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Gen Z और Alpha का गया जमाना, आज से शुरू हुआ Gen Beta का दौर, जानें क्या है Generation की कहानी?

आज से नया साल शुरू हो गया है, इसी के साथ एक नई पीढ़ी भी अस्तित्‍व में आएगी. आज से जन्‍म लेने वाले बच्‍चे Generation Beta कहलाएंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

दुनिया में समय-समय पर नए लोग पैदा होते हैं, जिन्हें हम पीढ़ियां कहते हैं. इन पीढ़ियों को अलग-अलग नाम दिए जाते हैं ताकि हम उनके बारे में आसानी से बात कर सकें. जैसे कि आपने जनरेशन Z (Gen Z) या फिर अल्फा जेनरेशन (Gen Alpha) के बारे में सुना होगा, लेकिन अब साल 2025 के साथ एक नई कहानी शुरू हो रही है Generation Beta की. सीधे शब्दों में कहें, तो जेनरेशन बीटा एक नई पीढ़ी है जो अब नए साल के साथ शुरू हो रही है. 

अब तक कितने जनरेशन?

मिलेनियल्स और जेन जी जैसे शब्दों के बारे में तो आपने अब तक खूब सुना होगा। ये शब्द अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को दर्शाते हैं. ऐसे में, अब एक नई पीढ़ी आ रही है जिसे जेन बीटा कहा जा रहा है. ये वे लोग हैं जो 2025 से 2039 के बीच पैदा होंगे. जेन बीटा के पहले जेन अल्फा (2010-2024 में पैदा हुए) और उसके पहले जेन जेड (1997-2012 में पैदा हुए) आए थे.

जनरेशन नाम                                                         कब से कब तक

The Greatest Generation (GI जेनरेशन)                1901–1927
The Silent (साइलेंट) Generation                           1928–1945
Baby Boomer Generation                                   1946–1964
जनरेशन X                                                             1965–1980
मिलेनियल्स या जेनरेशन Y                                        1981–1996
जनरेशन Z या iGen                                                1997–2010
जनरेशन अल्फा                                                      2010-2024

ये नाम देने का एक तरीका है, जैसे-जैसे समय बदलता है, नई पीढ़ी आती है और उन्हें अलग नाम दिए जाते हैं. जेन अल्फा से शुरू करके, लोगों ने ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों का इस्तेमाल करके इन पीढ़ियों के नाम रखने शुरू किए. तो जेन अल्फा के बाद जेन बीटा आया और आगे भी इसी तरह के नाम दिए जाएंगे.

तकनीक के साथ बड़े होंगे बीटा किड्स

साल 2025 में जिन बच्चों का जन्म होगा, उन्हें हम "बीटा किड्स" कहेंगे. ये बच्चे ऐसे समय में बड़े हो रहे हैं जब तकनीक हर जगह एक बड़ा रोल प्ले कर रही है. जैसे पहले लोग किताबें पढ़ते थे, लेकिन अब बच्चों से लेकर बड़े तक, सब कुछ स्मार्टफोन पर करते हैं. अनुमान है कि जेनरेशन बीटा के बच्चे बड़े होकर ऐसी दुनिया में रहेंगे जहां गाड़ियां खुद चलेंगी, हमारी सेहत का ख्याल रखने के लिए खास तरह के कपड़े होंगे और हम कंप्यूटर से बनी दुनिया में घूम सकेंगे. यानी, ये बच्चे एक ऐसी दुनिया में रहेंगे जहां टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा होगी.

सीखने, खेलने और जीने का तरीका होगा नया

अपने ब्लॉग पोस्ट में मैकक्रिंडल बताते हैं कि जनरेशन अल्फा स्मार्टफोन, कंप्यूटर और रोबोट जैसे स्मार्ट डिवाइस के साथ बड़ी हो रही है, लेकिन जो बच्चे साल 2025 में पैदा होंगे, उनके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीनें हर जगह होंगी. जैसे आज हम मोबाइल फोन के बिना नहीं रह सकते, वैसे ही भविष्य में AI और मशीनें हमारी लाइफ का खास हिस्सा होंगी. यह नई टेक्नोलॉजी हमारे पढ़ने, काम करने, खेलने और यहां तक कि बीमार होने पर भी हमारी मदद करेगी.

चुनौतियां भी लाएगा तकनीक का युग

जेन बीटा यानी 2025 में जन्मे बच्चे, एक ऐसी दुनिया में पलेंगे जहां हर चीज एक क्लिक दूर होगी. उनके पास हर तरह की टेक्नोलॉजी होगी, जैसे स्मार्टफोन, कंप्यूटर और रोबोट, लेकिन साथ ही उन्हें कई बड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ेगा. जैसे कि धरती का तापमान बढ़ना, शहरों का बहुत बड़ा होना और दुनियाभर में लोगों की जनसंख्या बढ़ना. इन समस्याओं से निपटने के लिए जेन बीटा को बहुत होशियार और मिलनसार होना होगा. उन्हें इन बदलावों के साथ खुद को ढालना सीखना होगा और दूसरों की मदद करना भी सीखना होगा. यानी जेन बीटा के पास बहुत सारी सुविधाएं होंगी लेकिन उन्हें कई चुनौतियों का भी सामना करना होगा, उन्हें इन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.
 


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