारतीयों का नंबर पहला है. दुबई में भारतीयों के पास 35000 प्रॉपर्टी हैं और इनके मालिक 29700 इंडियन हैं. 2022 में इन संपत्तियों का कुल मूल्य 17 अरब डॉलर था, जाहिर है आज यह इससे कहीं ज्यादा होगा. दुबई में नीरव मोदी, गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी, Shahul Hameed Dawood और Jasmeet Hakimzada की भी प्रॉपर्टी है. वहीं, दुबई में यूके के 19,500 नागरिकों के पास 22,000 रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज हैं. जबकि सऊदी के 8,500 नागरिकों के पास 16,000 संपत्तियां हैं, जिसकी कीमत 8.5 अरब डॉलर है.

इन पाकिस्तानियों ने लगाया दांव
OCCRP के मुताबिक, 2022 तक दुबई में पाकिस्तानियों की 17 हजार से लेकर 22 हजार प्रॉपर्टी थीं. 2022 की शुरुआत में इनकी कीमत 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में दुबई में प्रॉपर्टी मार्केट की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है. जिन पाकिस्तानियों का नाम दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने वालों की लिस्ट में शामिल है, उनमें आसिफ अली जरदारी के तीन बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा नवाज शरीफ के बेटे हुसैन नवाज शरीफ, इंटरनल मिनिस्टर मोहसिन नकवी की पत्नी शरजील मेमन और परिवार के सदस्य, फैसल वावदा, फराह गोगी, शेर अफजल मारवात आदि हैं.

परवेज मुशर्रफ का नाम भी शामिल
इसके अलावा, लिस्ट में पाकिस्तान ने पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ, पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, एक पुलिस प्रमुख, राजदूत और एक वैज्ञानिक के साथ-साथ एक दर्जन से अधिक रिटायर्ड जनरलों का भी नाम शामिल है. ये सभी अपने नाम से या अपने पति/पत्नी या फिर बच्चों के नाम पर यहां प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं. पाकिस्तानियों ने दुबई में जो संपत्ति बनाई है, उनमें स्टूडियो अपार्मेंट, कमर्शियल प्रॉपर्टीज, पूरी बिल्डिंग, 6 बेडरूम के विला सबसे ज्यादा हैं. पाकिस्तानियों ने दुबई के सबसे महंगे इलाकों - दुबई मरीना, एमीरेट्स हिल्स, बिजनेस बे, पॉम जुमैरा और अल बरसा में पैसा लगाया है. 


Sea View के लिए Rekha Jhunjhunwala ने खरीदा पूरा अर्पाटमेंट, कीमत जानकर हैरान हो जाएंगे आप

रेखा झुनझुनवाला ने मालाबार हिल स्‍थ‍ित घर से अरब सागर के व्‍यू के ल‍िए एक इमारत की सभी यून‍िट खरीद ली. एक योजना के तहत रॉकसाइड और वाकेश्‍वर में 6 दूसरी ब‍िल्‍ड‍िंग का री-डेवलपमेंट क‍िया जा रहा था.

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Saturday, 23 March, 2024
Rekha Jhunjhunwala

अपना घर और इससे म‍िलने वाले व्‍यू से हर क‍िसी को प्‍यार होता है. तभी तो अपने घर से अरब सागर के व्‍यू के ल‍िए रेखा झुनझुनवाला ने 118 करोड़ रुपये खर्च कर द‍िये हैं. उनका घर मुंबई के मालाबार हिल एर‍िया में है. फ‍िलहाल उनके घर से अरब सागर का व्‍यू म‍िलता है. लेक‍िन उनके घर के आगे एक इमारत बनने की प्‍लान‍िंग थी, ज‍िससे उनके घर के सामने से दिखने वाला खूबसूरत नजारा गड़बड़ होने का खतरा था. दरअसल, झुनझुनवाला का घर रेयर विला (RARE Villa) समुद्र के सामने रॉकसाइड सीएचएस (Rockside CHS) के पीछे है.

इमारत की सभी यून‍िट को खरीदा

दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला की पत्नी रेखा झुनझुनवाला ने सिर्फ बेहतर सी-फेसिंग व्यू के लिए ही पूरी बिल्डिंग खरीद ली. दरअसल, एक नए कंस्ट्रक्शन की वजह से उनके घर से सी-फेसिंग व्यू बिगड़ने वाला था. इसे बचाने के लिए उन्होंने 118 करोड़ रुपये में पूरी बिल्डिंग खरीद ली. उन्होंने अपने मालाबार हिल स्थित घर से अरब सागर के बेहतर व्यू के लिए एक बिल्डिंग की लगभग सभी यूनिट्स खरीदी है. झुनझुनवाला का RARE विला रेसिडेंस सी-फेसिंग रॉकसाइड CHS के ठीक पीछे स्थित है. वॉलकेश्वर में रॉकसाइड और छह और बिल्डिंग को एक क्लस्टर स्कीम के तहत री-डेवलपमेंट के लिए शेड्यूल किया जा रहा था.

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2023 में खरीदा था कमर्शियल ऑफिस

रॉकसाइड अपार्टमेंट डील रेखा झुनझुनवाला द्वारा की गई दूसरी बड़ी रियल एस्टेट डील है, इससे पहले उन्होंने कांदिवली इलाके में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 1.94 लाख वर्ग फीट कमर्शियल स्पेस खरीदा था. रेखा झुनझुनवाला की फर्म किन्नटेस्टो एलएलपी (Kinnteisto LLP) ने नवंबर 2023 में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) 1.94 वर्ग फुट कमर्शियल ऑफिस स्पेस खरीदा था. यह सौदा 740 करोड़ रुपये में हुआ था. 

65 हजार करोड़ की है कुल नेटवर्थ

रेखा झुनझुनवाला के पति स्वर्गीय राकेश झुनझुनवाला जाने-माने निवेशक थे, जिनका 14 अगस्त 2022 को निधन हो गया. उनके पास उस वक्त 5 अरब डॉलर की संपत्ति थी. राकेश झुनझुनवाला की पत्नी रेखा के पोर्टफोलियो में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर हैं और इनकी नेटवर्थ लगभग 65 हजार करोड़ रुपये के आसपास है. राकेश झुनझुनवाला के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी भी है. 
 


देश को बेहरतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर देने वालों को मिला बिल्ड इंडिया अवॉर्ड; देखें पूरी लिस्ट

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विमानन, बंदरगाह, सड़क और राजमार्ग, मेट्रो और रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर में इम्पैक्ट, सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन करने वाली कंपनियों को अवार्ड देकर सम्मानित किया. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 March, 2024
Last Modified:
Wednesday, 13 March, 2024
build infra award

देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली कंपनियों को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा बिल्ड इंडिया अवार्ड्स से नवाजा गया. प्राइमस पार्टनर्स द्वारा आयोजित इस अवार्ड के पहले संस्करण में न केवल भारत की महत्वपूर्ण भागीदारी देखी गई, बल्कि विजेताओं ने भारत में हुए इंजीनियरिंग के चमत्कारों को प्रतिबिंबित किया.  इस दौरान उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने देश के विकास को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन आदि पर भी चर्चा की. 

नितिन गडकरी ने क्या कहा?
इस अवसर पर मुख्य रूप से शामिल सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण में हमें निर्माण की गुणवत्ता को कम किए बिना, निर्माण की लागत को कम करना होगा. हमें दुनिया में मौजूद वैकल्पिक सामग्री, अच्छी तकनीक और सफल व टिकाऊ प्रथाओं को खोजना और अपनाना होगा. इसी तरह हम देश को विकासित बना पाएंगे.  

विशेषज्ञों ने क्या कहा? 
प्राइमस पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड के को फाउंडर दविंदर संधू ने कहा कि आज हम यहां न केवल बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का जश्न मनाएंगे, बल्कि हमारे द्वारा भारत को राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए विकसित किए गए ट्रास्फार्मेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव का भी जश्न मनाएंगे. बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवार्ड्स के फाउंडर और क्यूरेटर वैभव डांगे ने कहा कि हम सभी इस बात से सहमत हैं कि भारत को कम समय में विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. पर्यटन मंत्रालय के पूर्व सचिव और एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन अरविंद सिंह ने कहा कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप्स (पीपीपी) मॉडल  हवाई अड्डों में सफल साबित हुआ है. इससे  इंडियन एयरपोर्ट अथोरिटी पर बोझ कम हुआ है और राजस्व में भी वृद्धि हुई है. 

यूरोपियन बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के मैनैजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पूर्व सचिव विजय छिब्बर ने कहा है कि किसी भी प्रोजेक्ट की समयबद्धता इस बात पर निर्भर करती है कि, आप उसे कैसे वित्तपोषित करते हैं. अगर आप समय का ईमानदारी से पालन करेंगे, तो आप देखेंगे कि वह समय पर पूरे हो जाते हैं. यूरोपियन बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर के मैनैजिंग डायरेक्टर पॉल जेन्सेन ने कहा कि यूरोप और भारत दोनों के लिए एक साथ काम करना और एक-दूसरे से सीखना बिल्कुल महत्वपूर्ण है. 2005 से उन्होंने भारत में रहना शुरू किया और तब से अब तक  भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में जबरदस्त बदलाव आया है. 

इन्हें मिले अवॉर्ड
बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवार्ड्स विमानन (Aviation), बंदरगाह, (Ports), सड़क और राजमार्ग ( Roads & Highways), मेट्रो और रेलवे (Metros & Railways) के इंफ्रास्ट्रक्चर में इम्पैक्ट, सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन करने वाली कंपनियों को दिए गए. इसमें एविएशन सेक्टर में जीएमआर को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक्सपेंशन, यमुना इंटरनेश्नल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटिड को सस्टेनेबिलिटी, और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग को मैंगलुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए इनोवेशन अवार्ड दिया गया. पोर्ट सेक्टर में जेएनपीए, अडानी पोर्ट्स, रोड सेक्टर में ढोला इंफ्रा प्रोजेक्ट और टाटा प्रोजेक्ट्स, मेट्रो सेक्टर में मुंबई मेट्रो रेल कार्पोरेशन, द नेशनल रीजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन को दिल्ली मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम के लिए बेस्ट प्रोजेक्ट सहित अलग अलग प्रोजेक्ट के लिए कई कंपनियों को अवार्ड प्रदान किए गए.

ज्यूरी में ये लोग रहे शामिल

नालेज पार्टनर्स के रूप में प्राइमस पार्टनर्स ने अवार्ड नोमिनेशन और ज्यूरी का नेतृत्व किया. इस अवार्ड के लिए विजेताओं का चयन करने वाली जूरी में भारत के पूर्व कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा,  नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत, एमओआरटीएच के पूर्व सचिव विजय छिब्बर मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष संजय भाटिया  आदि विशेषज्ञ शामिल रहे. 
 


देश के इन 8 शहरों में फिर क्‍यों बढ़े प्रॉपर्टी के दाम, क्‍या है इसकी वजह? 

दरअसल प्रॉपर्टी के दामों में इजाफा इसलिए हुआ है क्‍योंकि पिछले कुछ सालों से लगातार दाम बढ़ रहे हैं और स्थिर बने हुए हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 29 February, 2024
Last Modified:
Thursday, 29 February, 2024
Property

देश में तेजी से बढ़ते आर्थिक बाजार का फायदा प्रॉपर्टी सेक्‍टर को भी मिल रहा है. देश के 8 अहम शहरों में प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. क्रेडाई, कोलियर्स और लियासस फोरस की ज्‍वॉइंट रिपोर्ट कहती है कि देश के प्रापॅर्टी बाजार पिछले दो सालों में जिस तरह से मांग मजबूत बनी हुई है उससे प्रॉपर्टी के दामों में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. इससे पहले भी रियल स्‍टेट बाजार में इस साल तेजी की खबरें साल की शुरुआत में आई थी. 

आखिर किन शहरों में आई है तेजी? 
सभी संस्‍थाओं की संयुक्‍त रिपोर्ट बता रही है कि जिन शहरों में प्रॉपर्टी के दामों में इजाफा हुआ है उसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, दिल्‍ली एनसीआर, चेन्‍नई, कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन और पुणे शामिल है. ये रिपोर्ट तीनों संस्‍थाओं ने मिलकर तैयार की है. इसमें क्रेडाई, रियल स्‍टेट सलाहकार कोलियर्स और डेटा एनालिटिक फर्म लियासस फोरस जैसी कंपनियां शामिल हैं. ये रिपोर्ट कहती है कि इन आठ शहरों में 2021 के प्रॉपर्टी के दामों के मुकाबले 2023 में 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है. इस पूरे मामले को लेकर लियासस फोरस के एमडी पंकज कपूर ने कहा कि रियल स्‍टेट की स्थिति उस समय सबसे ज्‍यादा प्रो‍डक्टिव होती है जब बिक्री स्‍पलाई और कीमतों में इजाफा होता है ना कि केवल अफवाहें होती हैं. 

दिसंबर में भी आई थी रिपोर्ट 
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी आवासीय प्रॉपर्टी की कीमतों में इजाफा देखा गया था. नाइट फ्रैंक ग्लोबल हाउस प्राइस इंडेक्स (Knight Frank Global House Price Index) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल की तीसरी तिमाही में भी प्रॉपर्टी की कीमतों में साल दर साल के अनुसार, 5.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. दामों में हो रहे इजाफे का ही असर है कि प्रॉपर्टी के दामों की सूची में भारत 18 वें पायदान से 14वें पायदान पर आ गया है. 

 
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इस बड़ी डील को लेकर सुर्खियों में हैं EaseMyTrip के Rikant Pitti 

EaseMyTrip ने हाल ही में मालदीव विवाद को लेकर अपने फैसले के चलते सुर्खियां बटोरी थी.

Last Modified:
Friday, 26 January, 2024
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मालदीव विवाद को लेकर सुर्खियों में आई ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी EaseMyTrip के को-फाउंडर रिकांत पिट्टी (Rikant Pitti) ने एक बड़ी प्रॉपर्टी डील फाइनल की है. मीडिया रिपोर्ट्स में रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स के हवाले से बताया गया है कि पिट्टी ने गुरुग्राम में लगभग 99.34 करोड़ रुपए की कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदी है. रिकांत पिट्टी ने इस डील के लिए 6.95 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया है. यह प्रॉपर्टी 4050 वर्ग मीटर में फैली है.

लग्जरी कार भी खरीदी थी
रिकांत पिट्टी ने पिछले साल लेम्बोर्गिनी Urus Performante खरीदी थी. इसकी तस्वीरें उन्होंने अपने लिंक्डइन पेज पर तस्वीरें साझा की थीं. गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा को लेकर मालदीव के कुछ नेताओं द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हो गया था. भारतीय मालदीव के बहिष्कार का अभियान चला रहे थे. इस बीच, EaseMyTrip मालदीव के लिए सभी उड़ान बुकिंग रोकने का ऐलान करके सुर्खियों में आ गई थी. कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ निशांत पिट्टी ने खुलकर इस मुद्दे पर अपनी बात कही थी.

ये हैं कंपनी के फाउंडर
EaseMyTrip की बात करें, तो यह कंपनी साल 2008 में अस्तित्व में आई. इसकी स्थापना निशांत पिट्टी, रिकांत पिट्टी और प्रशांत पिट्टी ने की थी. कंपनी के नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के अलावा बेंगलुरु और मुंबई सहित देश के कई शहरों में कार्यालय हैं. इसके अंतरराष्ट्रीय कार्यालय (सहायक कंपनियों के रूप में) सिंगापुर, फिलीपींस, थाईलैंड, UAE, UK, US और न्यूजीलैंड में हैं. कंपनी ट्रैवल के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग सहित कई अलग-अलग तरह की सेवाएं देती है.

क्या था पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद हुई थी. पीएम मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा करने के बाद एक वीडियो शेयर किया था. उन्होंने भारतीयों से अपील की थी कि वह यहां घूमने के लिए आए. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि लाखों रुपए खर्च कर मालदीव जाने से बेहतर होगा कि लक्षद्वीप जाएं. बस इसी बात से मालदीव के मंत्री एवं नेता नाराज हो गए और आपत्तिजनक पोस्ट कर बैठे. इसके बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों और मालदीव के नागरिकों के बीच जंग छिड़ गई. भारतीयों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि देश में हैशटैग BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा. इसके मद्देनजर EaseMyTrip ने मालदीव के लिए सभी उड़ान बुकिंग रोक दी थीं.


John Abraham ने समंदर किनारे खरीद डाला बंगला, कीमत जान उड़ जाएंगे होश 

बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने मुंबई में एक आलीशान घर खरीदा है, जिसकी कीमत 70 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है.

Last Modified:
Monday, 01 January, 2024
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एक्टर और प्रोड्यूसर जॉन अब्राहम (John Abraham) ने एक बड़ी प्रॉपर्टी डील फाइनल की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉन ने मुंबई के खार स्थित लिंकिंग रोड पर एक आलीशान बंगला खरीदा है, जिसकी कीमत 75.07 करोड़ रुपए है. '372 निर्मल भवन' नामक यह बंगला 7,722 वर्ग फीट में फैला हुआ है. जॉन अब्राहम ने इसे प्रवीण नत्थालाल शाह से खरीदा है. जॉन ने यह डील पिछले साल 27 दिसंबर को क्लोज की थी, लेकिन इसकी जानकारी अभी सामने आई है. 

समंदर के किनारे बंगला
372 निर्मल भवन समंदर के किनारे स्थित है. इस बंगले के लिए जॉन अब्राहम ने 4.24 करोड़ रुपए की स्टैंप ड्यूटी चुकाई. खार एरिया मुंबई के पॉश इलाकों में आता है, यहां कई फिल्म स्टार्स और बिजनेसमैन के घर हैं. बता दें कि जॉन अब्राहम एक शानदार अभिनेता होने के साथ-साथ सक्सेसफुल बिजनेसमैन और प्रोड्यूसर भी हैं. यानी वह हर तरफ से पैसा कमा रहे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में उनकी नेट वर्थ 251 करोड़ रुपए थी. 

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कई जगह किया निवेश
जॉन ने कई जगह प्रॉपर्टी में निवेश किया हुआ है. बांद्रा में उनका समंदर के किनारे 4 हजार स्क्वायर फीट में फैला एक पेंटहाउस है. इसकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपए बताई जाती है. इसके अलावा, जॉन का अमेरिका में भी एक आलीशान घर है. कुछ वक्त पहले उन्होंने लॉस एंजेलिस के पास स्थित सबसे महंगे इलाके में एक घर खरीदा था. यहां जेनिफर लोपेज सहित कई हॉलीवुड स्टार्स रहते हैं. इसी तरह, लंदन में भी जॉन अब्राहम की एक प्रॉपर्टी है. इसे उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस के ओवरसीज हेडक्वॉर्टर में तब्दील कर रखा है. 

स्पोर्ट्स में भी लगा है पैसा
खार इलाके में ही जॉन का अपना ऑफिस भी है. उन्होंने 2016 में यहां जगह खरीदी थी, जिसकी कीमत अब 21 करोड़ रुपए बताई जाती है. जॉन की कमाई फिल्मों, विज्ञापनों के साथ-साथ कई दूसरे सोर्स से भी होती है. वह फिल्मों के लिए मोटी फीस वसूलते हैं. वह 2023 में शाहरुख खान की 'पठान' में नजर आए थे, और इसके लिए उन्होंने 20 करोड़ रुपए लिए थे. जॉन अब्राहम इंडियन सुपरलीग में फुटबॉल टीम नॉर्थईस्ट यूनाइटेड और हॉकी टीम दिल्ली वेवराइटर्स के को-ओनर भी हैं. वह JA Fitness के नाम से अपनी फिटेनस चेन भी चलाते हैं, जिसकी ब्रांच मुंबई और पुणे में हैं. 
 


अब रियल स्‍टेट को लेकर सामने आई ये रिपोर्ट, देश के सस्‍ते शहरों में शामिल हैं ये नाम 

देश का दूसरा सबसे महंगा शहर हैदराबाद है जिसका सामर्थ्‍य 30 प्रतिशत है. ये 2022 से वैसा ही बना हुआ है. गौरतलब बात ये है कि 2022 के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 28 December, 2023
Last Modified:
Thursday, 28 December, 2023
Affordable Housing

क्‍या आप आने वाले दिनों में अफोर्डेबल प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं. देश के अलग-अलग शहरों की प्रॉपर्टी के दामों को लेकर इस सेक्‍टर में काम करने वाली संस्‍था Knight Frank का हाल ही में किया गया सर्वे सामने आया है. ये सर्वे देश के अफोर्डेबल शहरों के बारे में बताता है. इसकी रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद, कोलकाता और पुणे देश के सबसे अफोर्डेबल बाजार हैं. जबकि दिल्‍ली एनसीआर की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले बेहतरीन सुधार हुआ है. 

क्‍या कहती है सर्वे रिपोर्ट? 
नाइट फ्रैंक की सर्वे रिपोर्ट कहती है कि कम होती महंगाई दर और ब्‍याज दरों के बीच लोगों की ईएमआई और आय के अनुपात में सुधार हुआ है. रिपोर्ट ये भी कह रही है कि अगर ये रुझान आगे भी जारी रहता है तो आने वाले साल यानी 2024 में इसमें और सुधार होना चाहिए. सर्वे रिपोर्ट कहती है कि अहमदाबाद इस सूची में सबसे ऊपर है. उसकी सामर्थ्‍य 21 प्रतिशत है. यहां सामर्थ्‍य से अभिप्राय ये है कि अहमदाबाद में किसी भी शख्‍स को ईएमआई चुकाने के लिए अपनी आय का 21 प्रतिशत खर्च करना पड़ता है. इसी सामर्थ्‍य क्षमता में पुणे 24 प्रतिशत और कोलकाता 8 प्रतिशत के सुधार के बाद दूसरे नंबर पर है. 

क्‍या बोले सर्वे एजेंसी के अधिकारी? 
रियल स्‍टेट बाजार को लेकर सर्वे करने वाली संस्‍था नाइट फ्रैंक के अध्‍यक्ष और निदेशक शिशिर बैजल ने आने वाले साल को लेकर सकारात्‍मकता जताई है. उन्‍होंनें कहा कि स्थिर जीडीपी और मुद्रास्‍फीति में नरमी की उम्‍मीद के बीच बाजार में सामर्थ्‍य और मजबूत होने की उम्‍मीद है. उन्‍होंने कहा कि अगर वर्ष 2024 के अंत में अगर रिजर्व बैंक ब्‍याज दरों को कम करता है जैसा कि उम्‍मीद की जा रही है, तो 2024 में लोगों की सामर्थ्‍य में और इजाफा होने की उम्‍मीद है. उन्‍होंने कहा कि इससे इस क्षेत्र में और ज्‍यादा तेजी आने की उम्‍मीद है. 

ये है देश का सबसे महंगा शहर 
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट बता रही है कि पुणे, अहमदाबाद और दिल्‍ली के आंकड़ों में सुधार के बीच मुंबई देश का सबसे महंगा शहर है. यहां की सामर्थ्‍य का प्रतिशत 50 तक है. इतने ज्‍यादा प्रतिशत वाला ये अकेला शहर है. हालंकि इस बार मुंबई ने अपनी सामर्थ्‍य में 2 प्रतिशत का सुधार किया है. 2022 में ये 53 प्रतिशत हुआ करता था लेकिन इस बार ये 51 प्रतिशत हो गया है. इसके बाद दूसरा सबसे महंगा शहर हैदराबाद है जिसका सामर्थ्‍य 30 प्रतिशत है. ये 2022 से वैसा ही बना हुआ है. गौरतलब बात ये है कि 2022 के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्‍ली की सामर्थ्‍य प्रतिशत 29 से 27 प्रतिशत तक आ गया है. बेंग्‍लुरु भी 29 प्रतिशत के साथ महंगा शहर बना हुआ है.  

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