ऐसा क्या हुआ कि 5G की स्पीड पकड़ने के बाद फिर हांफने लगे Vodafone Idea के शेयर?

देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के शेयरों में आज अच्छी-खासी गिरावट दर्ज हुई है.

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Monday, 18 September, 2023
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टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Ltd -VIL) के शेयर पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को 5G सरीखी स्पीड से भाग रहे थे. कंपनी के शेयर 7.34% की बढ़त के साथ 11.70 रुपए पर बंद हुए थे. तमाम तरह की परेशानियों का सामना कर रही Vodafone Idea और उसके निवेशकों के लिए ये एक सुखद अहसास था, लेकिन ये अहसास ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सका. पिछले कारोबारी सत्र में देश की इस तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी के शेयरों ने जितनी बढ़त हासिल की थी, लगभग उतनी ही आज इनमें गिरावट देखने को मिली है.

10.95 रुपए पर हुए बंद
सोमवार यानी आज वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के शेयर 6.41% की गिरावट के साथ 10.95 रुपए पर बंद हुए हैं. कंपनी के शेयर सुबह 12.20 रुपए के लेवल पर खुले, लेकिन जल्द ही उनमें नरमी नजर आने लगी. 11 रुपए के लेवल पर पहुंचने के बाद शेयर और ज्यादा लड़खड़ा गए और कारोबार की समाप्ति पर 10.95 रुपए पर बंद हुए. वोडाफोन आइडिया के शेयर का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 12.50 रुपए और 52 हफ्ते का निम्न स्तर पर 5.70 रुपए है. अगर शुरुआती बढ़त को कायम रखने में शेयर कामयाब होते, तो शायद आज 52 वीक का हाई लेवल पार कर जाते.

एक खंडन और तेजी फुर्र
अब समझते हैं कि आखिर वोडाफोन आइडिया के शेयरों की तेजी छू-मंतर कैसे हो गई? दरअसल, ऐसी खबरें आई थीं कि अमेरिका की कई टेलिकॉम कंपनियां VIL का अधिग्रहण कर सकती हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया था कि इसके लिए वोडाफोन आइडिया की वेरिजॉन, अमेजन और स्टारलिंक जैसी कंपनियों से बातचीत चल रही है. हालांकि, Vodafone-Idea ने इन खबरों का खंडन कर दिया. कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि ऐसी सभी खबरें गलत हैं. VIL अधिग्रहण की किसी बातचीत में शामिल नहीं है. खासतौर पर, खबरों में जिन कंपनियों का जिक्र किया गया है उनसे कोई बातचीत नहीं हो रही है. इस खंडन के बाद से कंपनी के शेयरों में गिरावट शुरू हो गई. गौरतलब है कि VIL ने शनिवार यानी 16 सितंबर को बताया था कि उसने 2022 की स्पेक्ट्रम ऑक्शन के इंस्टॉलमेंट के रूप में दूरसंचार विभाग को ब्याज सहित 1,701 रुपए का पेमेंट कर दिया है.  


गर्मी के कारण पहली बार सामने आ रहे हार्ट हटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले, क्‍यों करें उपाय

सामान्‍य तौर पर गर्मियों में तापमान 45 से 48 डिग्री तक ही तापमान जाता है लेकिन इस बार तापमान 52 डिग्री तक जा पहुंच चुका है. 

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Wednesday, 19 June, 2024
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देश में पहली बार गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान ने सभी को हैरान और परेशान कर रखा है. बढ़ते तापमान के कारण कोई राज्‍य ऐसा नहीं है जहां मौतें नहीं हो रही है. लेकिन पहली बार पड़ रही इस गर्मी के साइड इफेक्‍ट सामने आने शुरू हो गए हैं. सामान्‍य तौर पर सर्दियों में सामने आने वाले हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले इस बार गर्मियों में भी सामने आ रहे हैं. विशेषज्ञ डॉक्‍टरों का तो यहां तक कहना है कि अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो इतना ज्‍यादा तापमान और गर्मी आपकी उस बीमारी पर असर कर सकती है और आप परेशानी में आ सकते हैं. 

पहली बार गर्मियों में सामने आ रहे हैं मामले
PSRI के सीनियर न्‍यूरोलॉजिस्‍ट डॉ. भास्‍कर शुक्‍ला कह रहे हैं कि अपने करियर में पहली बार ऐसा हो रहा है जब मैं गर्मियों में भी हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले देख रहे हैं. ऐसा इससे पहले कभी देखने को नहीं है. इससे पहले हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के मामले हमेशा ही सर्दियों में देखने को आते हैं. सर्दियों के दिनों में तो इस तरह के मामलों को समझा जा सकता है, क्‍योंकि उन दिनों कोहरा हो जाता है, प्रदूषण बढ़ जाता है. 

अब जानिए गर्मियों में क्‍यों आ रहे हैं ये मामले? 
डॉ. भास्‍कर शुक्‍ला कहते हैं कि अभी अचानक हार्ट अटैक और ब्रेन स्‍ट्रोक के बढ़ने का कारण क्‍या है इसके बारे में कहना थोड़ा ज्‍यादा कठिन होगा. क्‍योंकि अभी हम लोगों ने सिर्फ मामलों को देखा है. ये पता बाद में जांच और शोध से ही लगाया जा सकेगा कि इसके कारण क्‍या हैं. लेकिन प्राथमिक तौर पर ये कहा जा सकता है कि जिस तरह से तापमान में इजाफा हुआ है वो इसका एक कारण हो सकता है. 

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हीट सभी बीमार लोगों के लिए बन रही है समस्‍या 
डॉ. प्रशांत सिन्‍हा कहते हैं कि इस बार की हीट वेव में कुछ बदलाव ये भी देखने को मिल रहा है कि सभी तरह के मरीज सामने आ रहे हैं. अगर कोई मरीज किसी भी तरह की बीमारी से जूझ रहा हो तो गर्मी उसकी उस परेशानी को काफी हद तक बढ़ा रही है. उनका कहना है कि मरीज जिन बीमारियों से जूझ रहे हैं उनमें इस बढ़ते तापमान के कारण उसी की शिकायत सामने आ रही है. इसलिए कोशिश ये करें कि अगर आप किसी भी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं तो बढ़ता तापमान आपके लिए परेशानी पैदा कर सकता है. 

अगर बाहर जाना जरूरी है तो करें ये काम 
डॉक्‍टरों का कहना है कि अगर आप कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें आपको बाहर जाना जरूरी है, तो ऐसे में आपको कुछ बचाव के कदम जरुर उठाने चाहिए. 
-घर से बाहर जाते समय पानी की बोतल अपने साथ लेकर चलें. 
-फुल स्‍लीव्‍स के कपड़े पहनकर ही अपने सारे काम करें. 
- सर मैं कैप पहनकर बाहर निकलें. 
- दिन में कम से कम 4 से 5 लीटर तक पानी पियें. 
- इस बात का ध्‍यान रखें कि ज्‍यादा देर तक धूप में ना रहें. 
 


जिस सांसद की बेटी ने फुटपाथ पर सो रहे युवक को दी मौत, कितनी दौलत है उनके पास?

माधुरी ने फुटपाथ पर सो रहे युवक को अपनी लग्जरी कार से रौंद दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

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Wednesday, 19 June, 2024
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चेन्नई में भी पुणे जैसा हिट एंड रन (Hit & Run Case) का मामला सामने आया है. वाईएसआर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद बीदा मस्तान राव (Beeda Masthan Rao) की बेटी माधुरी ने अपनी BMW कार से फुटपाथ पर सो रहे एक व्यक्ति को रौंद डाला, जिससे उसकी मौत हो गई. हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गई. जबकि उसकी दोस्त कुछ देर तक भीड़ से बहस करती रही और बाद में वो भी वहां से निकल भागी. पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर सांसद की बेटी को गिरफ्तार किया, लेकिन थाने से ही उसे जमानत दे दी गई. 

क्या नशे में थी आरोपी?
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि सांसद की बेटी माधुरी हादसे के वक्त नशे में थी, इसलिए मौके से फरार हो गई. मृतक की पहचान 22 वर्षीय सूर्या के रूप में हुई है. सूर्या का अपनी पत्नी से किसी बात पर झगड़ा हो गया था. इसके बाद वह अपने घर से करीब 2 किमी दूर फुटपाथ पर आकर सो गया. काफी देर तक जब सूर्या घर नहीं आया, तो पत्नी वनिता उसे खोजने निकली. उसे नशे की हालत में सूर्या फुटपाथ पर सोते मिला. इससे पहले कि वो उसे उठाकर घर ले जाती, सांसद की बेटी की तेज रफ़्तार कार ने सूर्या को रौंद दिया. यह घटना सोमवार की शाम बेसेंट नगर-चेन्नई की है.

बिजनेसमैन भी हैं राव
दुर्घटना के बाद सांसद की बेटी तुरंत वहां से भाग निकली, लेकिन उसकी दोस्त कुछ देर तक लोगों से बहस करती रही और बाद में वो भी वहां से भाग खड़ी हुई. मौके पर मौजूद लोगों ने सूर्या को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी मौत हो गई. पुलिस ने जब आसपास लगे CCTV फुटेज की जांच की, तो पता चला कि कार BMR (बीदा मस्तान राव) ग्रुप की है और पुडुचेरी में रजिस्टर्ड है. राज्यसभा सांसद बीदा मस्तान राव नेता होने के साथ-साथ मशहूर कारोबारी भी हैं. BMR उन्हीं की कंपनी है.  

165 करोड़ की संपत्ति
चेन्नई पुलिस ने आरोपी माधुरी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन थाने से ही उन्हें जमानत मिल गई. बीदा मस्तान राव आंध्र प्रदेश के दिग्गज नेता और मशहूर बिजनेसमैन हैं. चुनावी हलफनामे में उन्होंने बताया था कि उनके पास 165 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है. बीदा मस्तान की कंपनी BMR  सी-फूड इंडस्ट्री में जाना-माना नाम है. बीदा 2009 से 2019 तक ममता बनर्जी की चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (TDP) में रहे. इस दौरान, वह 2009 से 2014 तक आंध्र प्रदेश की कवाली सीट से विधायक रहे. उन्होंने 2019 में YSR कांग्रेस जॉइन की और 2022 में राज्यसभा सांसद बने. 

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UGRO Capital ने सीसीडी, वारंट के जरिए 1,265 करोड़ रुपये किए सिक्योर 

1 जून 2024 को शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद यूग्रो कैपिटल (UGRO Capital) ने 258 करोड़ रुपये के सीसीडी और 1,007 करोड़ रुपये के वारंट आवंटित किए गए. 

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Wednesday, 19 June, 2024
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माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइसिस (MSME) लोन देने पर ध्यान केंद्रित करने वाली डेटाटेक गैर-बैंक वित्तीय कंपनी (NBFC) यूग्रो कैपिटल (UGRO Capital) ने अपनी इक्विटी पूंजी बढ़ाने और 1,265 करोड़ रुपये के अनिवार्य परिवर्तनीय डिबेंचर (सीसीडी) वारंट के आवंटन की घोषणा की है. 2 मई 2024 को एक बोर्ड बैठक के दौरान, कंपनी के निदेशक मंडल ने भारतीय आम चुनावों के चरम के साथ 1,332.66 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाने को मंजूरी दी थी. 
 
मंजूरी मिलने के बाद इतने करोड़ रुपये किए आवंटित
1 जून 2024 को यूग्रो कैपिटल को शेयरधारकों की मंजूरी मिली, जिसकेबाद 258 करोड़ रुपये के सीसीडी और 1,007 करोड़ रुपये के वारंट आवंटित किए गए. उन्हें मौजूदा निजी इक्विटी निवेशक समेना कैपिटल का समर्थन प्राप्त था, जिसने वारंट और अन्य संस्थागत निवेशकों जैसे एरेजेंस और भारत के कई प्रमुख पारिवारिक कार्यालयों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये का निवेश किया था. उग्रो के संस्थापक, बोर्ड के सदस्यों और प्रबंधन टीम ने भी वारंट इश्यू की सदस्यता ली. सब्सक्राइबर्स आवंटन की तारीख पर इश्यू प्राइस का 25 प्रतिशत और शेष राशि 18 महीने बाद चुका सकते हैं. 

भारत के छोटे व्यवसायों की मदद करने के लक्ष्य के करीब 
यूग्रो कैपिटल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक शचींद्र नाथ ने कहा है कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच इस पूंजी को जुटाना निवेशकों का हमारे ऊपर विश्वास को दर्शाता है. हमारा लक्ष्य हमेशा एक डेटाटेक संचालित ऋण संस्थान का निर्माण करना रहा है, जो संस्थागत स्वामित्व, स्वतंत्र रूप से पर्यवेक्षण और पेशेवर रूप से प्रबंधित, सार्वजनिक बाजार निवेशकों के लिए सुलभ हो. अब हम भारत में सभी छोटे व्यवसायों की मदद करने के अपने लक्ष्य के करीब हैं और इसे पूरा करने के लिए मेरे मन में हमारे सभी निवेशकों, साझेदारों और पूरी उगरो टीम के प्रति कृतज्ञता की भावना है. 

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2018 में इस कंपनी का किया अधिग्रहण
2018 में शचींद्र नाथ ने 40 करोड़ की नेटवर्थ वाली सूचीबद्ध एनबीएफसी, 'चोखानी सिक्योरिटीज लिमिटेड' का अधिग्रहण किया और भारत के पहले सूचीबद्ध स्टार्ट-अप की अवधारणा को क्रियान्वित किया. इसने टीपीजी- न्यूक्वेस्ट, पीएजी, एडीवी कैपिटल, समेना कैपिटल और अन्य घरेलू पारिवारिक कार्यालयों और सार्वजनिक बाजार निवेशकों सहित निवेशकों से 914 करोड़ रुपये की संस्थागत इक्विटी पूंजी जुटाई. अपने डेनिश सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इन्वेस्टमेंट फंड के/एस और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के माध्यम से अन्य संस्थागत शेयरधारकों से 100.5 करोड़ रुपये के माध्यम से यूग्रो कैपिटल ने पिछले साल 340.5 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें डेनमार्क सरकार के स्वामित्व वाले आईएफयू से 240 करोड़ रुपये शामिल थे.  

13 बैंको के साथ साझेदारी करके 2,700 करोड़ रुपये की कुल इक्विटी पूंजी जुटाई
यूग्रो कैपिटल ने 2,700 करोड़ रुपये की कुल इक्विटी पूंजी प्रतिबद्धता जुटाई है, घरेलू और वैश्विक संस्थानों से कुल 4,643 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और 3,295 करोड़ रुपये के सह-उधार (Co-Lending) देने के लिए 13 बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है. इसने भारत भर में 78,000 से अधिक एमएसएमई तक डेटा-संचालित अनुकूलित वित्त समाधान बढ़ाया है.


 


Swiss Court में पहुंचा हिंदुजा परिवार का मामला, बैंकिंग एम्पायर भी जांच के दायरे में

मानव तस्करी  (human trafficking) के लिए दोषी पाए जाने पर प्रकाश हिंदुजा परिवार (Hinduja Family) को 5 साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

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Wednesday, 19 June, 2024
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स्विट्जरलैंड (Switzerlank) के जिनेवा (Geneva) की एक कोर्ट ने अरबपति प्रकाश और उनकी पत्नी कमल हिंदुजा, उनके बेटे अजय और बेटे की पत्नी नम्रता के खिलाफ मानव तस्करी से जुड़े आपराधिक आरोपों पर सुनवाई शुरू कर दी है. इस सप्ताह मामले की सुनवाई समाप्त हो सकती है, ऐसे में दोषी पाए जाने पर हिंदुजा परिवार के सदस्यों को 5 साल तक की जेल का सामना करना पड़ सकता है. 

परिवार पर ये आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हिंदुजा परिवार पर जिनेवा झील पर अपने विला में घरेलू कर्मचारियों का शोषण करने, 15 से 18 घंटे तक के कार्य दिवसों के लिए कम से कम 8 डॉलर का भुगतान करने और उनके लिए काम करने वालों के पासपोर्ट जब्त करने का आरोप है. 

अजय हिंदुजा पर ये भी है आरोप 
इसके अलावा अजय हिंदुजा को हिंदुजा बैंक के संबंध में भी आपराधिक कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी क्रॉस होल्डिंग्स के माध्यम से भारत के इंडसइंड बैंक में हिस्सेदारी है. इंडसइंड बैंक को इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (IIHL) द्वारा प्रवर्तित (Promoted) किया जाता है, जो मॉरीशस में स्थित है. इसके 600 छिपे हुए शेयरधारक हैं, जो भारत में पब्लिक और अथॉरिटीज के लिए अज्ञात हैं.  संभावना है कि स्विट्जरलैंड स्थित हिंदुजा बैंक मॉरीशस होल्डिंग कंपनी के शेयरधारकों में से एक है.

कर्मचारियों को अवैध रूप से काम करने के लिए किया मजबूर 

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार हिंदुजा परिवार के विला में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ मामला सुलझाने के बाद कोर्ट में यह मुकदमा शुरू हुआ. समझौते के विवरण का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन नागरिक मुकदमा दायर होने के 6 साल बाद बीते शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें आरोप है कि उन्होंने चाइल्ड केयर वर्कर सहित अपने कर्मचारियों को लोकल मजदूरी का एक अंश भुगतान किया और उन्हें लंबे समय तक अवैध रूप से काम करने के लिए मजबूर किया. 

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कर्मचारियों के पासपोर्ट जब्त किए
ये आपराधिक आरोप इस दावे पर केंद्रित हैं कि हिंदुजा परिवार अपने कर्मचारियों के पासपोर्ट जब्त करने के बाद उन्हें अवैध रूप से स्विट्जरलैंड के अंदर और बाहर लाता था. अदालती कार्यवाही में यह तर्क दिया गया कि हिंदुजा के नौकरों को बिना अनुमति के एम्प्लॉयर्स (हिंदुजा परिवार) का घर छोड़ने की अनुमति नहीं थी और उन्हें भारत में उनके काम के लिए भुगतान किया गया था, जिसका अर्थ है कि उनके पास कोई स्विस पैसा नहीं था, इसलिए देश में आने पर उन्हें बहुत कम स्वतंत्रता थी. 

हिंदुजा परिवार के वकील ने कही ये बात 

हिंदुजा के वकीलों ने कहा है कि प्रति दिन 18 घंटे काम करने का दावा झूठा है और वेतन जिसे प्रति दिन 8 डॉलर से कम बताया जा रहा है, उसे कम नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उन्हें नकद में भी भुगतान किया जाता था और कर्मचारियों के खाने और रहने का खर्च परिवार द्वारा ही उठाया जाता था. 

हिंदुजा बैंक धोखाधड़ी मामला

जिनेवा स्थित अभियोजकों (Prosecutors) ने हिंदुजा बैंक के एक खाते के संबंध में दिसंबर 2019 में अजय हिंदुजा के खिलाफ एक आपराधिक आदेश प्राप्त किया था. अजय हिंदुजा ने कथित तौर पर खुद को खाते का लाभकारी मालिक घोषित किया था, जिसे 2008 में खोला गया था और कहा गया था कि इसे परिवार की एक परिचित महिला द्वारा नियंत्रित किया जाता था.

हिंदुजा बैंक के स्वामित्व को लेकर पारिवारिक विवाद 

हिंदुजा बैंक के स्वामित्व को लेकर एक बड़ा पारिवारिक विवाद है, जिसके कारण हिंदुजा परिवार में झगड़े हो रहे हैं, जो यूरोप के सबसे धनी परिवारों में से एक के रूप में जाना जाता है, जिसका विश्वव्यापी एम्पायर बैंकिंग, कार मेकिंग, रियल एस्टेट, एनर्जी, आउटसोर्सिंग और फिलनथ्रोफी है. 2014 में की गई घोषणा के बाद 4 हिंदुजा भाईयों ने दावा किया है कि हिंदुजा बैंक का संयुक्त स्वामित्व उनका है. वे यूके और स्विस अदालतों के साथ-साथ जर्सी में प्राइवेट हियरिंग में अपना मामला लेकर गए हैं. पिछले साल एसपी हिंदुजा के निधन के बाद उनके भाई गोपी ने परिवार के कारोबार की जिम्मेदारी संभाली है. बढ़ते पारिवारिक झगड़े के बीच, हिंदुजा बंधुओं में से एक अशोक हिंदुजा ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए बोली लगाई है, लेकिन अधिग्रहण के लिए 9850 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 3 डेडलाइन से चूक गए.


निफ्टी लाल लेकिन Bank Nifty में आई बहार; तेजी से दौड़ रहे बैंकों के शेयर 

बैंक निफ्टी को आज पंख लगे हुए हैं. खासतौर पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी दिखाई दे रही है.

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Wednesday, 19 June, 2024
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शेयर बाजार (Stock Market) में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रही है. एक तरफ जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स हरे निशान पर कारोबार कर रहा है. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी वापस लाल निशान पर आ गया है. दोपहर एक बजे तक निफ्टी 0.014% की गिरावट के साथ 23,554.55 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. जबकि सेंसेक्स 0.17% मजबूती हासिल कर चुका था. इन दोनों इंडेक्स में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच बैंक निफ्टी तेजी से दौड़ रहा है. बैंकिंग सेक्टर के अधिकांश शेयर मुनाफे में दिखाई दे रहे हैं.

ये है टॉप गेनर
बैंक निफ्टी इस समय 1.36% या 685.05 अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. इस बैंकिंग इंडेक्स में HDFC बैंक टॉप गेनर बना हुआ है. फिलहाल यह करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,637.40 रुपए पर ट्रेड कर रहा है. इसके बाद ICICI बैंक का नंबर है. इस प्राइवेट बैंक के शेयर में भी लगभग दो प्रतिशत का उछाल आया है. 1,139.55 रुपए के भाव पर मिल रहा ये शेयर तेजी से आगे बढ़ रहा है. Axis बैंक के शेयर 1.77% की मजबूती हासिल करके 1,213.05 रुपए पर कारोबार कर रहे हैं. प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी आज बढ़त आई है. इसमें अब तक एक प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज हो चुकी है. वहीं, Indusind Bank डेढ़ प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 1,531.25 रुपए पर ट्रेड कर रहा है.

इनमें भी आया उछाल
सरकारी बैंकों के शेयरों में SBI 0.21% की तेजी के साथ 846.65 रुपए पर पहुंच चुका है. शुरुआती कारोबार में बैंक का शेयर चढ़कर 852 रुपए के लेवल पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें कुछ नरमी देखने को मिली. बैंक निफ्टी के बढ़त वाले शेयरों में IDFC First Bank, AU Small Finance Bank और Bandhan Bank भी शामिल हैं. बंधन बैंक के शेयर दोपहर एक बजे तक 0.52% की बढ़त हासिल कर चुके थे. जबकि AU में 0.31% की तेजी दर्ज हुई थी और 1.45% के उछाल के साथ 82.59 रुपए पर पहुंच गए थे.

इनमें आई है गिरावट
आज बढ़त के बीच कुछ बैंकों के शेयरों में गिरावट भी दिखाई दे रही है. Union Bank of India के शेयर 0.30% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. पंजाब नेशनल बैंक के शेयर में 0.55% की गिरावट आई है. Bank of Baroda सबसे ज्यादा 1.22% गिर चुका है. इसी तरह, Central Bank of India (0.046%), Canara बैंक (0.35%), Bank of Maharashtra (0.046%) और Federal Bank (0.36%) भी लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं. इससे पहले फेडरल बैंक ने पिछले 5 कारोबारी सत्रों में 4.44% का रिटर्न भी दिया है. इस साल अब तक ये शेयर 11.44% चढ़ चुका है.


Maggi ने बनाया सबको दीवाना, कमाई में बनी नंबर-1, 15 महीने में कमा डाले 24000 करोड़ रुपये

नेस्ले की इंडिया यूनिट Nestle India ने अपनी साला रिपोर्ट में बताया है कि कंपनी ने FY2023-24 में इंस्टैंट नूडल्स मैगी की रिकॉर्ड सेल करते हुए इस प्रोडक्ट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
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दो मिनट में बन जाने नूडल्स मैगी (Maggi) ने भारत में रिकॉर्डतोड़ बिक्री की है. नेस्ले इंडिया (Nestle India) के अनुसार, भारत मैगी का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में लगभग 600 करोड़ यूनिट मैगी की बिक्री की है. इसके अलावा कंपनी की चॉकलेट किटकैट (KitKat) ने भी बिक्री के रिकॉर्ड तोड़े हैं. कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान 420 करोड़ यूनिट किटकैट बेची हैं. भारत किटकैट का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है.

मैगी और किटकैट ने कराई मोटी कमाई

स्विस एमएनसी नेस्ले की इंडिया यूनिट ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह आंकड़े जारी किए. इसके मुताबिक, दुनिया में सबसे ज्यादा मैगी भारत में ही बिक रही है. नेस्ले ने बताया कि भारत उनके लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया है. कंपनी यहां डबल डिजिट में ग्रोथ कर रही है. कंपनी ने मैगी नूडल्स और मैगी मसाला-ए-मैजिक की कीमत एवं प्रोडक्ट मिक्स के जरिए यह तेजी हासिल की है. किटकैट चॉकलेट भी नेस्ले का बेस्टसेलर बनी है. वहीं, इससे कंपनी की भी अच्छी खासी कमाई हुई है. कंपनी के प्रोडक्ट की सेल में जोरदार इजाफे के चलते Nestle India ने 31 मार्च 2024 तक पिछले 15 महीने में ही 24,275.5 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की है.

विवादों में फंस गई थी मैगी, FSSAI ने लगाया था बैन

आज कंपनी के लिए रिकॉर्ड सेल कर रही मैगी साल 2015 में बड़े विवाद में फंस गई थी. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने जून, 2015 में मैगी नूडल्स पर 5 महीने का बैन लगा दिया था. मैगी में तय सीमा से ज्यादा लेड होने का आरोप लगा था. लेड एक खतरनाक केमिकल होता है, जो न सिर्फ इंसानों बल्कि जानवरों के लिए भी घातक होता है. FSSAI के अनुसार, मैगी में 17.2 पार्ट्स पर मिलियन (PPM) लेड था. यह तय सीमा 2.5 पीपीएम से लगभग 1000 गुना ज्यादा था. 

बैन के बाद जीरो हो गया था मैगी का मार्केट शेयर 

इस बैन के चलते नेस्ले इंडिया को तगड़ा झटका लगा था. बैन के समय भारतीय नूडल्स मार्केट में मैगी का शेयर लगभग 80 फीसदी था. बैन के एक महीने के अंदर यह घटकर शून्य पर आ गया था. अब बैन के लगभग एक दशक बाद भी मैगी अपना पुराना स्थान वापस हासिल करने में संघर्ष कर रही है. इस सेगमेंट में कई कंपनियों के आ जाने से कम्पटीशन तगड़ा हो गया है. पिछले 8 साल में कंपनी लगभग 140 प्रोडक्ट इंडिया में उतार चुकी है. साथ ही वह भारत में 2025 तक 7500 करोड़ रुपये का निवेश भी करने वाली है.
 


किसानों की होगी कमाई! सरकार उड़द और तूर दाल की MSP में कर सकती है इजाफा

तूर और उड़द दाल का उत्पादन कम होना चिंताजनक है. ऐसे में उत्पादन बढ़ाने और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. 

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Wednesday, 19 June, 2024
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किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार समय-समय पर कई बड़े फैसले लेती है. इसी क्रम में सरकार अब किसानों को  सरकार दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए उड़द और तूर दाल के मिनिमम स्पोर्ट प्राइज (एमएसपी)में बढ़ोतरी करके बड़ा तोहफा दे सकती है. तो चलिए जानते हैं सरकार इन दालों की एमएसपी में कितनी बढ़ोतरी कर सकती है?

इतने प्रतिशत बढ़ेगी एमएसपी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उड़द और तूर दाल के एमएसपी में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है.  धान की कीमतों में साल 4 से 5 प्रतिशत  की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल में 5 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. कैबिनेट एक हफ्ते में इसे मंजूरी दे सकता है. कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP)  ने सरकार से इसकी सिफारिश की है.  

इन फसलों की तय होगी एमएसपी
सीएसीपी की सिफारिशों के आधार पर सरकार हर साल 23 फसलों के लिए एमएसपी का ऐलान करती है.सीएसीपी कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला आयोग है. सीएसीपी 23 फसलों पर एमएसपी की सिफारिश जारी करता है. इसमें सात अनाज (मक्का, ज्वार, बाजरा, धान, गेहूं, जौ और रागी), पांच दालें (मूंग, अरहर, चना, उड़द और मसूर), सात तिलहन (सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी, कुसुम, मूंगफली, तोरिया-सरसों, और नाइजर बीज) और चार कमर्शियल फसलें (कपास, खोपरा, गन्नाऔर कच्चा जूट) शामिल हैं.

इन दालों की कीमत में होगी कटौती

दालों पर महंगाई को कम करने के लिए सरकार ने पूरी योजना बना ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संबंधित विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि देश में तीन दालों की कीमतों में कटौती देखने को मिलेगी, जिसमें अरहर, चना, और उड़द की दालें हैं. सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में ऐसे कई उपाय किए जा रहे हैं जिससे इन तीनों दालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी.
 


Veefin ने Regime Tax Solutions में की रणनीतिक हिस्सेदारी की घोषणा

Veefin अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए Regime की दो प्रमुख सॉल्यूशंस, TaxGenie और PayInvoice को अपने सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म में शामिल करने की योजना बना रहा है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
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सप्लाई चेन फाइनेंस में विशेषज्ञ Veefin ने मुंबई की कंपनी Regime Tax Solutions में निवेश किया है. यह कंपनी एडवांस जीएसटी कंप्लायंस और अकाउंट पेएबल (AP) और अकाउंट रिसिवेबल ऑटोमेशन (AR) में तेजी से बढ़ रही है.

Veefin अपनी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने के लिए Regime के दो प्रमुख सॉल्यूशंस - TaxGenie और PayInvoice को अपने सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म में शामिल करेगी, जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए बनाया गया है. Veefin इस समय 50 से ज्यादा फाइनेंसियल क्लाइंट के साथ काम कर रही है, और उन्हें एक व्यापक इंटीग्रेटेड स्पालाई चेन फाइनेंस प्लेटफॉर्म प्रदान कर रही है.

मैनेजिंग डायरेक्टर राजा देबनाथ, सीएफओ पायल मैशेरी  और डायरेक्टर अफ़ज़ल मोदक, Veefin से Regime के बोर्ड में शामिल होंगे. Regime के सीईओ राकेश दुबे, कंपनी और उसके प्रमुख उत्पादों का नेतृत्व करना जारी रखेंगे.

राजा देबनाथ ने कहा कि हमारी सप्लाई चेन फाइनेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के लिए बिना रुके डिजिटल ऋण की प्रतिबद्धता ने हमें अपने ऑफरिंग को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया है. Regime Tax Solutions में हमारी हिस्सेदारी हमारे विजन के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जिससे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को बेहतर SCF टेक्नोलॉजी मिल सकेगी, जो उनके कॉर्पोरेट क्लाइंट की वास्तविक समस्याओं को हल करने में मदद करेगी। नए प्रोडक्ट इंटीग्रेशन के साथ, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को AR/AP मुद्दों को हल करने की बेहतर क्षमता मिलेगी और उनके ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव मिलेगा.

अफ़ज़ल मोदक ने कहा कि यह साझेदारी हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है जो फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को कटिंग एज सॉल्यूशन से सशक्त बनाएगी. Regime Tax के इंटेलीजेंट फाइनेंशियल मैनेजमेंट सॉल्यूशन को इंटीग्रेट करने से हम बैंकों को बेहतर तरीके से सेवा दे पाएंगे, क्योंकि हम मनी फ्लो लेयर को अंतर्निहित जीएसटी डेटा फ्लो लेयर से जोड़ेंगे. 

राकेश दुबे ने कहा कि हमारा लक्ष्य खुद को वर्ल्डवाइड प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना है जो फाइनेंसिंग, कंप्लायंस और AR/AP ऑटोमेशन में माहिर है. Veefin के साथ यह साझेदारी हमें कंपनियों के फाइनेंशियल और टैक्स कंप्लायंस प्रक्रियाओं को ट्रांसफॉर्म करने में सक्षम बनाएगी, सीमलेस इंटीग्रेशन, अत्याधुनिक तकनीकें और बेहतर कार्यक्षमता के साथ. Veefin के साथ मिलकर, हम कंपनियों को जटिल नियामक वातावरण को सफलतापूर्वक मार्गदर्शन करने और उनके विस्तार के लिए सबसे बड़े संभावना को साकार करने में सशक्त बनाएंगे.
 


ऐसा क्या कर बैठी OP Jindal की ये कंपनी कि SEBI ने लगा दिया जुर्माना?

ओपी जिंदल समूह की कंपनी हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड के खिलाफ बाजार नियामक सेबी ने कार्रवाई की है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
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सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ओपी जिंदल समूह (OP Jindal) की कंपनी हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड (Hexa Tradex Limited), उसके प्रमोटर्स और डायरेक्‍टर्स के खिलाफ कार्रवाई की है. SEBI ने इन पर 35 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. गैर-सूचीबद्धता मानकों सहित अन्य खुलासा नियमों के उल्लंघन पर सेबी द्वारा यह कार्रवाई की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने हेक्सा ट्रेडेक्स, उसके चेयरपर्सन राज कमल अग्रवाल, रविंदर नाथ लीखा, विनीता झा, गिरीश शर्मा और प्रवेश श्रीवास्तव पर 2 से 5 लाख तक का जुर्माना लगाया है.

2022 में शुरू हुई थी जांच
इसी तरह, हेक्सा ट्रेडेक्स की प्रमोटर फर्म सिद्धेश्वरी ट्रेडेक्स प्राइवेट लिमिटेड, ईनॉक्स ग्लोबल मल्टीवेंचर्स, ओपेलिना सस्टेनेबल सर्विसेज और JSL लिमिटेड के खिलाफ भी बाजार नियामक ने जुर्माने की कार्रवाई की है. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि SEBI ने जुलाई 2022 में मिली शिकायत के आधार पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड (HTL) की सूचीबद्धता खत्म किए जाने के संबंध में जांच शुरू की थी. इसके बाद सेबी ने गैर-सूचीबद्धता नियमों सहित अन्य मानदंडों के उल्लंघन पर कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था.

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अनदेखी बनी आधार
सेबी के आदेश में कहा गया है कि हेक्सा ट्रेडेक्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने तर्कसंगत सिफारिशों पर जोर नहीं दिया. हेक्सा ट्रेडेक्स अपनी वित्तीय स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा करने में विफल रही है. कंपनी ने गैर-सूचीबद्धता मानकों, जैसे कि नियमित रूप से शेयरधारकों की बैठकें आयोजित करना, वेबसाइट को अपडेट करना आदि का पालन भी नहीं किया है. इसी तरह, हेक्सा ट्रेडेक्स के प्रमोटरों और निदेशकों ने कंपनी के मामलों में उचित ध्यान नहीं दिया और नियामक आवश्यकताओं का पालन नहीं किया. इस वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.

क्या करती है कंपनी?
Hexa Tradex केमिकल, आयरन और स्टील से जुड़े उत्पाद बनाती है. ओपी जिंदल समूह की यह कंपनी इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट एजेंट कांट्रेक्टर और ब्रोकर के रूप में भी काम करती है. कंपनी के शेयर कल नुकसान में रहे थे. करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 149.69 रुपए पर बंद हुए. इस साल ये शेयर अब तक 2.55% लुढ़क चुका है. जबकि पिछले एक साल में इसने महज 3.31% की बढ़त हासिल की है. यानी अपने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कराहट बिखेरने में Hexa Tradex खासी कामयाब नहीं हो पाई है. इस स्टॉक का 52 वीक का हाई लेवल 170.90 रुपए है.


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शेयर बाजार में कल तेजी देखने को मिली थी और आज भी बाजार से ऐसी ही उम्मीद है.

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2024
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शेयर बाजार (Stock Market) के लिए कल का दिन काफी अच्छा रहा. विदेशी बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेत और दिग्गज शेयरों में लिवाली के चलते हमारा बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान, बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 308.37 अंक मजबूत होकर 77,301.14 पॉइंट्स के नए शिखर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 374 अंक उछल गया था. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 92.30 अंक चढ़कर 23,557.90 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ. चलिए जानते हैं कि आज कौनसे शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है.

MACD के ये हैं संकेत  
मोमेंटम इंडिकेटर मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस (MACD) ने छह शेयरों में तेजी का रुख दर्शाया है. इसमें Hindustan Aeronautics, Godfrey Phillips India, ABB India, Cochin Shipyards, Cummins India और BEML शामिल हैं. इसी तरह, MACD ने HUL, Pfizer, Brigade Enterprises, Kirloskar Ferrous Industries और Sumitomo Chemical India में मंदी का संकेत दिया है. इसका मतलब है कि इन शेयरों में आज गिरावट देखने को मिल सकती है, लिहाजा इनमें निवेश को लेकर सावधान रहें.

इनमें मजबूत खरीदारी 
अब जानते हैं कि आज कौनसे शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है. इस लिस्ट में Mazagon Dock, GRSE, Cochin Shipyard, Ramkrishna Forging, Avanti Feeds, Phoenix Mills और Asahi India Glass का नाम शामिल है. Mazagon Dock के शेयर कल करीब 8 प्रतिशत की तेजी एक साथ 4,168 रुपए पर बंद हुए थे. बीते पांच दिनों में ही ये शेयर 27.34% चढ़ चुका है. इसी तरह, Cochin Shipyard के लिए मंगलवार शानदार रहा. इस दौरान इस शेयर में 10 प्रतिशत का उछाल आया और यह 2,334.55 रुपए के लेवल पर जा पहुंचा. Phoenix Mills कल चार प्रतिशत की मजबूती के साथ 3,703.25 रुपए पर बंद हुआ.

इन पर भी रखें नजर
इनके अलावा आप 2 ऐसे स्टॉक पर भी नजर रखें, जिनका रेलवे से कुछ न कुछ जुड़ाव है. दरअसल, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुए हादसे के बाद रेलवे करीब 10,000 किलोमीटर रेल रूट पर 'कवच' लगाने जा रहा है. इसके लिए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं. Medha Servo Drives, Kernex Microsystems और HBL Power रेलवे के लिए कवच बनाती हैं. Medha Servo Drives स्टॉक मार्केट में लिस्ट नहीं है, लेकिन बाकी दो कंपनियों के शेयर कल तेजी से भाग रहे थे. Kernex के शेयर करीब 5% उछाल के साथ 406.10 रुपए पर बंद हुए. इसी तरह, HBL के शेयर करीब 8% की बढ़त हासिल करके 513.50 रुपए पर बंद हुए. 
 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).