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रामदेव को जिस राहत की थी आस, आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने सुना दी वो खबर 

बाबा रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना का केस सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिया है. अदालत ने दोनों की लिखित माफी स्वीकार कर ली है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

योगगुरु से कारोबारी बने बाबा रामदेव जिस राहत की आस लगाए बैठे थे, वो उन्हें सुप्रीम कोर्ट से मिल गई है. अदालत ने पतंजलि आयुर्वेद से जुड़े मामले में रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ अवमानना का केस बंद कर दिया है. दरअसल, रामदेव और बालकृष्ण ने लिखित में माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में गुमराह करने वाले विज्ञापनों और पतंजलि के उत्पादों को लेकर भ्रामक दावे नहीं किए जाएंगे, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. 

सुरक्षित रखा था फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापन मामले में योग रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण को जारी अवमानना ​​नोटिस पर 14 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले अदालत ने दोनों को कई बार कड़ी फटकार लगाई. रामदेव और पतंजलि ने अदालत से कई बार माफी भी मांगी, लेकिन कोर्ट ने उसे अस्वीकार कर दिया. लेकिम अब अदालत ने दोनों की माफी स्वीकार करते हुए अवमानना का केस बंद कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि उसने उन 14 उत्पादों की बिक्री रोक दी है, जिनके निर्माण लाइसेंस उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने अप्रैल में निलंबित कर दिए थे.

कोर्ट को दिया हलफनामा
पतंजलि ने साथ ही जस्टिस हिमा कोहली और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया था कि उसने 5,606 फ्रेंचाइजी स्टोर को इन उत्पादों को वापस लेने का निर्देश भी दिया है. इसके बाद बेंच ने पतंजलि आयुर्वेद से एक एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि हलफनामा दायर करके बताना होगा कि विज्ञापन हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से किए गए अनुरोध का क्या हुआ है और संबंधित 14 उत्पादों के विज्ञापन वापस लिए गए या नहीं. 

IMA की याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें पतंजलि पर कोरोना टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप लगाया गया है. वहीं, उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने अदालत को बताया था कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और दिव्य फार्मेसी के 14 उत्पादों के निर्माण लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.


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