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Supreme Court के पूर्व जस्टिस के हाथों में आई लोकपाल की कमान, जानें उनके बारे में सबकुछ
मंगलवार को राष्ट्रपति (President) द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस अजय माणिकराव खानविलकर को लोकपाल का अध्यक्ष नियुक्त किया. वह दो वर्ष पहले सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) से रिटायर हुए थे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के पूर्व जस्टिस (Justice) अजय माणिकराव खानविलकर (AM Khanwilker) को लोकपाल (lokpal) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. लोकपाल के अध्यक्ष का पद 27 मई 2022 को जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष के Retire (सेवानिवृत्त) हो जाने के बाद से खाली था. अब तक लोकपाल के न्यायिक सदस्य जस्टिस प्रदीप कुमार मोहंती कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्यभार संभाल रहे थे. बता दें, जस्टिस ए.एम. खानविलकर लोकपाल के दूसरे अध्यक्ष होंगे, जिन्हें भारत का लोकपाल कहा जाता है.
मंगलवार को राष्ट्रपति (President) के प्रेस सचिव अजय कुमार सिंह द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस (Justice) अजय मानिकराव खानविलकर को लोकपाल का अध्यक्ष नियुक्त किया है. जस्टिस खानविलकर जुलाई 2022 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे.
कौन हैं जस्टिस अजय मानिकराव खानविलकर
66 वर्षीय अजय माणिकराव खानविलकर का जन्म 30 जुलाई 1957 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ. वह भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के पूर्व न्यायाधीश हैं. वो सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले सहित कई महत्वपूर्ण केस में जज के रूप में हिस्सा रहे हैं. खानविलकर को 10 फरवरी 1982 को एक वकील के रूप में नामांकित किया गया था. उन्होंने जुलाई 1984 से भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विशेष रूप से अभ्यास भी किया. 29 मार्च 2000 को बाम्बे हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए और 8 अप्रैल 2002 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला. उन्हें 4 अप्रैल 2013 को हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. इसके बाद उन्हें 24 नवंबर 2013 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 13 मई 2016 को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत किया गया. वह 6 साल, 2 महीने और 17 दिन तक कोर्ट में रहने के बाद 29 जुलाई 2022 को Supreme Court से सेवानिवृत्त हुए.
इन सदस्यों की हुई नियुक्ति
रिटायर जस्टिस (Justice) लिंगप्पा नारायण स्वामी, संजय यादव और ऋतुराज अवस्थी को भी लोकपाल के न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है. वहीं, सुशील चंद्रा, पंकज कुमार और अजय टिर्की को लोकपाल के गैर-न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्त किया गया है. ये नियुक्तियां कार्यभार संभालने के दिन से प्रभावी होंगी.
क्या है लोकपाल और इसमें कितने सदस्य होते हैं?
लोकपाल एक भ्रष्टाचार विरोधी प्राधिकरण है जो जनहित का प्रतिनिधित्व करता है। भारत भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का एक हस्ताक्षरकर्त्ता है.
लोकपाल के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति (President) प्रधानमंत्री (Prime Minister) की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाती है. लोकपाल में एक अध्यक्ष के अलावा चार-चार न्यायिक और गैर-न्यायिक कुल आठ सदस्य होते हैं.
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