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बीजेपी की कम सीटों का क्‍या ग्रोथ रेट पर होगा कोई असर? Fitch की रिपोर्ट ने दिया जवाब

फिच का कहना है कि सरकार कई स्‍तर पर अपने सुधार कार्यक्रमों को आगे भी जारी रख सकती है. लेकिन श्रम सुधारों को लेकर परेशानी का सामाना करना पड़ सकता है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

दुनियाभर में तेजी से उभरती भारत की अर्थव्‍यवस्‍था ने पिछले 10 सालों में जो भी मुकाम हासिल किया हो लेकिन अब कई सवाल खड़े हो गए हैं. सहयोगियों के सहारे चल रही सरकार को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि क्‍या वो सुधार आगे भी जारी रहेंगे जो पहले होते रहे हैं. क्‍या सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में जो निवेश कर रही थी वो आगे भी जारी रहेगा.  इन सभी सवालों के बीच फिच की रिपोर्ट ने उम्‍मीद जताई है कि देश की ग्रोथ रेट पर फिलहाल कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है. रिपोर्ट कहती है कि पूरी तस्‍वीर बजट के बाद ही साफ हो पाएगी कि सरकार कैसे काम करती है.  

आखिर क्‍या कह रही है फिच की रिपोर्ट? 
रेटिंग एजेंसी फिच की ओर से उम्‍मीद जताई गई है कि सरकार में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के पास बहुमत ना हो लेकिन उन्‍हें अपने सुधार कार्यक्रम को आगे भी जारी रखना चाहिए.  फिच की ओर से ये भी कहा गया है कि सरकार को इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर पूंजीगत व्‍यय, कारोबारी माहौल में सुधार और वित्तिय घाटे को कम करने को लेकर काम करते रहना चाहिए. फिच की ओर से उम्‍मीद जताई गई है कि 2025 में ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत तक रह सकती है. फिच की ओर से ये भी कहा गया है कि सरकार ने जिस तरह से इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर बड़ी संख्‍या में खर्च किया है उसके कारण भारत दुनिया में तेजी से ग्रोथ करने वाली अर्थव्‍यव्‍स्‍थाओं में शामिल हो सका है.

ये भी पढ़ें: आखिर पीछा क्‍यों नहीं छोड़ रही है महंगाई, मई में फिर महंगी हुई शाकाहारी थाली 

जुलाई के बजट से साफ होगी असली तस्वीर
रेटिंग एजेंसी की ओर से कहा गया है कि सरकार को लेकर सामने आए चुनावी नतीजों से उसके नीतिगत समायोजन में कोई बदलाव नहीं आएगा. लेकिन जुलाई में चुनाव के बाद आने वाले बजट से इस पूरे साल के लिए सरकार की सुधार परियोजनाओं और राजकोषीय योजनाओं को लेकर तस्‍वीर साफ हो सकेगी. फिच ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान लगाया है कि कम बहुमत के कारण साल 2028 तक सरकार की ग्रोथ रेट 6.2 प्रतिशत रह सकती है. फिच ने ये भी उम्‍मीद जताई है कि सरकार के सुधार कार्यक्रम और डिजिटलीकरण के प्रयास सहित बैंक और कॉर्पोरेट की बैलेंस शीट सुधार आगे भी जारी रह सकते हैं. 

पीएलआई योजना को जारी रख सकती है सरकार 
सरकार की ओर से लाई गई पीएलआई योजना इलेक्‍ट्रॉ‍निक सेक्‍टर के लिए वरदान साबित हुई है. उम्‍मीद जताई गई है कि सरकार आगे भी इसे जारी रखेगी. इस योजना से सिर्फ इसका विकास ही नहीं होगा बल्कि सरकार को निवेश जुटाने में भी काफी मदद मिलेगी. सरकार की ओर से मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को बढ़ाने के लिए किए जा रहे श्रम सुधार भी उसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहेंगे. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि हालांकि श्रम सुधार विवादास्‍पद रहे हैं ऐसे में कम बहुमत वाली सरकार के सामने ये और कठिन हो सकते हैं. 
 


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