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गर्मी से पस्त दिल्लीवालों को न चिल्ड बीयर मिल रही, न पसंदीदा ब्रैंड; जानें क्या है वजह?

दिल्ली में इस वक्त बीयर की किल्लत है. लोगों को न अपने पसंदीदा ब्रैंड मिल रहे हैं और न ही दुकानों पर चिल्ड बीयर.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मौसम के मिजाज जब तीखे हो जाते हैं, तो अधिकांश देशवासियों की तरह दिल्ली वाले भी कुछ राहत पाने के लिए बीयर की दुकानों पर पहुंच जाते हैं. इस बार भी यह अघोषित परंपरा जारी है, लेकिन इस बार दिल्लीवासियों के चेहरे पर मायूसी नजर आ रही है. वजह है, दुकानों पर न तो ठंडी बीयर है और न ही उनका पसंदीदा ब्रैंड. यानी चिलचिलाती गर्मी में दिल्लीवाले बीयर पीकर अपनी प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं.      

वीकेंड पर बीयर खत्म
लोगों की शिकायत है कि वीकेंड नजदीक आते ही शराब की दुकानों पर बीयर खत्म हो जाती है. उनका ये भी कहना है कि न तो उनकी पसंद के ब्रैंड मिल रहे हैं और न ही चिल्ड बीयर. दुकानदार रूम टेम्परेचर पर बीयर बेच रहे हैं. राजधानी में शराब की दुकानों पर ऐसी-ऐसी बीयर मिल रही हैं, जिनका नाम लोगों ने पहले कभी सुना ही नहीं था. इस वजह से बीयर की शौकीन बहुत परेशान हैं.

गर्म बीयर बेच रहे दुकानदार
मीडिया रिपोर्ट्स में कनॉट प्लेस स्थित एक शराब की दुकान के बाहर मौजूद ग्राहक के हवाले से बताया गया है कि फेमस ब्रैंड की बीयर उपलब्ध ही नहीं है. दुकानदार ऐसी बीयर बेच रहे हैं, जिनके बारे में कभी सुना ही नहीं है. ग्राहक ने आगे कहा, 'दुकानदार ऐसे ब्रैंड ऑफर कर रहे हैं, जिनका नाम मैं पहली बार सुन रहा हूं. मेरे दो-तीन पसंदीदा ब्रैंड्स में से कोई भी उपलब्ध नहीं है'. वहीं लक्ष्मी नगर के एक दूसरे ग्राहक ने बताया कि दुकानों पर चिल्ड बीयर नहीं मिल रही है. पहले मैं अक्सर दो-तीन बीयर खरीदकर ले जाता था और घर जाकर पीता था. तब भी वो ठंडी रहती थीं, लेकिन अब दुकानों पर ही गर्म बीयर मिल रही है.

क्या कहना है विभाग का?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्पाद शुल्क के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डिमांड बढ़ने से कोई ब्रैंड न मिलने की शिकायतें आम हैं, लेकिन दुकानों से किसी खास ब्रैंड के पूरी तरह गायब होने की कोई शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि कॉरपोरेशन ने रेफ्रिजरेटर और कूलर के लिए टेंडर जारी किए हैं. वो जल्द ही शराब की दुकानों पर उपलब्ध हो जाएंगे. वहीं, शराब कारोबार से जुड़ी एक एसोशिएसन के वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्‍ली में बीयर की किल्लत उत्पादन की कमी और दूसरे राज्यों में आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता के कारण है. गर्मियों में, जब आपूर्ति कम होती है, तो वे राज्य अपने करों की रक्षा के लिए कंपनियों को पहले स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए मजबूर करते हैं. इसके अलावा, दिल्ली में कंपनियों का मार्जिन भी कम है. लिहाजा, कम उपलब्धता की स्थिति में कंपनियां ज्यादा मुनाफे वाले बाजार में आपूर्ति करती हैं.

सभी दुकानें सरकारी
वहीं, भारतीय मादक पेय कंपनियों के महासंघ ने आरोप लगाया है कि कुछ कंपनियां अनुपालन संबंधी चिंताओं और उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित मुद्दों के कारण सरकारी दुकानों को आपूर्ति करने में संकोच कर रही हैं. दिल्ली में सभी शराब की दुकानें सरकारी हैं. दिल्ली सरकार के चार विभाग वर्तमान आबकारी व्यवस्था के तहत शहर भर में 550 से अधिक दुकानों के माध्यम से खुदरा शराब बिक्री में लगे हुए हैं. ये हैं दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DSIIDC), दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTTDC), दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DSCSC) और दिल्ली कंज्यूमर कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर लिमिटेड.


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