होम / बिजनेस / कर्ज में डूबी इस कंपनी के शेयर में अचानक बढ़ी दिलचस्पी, जानें क्या है वजह?
कर्ज में डूबी इस कंपनी के शेयर में अचानक बढ़ी दिलचस्पी, जानें क्या है वजह?
श्रेई ग्रुप की कंपनियां दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं. शुक्रवार को श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में तेजी दिखाई दी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
एक ऐसी कंपनी जो सिर से पांव तक कर्ज में डूबी हो और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हो, उसके शेयरों के एकदम से आया उछाल निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े करता है. मसलन, इस स्टॉक को बेचा जाए या और खरीदा जाए. इस पर बात करने से पहले कंपनी के बारे में जान लेते हैं. कर्ज में डूबी इस कंपनी का नाम है श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर, श्रेई ग्रुप का हिस्सा है. बीते कुछ समय से समूह की आर्थिक स्थिति खराब है और इसकी कंपनियों को बेचने की प्रक्रिया चल रही है.
3 कंपनियों की बोली मिली
श्रेई ग्रुप की कंपनियां दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं. कंसोलिडेटेड कमेटी आफ क्रेडिटर्स को तीन कंपनियों की बोली मिली है. इसके बाद कर्ज देने वाले संस्थानों की इस समिति ने प्रस्तावित आवेदकों द्वारा समाधान योजना सबमिट करने की समयसीमा बढ़ाकर 19 अगस्त कर दी है. श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर ने शेयर बाजार को बताया है कि कर्ज देने वाले संस्थानों की समिति के साथ हाल ही में बैठक आयोजित की गई. जिसमें में समूह की कंपनियों के बारे में बातचीत की गई. जिन निवेशकों से बोली मिली है, उनके आवेदन पर विचार किया जा रहा है.
इसलिए बढ़ी दिलचस्पी
अब समझते हैं कि आखिर कर्ज में डूबी कंपनी के शेयरों को लेकर दिलचस्पी क्यों बढ़ी है. इसकी वजह है, उसे खरीदने की इच्छा दर्शाने वालीं कंपनियां. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूयॉर्क की निवेश कंपनी अरेना इन्वेस्टर, बीएफएसआई होल्डिंग के साथ ही इन्वेस्टर्स शॉन रंधावा एवं राजेश विरेन शाह की तरफ से श्रेई ग्रुप की कंपनियों के लिए बोलियां आई हैं. इतना ही नहीं, इस दौड़ में वेदांता, वेलस्पन ग्रुप और जिंदल जैसे कारोबारी समूह भी शामिल हैं. समूह की SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड और SREI इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड का बिकना तय है. अब यदि ये कंपनियां आर्थिक रूप से मजबूत किसी बड़े कारोबारी समूह का हिस्सा बनती हैं, तो इनके शेयरों में उछाल लाजमी है. इसलिए बोली प्रक्रिया में जुड़ते नए और बड़े नामों के साथ श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में दिलचस्पी बढ़ रही है.
शेयर मार्केट का रिकॉर्ड
इससे पहले बोली जमा करने की तारीख 10 दिन बढ़ाकर 10 अगस्त की गई थी. इसके बाद भी बोली लगाने वाली कंपनियों की तरफ से समय सीमा बढ़ाने की मांग की, अब तक तीन बार श्रेई ग्रुप की दिवालिया कंपनियों को खरीदने के लिए बोली लगाने की डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी है. श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों की बात करें, तो सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भी इसमें बढ़त देखी गई. यह 2.35% बढ़त के साथ 4.35 रुपए पर बंद हुआ. कंपनी का एक साल का रिकॉर्ड काफी ज्यादा खराब रहा है. इसके शेयर में 51.93% की गिरावट दर्ज की गई है. बता दें कि पिछले साल अक्टूबर महीने में कंपनी का शेयर का 52 वीक के निचले लेवल (3.47 रुपए) पर चला गया था, जो अब चार रुपए से ऊपर पहुंच चुका है. कंपनी का 52 वीक हाई 9.65 रुपए है. ऐसे में निवेश की संभावनाएं अभी भी मौजूद हैं.
टैग्स