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Zomato ने 400 करोड़ का Tax भरने से क्यों किया इंकार, क्या है कंपनी का कहना? 

पिछले महीने Zomato और Swiggy को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस की तरफ से पिछले महीने नोटिस भेजा गया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) के डिमांड नोटिस का फूड एग्रीगेटर जोमैटो (Zomato) ने जवाब दिया है. कंपनी का कहना है कि वह डिलीवरी चार्ज पर कोई टैक्स देने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि डिलीवरी चार्ज, डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से कलेक्ट किया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने DGGI ने जोमैटो और स्विगी को एक डिमांड नोटिस भेजा था. इसमें Zomato को 400 करोड़ और Swiggy को 350 करोड़ रुपए के बकाया टैक्स का भुगतान करने के लिए कहा गया था. इस GST डिमांड की कैलकुलेशन दोनों कंपनियों की ओर से हर फूड ऑर्डर पर लिए गए डिलीवरी चार्ज के आधार पर की गई थी.

Zomato ने दिया ये तर्क
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) का मानना है कि फूड डिलीवरी एक सर्विस है. इसलिए Zomato और Swiggy 18% की दर से सर्विसेज पर GST का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं. वहीं, कंपनियों का तर्क है कि वे केवल एक प्लेटफॉर्म हैं और गिग वर्कर्स की ओर से डिलीवरी चार्ज कलेक्ट करती हैं. चूंकि पूरी राशि गिग वर्कर्स को ट्रांसफर की जाती है, इसलिए गिग वर्कर्स से टैक्स लिया जाना चाहिए न कि Zomato या Swiggy से. हालांकि, प्रत्येक गिग वर्कर 20 लाख रुपए सालाना के थ्रेसहोल्ड से नीचे है, लिहाजा उन्हें GST से छूट दी गई है.

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कंपनी ने यह भी कहा
Zomato ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि कंपनी का दृढ़ विश्वास है कि वह किसी भी टैक्स का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि डिलीवरी चार्ज, डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से कंपनी द्वारा कलेक्ट किया जाता है. कॉन्ट्रैक्चुअल नियमों एवं शर्तों के मद्देनजर, डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा ग्राहकों को डिलीवरी सर्विसेज प्रदान की गई हैं, न कि कंपनी द्वारा. कंपनी DGGI के कारण बताओ नोटिस पर उचित प्रतिक्रिया दाखिल करेगी. वहीं, Zomato की प्रतियोगी कंपनी Swiggy की ओर से अभी इस पर कुछ नहीं किया गया है.

कौन होते हैं गिग वर्कर्स? 
लगभग प्रत्येक कारोबार में कुछ काम ऐसे होते हैं, जिन्हें स्थायी कर्मचारियों के बजाए गैर-स्थायी कर्मियों से कराया जा सकता है. इसके लिए कंपनियां कर्मचारियों को काम के आधार पर भुगतान करती हैं. इन कर्मचारियों को ही गिग वर्कर्स (Gig Workers) कहा जाता है. ये गिग वर्कर्स स्वतंत्र रूप से ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले कर्मचारी, कॉन्ट्रैक्ट फर्म के कर्मचारी, कॉल पर काम के लिए उपलब्ध कर्मचारी या अस्थायी कर्मचारी हो सकते हैं. गिग वर्कर्स और कंपनी के बीच एक समझौता होता है. इस समझौता के तहत कर्मचारी को कंपनी के कॉल पर काम करना होता है और इसके बदले उसे भुगतान किया जाता है. Zomato और Swiggy के साथ-साथ ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों के लिए गिग वर्कर्स काफी महत्वपूर्ण हैं.
 


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