होम / कोर्ट कचहरी / Momo की डिलीवरी न करना Zomato को पड़ा भारी, अब चुकाना होगा 60 हजार रुपये का हर्जाना
Momo की डिलीवरी न करना Zomato को पड़ा भारी, अब चुकाना होगा 60 हजार रुपये का हर्जाना
एक ग्राहक को आर्डर की डिलीवरी नहीं करने के मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने जोमैटो (Zomato) को दोषी माना है. कोर्ट ने जोमैटो से ग्राहक को 60 हजार रुपये हर्जाना देने के लिए कहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो (Zomato) को कर्नाटक में एक महिला ग्राहक को मोमो की डिलीवरी न करने की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है. दरअसल, ग्राहक ने मोमो की डिलीवरी न करने पर जोमैटो के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट का रूख किया. इसके बाद कोर्ट ने जोमैटो को 60 हजार रुपये का हर्जाना भरने का आदेश दिया है. आइए, आपको पूरे मामले की जानकारी देते हैं.
कंफर्मेशन आने के बाद भी डिलीवर नहीं हुआ ऑर्डर
जोमैटो (Zomato) को मोमो की डिलीवरी न करने की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है. दरअसल, कर्नाटक के एक ग्राहक ने जोमैटो पर मोमो आर्डर किए और उसके पास डिलीवरी का कंफर्मेशन भी आया, लेकिन मोमोज की डिलीवरी नहीं हुई. इसके बाद ग्राहक ने जोमैटो के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और ग्राहक की शिकायत पर कोर्ट ने जोमैटो को हर्जाना भरने के आदेश दिए.
ये है पूरा मामला
यह मामला है कर्नाकट के धारवाड़ इलाके का है. वहां रहने वाली शीतल नाम की महिला ने 31 अगस्त 2023 को जोमैटो प्लेटफार्म पर मोमो का आर्डर दिया. वहां से आर्डर कंफर्म भी हुआ, लेकिन घंटों बीतने के बाद भी उसे मोमो की डिलीवरी नहीं मिली. इसके बाद शीतल ने जोमैटो से और जिस रेस्टोरेंट में आर्डर दिया था, उससे संपर्क किया. बार बार फोन करने पर जोमैटो ने कहा कि वह 72 घंटे वेट करे, कंपनी मामले की जांच कर रही है. उसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला. इसके बाद शीतल ने सितंबर 2023 में जोमैटो के खिलाफ धारवाड़ के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission-DCDRC) का दरवाजा खटखटाया और इस पूरे मामले की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की.
9 महीने बाद रिफंड किए ऑर्डर के पैसे
जोमैटो ने कंज्यूमर कोर्ट में अपनी किसी भी तरह की गलती से इनकार किया. हालांकि, कोर्ट ने जोमैटो के महीनों तक कोई कदम ना उठाने पर सवाल उठाए, जबकि शुरुआत में जोमैटो ने मामले को सुलझाने के लिए समय मांगा था. आखिरकार मई 2024 में जोमैटो ने शीतल को मोमोज की कीमत (133.25 रुपये) वापस कर दी. इसके बाद कोर्ट ने माना कि जोमैटो अपनी सेवा में कमी का दोषी है और शीतल को हुई असुविधा के लिए जिम्मेदार है.
इसे भी पढ़ें-हो जाएं सावधान! फर्जी नौकरी ऑफर कर रही है ये वेबसाइट, सरकार ने जारी किया अलर्ट
कोर्ट ने जोमैटो को माना दोषी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंज्यूमर कोर्ट ने जोमैटो को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उसे ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार रुपये का हर्जाना भरने को कहा है. इसके साथ ही कानूनी खर्च के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है. इसका मतलब है कि जोमैटो अब ग्राहक को कुल 60 हजार रुपये की राशि का भुगतान करेगा. कंज्यूमर कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जोमैटो ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन दिए गए ऑर्डर पर सामग्री की आपूर्ति का व्यवसाय करता है. खरीद मूल्य प्राप्त होने के बावजूद, जोमैटो ने शिकायतकर्ता को उसका ऑर्डर नहीं दिया. इस मामले के इन तथ्यों को देखते हुए, हमारी राय में, ऑप नंबर 1 (जोमैटो) ही शिकायतकर्ता के दावे का जवाब देने के लिए उत्तरदायी है.
टैग्स