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वोडाफोन आईडिया के शेयरों में आखिर क्यों आया उछाल, जानते हैं क्या है इस उछाल की वजह?
मंगलवार को लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में 17 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली थी लेकिन बुधवार को इसमें 12 फीसदी का उछाल देखने को मिला.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
लोकसभा चुनावों के नतीजों के बाद बाजार में छाई निराशा के बीच बुधवार को वोडाफोन आईडिया के शेयरों में बड़ी तेजी देखने को मिली. कंपनी के शेयरों में 12 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला. दरअसल रेटिंग एजेंसी क्रेडिट रेटिंग ने कंपनी की कई तरह की रेटिंग में सकारात्मक सुधार किया है. हालांकि अभी भी कंपनी के शेयर की सेल रेटिंग को लेकर कोई बदलाव नहीं किया है. मंगलवार को कंपनी के शेयर में 17 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली थी.
केयर रेटिंग ने किन रेटिंग्स में किया है बदलाव?
केयर रेटिंग की ओर से कंपनी की लॉन्ग टर्म बैंक फैसिलिटी बी प्लस से अपग्रेड करके बीबी प्लस कर दी है. यही नहीं एजेंसी ने आउटलुक स्टेबल रखने के साथ ही इसकी शॉर्ट टर्म बैंक फैसिलिटी A4 से अपग्रेड करके A4+ कर दी है. कंपनी की ओर से किए गए इस बदलाव के बाद शेयर में 12 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला. शेयर की कीमत 14.85 रुपये तक पहुंच गई. माना ये भी जा रहा है कि कंपनी आने वाले समय में टैरिफ में 25 फीसदी तक का इजाफा कर सकती है.
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शेयर खरीदने को लेकर क्या है रेटिंग एजेंसी की राय
अगर निवेशकों के प्वॉइंट ऑफ व्यू से देखें तो इस शेयर के लिए रेटिंग एजेंसी ने अभी भी सेल रेटिंग को बरकरार रखा है. रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि ये शेयर 8 रुपये के स्तर तक गिर सकता है. लेकिन एजेंसी ने ये भी कहा कि इसमें इजाफा भी हो सकता है और ये 20 रुपये तक भी जा सकती है. हालांकि कंपनी की ओर से तेजी को लेकर ये कहा गया है कि प्रति यूजर औसत रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2026 तक 200 रुपये और फाइनेंशियल ईयल 2030 तक 300 रुपये तक जाना चाहिए. रेटिंग एजेंसी ने ये भी कहा है कि कंपनी को अपने सब्सक्राइबर बेस को 21.3 करोड़ बनाए रखना होगा.
कैसे रहे हैं कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे?
कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो वो निराश करने वाले रहे हैं. कंपनी के घाटा जहां बढ़कर 7675 करोड़ रुपये पहुंच गया है. जबकि पिछली तिमाही में ये घाटा 6986 करोड़ रुपये था. हालांकि कंपनी के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. इस वर्ष की चौथी तिमाही में ये जहां 10606 करोड़ रुपये रहा वहीं पिछली वर्ष की चौथी तिमाही में ये 10531 करोड़ रुपये रहा था. रेवेन्यू में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है. इस साल कंपनी का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू 146 रुपये तक पहुंच गया है जबकि पिछले वर्ष की चौथी तिमाही में ये 135 रुपये था.
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