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उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी राधाकृष्णन को बनाया उम्मीदवार
सी. पी. राधाकृष्णन के राजनीतिक अनुभव और पार्टी के प्रति निष्ठा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को इस नाम की औपचारिक घोषणा की.
तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले चंद्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन, जिन्हें आमतौर पर सी. पी. राधाकृष्णन के नाम से जाना जाता है, दक्षिण भारत में भाजपा के विस्तार के दौरान पार्टी के एक वफादार और सक्रिय नेता रहे हैं. उनका राजनीतिक अनुभव गहरा है और वे तमिलनाडु की राजनीति में एक मजबूत जमीनी पकड़ रखते हैं.
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में इस नाम पर विचार-विमर्श के बाद राधाकृष्णन के नाम पर मुहर लगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्षी दल भी एनडीए के उम्मीदवार को समर्थन देंगे.
नड्डा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा “आज आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि वरिष्ठ नेता एवं वर्तमान महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी को एनडीए का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना गया है. मैं उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ.”
प्रधानमंत्री मोदी ने भी राधाकृष्णन की सराहना करते हुए लिखा “अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में थिरु सी. पी. राधाकृष्णन जी ने समर्पण, विनम्रता और बौद्धिकता के साथ खुद को प्रतिष्ठित किया है. उन्होंने हमेशा समाज सेवा और वंचितों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है. तमिलनाडु में उन्होंने जमीनी स्तर पर व्यापक कार्य किया है. मुझे खुशी है कि एनडीए परिवार ने उन्हें हमारे गठबंधन का उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है.”
क्यों जरूरी हुआ चुनाव?
यह चुनाव उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पद से इस्तीफा देने के बाद जरूरी हो गया है. उन्होंने जुलाई 2025 में स्वास्थ्य कारणों और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था. उनका इस्तीफा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत राष्ट्रपति को सौंपा गया.
राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में धनखड़ ने उनके “अटूट समर्थन” और “सौहार्दपूर्ण कार्य संबंधों” के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल को भी सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत कुछ सीखा.
धनखड़ ने सांसदों से मिले “स्नेह, विश्वास और अपनत्व” को अपने जीवन की स्मृतियों में सहेजने की बात कही. अपने कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह “भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व विकास” का साक्षी बनने और उसका हिस्सा बनने का “सम्मान और संतोष” देने वाला अनुभव रहा.
अपने विदाई संदेश में उन्होंने लिखा था “जब मैं इस प्रतिष्ठित पद को छोड़ रहा हूँ, तो भारत के वैश्विक उदय और अद्भुत उपलब्धियों पर गर्व से भर जाता हूँ, और उसके उज्ज्वल भविष्य में मेरा विश्वास अडिग है.”
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर 2025 को होगा, और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 अगस्त तय की गई है.
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