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क्या लाख रुपये को पार कर जाएगी चांदी, आखिर दामों में ऐसी क्यों लगी है आग?
चीन में एफडीआई की कमी और धीमी ग्रोथ रेट ने भी अन्य सेक्टरों पर इसका दबाव बढ़ा दिया है. चीन में महंगाई जीरो प्रतिशत है तो ऐसे में उसके पास किसी क्षेत्र में बदलाव करने का बड़ा स्कोप है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
चांदी के दामों में पिछले कुछ समय से तेजी देखी जा रही है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर क्या चांदी लाख रुपये के निशान को पार करते हुए उससे आगे बढ़ पाएगी. जहां एक ओर कुछ जानकार इसके सकारात्मक संकेत दिखा रहे हैं वहीं दूसरी ओर कई लोग सलाह दे रहे हैं कि थोड़ा भी संभावना दिखने पर इसमें निवेश किया जा सकता है. वहीं अगर इसके कारणों पर नजर डालें तो उसमें उसमें चीन के औद्योगिक उत्पादन पर दिखने वाला असर अहम है.
क्या है दामों में तेजी की वजह?
दरअसल पूरी दुनिया में चीन अकेला ऐसा देश है जिसके वहां होने वाला औद्योगिक उत्पादन पूरी दुनिया पर असर रखता है. अगर वहां धातुओं में कोई भी बदलाव होता है तो उसका बड़ा असर होता है. पूरी दुनिया के साथ चीन पर जहां पहले कोरोना में हुए लॉकडाउन का असर दिखा वहीं दूसरी ओर चीन के प्रॉपर्टी बाजार पर भी इस साल असर दिखा है. यही नहीं चीन में एफडीआई की कमी और धीमी ग्रोथ रेट ने भी अन्य सेक्टरों पर इसका दबाव बढ़ा दिया है. चीन में महंगाई जीरो प्रतिशत है तो ऐसे में उसके पास किसी क्षेत्र में बदलाव करने का बड़ा स्कोप है.
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दुनिया भर में युद्ध की परिस्थितियां
पूरी दुनिया के कई देशों में जिस तरह से युद्ध को लेकर तनाव पैदा हुआ है वो हमेशा ही असेट के लिए सेफ हैवन की तरह रहा है. यही नहीं 2019 का कोरोना हो, रूस यूक्रेन युद्ध हो या इजराइल हमास का युद्ध सभी ने हमेशा ही बाजार पर अपना असर डाला है. उसी का नतीजा है कि कीमतों पर भी उसका असर दिखता है. इस साल अमेरिका में चुनाव होने हैं ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि धातुओं के दामों पर इसका असर दिख सकता है. सिल्वर की कीमत लाख रुपये से पार करते हुए साल के आखिरी तक और बढ़ सकती है.
सिल्वर की डिमांड और सप्लाई
किसी भी वस्तु या धातु की डिमांड और सप्लाई का अनुपात हमेशा ही उसकी कीमतों पर असर डालता है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगर चांदी की डिमांड पर नजर डालें तो 2023 से 2024 में चांदी की कीमत 2 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. 2024 में चांदी की कीमत 1219 टन थी जबकि 2022 में ये डिमांड 1279 टन रही है. इस दौर में औद्योगिक डिमांड भी बढ़ी है और वो 710.9 टन रही है. 2023 से इसमें 8.5 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है. इसी तरह माना जा रहा है कि चांदी ज्वैलरी की डिमांड बढ़ सकती है.
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