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इस मामले में महिलाओं की स्थिति हुई बेहतर, आगे बढ़ा देश
एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 5 सालों में भारत के अन्दर लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या में सालाना आधार पर 15% की बढ़त देखने को मिली है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
पिछले 5 सालों के दौरान महिलाओं तक लोन की पहुंच में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है. कर्ज लेने वाली महिलाओं के बीच लोन की पहुंच साल 2017 में जहां 7% थी, वहीं साल 2022 में यह बढ़कर 14% हो गयी है. क्रेडिट एक्सेस या लोन की पहुंच का मतलब कुल जनसंख्या में से कर्ज लेने वाली महिलाओं की संख्या से होता है.
पुरुषों से आगे हैं महिलायें
क्रेडिट इन्फोर्मेशन कंपनी TransUnion CIBIL द्वारा जारी की गयी एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 सालों में भारत के अन्दर Loan लेने वाली महिलाओं की संख्या में सालाना आधार पर 15% की बढ़त देखने को मिली है. वहीं अगर बात लोन लेने वाले पुरुषों की संख्या की करें तो पिछले 5 सालों में यह सालाना 11% देखने को मिली है. इसके साथ ही कर्ज लेने वाली महिलाओं के शेयर में भी वृद्धि दर्ज की गयी है. साल 2017 में जहां यह शेयर 25% था, वहीं साल 2022 में यह बढ़कर 28% हो गया है.
पुरुषों की तुलना में अच्छा है महिलाओं का क्रेडिट स्कोर
महिलाओं की बढ़ती विकास दर के पीछे बहुत से कारणों को वजह माना जा रहा है. लोन देने वाले बहुत सी कंपनियां महिलाओं को ज्यादा बेहतर ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध करवा रही हैं. साथ ही, लोन लेने वाली महिलाओं की क्रेडिट प्रोफाइल यानी कर्ज को चुकाने की क्षमता, पुरुषों की तुलना में काफी बेहतर है. साल 2022 में एक रिपोर्ट में बताया गया कि लोन लेने वाली महिलाओं में से 57% महिलाओं के पास प्राइम क्रडिट स्कोर (731-770) है जबकि उधार लेने वाले पुरुषों में से केवल 51% का क्रेडिट स्कोर ही प्राइम क्रेडिट स्कोर की श्रेणी में आता है.
अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा कर रही हैं महिलायें
TransUnion CIBIL के डाटा से हमें पता चलता है कि, उधार लेने वाली महिलाओं के बीच पर्सनल लोन और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन जैसे उपयोग सम्बंधित क्रेडिट उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ी है. देश में मौजूद कर्मचारियों की संख्या में लगातार महिलाओं की बढ़ती संख्या और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने की वजह से महिलायें अपने जीवन के लक्ष्यों और अपनी पसंदों को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार की क्रेडिट सुविधाओं को ढूंढ़ रही हैं.
महिलाओं के स्टार्टअप्स में भी हुई वृद्धि
अन्य जांचों में सामने आया है कि, बिजनेस लोन प्राप्त करने वाली महिलाओं की संख्या पिछले 5 सालों में लगभग तीन गुना बढ़ चुकी है जिससे हमें पता चलता है कि भारत में हिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की संख्या में भी वृद्धि हुई है. इन पांच सालों के दौरान, बिजनेस लोन के कुल पोर्टफोलियो में महिलाओं का हिस्सा 12% जितना बढ़ गया है. इसके साथ-साथ होम लोन के क्षेत्र में भी महिलाओं के हिस्से में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है. पिछले 5 सालों में होम लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या में 6% की वृद्धि हुई है. TransUnion CIBIL के COO हर्शला चंदोरकर के अनुसार, लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या में वृद्धि, पारंपरिक रूप से पिछड़े वर्गों को साथ लेकर चलने वाले सरकार के विजन के अनुरूप है. टॉप 12 क्रेडिट एक्टिव राज्यों में पश्चिम बंगाल (22%), राजस्थान (21%) और बिहार (21%) ने 2017 से 2022 के बीच लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की है.
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