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Space Policy के जारी होने से क्या होगा देश को फायदा, कितनी बढ़ेगी हमारी हिस्सेदारी?
देश की इस अंतरिक्ष नीति ने सिर्फ सरकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है बल्कि इसने रिसर्च संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग के बीच तालमेल बढ़ाने में मदद की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारत सरकार हर क्षेत्र में अपनी पॉलिसी लाकर सरकार के उस क्षेत्र के विकास को लेकर विजन को सामने रख रही है. पहले सरकार लॉजिस्टिक पॉलिसी लेकर आई तो अब सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस कदम का इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है. इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यह देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को विकास के ऑर्बिट में लाने में मदद करेगा.
भारतीय अंतरिक्ष बाजार की बढ़ेगी दुनिया में हिस्सेदारी
सरकार के इस कदम का इस उद्योग से जुड़े लोग स्वागत कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र से जुड़े एक एक्सपर्ट ने कहा कि सरकार की इस मंजूरी के साथ, भारत में पूरे निजी अंतरिक्ष इकोसिस्टम को लाभ पहुंचाने के लिए एक पूरा ढांचा स्थापित हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि पॉलिसी में जो प्रावधान किए गए हैं वो इस क्षेत्र को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगें.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने ये भी कहा कि यह नीति इंडियन स्पेस सेक्टर (भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र) के दायरे को दुनिया में पांच गुना बढ़ाने का काम करेगी. इसका मतलब है कि अंतरिक्ष निर्माण इकोसिस्टम सहित सभी क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा. बहुप्रतीक्षित नीति की घोषणा सरकार द्वारा 2020 में देश के स्पेसटेक उद्योग को निजी भागीदारी के लिए खोलने के निर्णय के बाद की गई थी.
वर्तमान परिस्थितियों में भारत को बनाएगी और सशक्त
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि यह नीति वास्तव में भारत के कद को मौजूदा वैश्विक हालातों में और सशक्त बनाएगी. यह नीति उभरती भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रवृत्तियों के बीच भारत को ग्लोबल अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने के इरादे को भी दर्शाती है. एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि इस नीति के सामने आने के बाद देश में सरकार और निजी क्षेत्र की भूमिका को और स्पष्ट तरीके से सामने रखेगी. इससे अंतरिक्ष विकास के कार्यक्रमों में और स्पष्टता आएगी. इससे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी सेक्टर की भूमिका और बढ़ेगी.
नीति पर क्या बोले केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह
भारत की अंतरिक्ष नीति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अपनी मंजूरी दे दी, जिसकी घोषणा अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की. जितेन्द्र सिंह ने नई दिल्ली में एक ब्रीफिंग में कहा, सरकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका के बारे में स्पष्टता लाने के अलावा, नीति रिसर्च एजुकेशन, स्टार्टअप और उद्योग के बीच भागीदारी को बढ़ाने में मदद करेगी. इस सेक्टर से जुड़े स्टेकहोल्डरों का कहना है कि इस पॉलिसी का परिणाम अधिक धन को आकर्षित करने में होना चाहिए. जब भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों में निवेश करने की बात आती है तो विदेशी निवेशकों को बहुत चिंता होती है क्योंकि सरकार की मंजूरी के लिए समय-सीमा लंबी होती है और कोई दृश्यता नहीं होती है. एक अनुमान के मुताबिक ग्लोबल फंडिंग में सुस्ती के बावजूद भारतीय स्पेसटेक स्टार्टअप वित्त वर्ष 23 में $100 मिलियन की फंडिंग पाने में कामयाब रहे हैं.
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