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Oyo के IPO के लिए करना होगा अभी और इंतजार, कंपनी ने तीसरी बार टाला प्लान

OYO ने तीसरी बार अपना IPO टाल दिया है और अब यह मार्च 2026 तक 7 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन के साथ लिस्टिंग की योजना बना रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय बजट होटल चेन ओयो (Oyo) ने अपने तीसरे आईपीओ प्रयास को एक बार फिर टाल दिया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला जापानी निवेशक सॉफ्टबैंक (SoftBank) की आपत्ति और मौजूदा बाजार की अस्थिरता को देखते हुए लिया गया है. मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया कि ओयो के आईपीओ की मौजूदा टाइमिंग पर सॉफ्टबैंक ने गंभीर चिंता जताई है और कंपनी को बेहतर वित्तीय प्रदर्शन तक लिस्टिंग टालने की सलाह दी है.

2021 से अब तक तीसरी बार रुक गई ओयो की IPO योजना

ओयो इससे पहले भी 2021 और 2023 में आईपीओ लाने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन यह तीसरी बार है जब कंपनी को अपनी सार्वजनिक लिस्टिंग की योजना टालनी पड़ी है. इस बार ओयो को वैश्विक बाजार की अनिश्चितता और निवेशकों की घटती जोखिम उठाने की प्रवृत्ति ने भी प्रभावित किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक वातावरण भी निवेशकों की सतर्कता का कारण बना हुआ है.

SoftBank के समर्थन के बिना बोर्ड अप्रूवल मुश्किल

ओयो के सबसे बड़े निवेशक सॉफ्टबैंक का कंपनी के आईपीओ पर भारी प्रभाव है. सॉफ्टबैंक के विजन फंड के पास कंपनी में रितेश अग्रवाल से भी अधिक हिस्सेदारी है, जबकि रितेश के पास 30% से अधिक स्टेक है. ऐसे में अगर सॉफ्टबैंक आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचना चाहता या लिस्टिंग का समर्थन नहीं करता, तो ओयो को न केवल बोर्ड की मंजूरी पाना मुश्किल होगा बल्कि निवेशकों की दिलचस्पी भी कमजोर पड़ सकती है.

फिर हो सकती है कोशिश

हालांकि कंपनी ने पूरी तरह से आईपीओ योजना को रद्द नहीं किया है. सूत्रों के अनुसार, एक बार फिर आईपीओ की संभावना तलाश सकती है. इस बार संभावित वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर से अधिक बताई जा रही है. लेकिन यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहता है और सॉफ्टबैंक का रुख किस ओर होता है.
 


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