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Adani Wilmar को लग गई है किसकी नजर, दूसरी तिमाही में हुआ इतना नुकसान 

अडानी विल्‍मर के नतीजे जारी होने के बाद कंपनी के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को इसमें 3 प्रतिशत से ज्‍यादा की गिरावट देखने को मिली. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अडानी समूह की कंपनी अडानी विल्‍मर ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. नतीजों के अनुसार कंपनी को 2024 की सितंबर तिमाही में 130 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ है. अगर इस नुकसान की तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें तो ये दोगुने से भी ज्‍यादा है. पिछले साल कंपनी को 48.8 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था. कंपनी का कहना है कि सितंबर तिमाही में उसे एकमुश्‍त 53 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान हुआ है. 

क्‍या कहते हैं कंपनी के आंकड़े? 
आंकड़े कहते हैं कि पिछले साल सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 14150 करोड़ रुपये था जबकि इस सितंबर तिमाही में आय का ये आंकड़ा कम होकर 12267 करोड़ तक सिमट गया है. जो साफ बताता है कि पिछले साल की तुलना में कंपनी को इस साल 1883 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अगर प्रतिशत में देखा जाए तो ये कोई 13 प्रतिशत की गिरावट है. 

कैसा रहा कंपनी का EBITDA? 
अगर कंपनी के EBITDA पर नजर डालें तो पिछले साल की तिमाही में ये 254 करोड़ रुपये पर था. लेकिन इस साल की सितंबर तिमाही में इसमें भी कमी देखने को मिल रही है. इस साल दूसरी तिमाही में ये 144 करोड़ रुपये पर आ गया है. अगर देखा जाए तो इसमें 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. 

कंपनी के मार्जिन में भी हुई है कमी? 
अडानी विल्‍मर के मार्जिन में भी इस तिमाही में कमी देखने को मिल रही है. इस तिमाही में कंपनी का मार्जिन 1.2 प्रतिशत पर आ गया है जबकि 2023 की दूसरी तिमाही में ये मार्जिन 1.8 प्रतिशत था. वहीं अगर कंपनी के शेयर भाव पर नजर डालें तो पिछले 6 महीने में उसने भी कोई बहुत अच्‍छा असर नहीं डाला है. पिछले 6 महीने में कंपनी के शेयर में 23 प्रतिशत तक की कमी आई है. 

क्‍या बोले कंपनी के सीईओ? 
इन नतीजों पर अपनी बात रखते हुए कंपनी के सीईओ अंग्‍शु मलिक ने कहा कि हमने एडिबल ऑयल सेक्‍टर में चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच, सभी बिजनेस कैटेगिरी में विकास की गति को जारी रखा है. हमारी प्रत्यक्ष पहुंच और ग्रामीण कस्बों के कवरेज के विस्तार पर अत्यधिक ध्यान देने के कारण, कंपनी सभी श्रेणियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में कामयाब रही है.  उन्‍होंने कहा कि हम ग्रामीण बाजारों में पैकेज्ड तेल और खाद्य पदार्थों की भारी संभावना देखते हैं.

आज, हमारी 30% बिक्री ग्रामीण कस्बों से होती है, जहां 70% से अधिक आबादी निवास करती है. पिछले 6 महीनों में, हमने 13,000 से अधिक कस्बों को जोड़ा है और हम इस वृद्धि को जारी रखेंगे. हमारे HoReCa व्यवसाय के साथ घर से बाहर की खपत लगातार बढ़ रही है, जिसमें QoQ आधार पर 50% से अधिक की मात्रा वृद्धि देखी गई है.


 


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