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नारियल तेल बनाने वाली कंपनियों को SC ने दी राहत, अब चुकाना होगा केवल 5 प्रतिशत टैक्स
नारियल तेल बेचने वाली कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कंपनी नारियल तेल के छोटे पैक को खाद्य तेल के तौर पर इस्तेमाल कर सकती हैं यानी इसके ऊपर सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नारियल तेल बेचने वाली कंपनियों को 15 साल पुराने एक मामले में आखिरकार सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राहत प्रदान कर दी है. कोर्ट के आदेश के बाद कंपनियां अब नारियल तेल के छोटे पैक को खाद्य तेल के तौर पर बेच सकती हैं यानी अब इसके ऊपर सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा. बता दें, पिछले 15 साल से नारियल तेल के छोटे पैक को लेकर यह विवाद चल रहा था कि यह कॉस्मेटिक वस्तुओं के काम आता है या फिर खाने के तेल के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐसे में अब कोर्ट के आदेश के बाद यह विवाद भी खत्म हो गया है और यह साफ हो गया है कि इस तेल को खाने के लिए भी भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस फैसले का असर दूसरी छोटे तेल की पैकिंग के ऊपर भी पड़ेगा, जिनके दाम आने वाले दिनों में कम हो सकते हैं. तो आइए आपको इस पूरे मामले की विस्तार से जानकारी देते हैं.
कोर्ट ने दिया ये आदेश
नारियल तेल के 200 एमएल का पैक का इस्तेमाल एडिबल ऑयल यानी खाने के तेल के तौर पर किया जाता है या बालों में लगाने के लिए? दरअसल, पिछले 15 सालों से ये मामला टैक्स ट्राइब्यूनल से लेकर अदालत की चौखट में घूम रहा था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. इसी साल 17 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने आदेश में तय किया कि छोटे बॉटल वाले नारियल तेल को सिर्फ हेयर ऑयल नहीं, बल्कि खाने का तेल भी माना जाए. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नारियल तेल को छोटी बोतलों में पैक किया जाता है और बालों पर उपयोग के लिए लेबल किया जाता है, तब भी इसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 के तहत बालों के तेल के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए.
कब शुरू हुआ था ये विवाद
नारियल तेल से जुड़ा यह विवाद 2009 में शुरू हुआ था, जब सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विसेज अपलेट ट्राइब्यूल ने अपने आदेश ने कहा कि छोटे नारियल तेल के पैक को सेंट्रल एक्साइज टैरिफ एक्ट के तहत खाने का तेल माना जाए. जबकि राजस्व विभाग(Revenue Department) ने सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विसेज अपलेट ट्राईब्यूल के आदेश के चुनौती देते हुए कहा कि छोटे नारियल तेल के पैक को हेयर ऑयल माना जाए, जिस पर ज्यादा टैक्स लगता है. साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट के बेंच ने विभाजित निर्णय जारी किया, जिसके बाद तीन जजों के बेंच का गठन किया गया.
हेयर ऑयल पर लगता है अधिक टैक्स
बता दें, मौजूदा समय में खाने के किसी भी तेल पर 5 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगता है जबकि हेयरकेयर प्रोडक्ट यानी बालों पर लगाए जाने वाले तेल पर भी 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का प्रावधान है. कोर्ट के इस फैसले के बाद नारियल के तेल पर कम टैक्स लगेगा और तेल की कीमत में कमी आ सकती है, जिससे कंपनियों और ग्राहकों दोनों को ही फायदा होगा.
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