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टाइड ने पार किया 10 लाख एमएसएमई का आंकड़ा, भारत बना सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला बाजार
टाइड का कहना है कि भारत में इसका विस्तार एक नई पीढ़ी के उद्यमियों के कारण हुआ है. इसके मुताबिक, 85 प्रतिशत (865,000) सदस्य 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिनमें 58 प्रतिशत जेनरेशन-ज़ेड और 42 प्रतिशत मिलेनियल्स शामिल हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
यूके-आधारित बिजनेस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म टाइड (Tide) ने दावा किया है कि उसने भारत में 10 लाख से अधिक माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ा है. दिसंबर 2022 में भारत में संचालन शुरू करने के बाद यह कंपनी के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ता बाजार बन गया है. टाइड के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है.
टाइड का कहना है कि भारत में इसका विस्तार एक नई पीढ़ी के उद्यमियों के कारण हुआ है. इसके मुताबिक, 85 प्रतिशत (865,000) सदस्य 40 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिनमें 58 प्रतिशत जेनरेशन-ज़ेड और 42 प्रतिशत मिलेनियल्स शामिल हैं. कंपनी ने बताया कि इसके 63 प्रतिशत सदस्य उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आते हैं. इनमें स्थानीय रिटेलर्स, फ्रीलांसर और सर्विस-आधारित सोलोप्रेन्योर्स की संख्या सबसे अधिक है.
टाइड ने दावा किया कि वह 2027 तक 5 लाख महिला उद्यमियों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है. उधर, संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों (जुलाई 2020 से नवंबर 2025) में देशभर में लगभग 24,000 महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई बंद हुए हैं, जिसकी जानकारी केंद्र सरकार ने दी है.
कंपनी का कहना है कि वह उद्योग प्रतिनिधिमंडलों के माध्यम से एसएमई को सीमा-पार विस्तार में सक्षम बनाने और यूके-इंडिया ट्रेड डील के तहत छोटे व्यवसायों के लिए भविष्य के व्यापार ढांचे पर विचार-विमर्श में योगदान दे रही है.
भारत और ब्रिटेन ने जुलाई 2025 में एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दोनों देश 2030 तक व्यापार को 120 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं. इस समझौते में भारत के 99 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क खत्म, आईटी जैसी सेवाओं के लिए प्रोफेशनल मोबिलिटी आसान, और यूके में सरकारी खरीद में भारतीय कंपनियों के लिए अवसर बढ़ाने के प्रावधान शामिल हैं.
हाल ही में टाइड ने 120 मिलियन डॉलर की रणनीतिक फंडिंग जुटाई है, जिसका नेतृत्व टीपीजी ने किया. कंपनी 2026 से शुरू होने वाले अगले पांच वर्षों में 500 मिलियन पाउंड का निवेश भी करने की योजना बना रही है.
टाइड इंडिया के सीईओ गुरजोधपाल सिंह ने कहा, “तीन साल से कम समय में 10 लाख भारतीय उद्यमियों ने टाइड को अपना विकास साथी चुना है. भारत वह बाजार है जहां टाइड के कई इनोवेटिव प्रोडक्ट्स विकसित हो रहे हैं, जिनका उपयोग आगे वैश्विक स्तर पर किया जाएगा.”
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