होम / बातें साहित्य की / केरल साहित्य महोत्सव 2025 का हुआ आगाज, 15 देश और 500 वक्ता करेंगे शिरकत
केरल साहित्य महोत्सव 2025 का हुआ आगाज, 15 देश और 500 वक्ता करेंगे शिरकत
केरल के कोझिकोड के समुद्र तट पर आयोजित होने वाले केरल साहित्य महोत्सव के आठवें संस्करण में साहित्य, कला और सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जनवरी 2025 में केरल साहित्य महोत्सव (KLF) के आठवें संस्करण का आयोजन केरल के कोझीकोड में होगा. इस महोत्सव में 500 से अधिक वक्ताओं की उपस्थिति की उम्मीद है और यह 6,00,000 से अधिक आगंतुकों को आकर्षित करने का अनुमान है. हाल ही में इस महोत्सव की शुरुआत दिल्ली में लेखक और राजनेता डॉ. शशि थरूर द्वारा आयोजित एक 'कर्टन रेजर' इवेंट के साथ की गई. इस दौरान फ्रांस को अतिथि राष्ट्र के रूप में नामित किया गया है, जो महोत्सव के अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है.
कर्टेन रेजर इवेंट में इन लोगों ने की शिरकत
कर्टेन रेजर इवेंट में राजनयिकों, प्रकाशकों और लेखक मौजूद हुए और उन्होंने आगामी महोत्सव के वैश्विक महत्व पर ध्यान केंद्रित किया. यूनेस्को के अधिकारी, जिनमें संस्कृति विभाग की प्रमुख जूनही हान और र्यक्रम अधिकारी आनंद कानितकर भी मौजूद रहे. कोझीकोड का यूनेस्को सिटी ऑफ लिटरेचर के रूप में दर्जा इस अवसर की प्रतिष्ठा को और बढ़ाता है, जो शहर की सांस्कृतिक महत्ता को उजागर करता है. इस दौरान फ्रांस, यूएई, लिथुआनिया, मोरक्को, तुर्की, श्रीलंका, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, आयरलैंड, कनाडा और रूस जैसे देशों के राजदूत भी मौजूद रहे.
ये देश और वक्ता होंगे शामिल
यह महोत्सव 15 अन्य देशों के प्रतिभागियों की मेजबानी करेगा, जिनमें यूके, स्पेन, जर्मनी, श्रीलंका, यूएसए, सिंगापुर, यूएई, सऊदी अरब, ग्रीस, मिस्र, तुर्की, इज़राइल, लातविया और स्वीडन शामिल हैं. सत्रों में साहित्य, विज्ञान, राजनीति से लेकर स्वास्थ्य, सिनेमा, लिंग मुद्दों और अर्थव्यवस्था तक के विषयों पर चर्चा की जाएगी. वहीं, वक्ताओं में प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा और विलियम डलरिंपल, बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया, वायलिनिस्ट डॉ. एल. सुब्रमणियम, लेखक फ्रांसेस मिराल्लेस और गोंकौर्ट अकादमी के सदस्य फिलिप क्लाउडेल जैसे लोग शामिल हैं. इस सूची में नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार विजेता और अन्य अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक व्यक्तित्व भी होंगे.
फ्रांस होगा अतिथि देश
इस वर्ष फ्रांस अतिथि देश होगा, जो उत्सव की अंतर्राष्ट्रीय अपील को बढ़ाएगा. महोत्सव का फोकस अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर होगा, विशेष रूप से फ्रांस की कला और साहित्यिक योगदानों पर जोर दिया जाएगा. उपस्थित लोग फ्रांसीसी संस्कृति के रोमांचक प्रदर्शन का आनंद ले सकते हैं, जिसमें विशेष सत्रों में प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखक, बुद्धिजीवी और कलाकार भाग लेंगे. यह उत्सव प्रेरक साहित्यिक पैनल और आकर्षक सांस्कृतिक चर्चाएँ प्रदान करेगा, जो फ्रांस की समृद्ध कलात्मक विरासत को देखने का अवसर प्रदान करेगा. आगंतुक देश की गहरी साहित्यिक और कलात्मक परंपराओं को उजागर करने वाली वार्ता और कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के माध्यम से खुद को फ्रांसीसी भाषा, कला और दर्शन में डुबो सकते हैं, जिससे केएलएफ द्वारा पोषित वैश्विक संवाद समृद्ध होगा.
वैश्विक साहित्य और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा
यह महोत्सव वैश्विक साहित्यिक और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में देखा जाता है. केएलएफ के मुख्य आयोजक रवि डीसी के अनुसार, इस इवेंट का उद्देश्य एक समावेशी स्थान प्रदान करना है, जहां विचारों का आदान-प्रदान सीमाओं को पार करता है.
टैग्स