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दिल्ली में कुत्तों की बढ़ती संख्या और रेबीज पर नियंत्रण की तैयारी, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
दिल्ली सरकार के अनुसार इन दिशा-निर्देशों का मकसद सिर्फ कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि रेबीज को खत्म करना और इंसान-जानवर के बीच टकराव को रोकना भी है.
रितु राणा 7 months ago
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब दिल्ली में सड़क के कुत्तों की संख्या नियंत्रण और रेबीज उन्मूलन को लेकर दिल्ली सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब 'एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम' का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि इंसानों और जानवरों के बीच होने वाले टकराव को कम किया जा सके.
स्थानीय निकायों को बड़ी जिम्मेदारी
दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी बोर्ड (DCB) को इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है. वर्तमान में दिल्ली में 20 एबीसी सेंटर चल रहे हैं, जिन्हें एनजीओ के सहयोग से संचालित किया जाएगा. इन केंद्रों में पर्याप्त संख्या में केनेल्स, ऑपरेशन थिएटर, वैन, इन्सिनरेटर और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से रखी जाएंगी.
तय होंगे कुत्तों के फीडिंग स्पॉट
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब हर वार्ड में निर्धारित फीडिंग स्पॉट ही होंगे, जहां आवारा कुत्तों को भोजन दिया जा सकेगा. अन्य जगहों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक होगी. फीडिंग स्पॉट की पहचान RWA और स्थानीय निवासियों की सहमति से की जाएगी. इसके अलावा पशु प्रेमियों को धमकाने या रोकने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.
पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य
दिल्ली में तीन महीने से अधिक उम्र के सभी पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अब जरूरी कर दिया गया है. इसके लिए दो श्रेणियां तय की गई हैं–
1. ब्रीडिंग कैटेगरी : प्रजनन के लिए उपयोग होने वाले कुत्ते
2. नॉन-ब्रीडिंग कैटेगरी : सामान्य पालतू कुत्ते
भारतीय नस्ल के कुत्ते अपनाने वालों को विशेष छूट
नसबंदी और वार्षिक रेबीज टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना होगा. खास बात यह है कि भारतीय नस्ल के कुत्ते अपनाने वाले लोगों को पंजीकरण शुल्क से छूट मिलेगी और नसबंदी व पहला टीकाकरण मुफ्त होगा.
आक्रामक और रेबीज संक्रमित कुत्तों पर कड़ी निगरानी
रेबीज़ से पीड़ित कुत्तों को अलग-थलग रखकर निगरानी में रखा जाएगा और उनकी मृत्यु के बाद शवों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा. वहीं सामान्य कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें उनके मूल स्थान पर छोड़ा जाएगा. अत्यधिक आक्रामक कुत्तों के लिए स्थायी आश्रय गृह बनाए जाएंगे.
शिकायतों के लिए 24×7 हेल्पलाइन
सरकार ने निर्देश दिया है कि हर स्थानीय निकाय को 24×7 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल शुरू करना होगा, जहां लोग कुत्तों के काटने, रेबीज़ की आशंका और एबीसी प्रोग्राम से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकें.
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