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 'India’s Green Startups' : जलवायु संकट के समाधान में नवाचार और उद्यमिता की भूमिका

पूर्व केंद्रीय वित्त और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा और संदीप भामर द्वारा लिखित 'India’s Green Startups' भारत के ग्रीन नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र पर एक गहरी नजर डालती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत में ग्रीन स्टार्टअप्स का तेजी से बढ़ता हुआ इकोसिस्टम जलवायु संकट से निपटने और देश को एक टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है. इस संदर्भ में पूर्व केंद्रीय वित्त और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा और  ग्रीन फ्रंटियर कैपिटल के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर संदीप भामर ने मिलकर 'India’s Green Startups' पुस्तक लिखी है. यह पुस्तक ग्रीन नवाचार की दिशा में भारत की कोशिशों को प्रदर्शित करती है. यह पुस्तक इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है कि कैसे ग्रीन स्टार्टअप्स जलवायु परिवर्तन के समाधान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और भारत की अर्थव्यवस्था को टिकाऊ बनाने में मदद कर रहे हैं.

भारत के ग्रीन स्टार्टअप्स की दिशा

भारत के ग्रीन स्टार्टअप्स' पुस्तक को 21 जनवरी, 2024 को लॉन्च किया गया. इसे चिकी सरकार की लीडरशिप वाले जगर्नॉट बुक्स (Juggernaut Books) ने प्रकाशित किया है और इसमें इंफोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक और यूआईडीएआई आधार के संस्थापक अध्यक्ष नंदन निलेकणी का एक प्रेरक प्रस्तावना है. पुस्तक में ग्रीन स्टार्टअप्स के साथ-साथ उनके उद्यमियों की यात्रा का भी वर्णन किया गया है, जिन्होंने व्यवसायिक समझ और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ा है. इसमें 14 ऐसे अग्रणी उद्यमियों की कहानियाँ हैं जिन्होंने पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान किया और व्यापार को एक स्थिर मार्ग पर रखा.

जलवायु संकट से निपटने के लिए ग्रीन स्टार्टअप्स जरूरी

जयंत सिन्हा, जिन्होंने 2021 में भारत का पहला नेट-जीरो विधेयक पेश किया था, पुस्तक में नीति और सततता पर गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं. वहीं, संदीप भामर ने प्रारंभिक स्तर के ग्रीन निवेश अनुभव और सतत उद्योगों में नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता साझा करते हैं. दोनों मिलकर भारत के ग्रीन क्रांति की दिशा में स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करते हैं और यह दर्शाते हैं कि कैसे ग्रीन स्टार्टअप्स जलवायु संकट से निपटने के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. यह पुस्तक उन उद्यमियों की यात्रा को दर्शाती है जिन्होंने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट से निपटने के लिए नए दृष्टिकोण और अभिनव समाधान प्रस्तुत किए हैं.

पुस्तक को लेकर प्रतिक्रिया

इस पुस्तक को व्यापार, शिक्षा और खेल जगत के कई प्रमुख व्यक्तियों से सराहना मिली है, जिनमें रजत गुप्ता, विनोद खोसला, अमिताभ कांत, प्रोफेसर तरुण खन्ना, महेन्द्र सिंह धोनी, और ऋतु मर्त्या जैसी प्रमुख हस्तियाँ शामिल हैं. पूर्व क्रिकेटर और एंजल निवेशक महेन्द्र सिंह धोनी ने टिप्पणी की है कि यह पुस्तक उन साहसी विचारों को उजागर करती है जो भारत के युवाओं के लिए एक सतत कल का निर्माण कर रहे हैं. जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत के ग्रीन स्टार्टअप्स जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में साहसिक दृष्टिकोण और अभूतपूर्व समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं. यह पुस्तक उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रमाण है जो हमारे लिए एक सतत भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं. संदीप भामर ने कहा, यह पुस्तक उन उद्यमियों का उत्सव है जो नवाचार और दृढ़ता के साथ जलवायु संकट का समाधान कर रहे हैं, यह साबित करते हुए कि लाभ और सततता साथ-साथ चल सकते हैं. जगर्नॉट बुक्स की संस्थापक चिकी सरकार ने कहा, "भारत के ग्रीन नवप्रवर्तकों की यात्राओं को chronicling करते हुए, जयंत और संदीप ने एक ऐसी कथा तैयार की है जो प्रेरणादायक, समयसिद्ध और गहरे प्रभाव वाली है. 

यहां मिलेगी पुस्तक

'India’s Green Startups' अब अमेजन और SapnaOnline पर उपलब्ध है, और यह पुस्तक बुकस्टोर्स में भी उपलब्ध है. बता दे, जयंत सिन्हा एक प्रतिष्ठित निवेशक और विचारशील नेता हैं. वह भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री और दो-बार के लोकसभा सांसद रह चुके हैं, जिनका सार्वजनिक नीति और सततता में व्यापक अनुभव है. वहीं संदीप भामर ग्रीन फ्रंटियर कैपिटल के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर हैं, जो प्रारंभिक चरण के क्लाइमेट-टेक निवेशों पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक वेंचर कैपिटल फर्म है.

 

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